डेल जोन्स में शांति की उम्मीद पर तेजी, लेकिन चिप शेयरों में गिरावट ने बढ़ाई चिंता डेल जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में मध्य पूर्व में संघर्ष थमने के संकेतों के बीच शुरुआती बढ़त दर्ज की गई, हालांकि बाद में तकनीकी शेयरों और चिप कंपनियों में बिकवाली के कारण सूचकांक को अपनी कुछ बढ़त गंवानी पड़ी। डेल जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 52,200 के आसपास कारोबार कर रहा है। सत्र के दौरान सूचकांक ने 52,600 के आंकड़े को छूने की कोशिश की थी, लेकिन इसके तुरंत बाद सेमीकंडक्टर शेयरों में आई भारी बिकवाली के कारण इसे नीचे आना पड़ा। हालांकि, सत्र के अंतिम दौर में बाजार ने अपनी कुछ खोई हुई जमीन वापस हासिल कर ली। मध्य पूर्व में संघर्ष विराम और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट अमेरिका और ईरान के बीच पिछले करीब दो हफ्तों से चल रही रात्रिकालीन सैन्य कार्रवाई के बाद सप्ताहांत में दोनों पक्षों की ओर से सैन्य गतिविधियों को रोका गया। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड में करीब 7 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 90 डॉलर के आसपास आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट भी फिसलकर 84 डॉलर के करीब पहुंच गया, जो पिछले हफ्ते 100 डॉलर से ऊपर निकल गया था। डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि इस दिशा में बातचीत आगे बढ़ रही है, हालांकि तेहरान ने अभी तक केवल यह पुष्टि की है कि जब तक वाशिंगटन गोलीबारी रोके रखेगा, वे भी ऐसा ही करेंगे। शांति समझौते के पीछे के कारण और आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियां इस अचानक आए ठहराव के पीछे के कारण पर विश्लेषकों का ध्यान है। खबरों के अनुसार, सलाहकारों की ओर से यह चेतावनी दी गई थी कि अभियान के तहत अब निशाना बनाने के लिए सार्थक लक्ष्य कम बचे हैं और पेंटागन की सहजता की तुलना में युद्ध सामग्री तेजी से खत्म हो रही है। इसके अलावा, हॉर्मूज और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से माल की आवाजाही अभी भी सुचारू नहीं हुई है और सप्ताहांत के दौरान यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी जहाजरानी पर हमलों के दावे जारी रहे। अप्रैल के बाद से बाजार में यह चौथा मौका है जब इस तरह की नरमी देखने को मिली है, लेकिन पिछले सभी समझौते कुछ हफ्तों के भीतर टूट चुके हैं। कच्चे तेल के बाजार में अभी भी इस बात को लेकर असमंजस बना हुआ है कि शांति की घोषणा और उसे वास्तव में हासिल करने में अंतर होता है। चीन के तकनीकी घटनाक्रम का प्रभाव शांति की इस उम्मीद को उस समय झटका लगा जब चीन से एक बड़ी खबर सामने आई कि वहां के घरेलू उपकरण निर्माताओं ने बड़े पैमाने पर घरेलू डीप अल्ट्रावाइलेट लिथोग्राफी मशीनों का उत्पादन शुरू कर दिया है। इस खबर से पश्चिमी देशों के प्रमुख सप्लायर के शेयरों में 7 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई और बेंचमार्क सेमीकंडक्टर सेक्टर में करीब 3 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। एडवांस्ड माइक्रो डिवाइस (AMD) में 7 प्रतिशत, टेराडाइन (TER) में 5.9 प्रतिशत और माइक्रोन (MU) में 4 प्रतिशत की गिरावट आई। इस रुख के कारण एसएंडपी 500 और नैस्डैक कंपोजिट सूचकांक निचले स्तर पर बंद हुए, जबकि डेल जोन्स ने आधा प्रतिशत की बढ़त बनाए रखी। इसकी मुख्य वजह यह है कि डेल जोन्स एक प्राइस-वेटेड इंडेक्स है, जिसमें एनवीडिया (NVDA) जैसी कंपनियों का भारांक बहुत कम है, जिससे चिप बाजार की गिरावट का इस सूचकांक पर कम असर पड़ता है। फेडरल रिजर्व के निर्णय और व्यापक आर्थिक आंकड़े फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक को लेकर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका अभी भी बनी हुई है। जून के टिकाऊ सामानों के ऑर्डर 0.3 प्रतिशत बढ़े, जो कि 1.6 प्रतिशत के अनुमान से कम रहे। हालांकि, परिवहन को छोड़कर अन्य ऑर्डरों में सुधार देखा गया। बाजार का मानना है कि मुद्रास्फीति के आंकड़ों और हॉर्मूज मार्ग की बाधाओं के कम होने से मौद्रिक नीति पर असर पड़ सकता है। शुक्रवार को रोजगार लागत सूचकांक और अन्य महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े आने वाले हैं, जिन पर निवेशकों की पैनी नजर है। तकनीकी स्तर और बाजार की दिशा सत्र के दौरान 52,600 के करीब का उच्च स्तर एक बड़ी बाधा के रूप में सामने आया है। यदि सूचकांक इसके ऊपर बंद होने में सफल रहता है, तो यह 52,800 के स्तर और फिर अपने रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ सकता है। नीचे की ओर 52,000 का स्तर मजबूत समर्थन प्रदान कर रहा है, जबकि इसके नीचे 51,800 और 50-दिवसीय मूविंग एवरेज महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच का काम कर रहे हैं। डेल जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज की पृष्ठभूमि डेल जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज दुनिया के सबसे पुराने स्टॉक सूचकांकों में से एक है, जिसमें अमेरिका की 30 प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। यह सूचकांक बाजार पूंजीकरण के बजाय शेयरों की कीमतों के आधार पर तैयार किया जाता है। इसकी शुरुआत चार्ल्स डेल ने की थी, जिन्होंने वॉल स्ट्रीट जर्नल की भी स्थापना की थी। निवेशक इस सूचकांक में सीधे निवेश के लिए ईटीएफ जैसे कि एसपीडीआर डेल जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज ईटीएफ (DIA) का उपयोग कर सकते हैं। ब्रिटिश पाउंड और यूरो में उतार-चढ़ाव मुद्रा बाजारों में पाउंड और डॉलर (GBP/USD) की जोड़ी में कमजोरी देखी गई और यह 1.3300 के स्तर से नीचे फिसल गई। मध्य पूर्व में तनाव कम होने और ब्रिटेन में मुद्रास्फीति के नरम आंकड़ों के कारण बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा आगे की जाने वाली सख्ती को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इसी तरह, यूरो और डॉलर (EUR/USD) की जोड़ी भी 1.1400 के स्तर से नीचे आ गई है। इसका आप पर असर भारत में: कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से घरेलू स्तर पर महंगाई और आयात बिल के दबाव में कुछ राहत मिल सकती है। बाजार निवेशकों के लिए: सूचकांक में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच निवेशकों को जोखिम प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। सवाल-जवाब 1. डेल जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज सूचकांक क्या है? यह अमेरिका की 30 सबसे बड़ी और कारोबार करने वाली कंपनियों पर आधारित एक मूल्य-भारित (price-weighted) स्टॉक सूचकांक है। 2. कच्चे तेल की कीमतों में हाल ही में क्यों गिरावट आई? अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष रुकने के संकेतों और मध्य पूर्व में तनाव कम होने की खबरों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में करीब 7 प्रतिशत की गिरावट आई। 3. डेल जोन्स पर चिप शेयरों की गिरावट का कम असर क्यों पड़ा? डेल जोन्स एक मूल्य-भारित सूचकांक है जिसमें प्रमुख चिप कंपनियों का भारांक बहुत कम है, जिससे व्यापक तकनीक बिकवाली का इस पर सीमित प्रभाव पड़ा। 4. डेल जोन्स में निवेश के लिए कौन से मुख्य विकल्प उपलब्ध हैं? निवेशक ईटीएफ, फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट, विकल्प अनुबंध या म्यूचुअल फंड के माध्यम से इस सूचकांक में निवेश कर सकते हैं। https://trendkia.com/market/dela-jonsa-men-shanti-ki-ummida-para-teji-lekina-chip-sheyaron-men-giravata-ne-barhai-chinta-11082 TrendKia — Har trend, sabse pehle.