दलाल स्ट्रीट पर सुस्ती: निफ्टी 22,600 के नीचे फिसला, आईटी कंपनियों ने संभाला मोर्चा जबकि पेटीएम में भारी दबाव कमजोर वैश्विक संकेतों और केंद्रीय बैंक के सख्त कदमों के चलते घरेलू सूचकांकों में गिरावट देखी गई, जहां टीसीएस के नेतृत्व में आईटी सेक्टर चढ़ा लेकिन पेटीएम में तेज बिकवाली आई। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क गुरुवार, 8 अक्टूबर के शुरुआती कारोबार में भारी दबाव में आ गए। विदेशी बाजारों से मिले मंदे संकेतों और नीतिगत दरों में हालिया बढ़ोतरी की चिंताओं ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। सुबह के सत्र में प्रमुख सूचकांक लाल निशान में चले गए, जिसके चलते निफ्टी अपने 22,600 के अहम दायरे से नीचे उतर गया। व्यापक बाजार में बिकवाली का पलड़ा भारी रहा, यद्यपि सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों में लौटी मजबूत खरीदारी ने सूचकांकों को और नीचे गिरने से बचाने का प्रयास किया। शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांकों की स्थिति व्यापार की शुरुआत होते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 177.83 अंक लुढ़ककर 72,460.87 के स्तर पर आ गया। ठीक इसी समय नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 62.25 अंक गिरकर 22,540.80 पर कारोबार करता देखा गया। बाजार की समग्र तस्वीर देखें तो गिरने वाले शेयरों की तादाद चढ़ने वालों के मुकाबले अधिक रही। कुल 1,563 कंपनियों के शेयर नुकसान के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि 1,075 शेयरों में तेजी देखने को मिली और करीब 145 शेयर अपने पिछले बंद स्तर पर ही टिके रहे। सेक्टरों का मिला-जुला रुझान: आईटी चमका, बाकी क्षेत्रों में सुस्ती गुरुवार के सत्र में विभिन्न औद्योगिक सेक्टरों का प्रदर्शन काफी बंटा हुआ दिखाई दिया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.55% की छलांग लगाकर गिरावट को थामने की कोशिश कर रहा था। इसके विपरीत, रियल एस्टेट और धातु कंपनियों पर तगड़ा प्रहार हुआ। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 1.51% की तेज गिरावट दर्ज की गई। साथ ही, निफ्टी मेटल 1.16% टूट गया और दैनिक उपभोग की वस्तुओं से जुड़े निफ्टी एफएमसीजी में भी 0.89% की कमजोरी दर्ज की गई। चढ़ने और फिसलने वाले प्रमुख शेयर सत्र के दौरान सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों ने बाजार को उल्लेखनीय सहारा दिया। इस बढ़त की अगुवाई टीसीएस ने की, जिसके शेयर 2.57% चढ़ गए। इसके अलावा एचसीएल टेक में 2.00%, टेक महिंद्रा में 1.62% और इंफोसिस में 1.56% की बढ़त दर्ज की गई। चुनिंदा खुदरा और फार्मा शेयरों जैसे ट्रेंट, सिप्ला और सन फार्मा में भी निवेशकों का रुझान सकारात्मक रहा। दूसरी ओर, बिकवाली के चलते कई दिग्गज शेयरों में गिरावट हावी रही। एसबीआई लाइफ के शेयर सर्वाधिक 2.14% तक टूट गए। इसके साथ ही आईटीसी में 2.05%, अडानी एंटरप्राइजेज में 1.84%, बजाज फाइनेंस में 1.30%, मैक्स हेल्थकेयर में 1.24% तथा इंडिगो में 1.04% की उल्लेखनीय गिरावट देखी गई। नियामकीय आदेश के बाद पेटीएम के शेयरों पर तेज दबाव सत्र के दौरान फिनटेक कंपनी पेटीएम के शेयरों में आक्रामक स्तर पर बिकवाली देखने को मिली। इस तेज गिरावट का सीधा संबंध भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा उठाए गए बड़े कदम से जुड़ा है। केंद्रीय बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड का नाम भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची से हटा दिया है। नियामकीय दर्जे में आए इस बदलाव की जानकारी सामने आते ही निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई, जिसका तुरंत नकारात्मक असर कंपनी के शेयरों पर पड़ा। इसका आप पर असर घरेलू बाजार में आई सुस्ती और सेक्टरवार उतार-चढ़ाव आम निवेशकों के पोर्टफोलियो और पूंजी पर सीधा असर डालते हैं। • इक्विटी निवेशकों पर प्रभाव: व्यापक बाजार में 1,563 शेयरों के फिसलने से अल्पावधि ट्रेडर्स के पोर्टफोलियो में नकारात्मक असर पड़ सकता है। निवेशकों को अपने जोखिम प्रबंधन पर तुरंत ध्यान देना चाहिए और अस्थिरता को देखते हुए सतर्कता बरतनी चाहिए। • आईटी क्षेत्र में निवेश करने वालों को राहत: टीसीएस और इंफोसिस जैसे बड़े शेयरों में आई मजबूती से टेक फंड्स को सहारा मिला है। सॉफ्टवेयर आधारित म्यूचुअल फंड या स्टॉक्स रखने वाले रिटेल निवेशक इस तेजी का फायदा उठा सकते हैं। • पेटीएम के शेयरधारकों के लिए जोखिम: आरबीआई द्वारा पेमेंट्स बैंक को दूसरी अनुसूची से बाहर करने से फिनटेक शेयर पर दबाव और बढ़ सकता है। शेयरधारकों को नियामक फैसलों और कंपनी के कारोबारी पुनर्गठन के घटनाक्रमों पर पैनी नजर रखनी होगी। • ब्याज दर संवेदनशील क्षेत्रों पर दबाव: रियल्टी और मेटल सूचकांकों में 1% से 1.5% की गिरावट यह दर्शाती है कि लोन और ब्याज दरों के माहौल का असर इन शेयरों पर बना हुआ है। होम लोन से जुड़े रियल्टी स्टॉक्स में नया निवेश करने से पहले मौजूदा बाजार रुझान का अध्ययन करें। ऐसा क्यों हुआ घरेलू शेयर बाजार में यह गिरावट प्रतिकूल वैश्विक परिस्थितियों और केंद्रीय बैंक की मौद्रिक सख्ती के संयुक्त प्रभाव के कारण उत्पन्न हुई है। • मौद्रिक नीति का दबाव: भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो दर में की गई बढ़ोतरी से वित्तीय तरलता और कॉरपोरेट लागत को लेकर बाजार में सतर्कता बढ़ गई है। ऊंची उधारी दरों के कारण निवेशकों ने जोखिम भरी संपत्तियों से अपने हाथ खींचना शुरू किया है। • वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत: विदेशी बाजारों में छाई मंदी और आर्थिक अनिश्चितता के कारण घरेलू बाजार में शुरुआती सत्र से ही बिकवाली हावी रही। इसके चलते शुरुआती कारोबार में ही निफ्टी अहम स्तरों के नीचे चला गया। • पेटीएम पर नियामकीय निर्णय: डिजिटल भुगतान फर्म में आई गिरावट का मुख्य कारण आरबीआई द्वारा पेटीएम पेमेंट्स बैंक को आरबीआई अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची से बाहर किया जाना रहा। इस आधिकारिक कार्रवाई से उत्पन्न घबराहट ने फिनटेक स्टॉक पर सीधा दबाव बना दिया। सवाल-जवाब 1. 8 अक्टूबर के शुरुआती सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी किस स्तर पर कारोबार कर रहे थे? बीएसई सेंसेक्स 177.83 अंक की गिरावट के साथ 72,460.87 पर तथा एनएसई निफ्टी 62.25 अंक गिरकर 22,540.80 के स्तर पर था। 2. गुरुवार के सत्र में किस प्रमुख सेक्टर ने बाजार को सबसे ज्यादा सहारा दिया? निफ्टी आईटी इंडेक्स ने 1.55% की छलांग लगाई, जिसमें टीसीएस 2.57% और एचसीएल टेक 2.00% की बढ़त के साथ चमके। 3. किन सेक्टोरल सूचकांकों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई? निफ्टी रियल्टी 1.51% टूटा, जबकि निफ्टी मेटल में 1.16% और निफ्टी एफएमसीजी में 0.89% की कमजोरी देखी गई। 4. पेटीएम के शेयरों में तेज बिकवाली की मुख्य वजह क्या थी? भारतीय रिजर्व बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को आरबीआई अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची से बाहर कर दिया, जिससे शेयर दबाव में आ गया। 5. शुरुआती कारोबार में बाजार की चौड़ाई कैसी रही? बाजार में गिरावट का रुख रहा, जहां 1,563 शेयरों में गिरावट, 1,075 शेयरों में तेजी और 145 शेयरों में स्थिरता दर्ज की गई। https://trendkia.com/market/dalal-street-para-susti-nifty-22-600-ke-niche-phisala-it-knpaniyon-ne-snbhala-morcha-jabaki-paytm-men-bhari-dabava-44915 TrendKia — Har trend, sabse pehle.