# डॉयचे बैंक ने खारिज की डॉलर में तेजी की उम्मीद, यूरो 1.13 से 1.20 के दायरे में टिके रहने का अनुमान

> डॉयचे बैंक के अनुसार यूरो और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर अपने सालाना दायरे में स्थिर रहेगी। वैश्विक आर्थिक मजबूती और सीमित अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के कारण डॉलर में बड़ी बढ़त की संभावना खारिज की गई है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/deutsche-bank-ne-kharija-ki-dollar-men-teji-ki-ummida-eur-usd-1-13-se-1-20-ke-dayare-men-tike-rahane-ka-anumana-40558 · **Language:** Hindi
**Tags:** यूरो डॉलर, डॉयचे बैंक, विदेशी मुद्रा बाजार, अमेरिकी डॉलर, सोना, बिटकॉइन, मुद्रास्फीति

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में आम सहमति के विपरीत वित्तीय संस्थान डॉयचे बैंक ने अनुमान लगाया है कि यूरो और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर (EUR/USD) नीचे की ओर टूटने के बजाय अपने 1.13 से 1.20 के वार्षिक दायरे में ही बनी रहेगी। संस्था ने व्यापक बाजार में अमेरिकी डॉलर को लेकर बनी तेजी की धारणा को खारिज कर दिया है। बैंक का मानना है कि वैश्विक आर्थिक वृद्धि की मजबूती, अमेरिकी डॉलर यील्ड समर्थन के अपने चरम पर पहुंचने और ऊर्जा झटके के प्रभाव बाजार में पहले ही समाहित हो जाने के कारण डॉलर को अतिरिक्त बढ़त मिलना अब काफी सीमित हो चुका है।

डॉयचे बैंक ने अपने एफएक्स ब्लूप्रिंट में साल के अंत के लिए यूरो और डॉलर की जोड़ी पर 1.17 का पूर्वानुमान बरकरार रखा है। इस अनुमान के पीछे मजबूत होते वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा डॉलर को मिलने वाले आगे के प्रोत्साहन की घटती गुंजाइश को मुख्य आधार बताया गया है। मुद्रा बाजार में इस समय यह जोड़ी अपने सालाना दायरे के निचले छोर पर खड़ी है, जिससे विश्लेषकों के बीच यह चर्चा छिड़ गई थी कि क्या यह स्तर टूटकर और नीचे जाएगा या संभल जाएगा।

## सालाना दायरे के निचले स्तर पर यूरो का रुख
मुद्रा जोड़ी के तकनीकी स्तरों और बाजार की मौजूदा परिस्थितियों का विश्लेषण करते हुए डॉयचे बैंक ने स्पष्ट राय रखी है। बैंक के विश्लेषक ने कहा, 
> "EUR/USD इस समय वर्ष के अपने 1.13 से 1.20 के दायरे के ठीक निचले स्तर पर है। क्या यह ब्रेक का पीछा करते हुए गिरावट में जाने का समय है या यूरो संभलकर इसी दायरे में रहेगा? हम दूसरे पक्ष में खड़े हैं और इस बढ़ती आम धारणा से सहमत नहीं हैं कि डॉलर में कोई बड़ा ब्रेकआउट आने वाला है।"
 विश्लेषकों का स्पष्ट रुख यह है कि निचले स्तरों पर बिकवाली का पीछा करने के बजाय दायरे में स्थिरता बने रहने की उम्मीद ज्यादा मजबूत है।

## एशियाई कारोबार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन की स्थिति
बुधवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर (AUD/USD) 0.6950 के करीब दो महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई। अगस्त महीने के ऑस्ट्रेलियाई अंतर्निहित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़े अपेक्षा से कमजोर रहे, जिससे रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दरों में आगे बढ़ोतरी की संभावनाओं पर पानी फिर गया। इसी सत्र में सामने आए चीनी क्रय प्रबंधक सूचकांक (PMI) के आंकड़े भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कोई सहारा नहीं दे सके, जबकि अमेरिकी डॉलर की चाल कुछ समय के लिए रुकी हुई थी।

दूसरी ओर, एशियाई सत्र में अमेरिकी डॉलर और जापानी येन (USD/JPY) की जोड़ी 157.00 के नीचे दबाव में रही। बैंक ऑफ जापान की ओर से सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों और जापानी अधिकारियों द्वारा बाजार में हस्तक्षेप के जोखिम ने जापानी येन को सहारा दिया। इस सहारे ने जापान के कमजोर घरेलू औद्योगिक उत्पादन और खुदरा बिक्री के आंकड़ों के नकारात्मक असर को संतुलित कर दिया। साथ ही, व्यापक स्तर पर अमेरिकी डॉलर में आई नरमी ने भी इस जोड़ी को नीचे बनाए रखने में योगदान दिया।

## सोने में ठहराव और बिटकॉइन पर निवेशकों की सतर्कता
यूरोपीय कारोबारी सत्र में सोने की कीमतों में ठहराव का रुख देखा गया और यह 4,200 डॉलर के स्तर के आसपास कारोबार करता रहा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट ने अमेरिकी डॉलर को मंगलवार को छुए गए दो महीने के उच्च स्तर से पीछे खींचा, जिससे इस कीमती धातु को समर्थन मिला। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से सख्त मौद्रिक नीति बने रहने की उम्मीदों ने सोने की बढ़त को सीमित रखा। बाजार प्रतिभागी किसी नई दिशा में दांव लगाने से पहले अमेरिका के महत्वपूर्ण व्यापक आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।

डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में बिटकॉइन का कारोबार बुधवार को 83,000 डॉलर के स्तर के करीब सीमित दायरे में दर्ज किया गया। सप्ताह की शुरुआत में बिटकॉइन के खरीदार 85,000 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर बंद होने में विफल रहे थे। इसके बाद अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में वृद्धि और इसी सप्ताह जारी होने वाले कई प्रमुख आर्थिक आंकड़ों को देखते हुए क्रिप्टो निवेशकों ने सतर्क रुख अपना रखा है।

## अमेरिकी व्यक्तिगत उपभोग व्यय सूचकांक पर टिकी निगाहें
अमेरिकी आर्थिक सांख्यिकी ब्यूरो बुधवार को 12:30 GMT पर अगस्त महीने के लिए व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) मूल्य सूचकांक आंकड़े जारी करने वाला है। मुद्रा और कमोडिटी बाजार के प्रतिभागी इस सूचकांक पर बेहद करीबी नजर रख रहे हैं। यह आंकड़ा इसलिए अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि व्यक्तिगत उपभोग व्यय मूल्य सूचकांक फेडरल रिजर्व का पसंदीदा मुद्रास्फीति पैमाना है और यह सीधे तौर पर केंद्रीय बैंक के नीतिगत दृष्टिकोण को तय करने में भूमिका निभाता है।

## इसका आप पर असर
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में डॉलर और यूरो की बदलती चाल वैश्विक व्यापार, निवेश और मुद्रा विनिमय पर सीधा असर डालती है।

- **मुद्रा निवेशकों के लिए:** डॉयचे बैंक के अनुसार EUR/USD के 1.13 से 1.20 के दायरे में रहने से आक्रामक बिकवाली से बचने की सलाह है। निवेशक साल के अंत के लिए तय 1.17 के लक्ष्य को ध्यान में रखकर हेजिंग रणनीतियां बना सकते हैं।
- **सोने के खरीदारों के लिए:** सोने के 4,200 डॉलर के आसपास टिकने से कीमतों में स्थिरता के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट से सोने को सहारा मिल रहा है, हालांकि फेडरल रिजर्व की सख्ती से बड़ी तेजी सीमित रह सकती है।
- **क्रिप्टो निवेशकों के लिए:** बिटकॉइन के 83,000 डॉलर पर रुकने और 85,000 डॉलर का स्तर न पार कर पाने से बाजार में सतर्कता जरूरी है। नए आर्थिक आंकड़ों से पहले बड़े दांव लगाने वाले ट्रेडर्स को जोखिम प्रबंधन का ध्यान रखना होगा।
- **वैश्विक यात्रियों और आयातकों के लिए:** ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के 0.6950 तक गिरने से ऑस्ट्रेलिया की यात्रा और वहां से आयात सस्ता हो सकता है। वहीं येन के 157.00 से नीचे टिके रहने से जापानी मुद्रा में अचानक बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना घटती है।

## ऐसा क्यों हुआ
वैश्विक मुद्रा और परिसंपत्ति बाजारों में यह हलचल आर्थिक आंकड़ों के अंतर और केंद्रीय बैंकों के अलग-अलग रुख के कारण उत्पन्न हुई है।

- **डॉलर बढ़त पर लगाम का कारण:** डॉयचे बैंक का मानना है कि वैश्विक आर्थिक वृद्धि मजबूत बनी हुई है और अमेरिकी यील्ड अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है। साथ ही ऊर्जा कीमतों के झटके का प्रभाव बाजार में पहले ही पूरी तरह शामिल हो चुका है, जिससे डॉलर को नया बल नहीं मिल रहा।
- **ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा में गिरावट की वजह:** ऑस्ट्रेलिया के अगस्त माह के अंतर्निहित सीपीआई आंकड़े अनुमान से कमजोर रहे, जिससे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें खत्म हो गईं। इसके अलावा चीनी विनिर्माण आंकड़ों के कमजोर रहने से भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव बना।
- **येन और सोने में मजबूती के कारण:** बैंक ऑफ जापान के सख्त रुख और संभावित सरकारी हस्तक्षेप की चेतावनी ने येन को सहारा दिया है। वहीं अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से सोने को डॉलर के दो महीने के उच्च स्तर से फिसलने का लाभ मिला।
- **आगामी उत्प्रेरक:** अमेरिकी आर्थिक विश्लेषण ब्यूरो द्वारा बुधवार को 12:30 GMT पर अगस्त का पीसीई मूल्य सूचकांक जारी किया जाना है। फेडरल रिजर्व का पसंदीदा मुद्रास्फीति पैमाना होने के कारण यह तय करेगा कि आगामी नीतिगत दिशा क्या होगी।

## सवाल-जवाब

### 1. डॉयचे बैंक ने यूरो और डॉलर की जोड़ी को लेकर क्या भविष्यवाणी की है?
डॉयचे बैंक का अनुमान है कि EUR/USD अपने 1.13 से 1.20 के वार्षिक दायरे में बना रहेगा और साल के अंत तक 1.17 के स्तर पर पहुंचेगा।

### 2. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट क्यों आई?
अगस्त के ऑस्ट्रेलियाई अंतर्निहित सीपीआई आंकड़े कमजोर रहने और चीनी पीएमआई आंकड़ों से समर्थन न मिलने के कारण AUD/USD दो महीने के निचले स्तर 0.6950 पर आ गया।

### 3. जापानी येन 157.00 के नीचे क्यों टिका हुआ है?
बैंक ऑफ जापान की ओर से सख्त रुख की उम्मीद और मुद्रा हस्तक्षेप के जोखिम ने कमजोर घरेलू उत्पादन आंकड़ों के बावजूद येन को सहारा दिया है।

### 4. सोने और बिटकॉइन का कारोबार किस स्तर पर चल रहा है?
सोना 4,200 डॉलर के करीब स्थिर बना हुआ है, जबकि बिटकॉइन 85,000 डॉलर का स्तर पार करने में विफल रहने के बाद 83,000 डॉलर के पास कारोबार कर रहा है।

### 5. बुधवार को कौन सा प्रमुख अमेरिकी आर्थिक आंकड़ा जारी होना है?
अमेरिकी आर्थिक सांख्यिकी ब्यूरो बुधवार को 12:30 GMT पर अगस्त महीने का पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) मूल्य सूचकांक जारी करेगा।

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