# दवा और धातु शेयरों में बिकवाली से फिसला बाजार, बैंक स्टॉक्स ने थामी सेंसेक्स की गिरावट

> सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन 30 सितंबर को शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा, जहां फार्मा और मेटल शेयरों पर भारी दबाव के चलते सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में बंद हुए।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/dava-aura-dhatu-sheyaron-men-bikavali-se-phisala-bajara-bank-stoksa-ne-thami-sensex-ki-giravata-41390 · **Language:** Hindi
**Tags:** शेयर बाजार, सेंसेक्स, निफ्टी, स्टॉक मार्केट क्लोजिंग, बैंकिंग शेयर, फार्मा शेयर

घरेलू शेयर बाजार में 30 सितंबर को हफ्ते के तीसरे कारोबारी सत्र के दौरान भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। दिन की शुरुआत में बाजार ने हल्की मजबूती दिखाते हुए वापसी करने की कोशिश की, लेकिन यह शुरुआती सहारा लंबे समय तक नहीं टिक सका। जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, बिकवाली का दबाव दोबारा हावी हो गया। विशेष रूप से मेटल, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों में बिकवाली हावी रहने से प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी फिसलकर लाल निशान पर बंद हुए। हालांकि, निजी और सरकारी बैंकों के साथ रियल्टी शेयरों में हुई लिवाली ने बाजार को निचले स्तरों पर गिरने से रोका और भारी नुकसान से राहत दिलाई।

## सेंसेक्स और निफ्टी में कैसा रहा उतार-चढ़ाव
ट्रेडिंग सत्र की समाप्ति पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 48.78 अंक यानी 0.07% की मामूली गिरावट दर्ज करते हुए 72,480.29 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक निफ्टी 95.75 अंक यानी 0.42% की कमजोरी के साथ 22,620.45 के स्तर पर आ गया। बाजार का समग्र रुख मिला-जुला बना रहा। बीएसई पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2,051 शेयरों ने तेजी का रुख दिखाया, जबकि 2,135 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई और 187 शेयर बिना किसी बदलाव के सपाट स्तर पर बंद हुए। ब्रॉडर मार्केट की स्थिति देखें तो निफ्टी मिडकैप इंडेक्स लगभग स्थिर रहा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.2 प्रतिशत की हल्की बढ़त दर्ज करने में सफल रहा।

## फार्मा और मेटल सेक्टर टूटे, बैंकिंग शेयरों में उछाल
क्षेत्रीय सूचकांकों में फार्मा और मेटल सेक्टर का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। निफ्टी फार्मा इंडेक्स 1.43% की बड़ी कमजोरी के साथ 26,549.55 के स्तर पर आ गया, जबकि मेटल और फार्मा दोनों ही क्षेत्रों में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली। इसके विपरीत बैंकिंग और रियल एस्टेट सेक्टर ने बाजार को अच्छा सहारा दिया। निफ्टी रियल्टी में 1.28% का उछाल दर्ज किया गया, जबकि निफ्टी पीएसयू बैंक 0.87% और निफ्टी बैंक 0.82% मजबूत हुए। इन सभी इंडेक्स में 1 से 2 फीसदी के बीच मजबूती रही। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र का निफ्टी आईटी भी 0.15% की बढ़त के साथ हरे निशान में बंद होने में कामयाब रहा।

## किन शेयरों में आई तेजी और कहां हुई बिकवाली
कारोबार बंद होने पर निफ्टी के प्रमुख शेयरों में मिला-जुला रुख दिखाई दिया। कोटक महिंद्रा बैंक 2.71% की बढ़त हासिल कर सबसे आगे रहा। इसके साथ ही इंडिगो 2.30%, आईसीआईसीआई बैंक 2.28%, अल्ट्राटेक सीमेंट 1.17% और एक्सिस बैंक 1.15% मजबूत होकर बंद हुए, जबकि विप्रो और टेक महिंद्रा के शेयरों में भी तेजी देखी गई। दूसरी तरफ, अपोलो हॉस्पिटल्स में 5.70% की जोरदार गिरावट दर्ज की गई और यह दिन का सबसे बड़ा नुकसान उठाने वाला शेयर रहा। मैक्स हेल्थकेयर 5.33%, सन फार्मा 2.60%, सिप्ला 2.41%, एसबीआई लाइफ 2.22%, इंफोसिस 2.10% और ओएनजीसी 1.83% तक लुढ़क गए।

## इसका आप पर असर
शेयर बाजार में गिरावट और सेक्टरों के बीच विभाजन से खुदरा निवेशकों के पोर्टफोलियो पर मिला-जुला असर पड़ सकता है।

- **निवेशकों पर असर:** हेल्थकेयर और मेटल सेक्टर के फंड्स या शेयरों में लगे पैसों पर तात्कालिक गिरावट का असर दिखेगा। लंबी अवधि के निवेशक बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में स्थिरता से राहत महसूस कर सकते हैं।
- **ट्रेडिंग रणनीति:** बाजार में अस्थिरता बढ़ने के कारण स्टॉप-लॉस का सख्ती से पालन करना आवश्यक हो गया है। निकट अवधि में किसी भी उछाल पर बिकवाली के दबाव को ध्यान में रखकर ही पोजीशन बनानी चाहिए।
- **सेक्टर आवंटन:** फार्मा और मेटल सेक्टर में कमजोरी जारी रहने के संकेत मिले हैं। निवेशक रक्षात्मक रुख अपनाते हुए मजबूत वित्तीय स्थिति वाले निजी और पीएसयू बैंकों में अवसर तलाश सकते हैं।
- **ब्रॉडर मार्केट में स्थिति:** मिडकैप और स्मॉलकैप में बड़ी गिरावट नहीं आने से छोटे शेयरों में स्थिरता बनी हुई है। चुनिंदा स्मॉलकैप कंपनियों में सामान्य स्तर का कारोबार जारी रखा जा सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव मुख्य रूप से फार्मा और मेटल सेक्टरों में तेज गिरावट के कारण बना, जिसने सुबह की बढ़त को खत्म कर दिया।

- **फार्मा और मेटल में बिकवाली:** हेल्थकेयर, फार्मा और मेटल शेयरों में 1 प्रतिशत से अधिक की तेज बिकवाली दर्ज की गई। अपोलो हॉस्पिटल्स और मैक्स हेल्थकेयर जैसी कंपनियों में 5 प्रतिशत से ज्यादा की टूट ने निफ्टी पर गहरा असर डाला।
- **शुरुआती बढ़त का टूटना:** सुबह के सत्र में देखा गया हल्का सुधार टिकाऊ साबित नहीं हुआ। ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली होने से बिकवाली का दबाव दोबारा हावी हो गया।
- **बैंकिंग सेक्टर से सहारा:** निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में हुई खरीदारी ने बाजार को बहुत बड़ी गिरावट से बचाया। कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक में 1 से 2.7 प्रतिशत तक की बढ़त ने सेंसेक्स को निचले स्तरों पर सहारा दिया।

## सवाल-जवाब

### 1. 30 सितंबर को सेंसेक्स और निफ्टी कितने स्तर पर बंद हुए?
सेंसेक्स 48.78 अंक यानी 0.07% की मामूली गिरावट के साथ 72,480.29 पर और निफ्टी 95.75 अंक यानी 0.42% टूटकर 22,620.45 के स्तर पर बंद हुआ।

### 2. बाजार में सबसे ज्यादा गिरावट किन सेक्टरों में दर्ज की गई?
फार्मा, मेटल और हेल्थकेयर सेक्टरों में 1% से ज्यादा की तेज बिकवाली देखी गई, जहां निफ्टी फार्मा 1.43% गिरकर 26,549.55 पर आ गया।

### 3. कारोबारी सत्र के दौरान सबसे ज्यादा बढ़त किन शेयरों में रही?
निफ्टी पर कोटक महिंद्रा बैंक 2.71% चढ़कर टॉप गेनर रहा, जबकि इंडिगो, आईसीआईसीआई बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट और एक्सिस बैंक भी बढ़त के साथ बंद हुए।

### 4. दिन के सबसे बड़े नुकसान वाले शेयर कौन से रहे?
अपोलो हॉस्पिटल्स 5.70% और मैक्स हेल्थकेयर 5.33% टूटकर सबसे बड़े लूजर्स बने, इसके अलावा सन फार्मा, सिप्ला और एसबीआई लाइफ में भी तेज गिरावट रही।

### 5. ब्रॉडर मार्केट में मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स का क्या प्रदर्शन रहा?
निफ्टी मिडकैप इंडेक्स लगभग स्थिर बंद हुआ, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.2 प्रतिशत की हल्की बढ़त बनाने में सफल रहा।

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