दलाल स्ट्रीट पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का ऐतिहासिक पदार्पण, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में 1800 रुपये पर हुई लिस्टिंग देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर 0.84 प्रतिशत प्रीमियम के साथ कारोबार शुरू किया है। इस 22,569 करोड़ रुपये के सार्वजनिक निर्गम के बाद कंपनी का मूल्यांकन 4,45,500 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। घरेलू पूंजी बाजार के इतिहास में 24 सितंबर को एक नया अध्याय जुड़ गया, जब देश के सबसे प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने अपने प्रतिस्पर्धी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर औपचारिक शुरुआत की। वित्तीय हलकों में इस बहुप्रतीक्षित मेगा पब्लिक इश्यू के आने का इंतजार काफी लंबे समय से किया जा रहा था। कारोबार के पहले दिन एनएसई के शेयरों ने अपने निर्गम मूल्य के मुकाबले लगभग 1 फीसदी की बढ़त के साथ बाजार में पहला कदम रखा। मूल्य दायरा और लिस्टिंग के प्रमुख आंकड़े ट्रेडिंग की शुरुआत में बीएसई के मंच पर एनएसई का शेयर 1,800 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर खुला। यह भाव निर्गम के ऊपरी मूल्य दायरे 1,785 रुपये की तुलना में 0.84 प्रतिशत यानी करीब 1 फीसदी अधिक है। प्रबंधन ने इस सार्वजनिक पेशकश के लिए 1,700 रुपये से लेकर 1,785 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड निर्धारित किया था। शुरुआती कारोबार में लिस्टिंग भले ही बहुत आक्रामक न रही हो, लेकिन शेयरों में निवेशकों का रुझान साफ नजर आया। इस सफल शुरुआत के साथ ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का कुल बाजार पूंजीकरण 4,45,500 करोड़ रुपये के स्तर को छू गया। भारतीय पूंजी बाजार का दूसरा सबसे बड़ा निर्गम आकार के पैमाने पर देखें तो 22,569 करोड़ रुपये का यह आईपीओ भारतीय प्रतिभूति बाजार का अब तक का दूसरा सबसे बड़ा निर्गम बन चुका है। बोली प्रक्रिया के समापन तक बड़े संस्थागत प्रतिभागियों की जबरदस्त दिलचस्पी की बदौलत इसे कुल 5.71 गुना अभिदान हासिल हुआ था। देश के तीन सबसे विशाल सार्वजनिक निर्गमों के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो क्रम इस प्रकार है • हुंडई मोटर इंडिया: साल 2024 में पेश किया गया 27,870 करोड़ रुपये का देश का सबसे बड़ा निर्गम। • नेशनल स्टॉक एक्सचेंज: 22,569 करोड़ रुपये के साथ दूसरे पायदान पर काबिज मेगा निर्गम। • एलआईसी: साल 2022 में बाजार में आया 21,000 करोड़ रुपये का जीवन बीमा निगम का पब्लिक इश्यू। इस बड़े निर्गम के जरिए एक्सचेंज ने पूर्व में आए जीवन बीमा निगम के 21,000 करोड़ रुपये वाले विशाल पब्लिक ऑफर के आंकड़े को भी पार कर लिया है। बाजार सहभागियों और निवेशकों के लिए मायने प्रतिद्वंद्वी एक्सचेंज पर एनएसई की लिस्टिंग को घरेलू वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र की बढ़ती परिपक्वता के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि लिस्टिंग का दिन किसी बड़े भारी भरकम उछाल का गवाह नहीं बना, लेकिन संस्थागत खरीदारों का भरोसा और मजबूत बुनियादी वित्तीय ढांचा लंबी अवधि के शेयरधारकों को स्थिरता प्रदान करने में सहायक साबित हो सकता है। इसका आप पर असर एनएसई के शेयर का बाजार में पदार्पण खुदरा निवेशकों और पूंजी बाजार के प्रतिभागियों के पोर्टफोलियो पर सीधा असर डालता है। • शेयरधारकों के लिए: जिन आवंटियों को 1,785 रुपये के भाव पर शेयर मिले थे, उन्हें पहले दिन 1,800 रुपये के भाव पर 15 रुपये प्रति शेयर का मामूली मुनाफा मिला। निवेशक अपने वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार इसमें मुनाफावसूली या लंबी अवधि के लिए बने रहने का फैसला कर सकते हैं। • बाजार सहभागियों के लिए: देश के सबसे बड़े एक्सचेंज के सूचीबद्ध होने से कॉर्पोरेट प्रशासन और वित्तीय खुलासों में पारदर्शिता बढ़ेगी। आम निवेशक अब एक्सचेंज के कारोबार और उसकी फीस आय में सीधे हिस्सेदार बन सकते हैं। • आईपीओ बाजार पर असर: 22,569 करोड़ रुपये का बड़ा निर्गम सफलतापूर्वक पूरा होने से प्राथमिक बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा। आने वाली अन्य बड़ी कंपनियों के लिए पूंजी जुटाने की राह और आसान होगी। • संस्थागत आवंटन: इश्यू को 5.71 गुना अभिदान मिलने से यह साफ है कि बड़े फंड हाउस एक्सचेंज के कारोबार पर भरोसा जता रहे हैं। इससे शेयर में अत्यधिक उतार-चढ़ाव की संभावना सीमित रहने की उम्मीद है। ऐसा क्यों हुआ एनएसई की लिस्टिंग लंबे समय से लंबित विनियामक और ढांचागत कदमों के पूरा होने के बाद संभव हुई है। भारत के सबसे बड़े एक्सचेंज ने पूंजी बाजार की बढ़ती मांग और संस्थागत भागीदारी को भुनाने के लिए यह कदम उठाया। • सार्वजनिक पेशकश की जरूरत: मौजूदा शेयरधारकों को तरलता प्रदान करने और विनियामक ढांचे के अनुरूप लिस्टिंग अनिवार्यता पूरी करने के लिए यह निर्गम लाया गया। इसके जरिए एक्सचेंज ने देश के दूसरे सबसे बड़े आईपीओ का आकार हासिल किया। • संस्थागत मांग का आधार: भारतीय अर्थव्यवस्था और पूंजी बाजार में खुदरा सहभागिता बढ़ने से एक्सचेंज की कमाई में लगातार मजबूती देखी गई। इसी ठोस वित्तीय आधार के कारण क्यूआईबी और अन्य बड़े फंड्स ने इस इश्यू को 5.71 गुना तक सब्सक्राइब किया। • क्रॉस-लिस्टिंग का नियम: विनियामक मानकों के तहत कोई भी एक्सचेंज खुद के मंच पर सूचीबद्ध नहीं हो सकता। इसी व्यवस्था के चलते नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के शेयरों की लिस्टिंग प्रतिद्वंद्वी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर संपन्न हुई। सवाल-जवाब 1. एनएसई का शेयर बीएसई पर किस भाव पर लिस्ट हुआ? एनएसई का शेयर बीएसई पर 1,800 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुआ। 2. एनएसई के आईपीओ का प्राइस बैंड क्या था? कंपनी ने इस आईपीओ के लिए 1,700 रुपये से 1,785 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया था। 3. इस आईपीओ का कुल आकार कितना था? इस आईपीओ का कुल निर्गम आकार 22,569 करोड़ रुपये था। 4. लिस्टिंग के बाद एनएसई का कुल मार्केट कैप कितना पहुंचा? लिस्टिंग के साथ ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का कुल बाजार पूंजीकरण 4,45,500 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। 5. बोली के दौरान इस आईपीओ को कितना सब्सक्रिप्शन मिला था? संस्थागत और अन्य निवेशकों की मांग के चलते यह इश्यू कुल 5.71 गुना सब्सक्राइब हुआ था। 6. भारत का सबसे बड़ा आईपीओ कौन सा रहा है? साल 2024 में आया हुंडई मोटर इंडिया का 27,870 करोड़ रुपये का निर्गम भारत का सबसे बड़ा आईपीओ है। https://trendkia.com/market/dalala-strita-para-national-stock-exchange-ka-aitihasika-padarpana-bombay-stock-exchange-men-1800-rupaye-para-hui-listinga-37607 TrendKia — Har trend, sabse pehle.