दलाल स्ट्रीट पर लौटी रौनक, सॉफ्टवेयर कंपनियों में जोरदार खरीदारी से चमके प्रमुख सूचकांक सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों में मजबूत लिवाली के दम पर बेंचमार्क सूचकांकों ने जोरदार वापसी की। सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूती के साथ-साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा में भी 62 पैसे की बढ़त देखी गई। घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार की सुस्ती पीछे छूट गई और प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों में तेज रिकवरी देखने को मिली। टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में चौतरफा लिवाली के सहारे बाजार के दोनों मुख्य इंडेक्स मजबूत बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार करते दिखे। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 300 अंक अथवा 0.42 प्रतिशत चढ़कर 72,225.42 के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक निफ्टी भी 90 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की छलांग लगाकर 22,453.10 के आंकड़े पर पहुंच गया। मार्केट ब्रेथ में दिखा मिलाजुला रुझान सूचकांकों में आई इस तेजी के बीच व्यापक बाजार का रुझान थोड़ा मिलाजुला बना रहा। शुरुआती कारोबारी सत्र के दौरान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर कुल 1,147 कंपनियों के शेयरों में तेजी दर्ज की गई। इसके विपरीत 1,587 शेयरों में गिरावट का रुख रहा और वे लाल निशान में कारोबार करते पाए गए। वहीं दूसरी ओर 144 कंपनियों के शेयर भाव में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ और वे पूरी तरह स्थिर बने रहे। टेक्नोलॉजी शेयरों में उछाल, सेक्टोरल इंडेक्स 2 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा सत्र के दौरान बाजार की पूरी तेजी की कमान सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी क्षेत्र के पास रही। सेक्टोरल इंडेक्स निफ्टी आईटी में 2.01 प्रतिशत की जोरदार तेजी दर्ज की गई, जिससे यह सभी सेक्टोरल पैमानों में बढ़त के मामले में सबसे आगे निकल गया। इस तेजी में प्रमुख दिग्गजों का योगदान सबसे बड़ा रहा। एचसीएल टेक के शेयरों में 4.34 प्रतिशत और टीसीएस में 4.28 प्रतिशत का जबर्दस्त उछाल आया। टेक महिंद्रा के शेयर 2.60 प्रतिशत मजबूत हुए, जबकि इंफोसिस के शेयरों में 1.86 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। बैंकिंग और उपभोक्ता आधारित क्षेत्रों ने भी इस सकारात्मक माहौल को सहारा दिया। निफ्टी सर्विसेज 0.59 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 0.48 प्रतिशत और निफ्टी बैंक 0.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। इसके साथ ही निफ्टी एफएमसीजी में 0.22 प्रतिशत तथा निफ्टी रियल्टी में 0.20 प्रतिशत का सुधार देखने को मिला। हालांकि हर क्षेत्र में यह तेजी नहीं रही, क्योंकि निफ्टी एनर्जी में 0.68 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा में 0.62 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। शीर्ष बढ़त और गिरावट वाले शेयर निफ्टी के व्यक्तिगत शेयरों पर नजर डालें तो आईटी दिग्गजों के अलावा निजी बैंकों और विविधीकृत कंपनियों में भी निवेशकों का रुझान देखा गया। प्रमुख चढ़ने वाले शेयरों में एचसीएल टेक, टीसीएस, टेक महिंद्रा और इंफोसिस सबसे आगे रहे। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक 1.34 प्रतिशत और अडानी एंटरप्राइजेज 1.06 प्रतिशत की बढ़त बनाने में सफल रहे। टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और हिंडाल्को के शेयरों में भी मजबूती का रुख देखने को मिला। दूसरी तरफ कुछ चुनिंदा हैवीवेट शेयरों पर बिकवाली का दबाव बना रहा। हेल्थकेयर, पावर और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों से जुड़े शेयर नुकसान के साथ कारोबार करते दिखे। एनटीपीसी के शेयर 1.13 प्रतिशत और मैक्स हेल्थकेयर 1.10 प्रतिशत फिसल गए। पावर ग्रिड कॉर्प में 0.86 प्रतिशत की कमजोरी देखी गई, जबकि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) और आइशर मोटर्स भी गिरावट का सामना करने वाले शेयरों में शामिल रहे। विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये की शानदार छलांग शेयर बाजार की मजबूती के साथ-साथ मुद्रा बाजार से भी राहत भरी खबर आई। 13 अक्टूबर के दिन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा घरेलू मुद्रा पर दबाव घटाने के उद्देश्य से उठाए गए नए कदमों के बाद रुपया मजबूती के साथ खुला। दिन के कारोबार में रुपया 62 पैसे मजबूत होकर 95.16 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले सोमवार के कारोबारी सत्र में घरेलू मुद्रा 95.78 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुई थी। इसका आप पर असर घरेलू शेयर बाजार में आईटी शेयरों की अगुवाई में लौटी तेजी और रुपये की मजबूती से निवेशकों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ेगा। • म्यूचुअल फंड और खुदरा निवेशक: आईटी और लार्ज-कैप शेयरों में आई तेजी से इक्विटी पोर्टफोलियो और एसआईपी रिटर्न में फौरी सुधार देखने को मिलेगा। जिन निवेशकों ने टेक्नोलॉजी फंड्स या प्रमुख सूचकांकों में पैसा लगाया है, उनकी नेट एसेट वैल्यू में इजाफा होगा। • विदेशी यात्रा और शिक्षा: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के 62 पैसे मजबूत होकर 95.16 पर आने से विदेश में पढ़ाई और यात्रा का खर्च थोड़ा नियंत्रित होगा। डॉलर सस्ता होने से अंतरराष्ट्रीय लेनदेन और फीस भुगतान पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ कम होगा। • आयात लागत और पेट्रोल-डीजल: डॉलर के कमजोर होने से कच्चे तेल और इलेक्ट्रॉनिक्स के आयात पर लगने वाली विदेशी मुद्रा लागत घटती है। इससे घरेलू बाजार में लंबे समय में महंगाई के दबाव को हल्का करने में मदद मिल सकती है। • ट्रेडर्स और शॉर्ट-टर्म निवेशक: बाजार की चौड़ाई मिलीजुली रहने से चुनिंदा शेयरों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। जहां आईटी और बैंकिंग में खरीदारी दिख रही है, वहीं एनर्जी और फार्मा सेक्टर्स में बिकवाली को देखते हुए स्टॉप-लॉस का ध्यान रखना जरूरी है। ऐसा क्यों हुआ सेंसेक्स और निफ्टी में आई यह उछाल प्रमुख घरेलू और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय कारकों के समन्वय का परिणाम है। सॉफ्टवेयर निर्यातकों में नई लिवाली और केंद्रीय बैंक के नीतिगत फैसलों ने बाजार को समर्थन दिया। • आईटी सेक्टर में ताजा खरीदारी: अमेरिकी और वैश्विक बाजारों से मिले तकनीकी संकेतों के बीच दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियों में मूल्य-आधारित लिवाली देखी गई। टीसीएस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा में आई दो से चार प्रतिशत की तेजी ने सीधे तौर पर सूचकांकों को ऊपर खींचा। • आरबीआई के सुधारात्मक कदम: भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रुपये पर दबाव कम करने के लिए नए नीतिगत कदम उठाए गए। इन हस्तक्षेपों ने मुद्रा बाजार में स्थिरता लौटाई और विदेशी संस्थागत निवेशकों के विश्वास को मजबूत किया। • बैंकिंग और उपभोक्ता शेयरों का साथ: केवल आईटी ही नहीं, बल्कि एचडीएफसी बैंक, पीएसयू बैंकों और ऑटो-कंज्यूमर दिग्गजों में आई स्थिरता ने भी गिरावट के दबाव को रोकने में अहम भूमिका निभाई। सवाल-जवाब 1. सत्र के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी कितने अंकों की बढ़त पर कारोबार कर रहे थे? सत्र के दौरान बीएसई सेंसेक्स 300 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72,225.42 पर और निफ्टी 90 अंक यानी 0.40 प्रतिशत चढ़कर 22,453.10 पर कारोबार कर रहा था। 2. किस सेक्टर में सबसे अधिक तेजी दर्ज की गई? सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा 2.01 प्रतिशत की तेजी आई, जिसमें एचसीएल टेक और टीसीएस के शेयर 4 प्रतिशत से अधिक चढ़े। 3. मार्केट ब्रेथ के आंकड़े क्या दर्शा रहे थे? शुरुआती कारोबार में 1,147 शेयरों में तेजी रही, जबकि 1,587 शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार कर रहे थे और 144 शेयर अपरिवर्तित रहे। 4. निफ्टी के प्रमुख गिरने वाले शेयर कौन से रहे? एनटीपीसी (-1.13%), मैक्स हेल्थकेयर (-1.10%) और पावर ग्रिड कॉर्प (-0.86%) प्रमुख गिरने वाले शेयरों में रहे, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा और आइशर मोटर्स पर भी दबाव दिखा। 5. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में कितना सुधार हुआ? आरबीआई के कदमों के बाद रुपया 62 पैसे मजबूत होकर 95.16 प्रति डॉलर पर पहुंच गया, जबकि सोमवार को यह 95.78 पर बंद हुआ था। https://trendkia.com/market/dalala-strita-para-lauti-raunaka-sophtaveyara-knpaniyon-men-joradara-kharidari-se-chamake-pramukha-suchakanka-47903 TrendKia — Har trend, sabse pehle.