दलाल स्ट्रीट में तेजी की रफ्तार बरकरार, 10 से 14 अगस्त के कारोबारी हफ्ते में रिकॉर्ड ऊंचाई छू सकते हैं निफ्टी और सेंसेक्स भारतीय शेयर बाजार में 10 से 14 अगस्त 2026 के कारोबारी हफ्ते की शुरुआत मजबूती के साथ होने के संकेत हैं, जहां निफ्टी और सेंसेक्स लगातार दो हफ्तों की बढ़त के बाद नए शिखर की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। भारतीय शेयर बाजार 10 से 14 अगस्त 2026 के कारोबारी हफ्ते में प्रवेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है और निवेशकों की नजरें लगातार तीसरे हफ्ते तेजी के सिलसिले को आगे बढ़ाने पर टिकी हैं। बीते हफ्ते वैश्विक घटनाक्रमों और बाजार में लागू हुई नई व्यवस्थाओं के बावजूद भारतीय इक्विटी बेंचमार्क में मजबूती देखने को मिली। पिछले कारोबारी सप्ताह के दौरान निफ्टी 50 इंडेक्स 0.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,570.65 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि बीएसई सेंसेक्स 0.52 प्रतिशत चढ़कर 78,499.17 पर बंद होने में कामयाब रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू निवेशकों की मजबूत खरीदारी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घटती कच्चे तेल की कीमतों से भारतीय शेयर बाजार की रफ्तार को और बल मिल सकता है। आगामी हफ्ते के मुख्य प्रेरक और व्यापक आर्थिक कारक अगले कारोबारी हफ्ते में शेयर बाजार की चाल तय करने में कई अहम घरेलू और वैश्विक संकेतकों की प्रमुख भूमिका होगी। निवेशक सबसे पहले पहली तिमाही के कॉरपोरेट वित्तीय परिणामों पर बारीक नजर रखेंगे, क्योंकि विभिन्न कंपनियों के नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे। इसके साथ ही वाहन बिक्री के आंकड़े भी उपभोक्ता मांग की जमीनी स्थिति को दर्शाएंगे। नीतिगत मोर्चे पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के रुख और नीतिगत संकेतों पर निवेशकों का विशेष ध्यान रहेगा, जिससे बाजार में नकदी और ब्याज दरों का रुझान स्पष्ट होगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की चाल शेयर बाजार के लिए अहम साबित होगी। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) के पूंजी प्रवाह के साथ-साथ सेबी के नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (सीएस) तंत्र के प्रभाव पर भी कारोबारियों की नजर रहेगी। निफ्टी 50 का तकनीकी विश्लेषण: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के मुख्य स्तर तकनीकी नजरिये से निफ्टी 50 का साप्ताहिक आउटलुक काफी सकारात्मक नजर आ रहा है। मुख्य सूचकांक ने लगातार दूसरे हफ्ते बढ़त दर्ज की है और यह हालिया ट्रेंडलाइन ब्रेकआउट के ऊपर बना हुआ है। सूचकांक लगातार अपने सभी प्रमुख एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) से ऊपर कारोबार कर रहा है, जो बाजार के मजबूत बुनियादी ढांचे को दर्शाता है। निफ्टी 50 के तकनीकी चार्ट पर अपनी राय देते हुए मास्टर कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह ने कहा, "यह सूचकांक अपने सभी मुख्य मूविंग एवरेज के ऊपर मजबूती से टिका हुआ है, जो एक मजबूत अंतर्निहित रुझान का संकेत देता है। हर गिरावट पर नई खरीदारी देखने को मिल रही है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि निफ्टी के लिए 24,300 का स्तर पहला तात्कालिक सपोर्ट है जो 21-दिवसीय ईएमए से मेल खाता है, जबकि किसी भी बड़ी गिरावट की स्थिति में 24,100 का स्तर एक मजबूत द्वितीयक सपोर्ट के रूप में काम करेगा। ऊपरी स्तरों की बात करें तो 24,800 निफ्टी के लिए सबसे अहम रेजिस्टेंस का काम कर रहा है। यदि सूचकांक 24,800 के पार निर्णायक ब्रेकआउट देने में सफल रहता है, तो खरीदारी की रफ्तार और तेज हो सकती है, जिससे निफ्टी 25,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर तक पहुंच सकता है। इस प्रकार, कारोबारियों के लिए गिरावट पर खरीदारी की रणनीति उपयुक्त मानी जा रही है, जिसमें 24,300 और 24,100 प्रमुख सपोर्ट जोन बने रहेंगे। बैंक निफ्टी की स्थिति: 58,000 के स्तर पर टिकी है बाजार की नजर बैंकिंग सूचकांक यानी बैंक निफ्टी ने भी पिछले हफ्ते करीब 0.84 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की और लगातार दूसरे हफ्ते हरे निशान में बंद हुआ। हालांकि, सूचकांक अभी भी 56,000 से 58,600 के दायरे में सीमित होकर मजबूती जुटाने का काम कर रहा है। दायरा सीमित रहने के बावजूद, बैंक निफ्टी की समग्र दिशा सकारात्मक बनी हुई है। बैंक निफ्टी अपने सभी महत्वपूर्ण एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से ऊपर कारोबार कर रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि लिवाली का दबाव अभी भी कायम है। मध्यम अवधि में बैंकिंग शेयरों में नई तेजी के संकेत मिल रहे हैं। बैंकिंग सूचकांक की भावी रणनीति पर प्रकाश डालते हुए मास्टर कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह ने कहा, "हर गिरावट पर खरीदारी की रणनीति फिलहाल काफी अनुकूल दिख रही है। 57,000 के पास 55-दिवसीय ईएमए तात्कालिक सपोर्ट का काम कर रहा है, जबकि मुख्य सपोर्ट 56,000 पर स्थित है।" उन्होंने आगे कहा कि ऊपर की तरफ 58,000 पहला बड़ा अवरोध है। यदि बैंक निफ्टी 58,000 के ऊपर बंद होने में सफल रहता है, तो इसमें नई खरीदारी की लहर आ सकती है और यह 58,600 के रेजिस्टेंस जोन को चुनौती दे सकता है। स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों ने बनाया नया रिकॉर्ड मुख्य सूचकांकों के मुकाबले व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) का प्रदर्शन कहीं अधिक शानदार रहा है। बीते कारोबारी हफ्ते में निफ्टी स्मॉलकैप और निफ्टी मिडकैप दोनों ही सूचकांकों ने अपने सर्वकालिक उच्च स्तर को छुआ। इससे स्पष्ट होता है कि घरेलू निवेशकों में जोखिम लेने की क्षमता और शेयर चुनने का उत्साह बेहद मजबूत है। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में पिछले हफ्ते लगभग 2.73 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी मिडकैप इंडेक्स ने करीब 1 प्रतिशत की तेजी हासिल की। छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों के शेयरों में यह व्यापक खरीदारी भारतीय अर्थव्यवस्था की दीर्घकालिक वृद्धि पर निवेशकों के अटूट विश्वास का प्रमाण है। संस्थागत निवेशकों का पूंजी प्रवाह, रुपया और अंतरराष्ट्रीय संकेत शेयर बाजार को रफ्तार देने में संस्थागत निवेशकों की भारी पूंजी का बड़ा योगदान रहा। बीते सप्ताह विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भारतीय शेयर बाजार में 2,888 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। वहीं दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने और भी बड़ा दांव खेलते हुए बाजार में 7,767 करोड़ रुपये का भारी निवेश किया। डीआईआई की इस आक्रामक खरीदारी ने बाजार को हर स्तर पर सहारा दिया। विदेशी मुद्रा बाजार में भी मजबूती देखी गई, जहां अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 0.20 प्रतिशत मजबूत हुआ। वैश्विक वित्तीय परिस्थितियां भी भारतीय बाजार के अनुकूल रहीं, क्योंकि अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 100 के स्तर से नीचे बना रहा और अमेरिका की 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 4.7 प्रतिशत से नीचे रही। इससे उभरते बाजारों से पूंजी बाहर जाने का जोखिम कम हुआ है। अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक मोर्चे पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की खबरों से कच्चे तेल के दामों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत करीब 8 प्रतिशत टूटकर 87 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गई। कच्चे तेल का सस्ता होना भारत के आयात बिल को कम करता है और मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखने में मदद करता है, जिससे शेयर बाजार का मूड और बेहतर हुआ है। सेबी के क्लोजिंग ऑक्शन सेशन तंत्र का असर और समायोजन बाजार प्रतिभागियों ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा लागू किए गए नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (सीएस) तंत्र को अपनाना शुरू कर दिया है। हालांकि शुरुआत में नए मूल्य-खोज तंत्र के कारण बाजार के अंतिम मिनटों में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिला था, लेकिन हफ्ते के आगे बढ़ने के साथ ही ट्रेडर्स और ब्रोकर्स ने इस व्यवस्था के साथ तालमेल बिठा लिया। 10 से 14 अगस्त 2026 के नए कारोबारी हफ्ते में कदम रखते हुए निवेशक इस नए तंत्र की स्थिरता पर नजर बनाए रखेंगे। शुरुआती झिझक दूर होने के बाद, अब बाजार की संरचना अधिक पारदर्शी और सुदृढ़ नजर आ रही है, जिससे निवेशकों को आगामी कारोबारी सत्रों में सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है। इसका आप पर असर • भारतीय इक्विटी निवेशकों के लिए: मजबूत संस्थागत खरीदारी और घटते कच्चे तेल के दामों से पोर्टफोलियो में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिल सकती है। • रिटेल और डेरिवेटिव ट्रेडर्स के लिए: निफ्टी के लिए 24,300 और बैंक निफ्टी के लिए 57,000 का स्तर मजबूत सपोर्ट का काम करेगा, जहां गिरावट पर खरीदारी की रणनीति फायदेमंद हो सकती है। सवाल-जवाब 1. 10 से 14 अगस्त 2026 के हफ्ते में निफ्टी के लिए मुख्य सपोर्ट स्तर क्या हैं? निफ्टी 50 के लिए पहला तात्कालिक सपोर्ट 24,300 (21-दिवसीय ईएमए) है, जबकि प्रमुख द्वितीयक सपोर्ट 24,100 के स्तर पर स्थित है। 2. निफ्टी को तेजी जारी रखने के लिए किस रेजिस्टेंस स्तर को पार करना होगा? निफ्टी के लिए 24,800 मुख्य रेजिस्टेंस स्तर है। यदि यह इस स्तर को पार करता है, तो सूचकांक 25,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर तक पहुंच सकता है। 3. बैंक निफ्टी के लिए क्या ट्रेडिंग रणनीति सुझाई गई है? बैंक निफ्टी के लिए गिरावट पर खरीदारी की रणनीति सुझाई गई है, जिसमें 57,000 तात्कालिक सपोर्ट और 56,000 मुख्य सपोर्ट है। 58,000 के ऊपर ब्रेकआउट पर 58,600 का लक्ष्य संभव है। 4. संस्थागत निवेशकों (एफआईआई और डीआईआई) ने पिछले हफ्ते कितना निवेश किया? विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 2,888 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 7,767 करोड़ रुपये का भारी निवेश किया। 5. कच्चे तेल की कीमतों में कितनी गिरावट दर्ज की गई? अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतें करीब 8 प्रतिशत टूटकर 87 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं। https://trendkia.com/market/dalal-street-men-teji-ki-raphtara-barakarara-10-se-14-agasta-ke-karobari-haphte-men-rikorda-unchai-chhu-sakate-hain-nifty-aura-sen-15051 TrendKia — Har trend, sabse pehle.