डॉलर की कमजोरी और येन की छलांग से चमका सोना, जानें तकनीकी स्तर और आगे की दिशा जापानी येन में आई 1.50% की तेजी से अमेरिकी डॉलर इंडेक्स गिरकर 99.26 पर आ गया है, जिससे हाजिर सोना 2.61% उछलकर 4,480 डॉलर के करीब पहुंच गया है। हालांकि 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 4.78% पर रहने से आगे की तेजी पर ध्यान देने योग्य स्तर बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में जापानी येन में आई जबरदस्त तेजी के कारण अमेरिकी डॉलर में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सोने की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला है। हाजिर सोना तेजी से बढ़कर 4,480 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया, जो अपने पिछले बंद स्तर 4,366 डॉलर की तुलना में 2.61% की मजबूत दैनिक बढ़त को दर्शाता है। वैश्विक सर्राफा बाजारों में निचले स्तरों पर खरीदारी का माहौल बना हुआ है, हालांकि सरकारी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और फेडरल रिजर्व की ओर से सख्त मौद्रिक नीति जारी रहने की संभावनाओं के कारण सोने की आगे की तेजी पर कुछ सीमाएं बनी हुई हैं। जापानी येन की छलांग से अमेरिकी डॉलर में गिरावट सोने की कीमतों में आई अचानक रिकवरी का मुख्य कारण जापानी येन में देखी गई मजबूत उछाल है। विदेशी मुद्रा बाजार में जापानी येन लगातार दो कारोबारी सत्रों से सभी प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले तेजी से मजबूत हुआ है। विशेष रूप से USD/JPY मुद्रा जोड़े में बुधवार को 1% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जो गुरुवार को यूरोपीय कारोबारी घंटों के दौरान लगभग 1.50% और टूटकर 156.35 के स्तर पर आ गया। यह 3 अगस्त के बाद का सबसे निचला स्तर है। येन में आई इस तेज हलचल के बाद वित्तीय बाजारों में यह अटकलें काफी गर्म हो गई हैं कि जापानी मौद्रिक अधिकारी विदेशी मुद्रा बाजार में सीधे हस्तक्षेप कर सकते हैं या फिर ब्याज दरों की जांच प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। हालांकि, टोक्यो में जापानी अधिकारियों की ओर से किसी भी आधिकारिक हस्तक्षेप या रेट चेक की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन ट्रेडर्स जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की लंबी पोजीशन रखने में सावधानी बरत रहे हैं। इसके अलावा, अमेरिका में उम्मीद से कमजोर ADP रोजगार आंकड़े जारी होने से निजी क्षेत्र में रोजगार की सुस्ती का संकेत मिला, जिससे अमेरिकी मुद्रा पर चौतरफा बिकवाली का दबाव बढ़ गया। इसके परिणामस्वरूप, छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की तुलना में अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर को दर्शाने वाला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) गिरकर 99.26 के आसपास आ गया। यह गिरावट डॉलर इंडेक्स को लगभग एक हफ्ते के निचले स्तर पर ले आई है, जो बुधवार को दर्ज किए गए 99.86 के उच्चतम स्तर से काफी नीचे है। बुधवार का यह स्तर 14 अगस्त के बाद का उच्चतम बिंदु था। चूंकि सोने का अंतरराष्ट्रीय व्यापार अमेरिकी डॉलर (XAU/USD) में होता है, इसलिए डॉलर के कमजोर होने से गैर-डॉलर मुद्रा धारकों के लिए सोने की खरीद सस्ती हो जाती है, जिससे बुलियन मार्केट में प्रत्यक्ष खरीदारी को बल मिलता है। बॉन्ड यील्ड में तेजी और मध्य पूर्व में ऊर्जा संकट कमजोर डॉलर से मिलने वाले समर्थन के बावजूद, वैश्विक स्तर पर सरकारी बॉन्ड की यील्ड में हो रही बढ़ोतरी सोने की रफ्तार को नियंत्रित कर रही है। प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं में सरकारी बॉन्ड की यील्ड कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, जिसका मुख्य कारण राजकोषीय घाटे की चिंताएं, भारी ऋण जारी होना और लगातार बनी हुई मुद्रास्फीति का दबाव है। ऊंची बॉन्ड यील्ड वास्तविक ब्याज दरों को बढ़ाती है, जिससे बिना ब्याज वाली परिसंपत्ति जैसे सोने को अपने पास रखने की अवसर लागत बढ़ जाती है। मुद्रास्फीति की इन चिंताओं को मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल के बाजार में बनी अनिश्चितता और बढ़ावा दे रही है। रिफाइंड ईंधन बाजार में आपूर्ति का दबाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इसका बड़ा प्रमाण अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड है, जो अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल वायदा और WTI क्रूड के बीच के अंतर को मापता है। यह मार्जिन वित्तीय इतिहास में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया और 102.00 डॉलर प्रति बैरल के ऑल-टाइम रिकॉर्ड स्तर को छू गया। डीजल की बढ़ती लागत से माल ढुलाई, कृषि और विनिर्माण लागत में वृद्धि होती है, जिससे समग्र मुद्रास्फीति उम्मीदें ऊंची बनी रहती हैं। इस अनिश्चित आर्थिक परिदृश्य में, 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 4.78% के आसपास कारोबार कर रही है, जो अपने हालिया 4.81% के उच्चतम स्तर से थोड़ी नीचे है। 4.81% का यह स्तर अक्टूबर 2023 के बाद की सबसे ऊंची यील्ड थी। जब तक ट्रेजरी यील्ड कई वर्षों के इन ऊंचे स्तरों के आसपास बनी रहती है, तब तक संस्थागत निवेशकों की ओर से सोने में मुनाफावसूली का दौर देखा जा सकता है। आर्थिक आंकड़े और केंद्रीय बैंकों का नीतिगत रुख आगामी प्रमुख मैक्रोआर्थिक आंकड़ों के जारी होने से पहले वित्तीय बाजारों के प्रतिभागी सतर्कता बरत रहे हैं। ट्रेडर्स शुक्रवार को आने वाली अमेरिकी नॉन-फॉर्म पेरोल (NFP) रिपोर्ट से पहले सोने में बड़े तेजी के सौदे करने से बच रहे हैं। नॉन-फॉर्म पेरोल आंकड़े अमेरिका के श्रम बाजार, मजदूरी वृद्धि और बेरोजगारी दर की सटीक स्थिति पेश करेंगे, जिससे सितंबर में होने वाली फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों के फैसले का रुख तय होगा। फेडरल रिजर्व द्वारा दरें बढ़ाए जाने की मजबूत होती संभावनाओं के कारण सोने की सेफ-हेवन मांग पर कुछ असर पड़ रहा है। इसके साथ ही, बाजार प्रतिभागियों की निगाहें गुरुवार को 14:00 GMT पर आने वाली इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट (ISM) सर्विसेज पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। अगस्त के लिए सर्विसेज PMI का अनुमान 54.3 रखा गया है, जो जुलाई में 54.1 था। यदि यह आंकड़ा अनुमान के मुताबिक या उससे बेहतर आता है, तो इससे सेवा क्षेत्र की मजबूती की पुष्टि होगी, जिससे फेड द्वारा सख्त मौद्रिक नीति को जारी रखने के रुख को बल मिलेगा। दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से वैश्विक बाजारों में जोखिम का माहौल बना हुआ है। यह तनाव सोने को एक सुरक्षित आश्रय स्थल के रूप में समर्थन प्रदान कर रहा है, जिससे दरों में बढ़ोतरी की आशंकाओं के बावजूद सोने की कीमतों को एक बुनियादी सहारा मिल रहा है। सोने के लिए प्रमुख तकनीकी स्तर और संकेतक तकनीकी विश्लेषण के दृष्टिकोण से, सोने का अल्पावधि चार्ट संरचनात्मक रूप से मजबूत बना हुआ है क्योंकि कीमतें प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर बनी हुई हैं। सोना अपने 50-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) 4,231 डॉलर और 100-दिवसीय SMA 4,357 डॉलर के ऊपर मजबूती से टिका हुआ है। दैनिक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 52 से 56 के बीच बना हुआ है, जो संतुलित मोमेंटम को दर्शाता है। हालांकि, मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) संकेतक में रेड हिस्टोग्राम बार अभी भी नकारात्मक क्षेत्र में हैं, जहां MACD लाइन 62.25 पर है और सिग्नल लाइन 85.36 पर बनी हुई है, जिससे पता चलता है कि रिकवरी के प्रयासों में उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है। ऊपरी दिशा में, XAU/USD के लिए तत्काल क्षैतिज रेजिस्टेंस 4,450 डॉलर पर है, जिसके बाद मुख्य ट्रेंड बाधा 200-दिवसीय SMA 4,533 डॉलर (लाइव 200-दिवसीय SMA 4,519 डॉलर) पर स्थित है। यदि सोना 200-दिवसीय SMA के ऊपर टिकाऊ ब्रेकआउट देता है, तो कीमतें 4,700 डॉलर के मनोवैज्ञानिक लक्ष्य की ओर बढ़ सकती हैं, जो इसके 52-सप्ताह के दायरे (3,550 से 5,586 डॉलर) के भीतर स्थित है। इसके विपरीत, नीचे की ओर 4,400 डॉलर का मनोवैज्ञानिक स्तर पहला सपोर्ट है। यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो अगला सपोर्ट 100-दिवसीय SMA 4,357 डॉलर और उसके बाद 50-दिवसीय SMA 4,231 डॉलर पर रहेगा। और अधिक गिरावट आने पर 4,000 डॉलर का मुख्य क्षैतिज सपोर्ट स्तर परीक्षण के दायरे में आ सकता है। दैनिक एवरेज ट्रू रेंज (ATR) वोलेटिलिटी 82.22 डॉलर पर है, जो 4,466 डॉलर के पिवट स्तर के आसपास ट्रेडर्स को जोखिम प्रबंधन में मदद करता है, जहां पहला रेजिस्टेंस R1 4,505 डॉलर, दूसरा रेजिस्टेंस R2 4,529 डॉलर और पहला सपोर्ट S1 4,441 डॉलर व दूसरा सपोर्ट S2 4,402 डॉलर है। मुद्रा बाजार का हाल: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और वैश्विक परिदृश्य वैश्विक मुद्रा बाजारों में व्यापारिक आंकड़ों और ब्याज दर उम्मीदों का मिला-जुला असर दिख रहा है। AUD/USD मुद्रा जोड़ा गुरुवार को एशियाई सत्र के दौरान 0.7150 के स्तर से ऊपर टिकने के लिए संघर्ष करता नजर आया। ऑस्ट्रेलिया के कमजोर व्यापारिक आंकड़ों ने चीन से आए सकारात्मक रेटिंगडॉग सर्विसेज PMI आंकड़ों के असर को कम कर दिया। इसके अलावा, अमेरिका में महंगाई की चिंताओं और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक सख्ती की बढ़ती उम्मीदों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त को सीमित कर दिया। यह दिखाता है कि वैश्विक मुद्रा बाजारों पर अमेरिकी ब्याज दरों का प्रभाव किस प्रकार हावी बना हुआ है। सोने की मैक्रोइकोनॉमिक भूमिका और केंद्रीय बैंकों का रिजर्व सोने ने ऐतिहासिक रूप से अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली में मूल्य के संचय, विनिमय के माध्यम और प्रमुख मौद्रिक आरक्षित परिसंपत्ति के रूप में अपनी विशिष्ट भूमिका निभाई है। आभूषणों और उच्च तकनीक उद्योगों में इसके व्यावसायिक उपयोग के अलावा, इस कीमती धातु को आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक उथल-पुथल और वित्तीय संकट के समय में एक अत्यंत सुरक्षित आश्रय माना जाता है। कागजी मुद्राओं या सरकारी बॉन्ड के विपरीत, सोने में कोई क्रेडिट रिस्क नहीं होता और यह किसी संस्था या सरकार के निर्णय पर निर्भर नहीं करता। यही कारण है कि सोना मुद्रास्फीति और मुद्रा के अवमूल्यन के खिलाफ एक प्रभावी ढाल के रूप में काम करता है। जब मुद्रास्फीति या सरकारी नीतियों के कारण कागजी मुद्राओं की क्रय शक्ति घटती है, तो सोने की कीमतें आमतौर पर समायोजित होकर वास्तविक पूंजीगत मूल्य की रक्षा करती हैं। अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी सिक्योरिटीज के साथ सोने का विपरीत संबंध होता है। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक सोने के सबसे बड़े धारक हैं। आर्थिक अस्थिरता के समय अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं को मजबूती देने और बैलेंस शीट को सुरक्षित करने के उद्देश्य से केंद्रीय बैंक अपने आधिकारिक रिजर्व में भौतिक सोने की खरीदारी करते हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय बैंकों ने 2022 में रिकॉर्ड 1,136 टन सोना खरीदा, जिसकी कुल कीमत लगभग 70 अरब डॉलर थी। यह आंकड़ा आधुनिक रिकॉर्ड रखने की शुरुआत के बाद से किसी भी एक वर्ष में केंद्रीय बैंकों द्वारा की गई सोने की सबसे बड़ी शुद्ध खरीदारी थी। चीन, भारत और तुर्की जैसे उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंक अपने स्वर्ण भंडार को बढ़ाने में सबसे आगे रहे हैं। ये केंद्रीय बैंक अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करके भौतिक सोने का संचय कर रहे हैं ताकि अपनी राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाओं को विदेशी मुद्रा की अस्थिरता और भू-राजनीतिक जोखिमों से सुरक्षित रख सकें। इसका आप पर असर सोने की कीमतों में उछाल और विदेशी मुद्रा बाजार में जारी हलचल का सीधा असर सर्राफा खरीदारों, खुदरा निवेशकों और विदेश यात्रा करने वालों पर पड़ेगा। • भारत में: अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हाजिर सोना 4,480 डॉलर प्रति औंस के पार जाने से घरेलू बाजार में सोने के भाव बढ़ेंगे। आगामी त्योहारों और शादियों के सीजन के लिए खरीदारी की योजना बना रहे लोगों को 10 ग्राम सोने के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। • गोल्ड ETF निवेशक: गोल्ड ETF और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने वाले निवेशकों के पोर्टफोलियो NAV में सुधार देखा जाएगा। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे तकनीकी रेजिस्टेंस स्तरों के पास एकमुश्त निवेश करने के बजाय व्यवस्थित SIP रणनीति बनाए रखें। • सर्राफा कारोबारी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी से खुदरा ज्वेलर्स के लिए कच्चे सोने की इन्वेंट्री लागत बढ़ सकती है। कारोबारियों को हेजिंग रणनीतियों को प्रबंधित करने के लिए वैश्विक स्पॉट मोमेंट्स पर नजर रखनी चाहिए। • विदेश यात्रा और छात्र: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स घटकर 99.26 पर आने से अमेरिका जाने वाले यात्रियों और छात्रों को थोड़ी राहत मिलेगी। शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी रोजगार आंकड़ों से पहले डॉलर में खरीदारी की लागत में मामूली गिरावट आ सकती है। सवाल-जवाब 1. आज सोने की कीमतों में अचानक तेजी क्यों आई? जापानी येन में 1.50% की उछाल से अमेरिकी डॉलर में भारी गिरावट आई, जिससे हाजिर सोना 2.61% उछलकर 4,480 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया। 2. सोने के लिए तात्कालिक तकनीकी रेजिस्टेंस स्तर कौन से हैं? सोने के लिए पहला रेजिस्टेंस 4,450 डॉलर पर है, जिसके बाद 200-दिवसीय SMA 4,533 डॉलर और 4,700 डॉलर का मुख्य स्तर है। 3. जापानी येन की तेजी ने अमेरिकी डॉलर इंडेक्स को कैसे प्रभावित किया? येन की मजबूती से USD/JPY गिरकर 156.35 पर आ गया, जिससे छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत मापने वाला DXY इंडेक्स गिरकर 99.26 पर आ गया। 4. गोल्ड ट्रेडर्स अब किस प्रमुख आर्थिक आंकड़े का इंतजार कर रहे हैं? ट्रेडर्स शुक्रवार को आने वाली अमेरिकी नॉन-फॉर्म पेरोल (NFP) रिपोर्ट और गुरुवार की ISM सर्विसेज PMI रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। 5. केंद्रीय बैंकों ने हाल के समय में कितना सोना खरीदा है? वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार केंद्रीय बैंकों ने अपने आरक्षित भंडार में रिकॉर्ड 1,136 टन सोना जोड़ा, जिसकी कीमत लगभग 70 अरब डॉलर थी। https://trendkia.com/market/dollar-ki-kamajori-aura-yen-ki-chhalanga-se-chamaka-sona-janen-takaniki-stara-aura-age-ki-disha-27141 TrendKia — Har trend, sabse pehle.