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  "type": "article",
  "title": "ट्रेजरी के बायबैक और बढ़ते यील्ड के बीच डाउ जोंस में गिरावट, सूचकांक 52,400 से नीचे फिसला",
  "summary": "ट्रेजरी द्वारा सरकारी कर्ज वापस खरीदने के बाद भी अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी बनी रही, जिसके चलते डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज में कमजोरी देखने को मिली और यह 440 अंक से अधिक टूटकर 52,400 के स्तर से नीचे आ गया।",
  "content": "अमेरिकी शेयर बाजार में कारोबारी सत्र के दौरान लगातार दबाव देखने को मिला और डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज शुरुआती ऊंचाई से फिसलते हुए करीब 440 अंक की गिरावट के साथ 52,400 के स्तर से नीचे कारोबार करता नजर आया। इस सत्र के दौरान सूचकांक का उच्च स्तर शुरुआती कारोबार के महज दो अंकों के दायरे में ही सीमित रहा।\n\nट्रेजरी बायबैक का असर और बॉन्ड यील्ड में उछाल\nअमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने लंबी अवधि के सरकारी कर्ज को लेकर एक बड़ा कदम उठाया और घोषणा की कि वह गुरुवार को लगभग 6 अरब डॉलर के डेट की पुनर्खरीद यानी बायबैक करेगा। यह सामान्य ऑपरेशन के मुकाबले तीन गुना बड़ा आकार था, जिसे बाजार के लंबे हिस्से को संभालने और स्थिरता देने के इरादे से लाया गया था। हालांकि, इस बड़ी घोषणा के बावजूद निवेशकों का रुख इसके उलट रहा और बॉन्ड यील्ड में लगातार बढ़त दर्ज की गई।\n\nइसी तरह की घोषणा पिछले साल अगस्त में भी की गई थी, तब उसका असर बिल्कुल वैसा ही रहा जैसा सोचा गया था। उस समय 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 6 आधार अंक घटकर 4.647 प्रतिशत पर आ गई थी और 30-वर्षीय यील्ड 9 आधार अंक गिरकर 5.196 प्रतिशत पर पहुंच गई थी। इसके विपरीत इस बार का बड़ा ऑपरेशन बिल्कुल उल्टा साबित हुआ। आज के कारोबार में 10-वर्षीय यील्ड बढ़कर 4.841 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो नवंबर 2023 के बाद का सबसे उच्च स्तर है। इसके अलावा 20-वर्षीय यील्ड 5.314 प्रतिशत और 30-वर्षीय यील्ड 5.30 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर गई।\n\nबजट घाटा और कमोडिटी बाजार का हाल\nइस बड़े अपग्रेड की घोषणा 19 अगस्त को की गई थी और बीते तीन हफ्तों के दौरान बाजार ने इसे पूरी तरह से पचा लिया, जबकि बाजार के कुछ हिस्सों को इस ऑपरेशन से 8 अरब डॉलर तक के दायरे की उम्मीद थी। तय अनुमान से कम रहने के कारण ऑपरेशन का यह पैमाना उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा।\n\nचालू वित्त वर्ष जो कि 30 सितंबर को समाप्त हो रहा है, उसके लिए संघीय घाटा लगभग 2.1 ट्रिलियन डॉलर रहने का अनुमान जताया गया है, जो सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP का 6 प्रतिशत से भी अधिक है। इसके अलावा पिछले महीने देश का कुल राष्ट्रीय कर्ज 40 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर गया। दूसरी ओर अमेरिकी सेना द्वारा पांच ईरानी टैंकरों को नष्ट किए जाने के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल जुलाई के बाद पहली बार 101 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है। चूंकि किसी भी बायबैक को नई पेपर सिक्योरिटीज जारी करके वित्तपोषित किया जाता है, इसलिए यह कर्ज की कुल राशि को बदलने के बजाय उसकी परिपक्वता अवधि को बदलता है और लंबी अवधि के निवेशक इसी परिपक्वता अवधि के आधार पर अपनी कीमतें तय कर रहे हैं।\n\nबैंक ऑफ अमेरिका के आंकड़े और संस्थागत निवेशकों का रुख\nबैंक ऑफ अमेरिका (BAC) के ग्राहकों ने लगातार दूसरे हफ्ते अमेरिकी इक्विटी में शुद्ध खरीदारी दर्ज की, जो कि साल 2008 के बाद से बैंक के रिकॉर्ड में छठा सबसे बड़ा साप्ताहिक आंकड़ा है। इस खरीदारी की अगुवाई मुख्य रूप से बड़े संस्थानों और हेज फंडों ने की, जबकि निजी निवेशकों ने लगातार छठे हफ्ते बिकवाली जारी रखी।\n\nयह खरीदारी कुल ग्यारह में से आठ सेक्टरों में देखने को मिली, जिसमें टेक्नोलॉजी सेक्टर सबसे आगे रहा। इसके अलावा ग्रोथ एक्सचेंज-ट्रैडेड फंड्स (ETFs) में पिछले पांच हफ्तों में पहली बार नया पैसा आया। पोजीशनिंग इस बात का संकेत देती है कि आने वाले समय में बाजार की चाल किसके हाथ में होगी, हालांकि यह किसी के लिए कोई अंतिम फैसला नहीं है।\n\nआने वाले आर्थिक आंकड़े और महंगाई के आंकड़े\nशुक्रवार, 11 सितंबर को भारतीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आंकड़े जारी किए जाएंगे, जहां वार्षिक आधार पर हेडलाइन महंगाई के 3.4 प्रतिशत पर बने रहने की उम्मीद है, जबकि कोर महंगाई के 2.5 प्रतिशत से घटकर 2.4 प्रतिशत पर आने का अनुमान है। इसके अलावा दोपहर 14:00 बजे मिशिगन का प्रारंभिक उपभोक्ता भावना सर्वेक्षण आएगा, जिसके 51.7 से घटकर 51 पर रहने की संभावना है। शाम 18:00 बजे अगस्त महीने का बजट बयान आएगा, जिसमें घाटा 432 अरब डॉलर से घटकर 202.5 अरब डॉलर रहने का अनुमान है।\n\nफ्यूचर्स बाजार में 16 सितंबर को होने वाली बैठक में ब्याज दरों में एक चौथाई यानी 25 आधार अंक की बढ़ोतरी की संभावना करीब 60 प्रतिशत आंकी जा रही है। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने जुलाई में अपनी पिछली बैठक में तीन असहमति के बीच दरों को 3.50 प्रतिशत से 3.75 प्रतिशत के दायरे में बनाए रखा था। शुक्रवार को आने वाले महंगाई के आंकड़े इस समिति के लिए मतदान से ठीक पहले के आखिरी आंकड़े होंगे।\n\nतकनीकी स्तर, समर्थन और प्रतिरोध\nतकनीकी मोर्चे पर सूचकांक के लिए 52,500 का दायरा पहली बड़ी बाधा बना हुआ है, जिसे बाजार ने आज सुबह नीचे आते समय तोड़ दिया। इसके ऊपर 52,800 का क्षेत्र आता है, जहां आज की शुरुआती ऊंचाई और कल का क्लोजिंग भाव दोनों मौजूद हैं। इसके बाद 53,000 और 53,250 का स्तर आता है।\n\nसमर्थन स्तर की बात करें तो 52,300 के आसपास का सत्र का निचला स्तर जुलाई के अंत के बाद से सबसे कम कारोबार है और यह पहला मुख्य सहारा है। इसके नीचे 52,000 का अहम मनोवैज्ञानिक स्तर आता है, जिसके पीछे जुलाई के अंत का आधार करीब 51,600 के पास मौजूद है। जून का निचला स्तर जो कि 49,900 के थोड़ा ऊपर था, फिलहाल तस्वीर में नहीं है।\n\nजब तक सूचकांक 52,800 के नीचे बना हुआ है, तब तक बाजार का रुख मंदी की ओर यानी बेरिश बना हुआ है और इसका मुख्य लक्ष्य 52,000 का स्तर है। सूचकांक ने जुलाई के अंत से लेकर अगस्त की शुरुआत के उच्च स्तर तक आई तेजी का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा वापस लौटा दिया है। यह गिरावट व्यवस्थित तरीके से हुई है, जिससे बाजार में किसी तरह की घबराहट या पैनिक बिकवाली देखने को नहीं मिली है।\n\nडाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज का संक्षिप्त इतिहास और कार्यप्रणाली\nडाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज दुनिया के सबसे पुराने स्टॉक मार्केट सूचकांकों में से एक है, जिसमें अमेरिका के 30 सबसे अधिक कारोबार वाले शेयर शामिल हैं। यह सूचकांक बाजार पूंजीकरण के बजाय शेयरों की कीमतों के आधार पर भारित होता है। इसकी गणना इसके घटकों की कीमतों को जोड़कर एक फैक्टर से भाग देकर की जाती है, जो वर्तमान में 0.152 है।\n\nइसकी स्थापना चार्ल्स डाउ ने की थी, जिन्होंने वॉल स्ट्रीट जर्नल की भी स्थापना की थी। बाद के वर्षों में इसकी इस बात के लिए आलोचना भी होती रही है कि यह केवल 30 चुनिंदा कंपनियों पर नजर रखता है और S&amp;P 500 जैसे व्यापक सूचकांकों की तरह पर्याप्त रूप से प्रतिनिधि नहीं है।\n\nबाजार को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक\nडाउ जोंस को प्रभावित करने वाले कई कारक हैं। कंपनियों की तिमाही कमाई रिपोर्ट में सामने आने वाला उनका प्रदर्शन सबसे मुख्य कारक होता है। अमेरिकी और वैश्विक मैक्रोइकोनॉमिक आंकड़े भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित करते हैं। फेडरल रिजर्व (Fed) द्वारा तय की जाने वाली ब्याज दरों का स्तर भी इसे सीधे प्रभावित करता है, क्योंकि इससे कंपनियों को मिलने वाले कर्ज की लागत तय होती है।\n\nचार्ल्स डाउ द्वारा विकसित डाउ थ्योरी स्टॉक मार्केट के मुख्य रुझान को पहचानने की एक पुरानी पद्धति है। इसका एक अहम कदम डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज और डाउ जोंस ट्रांसपोर्टेशन एवरेज की दिशा की तुलना करना है। ट्रेडिंग के लिए निवेशक SPDR Dow Jones Industrial Average ETF (DIA) जैसे ईटीएफ का उपयोग करते हैं, जिससे उन्हें सभी 30 कंपनियों के शेयर अलग-अलग खरीदे बिना एक ही सिक्योरिटी के रूप में ट्रेड करने की सुविधा मिलती है।\n\nइसका आप पर असर\nडाउ जोंस में आई इस गिरावट और बॉन्ड यील्ड में उछाल का असर वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय निवेशकों और अमेरिकी वित्तीय बाजारों पर सीधा असर डालता है।\n\n• भारत में: विदेशी संस्थागत निवेशकों के रुख और अमेरिकी बाजारों में कमजोरी के कारण भारतीय शेयर बाजारों में भी सतर्कता का माहौल रह सकता है। अमेरिकी ब्याज दरों से जुड़ी अनिश्चितता घरेलू आईटी और बैंकिंग शेयरों के उतार-चढ़ाव को प्रभावित कर सकती है।\n• वैश्विक निवेशकों के लिए: बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से इक्विटी बाजारों से पैसा सुरक्षित डेट सिक्योरिटीज की तरफ शिफ्ट हो सकता है, जिससे ग्रोथ शेयरों पर दबाव बढ़ सकता है।\n• मुद्रा बाजार पर असर: ट्रेजरी बायबैक के बाद अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जो वैश्विक जिंस कीमतों और रुपये की चाल को प्रभावित कर सकता है।\n• ब्याज दरों का अनुमान: आने वाले समय में फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले महंगाई के आंकड़े यह तय करेंगे कि कर्ज की लागत आगे और बढ़ेगी या नहीं।\n• पोर्टफोलियो रणनीति: निवेशकों को उच्च यील्ड और बढ़ती अनिश्चितता के दौर में अपने पोर्टफोलियो में जोखिम प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।\n\nऐसा क्यों हुआ\nडाउ जोंस में गिरावट और लंबी अवधि के बॉन्ड यील्ड में तेजी का मुख्य कारण ट्रेजरी के बायबैक ऑपरेशन का निवेशकों की उम्मीदों से कम रहना और बढ़ता हुआ सरकारी राजकोषीय घाटा है।\n\n• कमजोर बायबैक मांग: ट्रेजरी द्वारा 6 अरब डॉलर का बायबैक आकार बाजार की 8 अरब डॉलर तक की उम्मीदों से कम साबित हुआ, जिससे लंबी अवधि के बॉन्ड में बिकवाली शुरू हो गई।\n• बढ़ता राजकोषीय घाटा: वित्त वर्ष के अंत तक संघीय घाटा 2.1 ट्रिलियन डॉलर के करीब रहने और राष्ट्रीय कर्ज के 40 ट्रिलियन डॉलर पार करने से लंबी अवधि के कर्ज की आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।\n• कच्चे तेल की कीमतें: भू-राजनीतिक तनाव और ईरानी टैंकरों की घटना के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल के 101 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर निकलने से महंगाई का दबाव फिर से गहरा गया है।\n• फेडरल रिजर्व की नीतियां: ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की 60 प्रतिशत संभावना और शुक्रवार को आने वाले महत्वपूर्ण CPI आंकड़ों से पहले निवेशकों में सतर्कता का माहौल है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज में कितनी गिरावट आई?\nडाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज लगभग 440 अंक टूटकर 52,400 के स्तर से नीचे बंद हुआ।\n\n2. अमेरिकी ट्रेजरी ने कितने मूल्य के कर्ज की पुनर्खरीद की घोषणा की थी?\nट्रेजरी ने गुरुवार को लंबी अवधि के सरकारी कर्ज में से लगभग 6 अरब डॉलर के बायबैक की घोषणा की थी।\n\n3. 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड बढ़कर कहां पहुंच गई?\n10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड बढ़कर 4.841 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो नवंबर 2023 के बाद का सबसे उच्च स्तर है।\n\n4. इस वित्त वर्ष के अंत तक संघीय घाटा कितना रहने का अनुमान है?\nसंघीय घाटा 30 सितंबर को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष के लिए लगभग 2.1 ट्रिलियन डॉलर रहने का अनुमान है।\n\n5. बैंक ऑफ अमेरिका के ग्राहकों ने बाजार को लेकर क्या रुख अपनाया?\nबैंक ऑफ अमेरिका के ग्राहकों ने लगातार दूसरे हफ्ते अमेरिकी इक्विटी में शुद्ध खरीदारी दर्ज की।\n\n6. अगले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े कब जारी किए जाएंगे?\nशुक्रवार, 11 सितंबर को कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आंकड़े जारी किए जाएंगे।",
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  "publishedAt": "2026-09-09",
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