चेक नेशनल बैंक ने ब्याज दरें 3.75% पर रोकीं, नवंबर में बढ़ोतरी के मिले संकेत चेक नेशनल बैंक ने अपनी पॉलिसी ब्याज दर 3.75 प्रतिशत पर स्थिर रखी है, हालांकि मुद्रास्फीति के दबाव को देखते हुए नवंबर में बढ़ोतरी का अनुमान जताया गया है। चेक गणराज्य के केंद्रीय बैंक ने अपनी हालिया मौद्रिक नीति बैठक में मुख्य नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। चेक नेशनल बैंक के बोर्ड ने सर्वसम्मति से पॉलिसी दर को 3.75% पर यथावत बनाए रखने के पक्ष में मतदान किया। बाजार की उम्मीदों के मुकाबले बैंक का रुख नरम नजर आया है, लेकिन बैंक बोर्ड ने यह भी साफ कर दिया है कि आगे चलकर ब्याज दरों में बढ़ोतरी के विकल्प पूरी तरह खुले रखे गए हैं। ऊर्जा की ऊंची वैश्विक कीमतों और महंगाई के अनुमानों को देखते हुए विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले नवंबर महीने में केंद्रीय बैंक दरों में इजाफा कर सकता है। मुद्रा बाजार और चेक कोरुना की स्थिति विदेशी मुद्रा बाजार में EUR/CZK की जोड़ी हाल के सत्र में 24.350 के स्तर तक पहुंचने के बाद नीचे बंद हुई। मौजूदा समय में यह मुद्रा जोड़ी 24.300 से 24.350 के दायरे में कारोबार कर रही है। आने वाले दिनों में अमेरिकी डॉलर की संभावित मजबूती इस जोड़ी को थोड़ा ऊपर धकेल सकती है, लेकिन केंद्रीय बैंक के संभावित सख्त रुख से स्थानीय मुद्रा कोरुना को मध्यम अवधि में सहारा मिलने की उम्मीद है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले हफ्तों और महीनों में यदि चेक नेशनल बैंक सख्त मौद्रिक नीति अपनाता है, तो यील्ड कर्व स्टीपनिंग से फ्लैटनिंग की ओर बढ़ सकता है, जिससे चेक कोरुना को मजबूती मिलेगी। बैंक बोर्ड फिलहाल किसी जल्दबाजी में नहीं दिख रहा है और उसने अगस्त की बैठक जैसा ही रुख बरकरार रखा है। एशियाई सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मिला समर्थन वैश्विक मुद्रा बाजार के अन्य हिस्सों पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में लगातार दूसरे कारोबारी दिन सकारात्मक रुझान देखा गया। शुक्रवार को एशियाई सत्र के दौरान AUD/USD की जोड़ी 0.7100 के अहम स्तर से ऊपर बनी रही। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई नरमी ने अमेरिकी डॉलर के खरीदारों को दबाव में रखा, जिसका सीधा फायदा ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को मिला। इसके अलावा, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर बुलॉक की सख्त टिप्पणियों ने देश में ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदों को बल दिया, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को अच्छा समर्थन प्राप्त हुआ। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक दृष्टिकोण और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने डॉलर में ज्यादा बड़ी गिरावट को सीमित कर दिया, जिससे AUD/USD की बढ़त पर एक सीमा भी तय रही। बैंक ऑफ जापान की दरों में बढ़ोतरी और येन में सुधार यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान USD/JPY की जोड़ी में बदलाव देखा गया और यह 157.30 के दो सप्ताह के उच्च स्तर से पलट गई। जापानी येन को बैंक ऑफ जापान के गवर्नर उएदा के मौद्रिक नीति बैठक के बाद दिए गए बयानों से राहत मिली। केंद्रीय बैंक ने बाजार को चौंकाते हुए 7-2 के बहुमत से ब्याज दर बढ़ाकर 1.25% कर दी। जापान की अति-निम्न ब्याज दरों ने एक दशक से अधिक समय तक दुनिया भर में खरबों डॉलर के निवेश को वित्तपोषित करने में मदद की थी, जिसने जापानी येन को वैश्विक स्तर पर फंडिंग का सबसे सस्ता स्रोत बना दिया था। जहां अधिकांश प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं ने मुद्रास्फीति से निपटने के लिए पहले ही ब्याज दरें काफी बढ़ा दी थीं, वहीं जापान लंबे समय तक दुनिया में एक अपवाद बना रहा। अब बैंक ऑफ जापान द्वारा नीति को और कड़ा किए जाने की संभावनाओं के साथ यह दौर एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। सोने में तेजी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में लगातार दूसरे कारोबारी दिन लिवाली का सिलसिला जारी रहा। यूरोपीय सत्र की शुरुआत में सोने ने एक नया साप्ताहिक उच्चतम स्तर छू लिया। कच्चे तेल की कीमतों में आई हालिया गिरावट ने बेकाबू मुद्रास्फीति की तात्कालिक आशंकाओं को कम करने में मदद की है। इसके चलते अमेरिकी बॉन्ड यील्ड अपने बहु-वर्षीय उच्च स्तरों से और नीचे खिसक गई। बॉन्ड यील्ड में इस गिरावट ने अमेरिकी डॉलर की बढ़त पर अंकुश लगाया, जिसका सीधा सकारात्मक असर सोने की कीमतों पर देखने को मिला और सर्राफा को अतिरिक्त सहारा मिला। इसका आप पर असर केंद्रीय बैंकों के फैसलों और बॉन्ड यील्ड में बदलाव से अंतरराष्ट्रीय यात्रा, आयात-निर्यात और कमोडिटी बाजार में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। • भारत में निवेशकों और उपभोक्ताओं पर असर: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की बढ़ती कीमतें घरेलू सर्राफा बाजार में भाव बढ़ा सकती हैं। ऐसे में आभूषण खरीदने वालों और सोने में निवेश करने वालों को अपनी खरीदारी की योजना सावधानी से बनानी होगी। • करेंसी और विदेश यात्रा पर प्रभाव: अमेरिकी डॉलर और प्रमुख विदेशी मुद्राओं के उतार-चढ़ाव से विदेश यात्रा और अंतरराष्ट्रीय भुगतान की लागत प्रभावित होती है। विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों और पर्यटकों को मुद्रा विनिमय दरों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। • फंडिंग और कर्ज की स्थिति: बैंक ऑफ जापान द्वारा दरें 1.25% किए जाने से दुनिया भर में सस्ती फंडिंग का दौर सीमित हो रहा है। इसके चलते वैश्विक वित्तीय प्रवाह में बदलाव देखने को मिल सकता है, जिसका असर उभरते बाजारों की तरलता पर पड़ता है। • ऊर्जा और आयातित महंगाई: कच्चे तेल की कीमतों में हालिया नरमी ने तात्कालिक महंगाई की चिंता कम की है। हालांकि वैश्विक ऊर्जा दरों में किसी भी नए उछाल से आयात बिल और परिवहन लागत पर असर पड़ सकता है। ऐसा क्यों हुआ चेक नेशनल बैंक ने आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक बाजार की परिस्थितियों का आकलन करने के बाद अपनी नीतिगत दर को स्थिर रखने का निर्णय लिया है। • मुद्रास्फीति और ऊर्जा लागत: चेक गणराज्य में उच्च मुद्रास्फीति के पूर्वानुमान और वैश्विक स्तर पर ऊंची ऊर्जा कीमतों ने नीति निर्माताओं को सतर्क कर रखा है। इन्हीं वजहों से विश्लेषक नवंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना देख रहे हैं। • बाजार की स्थिति और बैंक का रुख: केंद्रीय बैंक बोर्ड ने सर्वसम्मति से दरों को 3.75% पर बनाए रखने का फैसला किया ताकि अर्थव्यवस्था को वर्तमान स्थिति के अनुसार समायोजित होने का समय मिल सके। बैंक ने संकेत दिया है कि वह जल्दबाजी में कदम उठाने से बचना चाहता है। • जापान और अन्य देशों की नीतियां: बैंक ऑफ जापान द्वारा आश्चर्यजनक रूप से 7-2 के अंतर से दर बढ़ाकर 1.25% करने से वैश्विक पूंजी प्रवाह प्रभावित हुआ है। इसके अतिरिक्त अमेरिकी फेडरल रिजर्व और ऑस्ट्रेलियाई रिजर्व बैंक के बयानों ने भी वैश्विक स्तर पर मुद्रा दरों के संतुलन को प्रभावित किया है। सवाल-जवाब 1. चेक नेशनल बैंक ने अपनी मुख्य ब्याज दर कितनी रखी है? चेक नेशनल बैंक ने अपनी मुख्य नीतिगत ब्याज दर को बिना किसी बदलाव के 3.75% पर बरकरार रखा है। 2. विश्लेषकों का नवंबर महीने को लेकर क्या अनुमान है? महंगाई के ऊंचे अनुमानों और वैश्विक ऊर्जा कीमतों के कारण विश्लेषकों का अनुमान है कि बैंक नवंबर में दरें बढ़ा सकता है। 3. विदेशी मुद्रा बाजार में EUR/CZK किस दायरे में कारोबार कर रहा है? EUR/CZK की जोड़ी फिलहाल लगभग 24.300 से 24.350 के दायरे में कारोबार कर रही है। 4. बैंक ऑफ जापान ने हाल ही में क्या बड़ा कदम उठाया? बैंक ऑफ जापान ने एक आश्चर्यजनक फैसले में 7-2 के बहुमत से अपनी ब्याज दर बढ़ाकर 1.25% कर दी है। 5. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट का सोने पर क्या प्रभाव पड़ा? अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और कच्चे तेल में नरमी के चलते सोने की कीमतों में तेजी आई और इसने नया साप्ताहिक उच्च स्तर छुआ। https://trendkia.com/market/czech-national-bank-ne-byaja-daren-3-75-para-rokin-november-men-barhotari-ke-mile-snketa-33508 TrendKia — Har trend, sabse pehle.