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  "type": "article",
  "title": "डॉव जोन्स में एनवीडिया और सेल्सफोर्स के मजबूत नतीजों के बावजूद 28 शेयरों की गिरावट ने रोकी बड़ी बढ़त",
  "summary": "सेल्सफोर्स और एनवीडिया के शानदार तिमाही नतीजों से अमेरिकी शेयर बाजार में जोरदार उछाल देखने को मिला, लेकिन डॉव जोन्स के बाकी 28 शेयरों में बिकवाली के कारण इंडेक्स की बढ़त सीमित रह गई।",
  "content": "अमेरिकी शेयर बाजार में गुरुवार के कारोबारी सत्र के दौरान अनूठा खींचतान देखने को मिला। एक ओर जहां सेल्सफोर्स और एनवीडिया जैसी बड़ी तकनीकी कंपनियों के शानदार वित्तीय नतीजों ने टेक क्षेत्र में जबरदस्त उत्साह भरा, वहीं दूसरी ओर इंडेक्स के बाकी 28 दिग्गज शेयरों में छाई मंदी ने डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज की रफ्तार थाम ली। कारोबारी सत्र में डॉव जोन्स 53,600 के स्तर के करीब बना रहा और दिन के दौरान 53,300 के निचले स्तर से लेकर 53,700 के ऊपरी दायरे के बीच घूमता रहा। अंतिम आंकड़ों के अनुसार, डॉव जोन्स 53,631 के स्तर पर बंद हुआ, जिसमें 0.31 प्रतिशत या लगभग 0.29 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई। इसके विपरीत, टेक शेयरों से भरपूर नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स 1.1 प्रतिशत की जोरदार तेजी के साथ बंद हुआ। बाजार में यह भिन्नता स्पष्ट रूप से दिखाई दी, क्योंकि प्राइस-वेटेड संरचना वाले डॉव इंडेक्स में दो सबसे बड़े विजेता होने के बावजूद व्यापक बिकवाली ने पूरी बढ़त को सीमित कर दिया।\n\nसेल्सफोर्स और एनवीडिया के ब्लॉकबस्टर नतीजे और इंडेक्स पर प्रभाव\nदिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी सेल्सफोर्स (CRM) के शेयरों में दूसरी तिमाही के राजस्व आंकड़ों में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन के बाद लगभग 20 प्रतिशत का जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। वहीं दूसरी ओर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चिप्स बनाने वाली प्रमुख कंपनी एनवीडिया (NVDA) के शेयर में लगभग 7.5 प्रतिशत की तेजी आई। एनवीडिया ने वित्त वर्ष 2028 के लिए ऐसा विकास पूर्वानुमान पेश किया, जो वॉल स्ट्रीट के विश्लेषकों और सेल-साइड मॉडल के अनुमानों से काफी अधिक था। ये दोनों ही दिग्गज कंपनियां डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज की 30 प्रमुख घटक कंपनियों में शामिल हैं। डॉव जोन्स की अनूठी कीमत-आधारित गणना पद्धति (प्राइस-वेटिंग) के तहत, किसी भी कंपनी के शेयर मूल्य में डॉलर के हिसाब से होने वाला बदलाव इंडेक्स के अंकों को तय करता है, न कि उसकी कुल बाजार पूंजीकरण का प्रतिशत।\n\nवर्तमान गणना मापदंडों के अनुसार, डॉव इंडेक्स में शामिल कंपनियों का प्रति डॉलर शेयर मूल्य परिवर्तन लगभग छह इंडेक्स पॉइंट्स के बराबर होता है। इस हिसाब से, सेल्सफोर्स और एनवीडिया के शेयर मूल्यों में आई जोरदार तेजी ने मिलकर डॉव जोन्स इंडेक्स में लगभग 350 अंकों का सकारात्मक योगदान दिया। हालांकि, इंडेक्स के कुल आंकड़े बताते हैं कि वह इस संयुक्त बढ़त में से केवल 157 अंक ही अपनी झोली में बनाए रख सका। इसका सीधा गणित यह है कि इंडेक्स की शेष 28 कंपनियों ने मिलकर लगभग 200 अंकों की गिरावट दर्ज की और दो दिग्गजों द्वारा बनाई गई बढ़त को काफी हद तक घटा दिया। आमतौर पर प्राइस-वेटेड इंडेक्स की आलोचना इस बात के लिए की जाती है कि इसमें बड़ी तेजी वाले शेयर समय पर शामिल नहीं हो पाते, लेकिन इस सत्र में जब दोनों विजेता कंपनियां इंडेक्स का हिस्सा थीं, तब भी 28 अन्य घटकों के दबाव ने सूचकांक को नैस्डैक की तेजी के मुकाबले एक चौथाई पर ही रोक दिया।\n\nसेमीकंडक्टर शुल्क और डेटा सेंटर नीतियों पर नया प्रस्ताव\nशेयर बाजार में इस उथल-पुथल के बीच वॉशिंगटन से आई एक रिपोर्ट ने भी टेक और चिप सेक्टर के निवेशकों की चिंताएं बढ़ाईं। आठ जानकार सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन सेमीकंडक्टर आयात पर अधिक व्यापक टैरिफ या सीमा शुल्क लागू करने की योजना पर विचार कर रहा है। यह नया प्रस्ताव केवल बेसिक चिप्स तक सीमित नहीं है, बल्कि कंप्यूटर चिप्स का इस्तेमाल करने वाले तैयार सामानों जैसे लैपटॉप, गेमिंग हार्डवेयर और विशाल डेटा सेंटर सर्वर तक विस्तारित किया जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, वाणिज्य सचिव इस बात के पक्ष में हैं कि जिन कंपनियों को इस नए शुल्क से छूट दी जाए, उन्हें अमेरिका के भीतर घरेलू चिप निर्माण में निवेश करने की प्रतिबद्धता जतानी होगी। इसके साथ ही इस नीति को लागू करने के लिए एक चरणबद्ध समयसीमा (फेज-इन अवधि) पर भी विचार-विमर्श चल रहा है।\n\nउल्लेखनीय है कि जनवरी में लागू की गई पिछली नीति के तहत एडवांस्ड कंप्यूटिंग चिप्स पर 25 प्रतिशत का शुल्क लगाया गया था, लेकिन डेटा सेंटर के लिए जाने वाले चिप्स को इससे अलग रखते हुए विशेष छूट दी गई थी। इसी छूट के बल पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करने वाली कंपनियां अब तक बिना किसी अतिरिक्त आयात शुल्क के हार्डवेयर आयात कर पा रही थीं। यदि नया प्रस्ताव लागू होता है और सर्वरों को भी शुल्क के दायरे में लाया जाता है, तो यह छूट समाप्त हो जाएगी। इसका सीधा असर आपूर्ति करने वाली कंपनियों के बजाय उपकरण खरीदने वाले ग्राहकों के वित्तीय बजट पर पड़ेगा। दिलचस्प बात यह रही कि जिस सुबह ग्राहकों के उपकरणों पर टैक्स बढ़ाने के प्रशासनिक ढांचे की विस्तृत जानकारी आई, उसी दिन AI इंफ्रास्ट्रक्चर के केंद्र में स्थित एनवीडिया के शेयर 7.5 प्रतिशत और उस इंफ्रास्ट्रक्चर पर सॉफ्टवेयर बेचने वाली सेल्सफोर्स के शेयर 20 प्रतिशत ऊपर कारोबार कर रहे थे।\n\nजैकसन होल सम्मेलन और फेडरल रिजर्व अधिकारियों के सख्त संकेत\nमैक्रोइकॉनॉमिक्स और मौद्रिक नीति के मोर्चे पर, वार्षिक जैकसन होल संगोष्ठी का आयोजन गुरुवार को शुरू हुआ। न्यूयॉर्क शेयर बाजार खुलने से पहले ही फेडरल रिजर्व के तीन प्रमुख नीति निर्माताओं के वक्तव्य सामने आ चुके थे। पहला भाषण 11:30 GMT पर आया, जिसे वित्तीय विश्लेषकों ने 7.1 के वक्ता औसत के मुकाबले 7.0 का हॉकिश स्कोर दिया। इस वक्तव्य में स्पष्ट किया गया कि मुद्रास्फीति (इन्फ्लेशन) अभी भी जिद्दी और उच्च स्तर पर बनी हुई है, हालांकि उन्होंने तुरंत ब्याज दरों में बदलाव की मांग नहीं की। इसके बाद 12:15 GMT पर आया दूसरा भाषण 6.0 के न्यूट्रल स्कोर पर रहा, जो उसके अपने ऐतिहासिक औसत के बिल्कुल समान था।\n\nसबसे अधिक हलचल 14:30 GMT पर दिए गए तीसरे भाषण से हुई, जिसे 7.5 के औसत के मुकाबले 8.0 का अत्यधिक सख्त या हॉकिश स्कोर दिया गया। जुलाई की नीतिगत बैठक में ब्याज दरों के खिलाफ असहमति जताने वाले तीन नीति निर्माताओं में से एक इस वक्ता ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि लगातार पांच वर्षों से अधिक समय तक मुद्रास्फीति का लक्ष्य से ऊपर बने रहना यह दर्शाता है कि वर्तमान मौद्रिक नीति पर्याप्त रूप से प्रतिबंधात्मक नहीं है। उन्होंने कड़े शब्दों में जोर दिया कि दरों पर निर्णय लेने और कार्रवाई करने का सही समय अब आ चुका है। इसके अतिरिक्त, वित्तीय बाजार के प्रतिभागी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन के रूप में केविन वॉरश के आगामी जैकसन होल भाषण का उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं, जहां से सितंबर की मौद्रिक नीति बैठक के लिए दिशा तय होने की संभावना है।\n\nआर्थिक आंकड़े, मुद्रास्फीति प्रत्याशा और ब्याज दर का परिदृश्य\nगुरुवार को बाजार के समक्ष कई महत्वपूर्ण अमेरिकी आर्थिक आंकड़े भी जारी किए गए। शिकागो परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) 13:45 GMT पर जारी हुआ, जो 57.6 के पिछले आंकड़े के मुकाबले 57 के सर्वसम्मति अनुमान पर रहा। इसके ठीक बाद 14:00 GMT पर यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के अंतिम अगस्त सर्वेक्षण आंकड़े सामने आए, जिसमें उपभोक्ता भावना सूचकांक (कंज्यूमर सेंटिमेंट) 51 और उपभोक्ता अपेक्षाएं 50.6 पर दर्ज की गईं। ये दोनों आंकड़े प्रारंभिक अनुमानों के बिल्कुल समान रहे।\n\nमुद्रास्फीति की प्रत्याशाओं के मामले में, एक वर्ष की अल्पकालिक मुद्रास्फीति प्रत्याशा 4.3 प्रतिशत पर स्थिर रही, जबकि पांच वर्ष की दीर्घावधि मुद्रास्फीति प्रत्याशा 3.3 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रही। दोनों ही आंकड़े पिछले स्तरों पर टिके हुए हैं। वेब-सॉर्स्ड प्राइसिंग डेटा और वायदा बाजार की गतिविधियों के अनुसार, सितंबर की बैठक में ब्याज दरों में एक और वृद्धि की संभावना लगभग तीन में से एक (लगभग 33 प्रतिशत) जताई जा रही है। ऐसे माहौल में, पेमेंट रेल पर होने वाला एक आगामी भाषण अगस्त की आधिकारिक रोजगार रिपोर्ट (पेरोल्स रिपोर्ट) से पहले केंद्रीय बैंक की ओर से आने वाला अंतिम निर्धारित वक्तव्य होगा।\n\nडॉव जोन्स का तकनीकी विश्लेषण और महत्वपूर्ण स्तर\nतकनीकी चार्ट पर डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज का विश्लेषण करें तो 53,700 के ठीक ऊपर का स्तर एक मजबूत प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) के रूप में काम कर रहा है। गुरुवार का उच्च स्तर 19 अगस्त को बने उस स्तर से मात्र दो पॉइंट नीचे आकर रुक गया, जिसने पहले इंडेक्स की तेजी को रोका था। यदि इंडेक्स इस बाधा पार करता है, तो 53,800 का क्षेत्र अगला महत्वपूर्ण रजिस्टेंस है जिसने मध्य अगस्त से अब तक के सभी तेजी के प्रयासों को विफल किया है। इसके पार 54,100 और उसके बाद 54,750 के करीब का सर्वकालिक उच्चतम रिकॉर्ड स्तर (ऑल-टाइम हाई) आता है। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, 52-सप्ताह का दायरा 44,948 से 54,744 के बीच रहा है, जबकि पिवट पॉइंट 53,561 पर स्थित है। ऊपर की ओर पहला रेजिस्टेंस R1 53,777 और R2 53,923 पर है।\n\nसपोर्ट स्तरों की बात करें तो गुरुवार का सत्र का निचला स्तर 53,300 के करीब पहला सहारा है। इसके नीचे 53,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर आता है, जबकि लाइव तकनीकी संकेतकों के अनुसार 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA20) 53,336 पर और 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA50) 52,647 पर बना हुआ है (चार्ट में 52,700 का क्षेत्र)। यह 50-दिवसीय EMA अगस्त के अपट्रेंड की अंतिम रक्षा पंक्ति है। 200-दिवसीय EMA 49,969 पर होने से दीर्घकालिक ट्रेंड सकारात्मक (गोल्डन क्रॉस) बना हुआ है। हालांकि, स्टोकैस्टिक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (Stoch RSI) 39 पर नीचे की ओर जा रहा है, जो ऊपरी बैंड से फिसलने का संकेत देता है। डेली क्लोजिंग आधार पर 53,800 के ऊपर बंद होने पर ही यह मंदी का रुझान अमान्य (इनवैलिडेट) होगा। इसके अलावा, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI-14) 56 पर और एमएसीडी (MACD) हिस्टोग्राम -64.17 पर बियरिश डायवर्जेंस दिखा रहा है।\n\nमुद्रा, कमोडिटी, क्रिप्टो और एनर्जी बाजारों की स्थिति\nशेयर बाजार के अलावा अन्य वित्तीय परिसंपत्तियों में भी गुरुवार को महत्वपूर्ण हलचल देखी गई। विदेशी मुद्रा बाजार में, ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) छह दिनों के निचले स्तर तक गिरने के बाद रिकवर होकर 1.3600 के स्तर के ठीक नीचे कारोबार करता दिखा। वहीं यूरो (EUR/USD) ने अपनी शुरुआती गिरावट को पाटते हुए 1.1600 के मध्य स्तर को पुनः प्राप्त कर लिया। अमेरिकी डॉलर में हल्की मजबूती के बावजूद दोनों प्रमुख मुद्राओं ने संयमित रुख बनाए रखा।\n\nसुरक्षित निवेश मानी जाने वाली कीमती धातु सोना (Gold) बुधवार की गिरावट से उबरकर 4,600 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के आंकड़े के करीब पहुंच गया। दूसरी ओर, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में सुधार दर्ज किया गया, जहां बिटकॉइन (BTC) 80,000 डॉलर के स्तर के पास मजबूती से कारोबार कर रहा था। ऑल्टकॉइन्स में एथेरियम (ETH) 2,500 डॉलर से ऊपर और रिपल (XRP) अपने महत्वपूर्ण 1.40 डॉलर के सपोर्ट स्तर से ऊपर बना रहा। ऊर्जा क्षेत्र में कच्चे तेल का बाजार भले ही शांत दिखे, लेकिन डीजल बाजार में अप्रत्याशित उछाल देखा गया। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड (अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल और WTI क्रूड का अंतर) इतिहास में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया और 102.00 डॉलर के इंट्राडे रिकॉर्ड स्तर को छू गया।\n\nडॉव जोन्स की ऐतिहासिक संरचना और प्राइस-वेटिंग की प्रक्रिया\nडॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज दुनिया के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित शेयर बाजार सूचकांकों में से एक है। इसकी स्थापना चार्ल्स डॉव ने की थी, जिन्होंने प्रसिद्ध वित्तीय समाचार पत्र वॉल स्ट्रीट जर्नल की भी नींव रखी थी। इस इंडेक्स में अमेरिका की 30 सबसे अधिक कारोबार वाली दिग्गज बहुराष्ट्रीय कंपनियों को शामिल किया जाता है। डॉव जोन्स की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) के बजाय मूल्य-भारित (प्राइस-वेटेड) सूचकांक है। इसका मतलब है कि इंडेक्स का मूल्य घटकों के शेयर मूल्यों के योग को एक विशेष भाजक (डिवाइजर) से विभाजित करके निकाला जाता है, जो वर्तमान में 0.152 है।\n\nप्राइस-वेटिंग संरचना के कारण, उच्च शेयर मूल्य वाली कंपनी का इंडेक्स पर प्रभाव कम शेयर मूल्य वाली कंपनी से अधिक होता है, भले ही कम शेयर मूल्य वाली कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण बहुत बड़ा हो। आधुनिक समय में, वित्तीय विश्लेषक अक्सर डॉव जोन्स की आलोचना करते हैं क्योंकि केवल 30 कंपनियों को शामिल करने के कारण यह व्यापक अमेरिकी अर्थव्यवस्था का पूरा प्रतिनिधित्व नहीं कर पाता। इसकी तुलना में एस एंड पी 500 (S&P 500) जैसे व्यापक इंडेक्स 500 बड़ी कंपनियों को ट्रैक करते हैं और मार्केट कैप-वेटेड होते हैं। डॉव को प्रभावित करने वाले मुख्य कारकों में कंपनियों के तिमाही नतीजे, फेडरल रिजर्व की ब्याज दरें, क्रेडिट लागत और व्यापक आर्थिक आंकड़े शामिल हैं।\n\nडॉव थ्योरी के सिद्धांत और बाजार के तीन चरण\nशेयर बाजार के रुझानों को समझने के लिए चार्ल्स डॉव द्वारा विकसित 'डॉव थ्योरी' (Dow Theory) आज भी तकनीकी विश्लेषण का आधार मानी जाती है। डॉव थ्योरी का मुख्य नियम यह है कि बाजार के प्राथमिक रुझान (प्राइमरी ट्रेंड) की पुष्टि के लिए डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज (DJIA) और डॉव जोन्स ट्रांसपोर्टेशन एवरेज (DJTA) दोनों का एक ही दिशा में बढ़ना आवश्यक है। यदि दोनों इंडेक्स एक दिशा में आगे बढ़ रहे हों और ट्रेडिंग वॉल्यूम भी उसकी पुष्टि कर रहा हो, तभी उस ट्रेंड को टिकाऊ माना जाता है।\n\nडॉव थ्योरी के अनुसार, किसी भी बुल या बियर मार्केट चक्र के तीन मुख्य चरण होते हैं: प्रथम, संचय चरण (अक्यूमुलेशन फेज), जब चतुर निवेशक और संस्थागत निवेशक (स्मार्ट मनी) गुप्त रूप से शेयर खरीदना या बेचना शुरू करते हैं। द्वितीय, सार्वजनिक भागीदारी चरण (पब्लिक पार्टिसिपेशन फेज), जब आम निवेशक और व्यापक जनता बाजार की तेजी में शामिल होती है और कीमतें तेजी से बढ़ती हैं। तृतीय, वितरण चरण (डिस्ट्रिब्यूशन फेज), जब स्मार्ट मनी अपना मुनाफा वसूल कर बाजार से बाहर निकलती है और आम निवेशक अंत में फंस जाते हैं।\n\nडॉव जोन्स इंडेक्स में निवेश और ट्रेडिंग के विभिन्न माध्यम\nनिवेशक और ट्रेडर डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से कई वित्तीय साधनों के माध्यम से निवेश कर सकते हैं। चूंकि सभी 30 कंपनियों के व्यक्तिगत शेयर अलग-अलग खरीदना महंगा और जटिल हो सकता है, इसलिए एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) सबसे लोकप्रिय माध्यम हैं। इसका एक प्रमुख उदाहरण स्पाइडर डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज ईटीएफ (SPDR DJIA ETF - Ticker: DIA) है, जो निवेशकों को एक ही सिक्योरिटी के जरिए पूरे 30 शेयरों वाले इंडेक्स में निवेश की सुविधा देता है।\n\nइसके अतिरिक्त, डॉव जोन्स फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स के जरिए ट्रेडर इंडेक्स के भावी मूल्य पर सट्टा या हेजिंग कर सकते हैं। ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स निवेशकों को एक तय पूर्व-निर्धारित कीमत पर इंडेक्स को खरीदने या बेचने का अधिकार प्रदान करते हैं। साथ ही, विभिन्न म्यूचुअल फंड्स भी डॉव जोन्स की घटक कंपनियों का एक विविधीकृत पोर्टफोलियो बनाकर निवेशकों को इस ऐतिहासिक अमेरिकी इंडेक्स में भाग लेने का अवसर देते हैं।\n\nइसका आप पर असर\nअमेरिकी शेयर बाजार और डॉव जोन्स इंडेक्स की इस उथल-पुथल का सीधा असर भारतीय निवेशकों, आईटी सेक्टर के कर्मचारियों और म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले आम लोगों पर पड़ेगा।\n\n• भारत में निवेशकों पर असर: अमेरिका में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें ऊंची रखने के हॉकिश संकेतों से भारतीय शेयर बाजारों (निफ्टी और सेंसेक्स) में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली बढ़ सकती है। इसके परिणामस्वरूप भारतीय बाजार में निकट भविष्य में अस्थिरता देखने को मिल सकती है।\n• आईटी और टेक पेशेवरों के लिए: सेल्सफोर्स और एनवीडिया जैसी दिग्गज अमेरिकी टेक कंपनियों के मजबूत नतीजे भारतीय आईटी कंपनियों (जैसे टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो) के लिए सकारात्मक संकेत हैं। हालांकि सेमीकंडक्टर और हार्डवेयर पर अमेरिकी टैरिफ प्रस्तावों से टेक सप्लाई चेन पर लागत का दबाव बढ़ सकता है।\n• अंतरराष्ट्रीय म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए: यूएस इक्विटी फंड्स या डॉव जोन्स और नैस्डैक आधारित ईटीएफ में निवेश करने वाले भारतीय निवेशकों को टेक शेयरों में तेजी का लाभ मिलेगा, लेकिन व्यापक बाजार की सुस्ती से कुल रिटर्न सीमित रह सकता है।\n• सोना और कमोडिटी खरीदारों के लिए: सोने की कीमतें 4,600 डॉलर प्रति औंस के करीब मजबूत बनी हुई हैं और डीजल क्रैक स्प्रेड 100 डॉलर पार कर गया है, जिससे भारत में ईंधन और सोने की घरेलू कीमतों पर तेजी का दबाव बना रहेगा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. गुरुवार को डॉव जोन्स इंडेक्स कितने स्तर पर बंद हुआ?\nडॉव जोन्स इंडेक्स 0.31 प्रतिशत या लगभग 0.29 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 53,631 के स्तर पर बंद हुआ।\n\n2. सेल्सफोर्स और एनवीडिया के शेयरों में कितनी तेजी दर्ज की गई?\nतिमाही नतीजों के बाद सेल्सफोर्स के शेयर में लगभग 20 प्रतिशत और एनवीडिया के शेयर में लगभग 7.5 प्रतिशत का उछाल आया।\n\n3. डॉव जोन्स में 28 शेयरों की गिरावट का क्या असर हुआ?\nसेल्सफोर्स और एनवीडिया ने मिलकर 350 इंडेक्स पॉइंट्स जोड़े थे, लेकिन बाकी 28 घटकों की गिरावट ने लगभग 200 पॉइंट्स घटा दिए, जिससे इंडेक्स की शुद्ध बढ़त 157 पॉइंट्स रह गई।\n\n4. अमेरिकी प्रशासन सेमीकंडक्टर पर क्या नया प्रस्ताव ला रहा है?\nअमेरिकी प्रशासन एडवांस्ड चिप्स के अलावा लैपटॉप, गेमिंग हार्डवेयर और डेटा सेंटर सर्वर पर भी सीमा शुल्क (टैरिफ) बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।\n\n5. डॉव जोन्स इंडेक्स के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी रेजिस्टेंस और सपोर्ट स्तर क्या हैं?\nऊपरी स्तर पर 53,700 और 53,800 मजबूत रेजिस्टेंस हैं, जबकि नीचे की ओर 53,300 और 50-दिवसीय EMA (52,700 क्षेत्र) मुख्य सपोर्ट स्तर हैं।\n\n6. क्रिप्टोकरेंसी और कमोडिटीज बाजार में क्या हलचल रही?\nबिटकॉइन 80,000 डॉलर के पास और सोना 4,600 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंचा, जबकि अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड 102 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर को छू गया।",
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  "publishedAt": "2026-08-27",
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