मध्य और पूर्वी यूरोप की मुद्राओं में चेक कोरुना मजबूत, वैश्विक तनाव के बीच डॉलर ने बाकी बाजारों पर बनाया दबाव ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण चेक गणराज्य और हंगरी में मुद्रास्फीति बढ़ने के आसार हैं, जिससे चेक कोरुना को क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले बढ़त मिल सकती है। वहीं मजबूत अमेरिकी डॉलर ने यूरो, जापानी येन और सोने की चाल को सीमित कर दिया है। मध्य और पूर्वी यूरोपीय मुद्रा बाजार में एक नया समीकरण बनता नजर आ रहा है, जहाँ चेक गणराज्य और हंगरी में सितंबर माह के दौरान महंगाई के आंकड़े ऊपर जाने का अनुमान लगाया गया है। इस आर्थिक माहौल में चेक कोरुना अपने क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करने की स्थिति में दिख रहा है। इसकी प्रमुख वजह यह है कि चेक कोरुना वैश्विक वृहद परिदृश्यों से अपेक्षाकृत कम प्रभावित होता है और चेक नेशनल बैंक द्वारा नवंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना इसे अतिरिक्त सहारा प्रदान कर रही है। इसके उलट, पोलैंड और रोमानिया के केंद्रीय बैंकों द्वारा अपनी मौद्रिक नीतियों में कोई बदलाव न करने की उम्मीद है, जिसके चलते पूरे क्षेत्र की मुद्राओं को लेकर रुख सतर्क बना हुआ है। चेक गणराज्य और हंगरी में मुद्रास्फीति के अनुमान आर्थिक विश्लेषक फ्रांतिसेक ताबोरस्की के आकलन के मुताबिक, चेक गणराज्य की मुद्रास्फीति 1.9 प्रतिशत से बढ़कर 2.5 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। इस संभावित उछाल का मुख्य कारण ईंधन की कीमतों में आई हालिया तेजी को माना जा रहा है। यदि यह आंकड़ा वास्तविकता में बदलता है, तो यह काफी समय बाद चेक नेशनल बैंक के अगस्त में लगाए गए 2.2 प्रतिशत के अनुमान को पार कर जाएगा। इसके साथ ही कोर मुद्रास्फीति के भी 3.0 प्रतिशत से मामूली बढ़कर 3.1 प्रतिशत होने की संभावना है, जिससे नवंबर में नीतिगत दरों में बढ़ोतरी के तर्क को मजबूती मिलती है। दूसरी ओर, हंगरी में भी बुधवार को मुद्रास्फीति के आंकड़े सामने आने वाले हैं, जहां इसके 1.3 प्रतिशत से बढ़कर 2.0 प्रतिशत पर पहुंचने का अनुमान है। चेक गणराज्य की तरह हंगरी में भी महंगाई बढ़ने का प्राथमिक कारण महंगे ईंधन को ही बताया गया है। यह आंकड़ा नेशनल बैंक ऑफ हंगरी के सितंबर माह के 1.7 प्रतिशत के अनुमान से काफी अधिक रहेगा। इस बीच पोलैंड के केंद्रीय बैंक यानी नेशनल बैंक ऑफ पोलैंड से उम्मीद की जा रही है कि वह अपनी बेंचमार्क ब्याज दर को 3.75 प्रतिशत पर यथावत बनाए रखेगा, जबकि गुरुवार को होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में उसका रुख काफी सतर्क और नपा-तुला रहने की संभावना है। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार पर अमेरिकी डॉलर का असर वैश्विक पटल पर अमेरिकी डॉलर का दबदबा अन्य प्रमुख करेंसियों के लिए चुनौतियां खड़ी कर रहा है। मध्य पूर्व के साथ-साथ रूस और यूक्रेन के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव ने अमेरिकी डॉलर को मजबूती दी है। सोमवार को एशियाई कारोबारी सत्र के उत्तरार्ध में नए सिरे से हुई बिकवाली के चलते ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) गिरकर 0.6900 के स्तर की ओर फिसल गया। विदेशी मुद्रा बाजार में कारोबारियों की नजर अब कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की मौद्रिक नीति संबंधी अपेक्षाओं पर टिकी हुई है। जापानी येन के मुकाबले भी अमेरिकी डॉलर ने मजबूती दिखाई है। USD/JPY ने शुरुआती गिरावट से उबरते हुए एशियाई सत्र में एक बार फिर 158.00 का आंकड़ा हासिल कर लिया और पिछले एक सप्ताह के सीमित दायरे में कारोबार किया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें कमजोर पड़ने के बावजूद भू-राजनीतिक अनिश्चितता डॉलर को सहारा दे रही है। हालांकि, बैंक ऑफ जापान की ओर से सख्त मौद्रिक नीति के संकेत और बाजार में संभावित मुद्रा हस्तक्षेप के जोखिम येन को कुछ सहारा दे सकते हैं, जिससे डॉलर की बढ़त पर लगाम लगने की संभावना बनी हुई है। यूरो, सोना और क्रिप्टो बाजार की चाल यूरोपीय साझा मुद्रा EUR/USD भारी दबाव का सामना कर रही है और यह मई 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। बुधवार को यह जोड़ी 1.1312 के स्तर तक गिर गई, जो जनवरी के 1.2082 के उच्चतम स्तर से काफी नीचे है। यूरोप में ऊर्जा की ऊंची कीमतों से जुड़े जोखिम, डॉलर की मजबूती और वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल ने यूरो पर चौतरफा दबाव बनाया है। कमोडिटी बाजार की बात करें तो सोना यूरोपीय सत्र की शुरुआत तक 4,150 डॉलर प्रति औंस के नीचे सीमित दायरे में फंसा रहा और पिछले एक सप्ताह के दायरे में ही कारोबार करता दिखा। निवेशकों ने हालिया कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों को नजरअंदाज कर दिया है, जिसके बाद अमेरिकी डॉलर अप्रैल 2025 के बाद के अपने नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। मजबूत डॉलर सोने की कीमतों को ऊपर जाने से रोक रहा है, हालांकि फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में दर बढ़ोतरी की घटती उम्मीदों ने सोने को बड़ी गिरावट से बचाया हुआ है। इस बीच, पूर्व में बिनेंस कॉइन के नाम से पहचाने जाने वाले क्रिप्टो टोकन BNB में सोमवार को हल्की गिरावट आई और यह 790 डॉलर के आसपास कारोबार करता दिखा। लगातार तीन हफ्तों की बढ़त के बाद भी इसके डेरिवेटिव बाजार में ओपन इंटरेस्ट में बढ़ोतरी और पॉजिटिव फंडिंग दरें निवेशकों के बने हुए विश्वास की ओर इशारा कर रही हैं। इसका आप पर असर वैश्विक मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आयातित लागतों पर पड़ता है। • मुद्रा विनिमय दर: अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से अन्य वैश्विक मुद्राओं पर दबाव बढ़ गया है। विदेश यात्रा या आयातित सामान खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए खर्चे बढ़ सकते हैं। • ऊर्जा और ईंधन लागत: ईंधन की बढ़ती कीमतें यूरोप और अन्य देशों में महंगाई को सीधे हवा दे रही हैं। तेल की ऊंची कीमतों का प्रभाव परिवहन और दैनिक उपभोग की वस्तुओं पर देखने को मिल सकता है। • सोना और निवेश: सोने की कीमतें डॉलर की मजबूती के चलते 4,150 डॉलर प्रति औंस के नीचे सीमित दायरे में बनी हुई हैं। निवेशकों को अल्पावधि में कमोडिटी बाजार में सतर्क रुख अपनाने की आवश्यकता है। • डिजिटल परिसंपत्तियां: बीएनबी टोकन 790 डॉलर के आसपास स्थिर रहने की कोशिश कर रहा है। क्रिप्टो बाजार के डेरिवेटिव सेगमेंट में गतिविधि बढ़ने से उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह आर्थिक हलचल मुख्य रूप से ईंधन की ऊंची कीमतों और वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के संयोजन के कारण उत्पन्न हुई है। इन कारकों ने मुद्रास्फीति को बढ़ाया है और अमेरिकी डॉलर की सुरक्षित निवेश मांग को बढ़ावा दिया है। • ईंधन की लागत में वृद्धि: चेक गणराज्य और हंगरी दोनों में उपभोक्ता मूल्य वृद्धि का मुख्य कारण महंगे ईंधन को माना गया है। ऊर्जा लागत में वृद्धि ने केंद्रीय बैंकों के पूर्व अनुमानों को पार कर दिया है। • भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं: मध्य पूर्व और रूस-यूक्रेन के बीच तनाव ने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में डॉलर की ओर आकर्षित किया है। इसी कारण यूरो मई 2025 के बाद के सबसे निचले स्तर 1.1312 पर आ गया है। • मौद्रिक नीति संबंधी अपेक्षाएं: जहां चेक नेशनल बैंक द्वारा नवंबर में दर बढ़ोतरी की संभावना है, वहीं अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में दर वृद्धि की उम्मीदें कमजोर हुई हैं। इस नीतिगत अंतर ने क्षेत्रीय मुद्राओं के बीच भिन्नता पैदा की है। सवाल-जवाब 1. चेक गणराज्य में मुद्रास्फीति के कितने बढ़ने का अनुमान है? चेक गणराज्य में मुद्रास्फीति 1.9 प्रतिशत से बढ़कर 2.5 प्रतिशत होने का अनुमान है, जो मुख्य रूप से ईंधन की कीमतों में तेजी के कारण है। 2. हंगरी में महंगाई दर के क्या आंकड़े आने की संभावना है? हंगरी में मुद्रास्फीति के 1.3 प्रतिशत से बढ़कर 2.0 प्रतिशत पर पहुंचने का अनुमान है, जो केंद्रीय बैंक के 1.7 प्रतिशत के अनुमान से अधिक है। 3. पोलैंड के केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों को लेकर क्या उम्मीद है? नेशनल बैंक ऑफ पोलैंड द्वारा अपनी मुख्य ब्याज दर को 3.75 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने की संभावना जताई गई है। 4. EUR/USD की विनिमय दर में क्या गिरावट दर्ज की गई? यूरो गिरकर मई 2025 के बाद के अपने निचले स्तर 1.1312 पर पहुंच गया, जो जनवरी के 1.2082 के शिखर से काफी कम है। 5. सोने की कीमत किस दायरे में कारोबार कर रही है? मजबूत अमेरिकी डॉलर के दबाव के कारण सोना 4,150 डॉलर प्रति औंस के नीचे एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। 6. क्रिप्टो टोकन BNB का मौजूदा स्तर क्या है? लगातार तीन हफ्तों की बढ़त दर्ज करने के बाद बीएनबी टोकन लगभग 790 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। https://trendkia.com/market/czech-republic-aura-hungary-men-mahngai-se-czech-koruna-majabuta-us-dollar-ne-baki-bajaron-para-banaya-dabava-43193 TrendKia — Har trend, sabse pehle.