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  "type": "article",
  "title": "दबाव के बावजूद शेयर बाजार में संभली शुरुआत, आईटीसी और अदानी पोर्ट्स चमके",
  "summary": "वैश्विक रुख के असर से सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान पर खुले, लेकिन व्यापक बाजार में खरीदारी से लगभग तेरह सौ पचास शेयरों में तेजी दर्ज की गई।",
  "content": "अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले असमान संकेतों के असर से घरेलू शेयर बाजार ने कारोबारी दिन का आगाज सुस्ती के साथ किया। शुरुआती घंटी बजते ही दोनों प्रमुख सूचकांक कमजोरी के दायरे में फिसल गए। हालांकि बेंचमार्क इंडेक्स के स्तर पर नरमी रहने के उपरांत भी व्यापक स्तर पर शेयर बाजारों का रुख सकारात्मक नजर आया, जिसके चलते अधिकांश कंपनियों के शेयरों में लिवाली का जोर बना रहा।\n\nशुरुआती सौदों में प्रमुख सूचकांकों की चाल\nशुरुआती लेनदेन के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का मानक संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 75.60 अंक अथवा 0.10% की मामूली कमजोरी दिखाते हुए 76,881.67 के पायदान पर आ गया। ठीक इसी समय नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 41.55 अंक यानी 0.17% टूटकर 24,038.85 पर कारोबार करता दिखा। मुख्य सूचकांकों की इस सीमित गिरावट के उलट पूरे बाजार की अंदरूनी सेहत बेहद पुख्ता रही। शुरुआती घंटों में लगभग 1350 कंपनियों के शेयरों में बढ़त दर्ज हुई, जबकि 1016 शेयर नुकसान में रहे और 157 शेयरों के भाव में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं देखा गया।\n\nनिफ्टी 50 के शेयरों में खींचतान और हीटमैप की तस्वीर\nनेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रमुख पचास शेयरों की सूची में मिला-जुला रुझान स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया। आईटीसी के शेयरों में 3.54% का जोरदार उछाल देखने को मिला, जबकि अदानी पोर्ट्स के शेयर 2.74% चढ़े। इनके अतिरिक्त भारती एयरटेल 2.40%, अदानी एंटरप्राइजेज 2.12% तथा एचसीएल टेक 1.89% के लाभ के साथ आगे बढ़े। बजाज ऑटो, एमएंडएम तथा डॉ. रेड्डीज के काउंटरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही और वे हरे निशान में टिके रहे।\n\nदूसरी ओर मुनाफावसूली के दबाव में मैक्स हेल्थ के शेयर 3.70% की गिरावट लेकर सबसे आगे रहे। श्रीराम फाइनेंस में 3.38%, नेस्ले इंडिया में 2.99%, इंडिगो में 2.93% और एक्सिस बैंक में 2.39% की गिरावट आई। इसके साथ ही टीसीएस, एशियन पेंट्स और सन फार्मा के शेयरों में भी बिकवाली का स्पष्ट असर दिखाई पड़ा।\n\nसेक्टरवार स्थिति और विभिन्न उद्योगों का प्रदर्शन\nक्षेत्रीय सूचकांकों के मोर्चे पर विभिन्न उद्योगों का रुझान बंटा हुआ रहा। उपभोक्ता उत्पाद बनाने वाली कंपनियों से जुड़े निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स में 0.94% की बढ़त रही, जिसे मुख्य तौर पर आईटीसी और एचयूएल के शेयरों से ठोस संबल मिला। निफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर इंडेक्स भी 0.01% की नगण्य बढ़त के साथ सपाट स्थिति में रहते हुए हरे निशान को बचाने में सफल रहा।\n\nइसके विपरीत कई अन्य महत्वपूर्ण सेक्टोरल सूचकांक गिरावट के शिकार हो गए। निफ्टी फार्मा 1.35% नीचे आ गया, जबकि निफ्टी रियल्टी में 1.06% का नुकसान दर्ज किया गया। बैंकिंग क्षेत्र भी बिकवाली के घेरे में रहा, जहां निफ्टी बैंक 0.92% तथा निफ्टी पीएसयू बैंक 0.75% कमजोर पड़े। सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित निफ्टी आईटी इंडेक्स में भी 0.86% की सुस्ती दर्ज की गई।\n\nइसका आप पर असर\nशुरुआती कारोबार में सूचकांकों की सुस्ती के बावजूद छोटे और मझोले शेयरों में खरीदारी से आम निवेशकों के पोर्टफोलियो को सहारा मिल सकता है।\n\n• खुदरा निवेशकों के लिए: मुख्य सूचकांक लाल निशान में होने के बावजूद व्यापक बाजार में लगभग 1350 शेयर तेजी में रहे। इसका अर्थ है कि चुनिंदा शेयरों में निवेश करने वाले ट्रेडर्स को बाजार के सकारात्मक विस्तार से तात्कालिक लाभ मिल सकता है।\n• एफएमसीजी और आईटी क्षेत्र के शेयरधारकों के लिए: आईटीसी जैसे शेयरों की बढ़त से उपभोक्ता उत्पाद क्षेत्र मजबूत हुआ, जबकि तकनीकी शेयरों पर दबाव रहा। इसका व्यावहारिक मतलब है कि सेक्टर रोटेशन के कारण निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो आवंटन पर नजर रखनी चाहिए।\n• बैंकिंग और रियल्टी निवेशकों के लिए: बैंक और रियल्टी इंडेक्स में एक प्रतिशत के आसपास की गिरावट देखने को मिली। कर्ज और वित्तीय शेयरों पर निर्भर निवेशकों को बाजार में स्थिरता आने तक सतर्क रुख अपनाना पड़ सकता है।\n• डे-ट्रेडर्स के लिए: सूचकांकों में उतार-चढ़ाव सीमित रहने के कारण बड़े इंडेक्स ऑप्शंस में सीमित दायरे का कारोबार देखने को मिल सकता है। ऐसे में व्यक्तिगत स्टॉक्स पर केंद्रित रणनीतियां अधिक फायदेमंद साबित हो सकती हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nवैश्विक बाजारों के अनिर्णायक रुख और निवेशकों द्वारा चुनिंदा वित्तीय तथा हेल्थकेयर शेयरों में मुनाफावसूली करने के कारण बाजार की शुरुआत हल्की कमजोरी के साथ हुई।\n\n• वैश्विक संकेतकों का प्रभाव: अंतरराष्ट्रीय बाजारों से किसी स्पष्ट तेजी का सहारा न मिलने से घरेलू स्तर पर कारोबारियों ने सतर्क रुख अपनाया। विदेशी रुझान के असंतुलित रहने के कारण बेंचमार्क सूचकांकों ने लाल निशान में कदम रखा।\n• प्रमुख हैवीवेट शेयरों पर बिकवाली का असर: एक्सिस बैंक, मैक्स हेल्थ और श्रीराम फाइनेंस जैसे शेयरों में बिकवाली होने से सूचकांक नीचे आए। वित्तीय और स्वास्थ्य सेवा शेयरों में मुनाफा काटने के रुख ने इंडेक्स पर दबाव बढ़ाया।\n• एफएमसीजी शेयरों से मिला सहारा: आईटीसी और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसे बड़े शेयरों में लिवाली आने से सूचकांकों को भारी गिरावट से राहत मिली। उपभोक्ता सामान बनाने वाली कंपनियों के प्रदर्शन ने गिरावट की रफ्तार को सीमित रखा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी का स्तर क्या था?\nकारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 75.60 अंक गिरकर 76,881.67 पर और निफ्टी 41.55 अंक फिसलकर 24,038.85 पर कारोबार कर रहा था।\n\n2. शुरुआती बाजार में कितने शेयरों में बढ़त और गिरावट दर्ज की गई?\nशुरुआती कारोबार में लगभग 1350 शेयरों में बढ़त और 1016 शेयरों में गिरावट देखी गई, जबकि 157 शेयर बिना बदलाव के रहे।\n\n3. निफ्टी 50 के सबसे ज्यादा बढ़ने वाले प्रमुख शेयर कौन से रहे?\nआईटीसी 3.54% की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा, इसके बाद अदानी पोर्ट्स 2.74% और भारती एयरटेल 2.40% चढ़े।\n\n4. शुरुआती समय में किन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई?\nमैक्स हेल्थ के शेयर 3.70% गिरे, जबकि श्रीराम फाइनेंस 3.38% और नेस्ले इंडिया 2.99% की गिरावट के साथ फिसले।\n\n5. सेक्टोरल इंडेक्स में किन क्षेत्रों में तेजी और कहां मंदी रही?\nनिफ्टी एफएमसीजी में 0.94% की तेजी रही, जबकि निफ्टी फार्मा 1.35% और निफ्टी रियल्टी 1.06% टूटकर कारोबार कर रहे थे।",
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  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-09-23",
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