# डीबीएस का कहना है, कैरी ट्रेड टूटने से जापानी येन में और मजबूती की गुंजाइश

> डीबीएस ग्रुप रिसर्च के मुताबिक जापानी येन 2026 में डॉलर इंडेक्स की सबसे मजबूत करेंसी बन गई है, और कैरी ट्रेड कमजोर पड़ने तथा अमेरिका-जापान के संयुक्त हस्तक्षेप के बाद आगे और मजबूती की गुंजाइश बनी हुई है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/dbs-ka-kahana-hai-kairi-treda-tutane-se-japanese-yen-men-aura-majabuti-ki-gunjaisha-29597 · **Language:** Hindi
**Tags:** जापानी येन, USD/JPY, कैरी ट्रेड, डीबीएस, अमेरिकी ट्रेजरी, स्कॉट बेसेंट, डॉलर इंडेक्स

डॉलर इंडेक्स में शामिल करेंसी में से इस साल जापानी येन ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया है, और डीबीएस ग्रुप रिसर्च का कहना है कि डॉलर के मुकाबले येन की यह मजबूती अभी थमने वाली नहीं है। USD/JPY अब 2025 के अंत के 156.70 के स्तर से नीचे आ चुका है, और डीबीएस के अर्थशास्त्री फिलिप वी के मुताबिक एक अहम तकनीकी ट्रेंडलाइन टूटने से आगे और गिरावट की गुंजाइश बढ़ गई है।

## पिछड़ने वाली येन अब सबसे आगे
डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के ज्यादातर हिस्से में बाजार में उथल-पुथल के दौरान भी येन मजबूती नहीं दिखा पाई थी, जिससे इसकी पुरानी सुरक्षित करेंसी वाली पहचान कमजोर पड़ती दिख रही थी। लेकिन अब हालात पलट गए हैं। फिलिप वी के नोट के मुताबिक येन ने इस साल अब तक डॉलर के मुकाबले रातोंरात 1.5% की बढ़त हासिल की है, जिससे यह 2026 में डॉलर इंडेक्स की टोकरी में शामिल करेंसी में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली करेंसी बन गई है। पिछले साल के अंत के 156.70 के स्तर से नीचे जाना अपने आप में एक बड़ी बात है, लेकिन फिलिप वी इससे भी बड़े तकनीकी संकेत की ओर इशारा करते हैं, USD/JPY ने एक अहम ट्रेंडलाइन तोड़ दी है, जिसे चार्ट पर नजर रखने वाले इस बात के संकेत के तौर पर देखते हैं कि जोड़ी के पुराने दायरे में लौटने के बजाय आगे और गिरने की गुंजाइश खुल गई है। डॉलर इंडेक्स की टोकरी में डॉलर को छह प्रमुख करेंसी के मुकाबले तौला जाता है, जिसमें यूरो की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा और येन की दूसरे नंबर पर है, इसलिए इतने बड़े उतार-चढ़ाव का असर पूरे इंडेक्स पर साफ दिखता है।

## जिस दखल ने बदल दी तस्वीर
इस बदलाव की बड़ी वजह जुलाई के आखिर में अमेरिका और जापान का संयुक्त बाजार हस्तक्षेप है। फिलिप वी इसे एक टर्निंग पॉइंट बताते हैं। उनके शब्दों में, "जुलाई के आखिर में अमेरिका-जापान का संयुक्त हस्तक्षेप एक गेम चेंजर साबित हुआ, जिसने येन की अव्यवस्थित गिरावट के खिलाफ एक मजबूत आधिकारिक सुरक्षा कवच खड़ा किया।" व्यावहारिक तौर पर देखें तो, एक संयुक्त हस्तक्षेप यह संदेश देता है कि वॉशिंगटन और टोक्यो दोनों जरूरत पड़ने पर मिलकर येन को बहुत तेज या बहुत ज्यादा गिरने से रोकने के लिए साथ आ सकते हैं, जिससे कारोबारियों के लिए येन के खिलाफ दांव लगाते रहने का जोखिम बढ़ जाता है। इस तरह का साझा आधिकारिक समर्थन हस्तक्षेप खत्म होने के बाद भी बाजार की याद में लंबे समय तक बना रहता है, क्योंकि दोनों सरकारों के सामने दोबारा दांव लगाना जोखिम भरा हो जाता है। टोक्यो में नीति-निर्माता आमतौर पर येन की दिशा से ज्यादा उसकी रफ्तार को लेकर चिंतित रहते हैं, क्योंकि अचानक होने वाले बड़े उतार-चढ़ाव आयात लागत और निर्यातक कंपनियों के मुनाफे के अनुमान को उलझा देते हैं।

## अब राजकोषीय चिंता टोक्यो से वॉशिंगटन के हिस्से
दूसरा बड़ा बदलाव अमेरिकी ट्रेजरी की तरफ से आया। 18 अगस्त को अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने लंबी अवधि के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की बायबैक दोगुनी करने का ऐलान किया। फिलिप वी के मुताबिक, इस फैसले ने राजकोषीय घाटे की चिंता को टोक्यो के बजाय वॉशिंगटन के खाते में डाल दिया। पिछले कुछ महीनों में येन पर दबाव की एक वजह जापान के अपने सरकारी कर्ज को लेकर बनी बेचैनी भी थी, लेकिन अब बेसेंट की बायबैक योजना ने ध्यान अमेरिका के कर्ज जारी करने के पैमाने की तरफ मोड़ दिया है, जिससे येन के लिए यह दबाव कम हुआ है, भले ही इससे अमेरिका के अपने राजकोषीय हालात को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हों।

## कैरी ट्रेड कमजोर पड़ने से लौटी येन की सुरक्षित करेंसी वाली साख
फिलिप वी के मुताबिक इस पूरी कहानी की सबसे अहम कड़ी यह है कि येन की मजबूती सिर्फ डॉलर तक सीमित नहीं है। वे इसे कैरी ट्रेड के कमजोर पड़ने से जोड़ते हैं, यह वह रणनीति है जिसमें निवेशक येन जैसी कम ब्याज दर वाली करेंसी में उधार लेकर दुनिया में कहीं और ज्यादा रिटर्न देने वाली संपत्तियां खरीदते हैं। जब यह रणनीति लोकप्रिय होती है तो येन पर लगातार दबाव बना रहता है क्योंकि निवेशक दूसरे दांव के लिए इसे बेचते रहते हैं, लेकिन जब यह रणनीति उलटने लगती है, जैसा कि फिलिप वी का कहना है कि अभी हो रहा है, तो वही निवेशक अपनी पोजिशन बंद करने के लिए येन वापस खरीदते हैं, जिससे इस पर ऊपर की तरफ नया दबाव बनता है। फिलिप वी बताते हैं कि यही कैरी ट्रेड डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के ज्यादातर हिस्से में येन की पारंपरिक सुरक्षित करेंसी वाली पहचान को कमजोर करता रहा, और अब इसका उलटना उस पहचान को फिर बहाल करने में मदद कर रहा है।

## आगे क्या, डीबीएस की नजर किन बातों पर
डीबीएस इन सभी संकेतों को जोड़कर देखे तो नतीजा येन की मजबूती के जल्द थमने के बजाय आगे बढ़ने की तरफ इशारा करता है। चार्ट पर ट्रेंडलाइन टूटना USD/JPY में आगे गिरावट का संकेत देता है, जुलाई के आखिर के हस्तक्षेप ने येन के खिलाफ दांव लगाना महंगा कर दिया है, राजकोषीय चिंता की सुर्खियां टोक्यो की बजाय अब वॉशिंगटन पर हैं, और कमजोर पड़ता कैरी ट्रेड वह काम कर रहा है जो पहले येन की अपनी सुरक्षित करेंसी वाली साख को करना पड़ता था। नोट में इनमें से किसी भी वजह को मामूली नहीं माना गया है, और यही वजह है कि जो करेंसी कुछ समय पहले तक दबाव में थी, वह इस साल डॉलर इंडेक्स में सबसे आगे निकल आई है। पिछले करीब दो साल के ज्यादातर समय कई दशकों के निचले स्तर के आसपास बनी रहने वाली करेंसी के लिए यह बदलाव खासा उल्लेखनीय है।

## इसका आप पर असर
येन में मजबूती और डॉलर पर दबाव का असर सिर्फ करेंसी ट्रेडिंग डेस्क तक सीमित नहीं रहता, यह जापान से जुड़ी रोजमर्रा की लागत और वैश्विक निवेश तक पहुंचता है।

- **जापान जाने वाले यात्री:** मजबूत येन का मतलब है कि हर डॉलर या रुपये के बदले पहले से कम येन मिलेंगे। जापान यात्रा की योजना बनाने वालों को होटल, खरीदारी और खाने-पीने का खर्च इस साल की शुरुआत के मुकाबले तुलनात्मक रूप से महंगा महसूस हो सकता है।
- **जापान से कारोबार करने वाले आयातक-निर्यातक:** जापानी सप्लायर को येन में भुगतान करने वाले कारोबारियों की लागत बढ़ेगी, वहीं जापान को सामान बेचने वाले भारतीय निर्यातकों का माल जापानी खरीदारों के लिए अपेक्षाकृत सस्ता हो सकता है। नवीनीकरण के लिए तैयार अनुबंधों में इस बदलाव को ध्यान में रखना जरूरी है।
- **करेंसी और इंडेक्स ट्रेडर:** ट्रेंडलाइन टूटने के बाद डीबीएस ने USD/JPY में और गिरावट का जोखिम बताया है, इसलिए डॉलर-येन पोजिशन या DXY से जुड़े प्रोडक्ट रखने वाले ट्रेडरों को यह मान लेने के बजाय कि जोड़ी 2025 के दायरे में लौट आएगी, आगे भी येन की मजबूती पर नजर रखनी चाहिए।
- **अमेरिकी राजकोषीय खबरों पर नजर रखने वाले:** बेसेंट की बायबैक घोषणा के बाद घाटे की चिंता वॉशिंगटन की तरफ खिसकने से अब अमेरिकी ट्रेजरी बाजार की हलचल डॉलर की दिशा तय करने में जापान की खबरों से ज्यादा असरदार हो सकती है, जो डॉलर में बचत या निवेश रखने वालों के लिए ध्यान देने लायक बात है।

## ऐसा क्यों हुआ
येन में यह पलटाव अचानक नहीं आया। डीबीएस के नोट के मुताबिक 2025 की दूसरी छमाही में हुए कुछ खास नीतिगत फैसलों और बाजार के बदलावों की एक कड़ी ने मिलकर यह बदलाव लाया है।

- **जुलाई के आखिर में आधिकारिक हस्तक्षेप:** अमेरिका-जापान के संयुक्त हस्तक्षेप ने येन को मजबूत आधिकारिक सहारा दिया, जिससे ट्रेडरों के लिए दोनों सरकारों की प्रतिक्रिया का जोखिम उठाकर येन के खिलाफ दांव लगाना मुश्किल हो गया।
- **राजकोषीय ध्यान में बदलाव:** स्कॉट बेसेंट की 18 अगस्त की बायबैक दोगुनी करने की घोषणा ने राजकोषीय घाटे की चिंता टोक्यो से हटाकर वॉशिंगटन पर केंद्रित कर दी, जिससे येन पर एक दबाव कम हुआ।
- **कैरी ट्रेड का उलटना:** सस्ती दर पर येन उधार लेकर कहीं और ज्यादा रिटर्न वाले दांव लगाने की लोकप्रिय रणनीति उलटने से निवेशकों ने अपनी पोजिशन बंद करने के लिए येन वापस खरीदा, जिससे सिर्फ डॉलर-येन जोड़ी ही नहीं, व्यापक तौर पर येन में मजबूती आई।
- **तकनीकी ट्रेंडलाइन टूटना:** USD/JPY का एक अहम चार्ट ट्रेंडलाइन के नीचे जाना आगे गिरावट के तर्क को मजबूत करता है, जिससे मोमेंटम पर चलने वाले ट्रेडरों को भी इस चाल का साथ देने की एक और वजह मिल गई।

## सवाल-जवाब

### 1. जापानी येन ने इस साल अब तक कितनी मजबूती हासिल की है?
डीबीएस के मुताबिक येन ने साल की शुरुआत से अब तक डॉलर के मुकाबले रातोंरात आधार पर 1.5% की बढ़त हासिल की है, जिससे यह 2026 में डॉलर इंडेक्स की सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली करेंसी बन गई है।

### 2. USD/JPY किस स्तर से नीचे गिरा है?
USD/JPY 2025 के अंत के 156.70 के स्तर से नीचे आ गया है।

### 3. जुलाई के आखिर में अमेरिका-जापान का हस्तक्षेप क्या था?
जुलाई के आखिर में अमेरिका और जापान ने करेंसी बाजार में संयुक्त हस्तक्षेप किया था, जिसने डीबीएस के मुताबिक येन की अव्यवस्थित गिरावट के खिलाफ एक मजबूत आधिकारिक सुरक्षा कवच खड़ा किया।

### 4. स्कॉट बेसेंट ने 18 अगस्त को क्या ऐलान किया था?
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने लंबी अवधि के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की बायबैक दोगुनी करने का ऐलान किया, जिसने डीबीएस के मुताबिक राजकोषीय घाटे की चिंता टोक्यो से वॉशिंगटन की तरफ मोड़ दी।

### 5. डीबीएस जिस कैरी ट्रेड की बात कर रहा है, वह क्या है?
यह वह रणनीति है जिसमें निवेशक कम ब्याज दर वाली येन में उधार लेकर कहीं और ज्यादा रिटर्न देने वाली संपत्तियां खरीदते हैं, डीबीएस के मुताबिक अब यह रणनीति उलट रही है, जिससे येन पर ऊपर की तरफ दबाव बन रहा है।

### 6. ट्रेंडलाइन टूटने का USD/JPY के लिए क्या मतलब है?
डीबीएस के मुताबिक USD/JPY ने एक अहम तकनीकी ट्रेंडलाइन तोड़ दी है, जिससे आगे जोड़ी में और गिरावट का जोखिम बढ़ गया है।

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