दशहरा पर शेयर बाजार में छुट्टी की तारीख साफ, 20 अक्टूबर को बंद रहेंगे बीएसई और एनएसई दशहरे के त्योहार पर भारतीय शेयर बाजारों में अवकाश की तारीख को लेकर स्थिति साफ हो गई है। बीएसई और एनएसई में 20 अक्टूबर को कारोबार बंद रहेगा, जबकि एमसीएक्स पर शाम के सत्र में ट्रेडिंग होगी। शारदीय नवरात्रि के संपन्न होने के बाद मनाए जाने वाले विजयादशमी यानी दशहरा पर्व के चलते भारतीय वित्तीय बाजारों में इस सप्ताह चार दिन ही कामकाज होगा। 19 अक्टूबर से 23 अक्टूबर के बीच चलने वाले इस कारोबारी हफ्ते में अवकाश की सटीक तारीख को लेकर बाजार सहभागियों और खुदरा निवेशकों के बीच काफी असमंजस देखा जा रहा था। विभिन्न राज्यों में तिथियों के फेर के कारण दशहरा 20 अक्टूबर और 21 अक्टूबर दोनों दिन मनाया जा रहा है, जिसकी वजह से निवेशकों में यह सवाल था कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई वास्तव में किस दिन बंद रहेंगे। आधिकारिक अवकाश कैलेंडर के मुताबिक, इस भ्रम को दूर करते हुए स्पष्ट कर दिया गया है कि प्रमुख शेयर एक्सचेंजों पर मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को ट्रेडिंग पूरी तरह स्थगित रहेगी। 20 अक्टूबर को किन-किन वित्तीय सेगमेंट में नहीं होगा कामकाज एक्सचेंजों द्वारा जारी आधिकारिक अवकाश सूची के अनुसार, मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को दशहरा के उपलक्ष्य में घरेलू पूंजी बाजार के तमाम अहम खंड बंद रहेंगे। इनमें इक्विटी कैश मार्केट, डेरिवेटिव्स, सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग यानी एसएलबी सेगमेंट, करेंसी डेरिवेटिव्स यानी फॉरेक्स, बॉन्ड मार्केट और कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट शामिल हैं। इस पूरे दिन एक्सचेंजों के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर किसी भी तरह के नियमित सौदे दर्ज नहीं किए जा सकेंगे। इसके बाद बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को अपने सामान्य निर्धारित समय पर बाजार में दोबारा कामकाज शुरू हो जाएगा। एमसीएक्स पर केवल सुबह के सत्र में रहेगा अवकाश मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर दशहरा के दिन कारोबार पूरी तरह ठप नहीं रहेगा। सामान्य दिनों में एमसीएक्स पर सोमवार से शुक्रवार के दौरान दो अलग-अलग सत्रों में ट्रेडिंग संचालित होती है। पहला यानी सुबह का सत्र प्रातः 9:00 बजे से लेकर शाम 5:00 बजे तक चलता है, जबकि दूसरा यानी शाम का सत्र शाम 5:00 बजे से रात 11:30 बजे या 11:55 बजे तक सक्रिय रहता है। इस व्यवस्था के तहत सोना, चांदी, कच्चा तेल, तांबा, जस्ता और सीसा जैसी कमोडिटीज में सौदे होते हैं। 20 अक्टूबर को दशहरा के पावन अवसर पर एमसीएक्स का पहला सत्र सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक बंद रहेगा। हालांकि, शाम 5:00 बजे से शुरू होने वाले दूसरे सत्र में बाजार नियमित रूप से खुल जाएगा और रात तक सामान्य रूप से ट्रेडिंग होगी। विजयादशमी पर्व का सांस्कृतिक महत्व हिंदू धर्म परंपरा में दशहरा का पर्व शारद नवरात्रि की नौ रातों की समाप्ति का प्रतीक है। संस्कृत भाषा में 'शारद' का अभिप्राय शरद ऋतु से है और 'नवरात्रि' का अर्थ नौ रातों से जुड़ा है। यह उत्सव बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। संस्कृत महाकाव्य रामायण के वृत्तांत के अनुसार, यह दिन भगवान राम द्वारा लंका के दस सिरों वाले राक्षस राजा रावण के वध और देवी सीता को मुक्त कराने की स्मृति में मनाया जाता है। दशहरा शब्द की व्युत्पत्ति भी संस्कृत शब्दों 'दश' यानी दस और 'हर' यानी पराजय से मानी जाती है। भारत समेत पूरे दक्षिण एशिया और दुनिया भर में फैले हिंदू समुदाय द्वारा यह पर्व बेहद श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। पिछले कारोबारी सप्ताह में बाजार का शानदार प्रदर्शन अवकाश वाले इस नए हफ्ते में कदम रखने से पहले घरेलू शेयर बाजार में जोरदार तेजी दर्ज की गई थी। 16 अक्टूबर को समाप्त हुए कारोबारी सत्र में 30 शेयरों वाला प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 413.66 अंक अथवा 0.6 प्रतिशत की मजबूती के साथ 74,729.27 के स्तर पर बंद हुआ था। उसी दिन नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 148.80 अंक यानी 0.65 प्रतिशत की बढ़त बनाकर 23,146.15 के स्तर पर पहुंचा था। यदि 12 अक्टूबर से 16 अक्टूबर के पूरे कारोबारी सप्ताह का आकलन करें, तो सेंसेक्स में 2,387.26 अंक यानी 3.30 प्रतिशत का जबरदस्त उछाल आया था, जबकि निफ्टी 50 ने इस दौरान 562.80 अंक अथवा 2.5 प्रतिशत की शानदार छलांग लगाई थी। कच्चा तेल और वैश्विक बॉन्ड यील्ड के बीच सतर्कता बरतने की सलाह बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस छोटे कारोबारी हफ्ते में निवेशकों को सतर्क रुख अपनाना पड़ सकता है। रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च अजीत मिश्रा का कहना है कि कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और वैश्विक बॉन्ड यील्ड्स निकट भविष्य में बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यदि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी रहती है, तो इससे मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ सकता है, जिससे भारतीय रुपये और कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसके विपरीत, यदि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ताओं में सकारात्मक प्रगति होती है और ऊर्जा की कीमतें नरम पड़ती हैं, तो इससे घरेलू बाजार को जरूरी राहत मिल सकती है। अजीत मिश्रा ने ट्रेडर्स को सलाह दी है कि उन्हें अपनी पोजीशन मुख्य रूप से प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स के रुझान के अनुरूप ही रखनी चाहिए। इसके साथ ही बाजार में गिरावट आने पर चुनिंदा सेक्टर्स, विशेषकर फार्मास्युटिकल और हेल्थकेयर में खरीदारी के अच्छे मौके मिल सकते हैं। ट्रेडर्स के लिए अनुशासन के साथ पोजीशन का साइज तय करना और अपने जोखिम प्रबंधन यानी स्टॉप लॉस स्तरों को सख्ती से लागू रखना बेहद जरूरी होगा। निफ्टी 50 और सेंसेक्स के प्रमुख तकनीकी स्तर एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने दोनों प्रमुख सूचकांकों के लिए अहम तकनीकी स्तर रेखांकित किए हैं। उनके विश्लेषण के अनुसार, हालिया गिरावट के बाद शॉर्ट टर्म मोमेंटम में सुधार हुआ है और निफ्टी 50 ने अपने मनोवैज्ञानिक रूप से अहम 23,000 के स्तर को दोबारा हासिल करते हुए रिकवरी को आगे बढ़ाया है। हालांकि, इंडेक्स अब एक कड़े रेजिस्टेंस जोन के करीब पहुंच रहा है, जहां बढ़त को आगे जारी रखने के लिए लगातार लिवाली का आना आवश्यक होगा। निफ्टी के लिए 23,150 पर तात्कालिक रुकावट देखी जा रही है। यदि सूचकांक व्यापक बाजार की भागीदारी के साथ इस स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहता है, तो इसके 23,300 से 23,400 और उससे भी ऊंचे स्तरों तक जाने के रास्ते खुल सकते हैं। निचले स्तरों पर निफ्टी के लिए 22,900 का स्तर तात्कालिक सपोर्ट का काम करेगा, जिसके बाद दूसरा बड़ा सहारा 22,800 पर स्थित है। यदि निफ्टी 22,800 के नीचे फिसलता है, तो यह मौजूदा रिकवरी को कमजोर कर सकता है और इंडेक्स 22,600 के स्तर तक गिर सकता है। निकट अवधि में दृष्टिकोण सुधरा है, लेकिन किसी निर्णायक तेजी के लिए रेजिस्टेंस स्तरों के पार निकलना जरूरी रहेगा। वहीं सेंसेक्स ने भी पिछले हफ्ते लगभग 3.1 प्रतिशत की बढ़त के साथ अपनी रिकवरी का दायरा बढ़ाया है। अब यह सूचकांक मनोवैज्ञानिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण 75,000 के स्तर के पास पहुंच रहा है, जो तत्काल रुकावट का काम कर सकता है। इस स्तर के ऊपर टिकने पर सेंसेक्स 75,300 से 75,500 की दिशा में बढ़ सकता है। नीचे की ओर सेंसेक्स के लिए 74,300 से 74,000 का दायरा पहला सपोर्ट जोन है, जिसके बाद 73,500 से 73,300 का दूसरा सपोर्ट क्षेत्र मौजूद है। 73,300 के नीचे फिसलने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। बाजार में टिकाऊ अपट्रेंड स्थापित करने के लिए सेंसेक्स का 74,000 से ऊपर बने रहना और 75,000 के पार जाना बेहद आवश्यक है। इसका आप पर असर इस सप्ताह शेयर बाजार में केवल चार दिन कारोबार होने और 20 अक्टूबर को अवकाश रहने से खुदरा निवेशकों, कमोडिटी ट्रेडर्स और वित्तीय योजनाकारों पर सीधा असर पड़ेगा। • इक्विटी निवेशकों पर प्रभाव: 20 अक्टूबर को इक्विटी और डेरिवेटिव्स बाजार पूरी तरह बंद रहने के कारण निवेशक कोई नया सौदा नहीं कर पाएंगे। अपनी पोजीशन होल्ड करने वाले ट्रेडर्स को 21 अक्टूबर को बाजार खुलने तक वैश्विक संकेतों का इंतजार करना होगा। • कमोडिटी ट्रेडर्स के लिए समय सारणी: एमसीएक्स पर सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक ट्रेडिंग बंद रहेगी लेकिन शाम 5:00 बजे से बाजार खुल जाएगा। सोने, चांदी और कच्चे तेल में सक्रिय ट्रेडर्स को शाम के सत्र में अमेरिकी बाजारों के खुलने पर तेजी से फैसले लेने होंगे। • फंड सेटलमेंट और पे-आउट: एक्सचेंजों में अवकाश के कारण शेयरों की डिलीवरी और फंड सेटलमेंट चक्र में एक अतिरिक्त दिन का समय लग सकता है। जिन निवेशकों ने 19 अक्टूबर को शेयर बेचे होंगे, उनके बैंक खातों में पे-आउट प्रक्रिया 21 अक्टूबर के बाद ही पूरी होगी। • ट्रेडिंग रणनीति और रिस्क मैनेजमेंट: छोटे कारोबारी हफ्ते में बाजार के उतार-चढ़ाव और क्रूड ऑयल की कीमतों का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। ट्रेडर्स को अपनी पोजीशन सीमित रखने और सख्त स्टॉप लॉस नियमों का पालन करने की आवश्यकता होगी। ऐसा क्यों हुआ यह स्थिति तब पैदा हुई जब विभिन्न भारतीय राज्यों में पंचांग गणनाओं के आधार पर दशहरा 20 अक्टूबर और 21 अक्टूबर के बीच विभाजित हो गया, जिससे बाजार अवकाश को लेकर अनिश्चितता बनी। हालांकि एक्सचेंजों के पूर्व-निर्धारित वार्षिक कैलेंडर ने 20 अक्टूबर को आधिकारिक अवकाश के रूप में निर्धारित किया है। • तिथियों की भिन्नता: देश के अलग-अलग क्षेत्रों में नवमी और विजयादशमी की तिथियों का समय अलग-अलग पड़ने से 20 और 21 अक्टूबर को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई थी। एक्सचेंजों ने स्पष्ट किया कि नवरात्रि के 9वें दिन यानी 19 अक्टूबर के ठीक अगले दिन 20 अक्टूबर को ही आधिकारिक अवकाश रहेगा। • एक्सचेंजों का वार्षिक कैलेंडर: प्रमुख घरेलू एक्सचेंजों बीएसई और एनएसई ने वर्ष की शुरुआत में ही दशहरा के उपलक्ष्य में 20 अक्टूबर 2026 की तारीख को अवकाश सूची में अधिसूचित कर दिया था। इस पूर्व-निर्धारित नियम के तहत इक्विटी, करेंसी, बॉन्ड और संबंधित वित्तीय सेगमेंट में मंगलवार को कामकाज स्थगित रखा गया है। • कमोडिटी मार्केट की वैश्विक निर्भरता: अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजारों के साथ सामंजस्य बनाए रखने के लिए एमसीएक्स पूरे दिन के बजाय आंशिक अवकाश रखता है। शाम 5:00 बजे के बाद अमेरिकी और यूरोपीय कमोडिटी मार्केट्स सक्रिय रहते हैं, इसलिए भारतीय निवेशकों को जोखिम से बचाने के लिए शाम का सत्र खुला रखा जाता है। सवाल-जवाब 1. दशहरा के मौके पर बीएसई और एनएसई किस दिन बंद रहेंगे? घरेलू शेयर बाजार बीएसई और एनएसई मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को दशहरा के उपलक्ष्य में पूरी तरह बंद रहेंगे। 2. शेयर बाजार में सामान्य कारोबार कब दोबारा शुरू होगा? शेयर बाजार में बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को सामान्य समय पर दोबारा कामकाज शुरू हो जाएगा। 3. क्या 20 अक्टूबर को एमसीएक्स पर भी पूरे दिन छुट्टी रहेगी? नहीं, एमसीएक्स पर केवल सुबह का सत्र 9:00 बजे से 5:00 बजे तक बंद रहेगा, जबकि शाम 5:00 बजे से ट्रेडिंग दोबारा शुरू हो जाएगी। 4. पिछले कारोबारी सप्ताह में सेंसेक्स और निफ्टी 50 का प्रदर्शन कैसा रहा था? पिछले हफ्ते 12 से 16 अक्टूबर के बीच सेंसेक्स 2,387.26 अंक (3.30%) और निफ्टी 50 कुल 562.80 अंक (2.5%) चढ़कर बंद हुए थे। 5. निफ्टी 50 के लिए इस सप्ताह कौन से प्रमुख रेजिस्टेंस और सपोर्ट स्तर हैं? निफ्टी 50 के लिए ऊपर की ओर 23,150 पर तात्कालिक रेजिस्टेंस है, जबकि नीचे की ओर 22,900 और 22,800 मजबूत सपोर्ट स्तर हैं। 6. सेंसेक्स के लिए तकनीकी चार्ट पर कौन सी बाधाएं सामने हैं? सेंसेक्स के लिए 75,000 का स्तर तात्कालिक बाधा है, जबकि नीचे की ओर 74,300-74,000 का दायरा प्रमुख सपोर्ट क्षेत्र बना हुआ है। https://trendkia.com/market/dashahara-para-sheyara-bajara-men-chhutti-ki-tarikha-sapha-20-aktubara-ko-bnda-rahenge-bse-aura-nse-49303 TrendKia — Har trend, sabse pehle.