दिवाली के मौके पर स्थिर रहे सोने के खुदरा भाव, जानिए विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग का समय और प्रमुख शहरों के रेट दिवाली के पावन पर्व पर भारतीय सर्राफा बाजारों में सोने की खुदरा कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जबकि कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर रविवार को विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र आयोजित किया जा रहा है। दिवाली और धनतेरस के पावन त्योहार पर देशभर के आभूषण बाजारों में रौनक बनी हुई है। आठ नवंबर 2026 को बड़ी दिवाली के दिन भारतीय खुदरा बाजार में सोने की कीमतों में कोई बदलाव नहीं देखा गया और भाव स्थिर बने रहे। देश के अधिकांश महानगरों में 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना 1,43,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है। इसी बीच कमोडिटी बाजार में भाग लेने वाले निवेशकों और कारोबारियों के लिए मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर रविवार की शाम को विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र आयोजित किया जा रहा है, ताकि निवेशक नए संवत वर्ष की शुरुआत शुभ सौदों के साथ कर सकें। एमसीएक्स पर मुहूर्त ट्रेडिंग का पूरा कार्यक्रम और समय शेयर बाजार के प्रमुख एक्सचेंजों बीएसई और एनएसई की परंपरा का पालन करते हुए एमसीएक्स पर भी दिवाली मुहूर्त के शुभ अवसर पर कमोडिटी डेरिवेटिव्स के लिए विशेष कारोबारी सत्र रखा गया है। यह विशेष मुहूर्त सत्र दोपहर 2 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर दोपहर 3 बजकर 30 मिनट तक संचालित होगा। वास्तविक ट्रेडिंग शुरू होने से पहले एक्सचेंज पर प्री मार्केट सत्र दोपहर 2 बजकर 5 मिनट से दोपहर 2 बजकर 19 मिनट तक चलेगा। इसके अलावा सौदों के मिलान और क्लाइंट कोड संशोधन की सुविधा दोपहर 2 बजकर 20 मिनट से लेकर दोपहर 3 बजकर 45 मिनट तक खुली रहेगी। एमसीएक्स क्लीयरिंग कॉरपोरेशन द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार रविवार यानी 8 नवंबर को निष्पादित किए गए सभी वैध सौदों के लिए 9 नवंबर को निपटान दिवस निर्धारित किया गया है। क्लीयरिंग कॉरपोरेशन के नियमों के तहत दैनिक मार्क टू मार्केट और प्रीमियम निपटान टी प्लस वन यानी एक बैंकिंग कार्यदिवस के आधार पर संपन्न किया जाता है। यह पूरी निपटान प्रक्रिया सदस्यों के अधिकृत क्लीयरिंग बैंकों को सीधे डेबिट और क्रेडिट निर्देश जारी करके पूरी की जाती है। देश के प्रमुख शहरों में सोने के ताजा खुदरा भाव भारतीय संस्कृति में दिवाली के दिन धन और समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी की विशेष पूजा अर्चना की जाती है, जिसके चलते लोग भौतिक सोना खरीदना बेहद शुभ मानते हैं। रविवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोने के दाम देश में सबसे ऊंचे दर्ज किए गए। दिल्ली में 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने का भाव 14,360 रुपये प्रति 1 ग्राम और 1,43,600 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। वहीं 22 कैरेट आभूषण सोने की कीमत 13,175 रुपये प्रति 1 ग्राम तथा 1,31,750 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त 18 कैरेट सोने का भाव राजधानी में 10,783 रुपये प्रति 1 ग्राम और 1,07,830 रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रहा। दिल्ली के विपरीत देश के अन्य प्रमुख महानगरों जैसे मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और केरल के विभिन्न केंद्रों में सोने के दाम एक समान दर्ज किए गए। इन शहरों में 24 कैरेट यानी 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की दर 14,357 रुपये प्रति ग्राम, 1,43,570 रुपये प्रति 10 ग्राम और 14,35,700 रुपये प्रति 100 ग्राम रही। पारंपरिक आभूषणों में इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट यानी 91.6 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 13,160 रुपये प्रति ग्राम, 1,31,600 रुपये प्रति 10 ग्राम तथा 13,16,000 रुपये प्रति 100 ग्राम पर टिकी रही। किफायती माने जाने वाले 18 कैरेट यानी 75 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने के दाम 10,768 रुपये प्रति ग्राम, 1,07,680 रुपये प्रति 10 ग्राम और 10,76,800 रुपये प्रति 100 ग्राम दर्ज किए गए। वायदा बाजार और वैश्विक रुझानों का असर दिवाली सत्र से ठीक पहले शुक्रवार के कारोबारी दिन घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स पर सोने के अनुबंधों में तीव्र गिरावट देखी गई थी, जहां सोना 1.20 प्रतिशत फिसलकर 1,42,400 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से नीचे बंद हुआ। दूसरी ओर एमसीएक्स पर चांदी मामूली बढ़त के साथ 1,84,977 रुपये प्रति 1 किलोग्राम के भाव पर बंद हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी उतार-चढ़ाव देखा गया, जहां हाजिर सोना रात भर में 0.4 प्रतिशत गिरकर 4,070 डॉलर प्रति औंस के करीब आ गया, जबकि हाजिर चांदी 0.2 प्रतिशत मजबूत होकर 51.88 डॉलर प्रति औंस के आसपास रही। सर्राफा धातुओं पर यह दबाव मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण बना। अमेरिका में अक्टूबर महीने के गैर-कृषि रोजगार आंकड़े उम्मीद से काफी मजबूत आए, जिससे बाजार में यह धारणा प्रबल हो गई कि फेडरल रिजर्व अपनी आगामी मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। अमेरिका में 1,65,000 नई नौकरियां जुड़ीं, जबकि विश्लेषक केवल 65,000 नौकरियों का अनुमान लगा रहे थे। वहां बेरोजगारी की दर अप्रत्याशित रूप से घटकर 4.1 प्रतिशत रह गई और पिछले दो महीनों के रोजगार आंकड़ों को भी 84,000 से संशोधित किया गया। इसके अलावा औसत प्रति घंटा कमाई 0.4 प्रतिशत बढ़ी, जो 0.3 प्रतिशत के पूर्वानुमान से अधिक थी। ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने भी महंगाई की चिंताओं को फिर से हवा दी है। अमेरिकी डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल 91 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया और ब्रेंट क्रूड 98 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया। हालांकि शुक्रवार के सुधार के बावजूद वैश्विक स्तर पर सोने ने सप्ताह के दौरान 4 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की। अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की व्यापक जीत के बाद निवेशकों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई शेयरों से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया था, जिससे सोने को मजबूत सहारा मिला था। इसका आप पर असर दिवाली पर सोने के स्थिर भाव और कमोडिटी बाजार में होने वाले विशेष सत्र का सीधा प्रभाव खुदरा खरीदारों और कमोडिटी निवेशकों पर पड़ेगा। • भारत में खरीदारों पर: दिवाली के दिन भौतिक सोने के खुदरा भाव स्थिर रहने से त्योहारी आभूषण खरीदने वालों को अचानक बढ़ी कीमतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,43,600 रुपये प्रति 10 ग्राम और मुंबई, चेन्नई समेत अन्य शहरों में 1,43,570 रुपये के स्तर पर बना हुआ है। • कमोडिटी व्यापारियों पर: एमसीएक्स पर रविवार दोपहर 2 बजकर 20 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक विशेष मुहूर्त सत्र में भाग लेने वाले कारोबारियों के सौदे सोमवार को टी प्लस वन व्यवस्था के तहत सेटल होंगे। 8 नवंबर को किए गए सौदों का वित्तीय निपटान 9 नवंबर को अधिकृत क्लीयरिंग बैंकों के माध्यम से पूरा किया जाएगा। • निवेश पोर्टफोलियो पर: अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के मजबूत आने से डॉलर इंडेक्स में मजबूती आई है, जिससे वैश्विक सोने में तेज उछाल पर तात्कालिक लगाम लग सकती है। निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने में लंबी अवधि का दांव लगाने से पहले कच्चे तेल और ब्याज दरों के रुख पर नजर रख सकते हैं। • आभूषण निर्माताओं पर: त्योहारी सीजन में स्थिर भाव रहने के कारण आभूषण दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही सामान्य रहने की संभावना है। कीमतों में ठहराव रहने से खुदरा दुकानदारों को इन्वेंट्री प्रबंधन और मार्जिन सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। ऐसा क्यों हुआ वैश्विक सोने की कीमतों में शुक्रवार को आई गिरावट और घरेलू बाजार में भावों के ठहराव के पीछे मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें मुख्य वजह बनी हैं। • अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट: अमेरिका में गैर-कृषि रोजगार के आंकड़े 1,65,000 दर्ज किए गए जो बाजार के 65,000 के अनुमान से काफी अधिक थे। इस मजबूत आंकड़े और बेरोजगारी दर गिरकर 4.1 प्रतिशत पर आने से डॉलर मजबूत हुआ और सोने की कीमतों पर दबाव बना। • फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बढ़ने की आशंका: प्रति घंटा औसत कमाई में 0.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी और मजबूत लेबर मार्केट के कारण विश्लेषकों का मानना है कि केंद्रीय बैंक अगली बैठक में दरें बढ़ा सकता है। ऊंची ब्याज दरों की संभावना से बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों जैसे सोने की मांग में थोड़ी कमी आती है। • कच्चे तेल में उछाल और मुद्रास्फीति: डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल 91 डॉलर और ब्रेंट क्रूड 98 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने से महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। इसके चलते केंद्रीय बैंकों द्वारा मौद्रिक सख्ती जारी रखने की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं। • सुरक्षित निवेश से मुनाफावसूली: हालांकि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक जीत के बाद टेक शेयरों से निकलकर निवेशकों ने सोने में खरीदारी की थी जिससे पूरे सप्ताह सोना 4 प्रतिशत चढ़ा था, लेकिन सप्ताहांत पर मजबूत डॉलर के कारण मुनाफावसूली हावी हो गई। सवाल-जवाब 1. दिवाली के दिन दिल्ली में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने का भाव क्या रहा? दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 14,360 रुपये प्रति ग्राम और 1,43,600 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि 22 कैरेट सोना 13,175 रुपये प्रति ग्राम और 1,31,750 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिका। 2. एमसीएक्स पर दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग का समय क्या निर्धारित किया गया है? एमसीएक्स पर विशेष मुहूर्त सत्र दोपहर 2 बजकर 20 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक आयोजित होगा, जबकि प्री मार्केट सत्र दोपहर 2 बजकर 5 मिनट से शुरू होगा। 3. रविवार 8 नवंबर को एमसीएक्स पर हुए सौदों का निपटान कब होगा? एमसीएक्स क्लीयरिंग कॉरपोरेशन के परिपत्र के अनुसार रविवार के सौदों का निपटान टी प्लस वन आधार पर सोमवार 9 नवंबर 2026 को किया जाएगा। 4. अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोने और चांदी के क्या भाव चल रहे हैं? हाजिर सोना 0.4 प्रतिशत गिरकर 4,070 डॉलर प्रति औंस के ऊपर टिका रहा, जबकि हाजिर चांदी 0.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 51.88 डॉलर प्रति औंस के पास रही। 5. सोने की कीमतों पर हालिया दबाव की मुख्य वजह क्या रही? अमेरिका में 1,65,000 नई नौकरियों का मजबूत आंकड़ा आने और बेरोजगारी दर 4.1 प्रतिशत रहने के बाद अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ, जिससे सोने पर दबाव बना। https://trendkia.com/market/divali-ke-mauke-para-sthira-rahe-sone-ke-khudara-bhava-janie-vishesha-muhurat-trading-ka-samaya-aura-pramukha-shaharon-ke-reta-57850 TrendKia — Har trend, sabse pehle.