डॉलर की मजबूती और ऊंची ब्याज दरों के डर से सोना तीन महीने के सबसे निचले स्तर पर मजबूत होते अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व के सख्त रुख की आशंका के बीच बुधवार को भारत में सोने का वायदा भाव तीन महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गया। MCX पर अगस्त वायदा 1.25 फीसदी टूटकर 1,44,695 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। बुधवार को भारतीय बाजार में सोने की चमक फीकी पड़ गई और इसका वायदा भाव लुढ़ककर तीन महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गया। इसकी सबसे बड़ी वजह रही अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती और इस उम्मीद का बढ़ना कि अमेरिका में ब्याज दरें अभी ऊंची बनी रहेंगी। इन दोनों कारणों ने मिलकर पीली धातु की मांग पर ब्रेक लगा दिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 1,834 रुपये गिर गया। यह अनुबंध 1.25 फीसदी की गिरावट के साथ 1,44,695 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इस दौरान कारोबार में 9,508 लॉट के सौदे हुए। आखिरी बार इस स्तर पर कब था सोना इससे पहले यह अनुबंध 23 मार्च को इसी स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था। उस दिन यह 1,45,069 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। बाजार के जानकारों का कहना है कि कारोबारी अब अमेरिका की सख्त मौद्रिक नीति को भाव में शामिल कर रहे हैं। इसी बदलाव ने डॉलर को सहारा दिया और अमेरिकी ट्रेजरी पर मिलने वाला रिटर्न (यील्ड) भी ऊपर चढ़ गया। आमतौर पर ये दोनों ही हालात कीमती धातुओं के प्रति निवेशकों का रुझान घटा देते हैं। लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने इस गिरावट को मुद्रा बाजार की हलचल से जोड़ा। उन्होंने कहा, "अमेरिकी डॉलर में मजबूती और फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर बनी चिंताओं के बीच घरेलू बाजार में सोने के दाम गिरे, जिसने सर्राफा की मांग को कमजोर कर दिया।" जैसे-जैसे यह दांव मजबूत हुआ कि ब्याज दरें ऊंची ही रहेंगी, कारोबारियों ने सतर्क रुख अपना लिया। विदेशी बाजारों में भी टूटा भाव कमजोरी सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही, इसका असर विदेशी बाजारों में भी दिखा। कॉमेक्स पर सोने का वायदा भाव 4,100 डॉलर प्रति औंस के नीचे फिसल गया। करीब आठ महीने में पहली बार इस धातु ने यह स्तर तोड़ा है। सोना 51.55 डॉलर यानी 1.24 फीसदी टूटकर 4,097.85 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। इससे पहले यह 28 अक्टूबर 2025 को इसी स्तर के करीब था। दुनिया भर के कौन से कारण बने वजह जानकारों ने इस बिकवाली के पीछे कई वैश्विक कारण गिनाए। ऑगमोंट की हेड ऑफ रिसर्च रेनिशा चैनानी ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए अस्थायी शांति समझौते के बावजूद गिरावट जारी रही। उन्होंने इसकी एक वजह AI से जुड़े शेयरों में आई तेज गिरावट के बाद बने जोखिम से दूरी (रिस्क-ऑफ) वाले माहौल को बताया। चैनानी ने फेडरल रिजर्व के और सख्त होते रुख की ओर भी इशारा किया। चैनानी के मुताबिक बाजार दिसंबर 2026 में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना को 86 फीसदी मान रहा है। ब्याज दरों को लेकर बने इसी मजबूत अनुमान ने डॉलर इंडेक्स को 101 के पार पहुंचा दिया, जिससे सर्राफा की कीमतों पर और दबाव बढ़ गया। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच बनी समझ कितनी टिकाऊ है, इस पर भी शक बना रहा। दोनों पक्षों के मिले-जुले बयानों ने अनिश्चितता को जिंदा रखा। ईरान और अमेरिका के बीच क्या चल रहा है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ईरान अनिश्चितकालीन परमाणु निरीक्षण के लिए राजी हो गया है। लेकिन तेहरान ने तुरंत इस दावे को खारिज कर दिया, जिससे इस समझौते के भविष्य पर नए सिरे से सवाल खड़े हो गए। चैनानी ने कहा कि निवेशकों की नजर अब अमेरिका के आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर टिकी है। अमेरिका के पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) के आंकड़े गुरुवार को आने हैं। कारोबारियों को उम्मीद है कि इनसे नीति और सोने की दिशा को लेकर संकेत मिलेंगे। इसका आप पर असर • निवेशकों के लिए: सोने में बिकवाली का दबाव बना हुआ है, इसलिए वायदा बाजार में दांव लगाने वाले कारोबारियों को ऊंची ब्याज दरों और मजबूत डॉलर के संकेतों पर नजर रखनी चाहिए। • खरीदारों के लिए: कीमतें तीन महीने के निचले स्तर पर आ गई हैं, जिससे जो लोग सोना खरीदने की सोच रहे थे उन्हें फिलहाल थोड़ी राहत मिल सकती है। सवाल-जवाब 1. बुधवार को MCX पर सोने का वायदा भाव कितना रहा? MCX पर अगस्त वायदा 1.25 फीसदी यानी 1,834 रुपये गिरकर 1,44,695 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। 2. सोने के दाम गिरने की मुख्य वजह क्या है? अमेरिकी डॉलर में मजबूती और अमेरिका में ब्याज दरें ऊंची बनी रहने की उम्मीद से सोने की मांग घट गई। 3. कॉमेक्स पर सोना किस स्तर पर पहुंचा? कॉमेक्स पर सोना 51.55 डॉलर यानी 1.24 फीसदी गिरकर 4,097.85 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जो करीब आठ महीने में पहली बार 4,100 डॉलर के नीचे है। 4. बाजार दिसंबर 2026 में ब्याज दर बढ़ने की कितनी संभावना मान रहा है? रेनिशा चैनानी के मुताबिक बाजार दिसंबर 2026 में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 86 फीसदी मान रहा है। 5. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर क्या कहा? ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ईरान अनिश्चितकालीन परमाणु निरीक्षण के लिए राजी हो गया है, लेकिन तेहरान ने इस दावे को खारिज कर दिया। 6. अब निवेशकों की नजर किस आंकड़े पर है? निवेशक अमेरिका के पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जो गुरुवार को आने हैं। https://trendkia.com/market/dollar-ki-majabuti-aura-unchi-byaja-daron-ke-dara-se-sona-tina-mahine-ke-sabase-nichale-stara-para-2742 TrendKia — Har trend, sabse pehle.