# मौद्रिक नीति समीक्षा से पहले दलाल स्ट्रीट पर सुस्ती, प्रमुख सूचकांकों में तेज फिसलन

> रिजर्व बैंक के आगामी ब्याज दर फैसले से पहले बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई, जिससे प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज हुई।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/dalal-street-para-rbi-repo-rate-se-pahale-susti-sensex-aura-nifty-men-teja-phisalana-44314 · **Language:** Hindi
**Tags:** शेयर बाजार, सेंसेक्स, निफ्टी, आरबीआई मौद्रिक नीति, रेपो रेट, टाइटन, दलाल स्ट्रीट, स्टॉक मार्केट

रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के बहुप्रतीक्षित ब्याज दर निर्णय से ठीक पूर्व घरेलू शेयर बाजारों में घबराहट और सतर्कता का स्पष्ट प्रभाव देखने को मिला। बुधवार को कारोबारी सत्र के आगाज के साथ ही दलाल स्ट्रीट पर बिकवाली का व्यापक दबाव बन गया, जिसके चलते प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों ने तेज गोता लगाया। वैश्विक स्तर पर जारी असमंजस और घरेलू स्तर पर केंद्रीय बैंक के रुख को लेकर अनिश्चितता ने इक्विटी बाजार के मूड को प्रभावित किया। ऑटोमोबाइल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसी श्रेणियों में भारी मुनाफावसूली के कारण सूचकांक अपनी अहम मनोवैज्ञानिक सीमाओं के नीचे फिसलते नजर आए।

## शुरुआती सौदों में लाल निशान में फिसले दोनों मुख्य सूचकांक
बुधवार के कारोबारी सत्र के आरंभिक मिनटों में ही सूचकांकों पर विक्रेताओं का दबदबा स्थापित हो गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 449.50 अंक अथवा 0.62 प्रतिशत लुढ़ककर 72,618.31 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत करता दिखा। इसी प्रकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला निफ्टी भी 161.40 अंक यानी 0.71 प्रतिशत का नुकसान झेलते हुए 22,614.70 के स्तर पर पहुंच गया। इस तीखे नुकसान के चलते निफ्टी अपने 22,700 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक आधार से नीचे खिसक गया। इस दौरान बाजार की समग्र चौड़ाई काफी कमजोर रही, जहां केवल 971 शेयरों ने बढ़त हासिल की, जबकि 1,379 शेयर लाल निशान में गिरते दिखे। वहीं 181 शेयरों के भाव पूरी तरह अपरिवर्तित रहे।

## स्वास्थ्य सेवा और दूरसंचार को छोड़ अधिकांश सेक्टरों पर हावी रही गिरावट
बाजार की इस व्यापक मंदी के बीच फार्मास्यूटिकल तथा टेलीकॉम क्षेत्र की चुनिंदा कंपनियों ने गिरावट की धार को कुंद करने का प्रयास किया। डॉ. रेड्डीज लैब्स 0.99% की तेजी के साथ बढ़त बनाने वालों की सूची में सबसे आगे रहा। इसके अतिरिक्त सिप्ला में 0.63%, भारती एयरटेल में 0.61%, कोल इंडिया में 0.29% और टेक महिंद्रा में 0.06% का मामूली सुधार नजर आया। इसके ठीक उलट कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और वाहन निर्माताओं के काउंटरों पर तीखी बिकवाली का दौर रहा। टाइटन कंपनी के शेयर 3.39% की भारी गिरावट के साथ सर्वाधिक नुकसान झेलने वाले स्टॉक बने। इसके साथ ही एसबीआई लाइफ में 2.06%, एशियन पेंट्स में 1.59%, हिंडाल्को में 1.56%, श्रीराम फाइनेंस में 1.51%, महिंद्रा एंड महिंद्रा में 1.48%, मारुति में 1.40% तथा इंडिगो में 1.37% की सुस्ती दर्ज की गई।

## किन कारकों ने निवेशकों की धारणा को बनाया रक्षात्मक
घरेलू वित्तीय बाजारों पर बने इस भारी दबाव के मूल में रिजर्व बैंक का आगामी मौद्रिक फैसला है, जिसके चलते संस्थागत और खुदरा कारोबारी नए जोखिम उठाने से बच रहे हैं। इसके साथ ही विदेशी बाजारों से प्राप्त मिश्रित रुझान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बना रुख भी घरेलू इक्विटी बाजार में अनिश्चितता बढ़ाने का मुख्य कारण साबित हुआ।

## इसका आप पर असर
ब्याज दरों पर अनिश्चितता के कारण बाजार में आई यह गिरावट खुदरा निवेशकों के पोर्टफोलियो और अल्पकालिक ट्रेडिंग रणनीतियों को सीधे प्रभावित करती है।

- **इक्विटी निवेशकों के लिए:** सूचकांकों में गिरावट से म्यूचुअल फंड और सीधे शेयरों के दैनिक मूल्यांकन में कमी आएगी। अस्थिरता समाप्त होने तक नई एकमुश्त खरीदारी के बजाय चरणबद्ध निवेश करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
- **ऋण और जमाकर्ताओं के लिए:** रेपो रेट पर आने वाले फैसले पर ही बैंक लोन की ईएमआई और फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरें निर्भर करेंगी। आगामी घोषणा के बाद ही कर्ज की लागत में बदलाव की स्थिति स्पष्ट होगी।
- **ऑटो और कंज्यूमर खरीदारों के लिए:** इन सेक्टरों के शेयरों में भारी गिरावट आगामी त्योहारी मांग और मार्जिन को लेकर अनिश्चितता को दर्शाती है। यदि दरों में नरमी आती है तो भविष्य में फाइनेंसिंग स्कीमें सस्ती हो सकती हैं।
- **डे-ट्रेडर्स के लिए:** व्यापक बाजार में 1,379 शेयरों के गिरने से स्टॉप-लॉस हिट होने का जोखिम बढ़ गया है। नीतिगत बयान सामने आने तक भारी लिवरेज वाले सौदों से बचना चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
केंद्रीय बैंक के आगामी ब्याज दर रुख को लेकर बनी अनिश्चितता और सुस्त विदेशी संकेतों ने घरेलू निवेशकों को जोखिम कम करने पर मजबूर किया।

- **मौद्रिक नीति को लेकर सतर्कता:** रिजर्व बैंक की समिति द्वारा रेपो रेट पर निर्णय घोषित करने से पहले संस्थागत प्रतिभागियों ने नए निवेश से परहेज किया। ब्याज दरों के भविष्य के रुख को लेकर स्पष्टता का अभाव बिकवाली का मुख्य कारण बना।
- **कमजोर विदेशी संकेत:** अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में व्याप्त सुस्ती ने भारतीय एक्सचेंजों के शुरुआती रुख को नकारात्मक बनाया। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच विदेशी फंडों की गतिविधियां भी रक्षात्मक बनी रहीं।
- **कच्चे तेल में हलचल:** वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमतों के मिजाज ने घरेलू अर्थव्यवस्था और कंपनियों के लागत मार्जिन को लेकर संशय बढ़ाया। इसने ऊर्जा और विनिर्माण आधारित शेयरों की धारणा को प्रभावित किया।

## सवाल-जवाब

### 1. बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी कितने अंकों की गिरावट के साथ खुले?
सेंसेक्स 449.50 अंक टूटकर 72,618.31 पर खुला, जबकि निफ्टी 161.40 अंक गिरकर 22,614.70 के स्तर पर आ गया।

### 2. शुरुआती सत्र में बाजार की गिरावट में सबसे ज्यादा नुकसान किस शेयर को हुआ?
टाइटन कंपनी का शेयर 3.39 प्रतिशत टूटकर शुरुआती कारोबार का सबसे बड़ा लूजर बना।

### 3. बाजार में बिकवाली के बावजूद किन शेयरों में तेजी देखने को मिली?
डॉ. रेड्डीज लैब्स 0.99%, सिप्ला 0.63%, भारती एयरटेल 0.61%, कोल इंडिया 0.29% और टेक महिंद्रा 0.06% बढ़त के साथ हरे निशान में रहे।

### 4. घरेलू शेयर बाजार में अचानक दबाव बढ़ने की मुख्य वजह क्या है?
आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति के ब्याज दरों पर आने वाले फैसले से पहले सतर्कता, वैश्विक सुस्ती और कच्चे तेल की कीमतों का रुख मुख्य कारण रहा।

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