# डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ फैसले से पहले कॉपर $14,800 के करीब, डीजल स्प्रेड रिकॉर्ड $102 के पार

> अमेरिकी आयात शुल्क की आशंका के बीच लंदन मेटल एक्सचेंज पर कॉपर फ्यूचर्स $14,800 प्रति टन के करीब पहुंच गए हैं, जबकि डीजल क्रैक स्प्रेड ने रिकॉर्ड $102 प्रति बैरल का स्तर छू लिया है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/donald-trump-ke-tairipha-phaisale-se-pahale-copper-14-800-ke-kariba-dijala-spreda-rikorda-102-ke-para-30244 · **Language:** Hindi
**Tags:** कॉपर प्राइस, लंदन मेटल एक्सचेंज, डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ, डीजल क्रैक स्प्रेड, गोल्ड प्राइस, USD JPY, फॉरेक्स मार्केट, वित्त

अमेरिकी सरकार द्वारा रिफाइंड कॉपर आयात पर नए शुल्क (टैरिफ) लगाने की आशंका के बीच लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर तांबे के भाव उछलकर लगभग $14,800 प्रति टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। व्यापारियों द्वारा अमेरिका में भारी मात्रा में भौतिक तांबे का भंडारण करने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आपूर्ति की कमी हो गई है, जिससे लंदन में शॉर्ट पोजीशन रखने वाले ट्रेडर्स पर भारी दबाव बन गया है और कॉमेक्स (COMEX) गोदामों में इन्वेंट्री रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। औद्योगिक धातुओं के अलावा वैश्विक वित्तीय बाजारों में भी बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं। ऊर्जा बाजार में अमेरिका का डीजल क्रैक स्प्रेड इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल को पार करते हुए $102.00 के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी डॉलर में गिरावट के कारण स्पॉट गोल्ड $4,400 प्रति औंस के पार लौट आया, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7200 से ऊपर मजबूत बना रहा और जापानी येन में तेजी के चलते USD/JPY 153.48 के पास सात महीने के निचले स्तर के करीब कारोबार करता नजर आया।

## टैरिफ की आशंका से कॉपर फ्यूचर्स $14,800 के करीब, आपूर्ति में भारी तंगी
लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर तीन महीने के कॉपर फ्यूचर्स अनुबंध $14,800 प्रति टन के करीब पहुंच गए। इस रिकॉर्ड तेजी की मुख्य वजह अमेरिकी प्रशासन द्वारा रिफाइंड कॉपर आयात पर संभावित शुल्क लगाने की तैयारी है। आईएनजी (ING) की कमोडिटीज रिसर्च टीम के अनुसार, ट्रेडर्स संभावित नियमों के लागू होने से पहले अमेरिकी बाजारों में बड़े पैमाने पर तांबे का आयात कर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, अमेरिका स्थित कॉमेक्स (COMEX) एक्सचेंज के गोदामों में इन्वेंट्री बढ़कर अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई है। अमेरिका में धातु जमा होने से अमेरिका से बाहर के अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तांबे की उपलब्धता में बड़ी गिरावट आई है, जिससे यूरोपीय और एशियाई व्यापारिक केंद्रों में आपूर्ति तंग हो गई है। लंदन मेटल एक्सचेंज पर बनी इस स्थिति ने शॉर्ट पोजीशन वाले निवेशकों पर भारी दबाव डाला है, जिससे शॉर्ट स्क्वीज के कारण कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है।

## ट्रंप प्रशासन का टैरिफ प्रस्ताव और कीमतों में तेज गिरावट का जोखिम
बाजार की नजर अब रिफाइंड कॉपर पर आयात शुल्क लगाने के संबंध में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अंतिम फैसले पर टिकी है। प्रस्तावित योजना के तहत, जनवरी 2027 से 15% का आयात शुल्क लागू किया जाएगा, जिसे 2028 में बढ़ाकर 30% करने का प्रस्ताव है। यदि अमेरिकी प्रशासन इसे मंजूरी देता है, तो तांबे का प्रवाह अमेरिकी गोदामों की ओर लगातार बना रहेगा। हालांकि, यदि सरकार इसमें कोई छूट देती है या इसके क्रियान्वयन में देरी करती है, तो वर्तमान सट्टेबाजी के सौदे तेजी से अनवाइंड हो सकते हैं और वैश्विक बाजारों में आपूर्ति की स्थिति सामान्य हो सकती है। आईएनजी के विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि जब तक टैरिफ को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी, कॉपर की कीमतें उच्च स्तर पर बनी रह सकती हैं, लेकिन यह रैली मुख्य रूप से नीतिगत आशंकाओं से प्रेरित है। यदि टैरिफ में देरी होती है या इसे खारिज किया जाता है, तो तांबे की कीमतों में तेज गिरावट (करैक्शन) आ सकती है, क्योंकि वास्तविक औद्योगिक मांग अभी भी सुस्त बनी हुई है।

## फॉरेक्स बाजार: जापानी येन की मजबूती से USD/JPY सात महीने के निचले स्तर पर
विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) बाजार में यूरोपीय कारोबारी घंटों के दौरान USD/JPY में गिरावट का रुख बना रहा और यह 153.50 के आसपास कारोबार करता दिखा। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार USD/JPY 153.48 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव 153.85 से 0.24% की गिरावट को दर्शाता है। यह करेंसी पेयर 146.61 से 163.98 के अपने 52-सप्ताह के दायरे के निचले स्तर 153.48 के करीब बना हुआ है। जापान में जारी मजबूत टंकन (Tankan) बिजनेस सर्वे के नतीजों से बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की प्रक्रिया जारी रखने की उम्मीदें बढ़ी हैं, जिससे जापानी येन को समर्थन मिला है। तकनीकी संकेतकों के अनुसार, 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 25 पर है, जो ओवरसोल्ड स्थिति का संकेत देता है, जबकि MACD हिस्टोग्राम -1.28 पर बेयरिश है। एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज दीर्घकालिक मंदी का संकेत दे रहे हैं, जिसमें EMA20 157.94 पर, EMA50 159.22 पर और EMA200 157.76 पर है। पेयर के लिए 152.90 से 152.95 के पास तकनीकी सहायता (सपोर्ट) और 160.38 के पास प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) देखा जा रहा है।

## वैश्विक मुद्रा बाजार और सोना: AUD/USD मजबूत, सोना $4,400 के पार
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में जारी कमजोरी से अन्य प्रमुख मुद्राओं और कीमती धातुओं को समर्थन मिला है। बुधवार के एशियाई कारोबारी सत्र में AUD/USD 0.7200 के स्तर से ऊपर मजबूती से टिका रहा। हालांकि चीन के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) और प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) के आंकड़ों पर बाजार की प्रतिक्रिया सीमित रही, लेकिन रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती उम्मीदों और डॉलर की कमजोरी ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मजबूती दी। फॉरेक्स ट्रेडर्स अब आगे के संकेतों के लिए इस सप्ताह आने वाले अमेरिकी मुद्रास्फीति (इन्फ्लेशन) के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, सोने (गोल्ड) ने अपनी तीन दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए यूरोपीय सत्र से पहले $4,400 प्रति औंस का स्तर फिर से हासिल कर लिया, जिसे कमजोर अमेरिकी डॉलर से सहारा मिला।

## रिफाइनिंग बाधाओं से अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड $102 के रिकॉर्ड स्तर पर
ऊर्जा क्षेत्र में क्रूड ऑयल फ्यूचर्स में पिछले महीनों की तुलना में सापेक्ष स्थिरता देखी जा रही है, लेकिन रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों में तंगी बनी हुई है। अमेरिका का डीजल क्रैक स्प्रेड—जो अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल (ULSD) फ्यूचर्स और WTI क्रूड ऑयल के बीच के मूल्य अंतर को मापता है—इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल को पार कर गया। कारोबार के दौरान यह $102.00 प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। क्रैक स्प्रेड में यह ऐतिहासिक उछाल अमेरिकी रिफाइनरियों में परिचालन संबंधी दबाव और डीजल की उच्च मांग को दर्शाता है, जो कि शांत कच्चे तेल के बाजार से बिल्कुल विपरीत स्थिति पेश करता है।

## क्रिप्टोकरेंसी बाजार: पाई नेटवर्क $0.098 के स्तर से ऊपर सुधरा
डिजिटल एसेट बाजार में पाई नेटवर्क (PI) ने बुधवार को अपनी रिकवरी जारी रखी और 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) पर सपोर्ट पाने के बाद $0.098 से ऊपर कारोबार करता नजर आया। पाई कोर टीम (Pi Core Team) द्वारा अपने डेवलपर इकोसिस्टम को मजबूत करने और नेटवर्क पर व्यावहारिक उपयोगिता (यूटिलिटी) बढ़ाने की घोषणाओं के बाद यह तेजी देखी गई है। डेवलपर गतिविधियों को बढ़ावा देने से नेटवर्क के दीर्घकालिक मूल्य में वृद्धि होने की उम्मीद है।

## इसका आप पर असर
यह खबर वैश्विक कमोडिटी कीमतों, ऊर्जा लागत और विदेशी मुद्रा बाजार पर सीधे प्रभाव डालती है, जिससे निवेशकों और आम उपभोक्ताओं दोनों के बजट पर असर पड़ेगा।

- **कच्चे माल की लागत:** तांबे की कीमतों में $14,800 प्रति टन तक की बढ़ोतरी से इलेक्ट्रॉनिक्स, ईवी (EV) निर्माण और बिजली के सामान महंगे हो सकते हैं। इसका सीधा असर कंपनियों की उत्पादन लागत और अंतिम उत्पाद की कीमतों पर पड़ेगा।
- **ईंधन और परिवहन खर्च:** डीजल क्रैक स्प्रेड के रिकॉर्ड $102 प्रति बैरल के पार जाने से लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई महंगी हो सकती है। परिवहन लागत बढ़ने से दैनिक उपभोग की वस्तुओं में महंगाई देखने को मिल सकती है।
- **कीमती धातुओं में निवेश:** सोने का $4,400 प्रति औंस के पार लौटना निवेशकों के लिए सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुझान को दर्शाता है। शेयर बाजार में अनिश्चितता के दौरान सोने में निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है।
- **फॉरेक्स और आयात-निर्यात:** जापानी येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में मजबूती के बीच अमेरिकी डॉलर में गिरावट अंतरराष्ट्रीय व्यापार करने वाली कंपनियों के मार्जिन को प्रभावित करेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
तांबे और डीजल की कीमतों में यह रिकॉर्ड उछाल नीतिगत अनिश्चितताओं, वैश्विक गोदामों में इन्वेंट्री के पुनर्वितरण और रिफाइनिंग बाधाओं के संयुक्त प्रभाव के कारण आया है।

- **अमेरिकी टैरिफ की आशंका:** राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रिफाइंड कॉपर पर 15% से 30% आयात शुल्क लगाने के प्रस्ताव के चलते ट्रेडर्स ने पहले ही भारी मात्रा में कॉपर अमेरिका भेजना शुरू कर दिया है। इससे अमेरिका के कॉमेक्स गोदामों में स्टॉक बढ़ा है लेकिन वैश्विक बाजारों में तंगी पैदा हो गई है।
- **लंदन मेटल एक्सचेंज पर शॉर्ट स्क्वीज:** अमेरिका से बाहर तांबे की उपलब्धता घटने से लंदन बाजार में शॉर्ट पोजीशन लेने वाले ट्रेडर्स दबाव में आ गए, जिससे कीमतों में कृत्रिम उछाल (शॉर्ट स्क्वीज) दर्ज किया गया।
- **रिफाइनिंग क्षमता पर दबाव:** कच्चे तेल की स्थिर कीमतों के बावजूद अमेरिका में डीजल आपूर्ति और रिफाइनिंग बाधाओं के चलते डीजल क्रैक स्प्रेड पहली बार $100 प्रति बैरल से ऊपर निकल गया।
- **बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति:** जापान के मजबूत टंकन बिजनेस सर्वे के बाद बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने और नीति सामान्यीकरण की संभावनाओं से जापानी येन मजबूत हुआ और अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना।

## सवाल-जवाब

### 1. कॉपर के भाव $14,800 प्रति टन के करीब क्यों पहुंचे हैं?
अमरीकी सरकार द्वारा रिफाइंड कॉपर आयात पर संभावित टैरिफ लगाने की खबरों के बाद ट्रेडर्स अमेरिका में धातु का भारी स्टॉक जमा कर रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आपूर्ति घट गई है।

### 2. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कॉपर टैरिफ प्रस्ताव क्या है?
प्रस्ताव के तहत रिफाइंड कॉपर आयात पर जनवरी 2027 से 15% शुल्क लगाने और 2028 में इसे बढ़ाकर 30% करने की योजना है।

### 3. यदि कॉपर पर टैरिफ स्थगित या रद्द होता है तो क्या होगा?
आईएनजी के अनुसार, यदि टैरिफ में देरी होती है या इसे रद्द किया जाता है, तो भौतिक मांग सुस्त होने के कारण तांबे की कीमतों में तेज गिरावट आ सकती है।

### 4. डीजल क्रैक स्प्रेड ने क्या नया रिकॉर्ड बनाया है?
अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल को पार करते हुए $102.00 के इंट्राडे रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

### 5. USD/JPY में गिरावट की मुख्य वजह क्या है?
जापान के मजबूत टंकन बिजनेस सर्वे के बाद बैंक ऑफ जापान द्वारा नीति सामान्यीकरण की उम्मीदें बढ़ी हैं, जिससे जापानी येन मजबूत हुआ है और डॉलर दबाव में है।

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