दूसरी तिमाही में न्यूजीलैंड की रिटेल बिक्री घटी, कीवी डॉलर में गिरावट का रुख आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2026 की दूसरी तिमाही में न्यूजीलैंड की रिटेल बिक्री में 0.1 प्रतिशत की गिरावट आई है, जिससे अमेरिकी डॉलर के मुकाबले स्थानीय मुद्रा पर दबाव देखा जा रहा है। न्यूजीलैंड के घरेलू बाजार में उपभोक्ताओं की खरीदारी गतिविधियों में दूसरी तिमाही के दौरान मामूली नरमी दर्ज की गई है। सांख्यिकी एजेंसी स्टैटिस्टिक्स न्यूजीलैंड द्वारा सोमवार को जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही (Q2) में रिटेल बिक्री की मात्रा में तिमाही आधार पर 0.1 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह गिरावट पहली तिमाही (Q1) के आंकड़ों के ठीक विपरीत है, जहां रिटेल बिक्री में 1.0 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई थी, जिसे पहले 0.9 प्रतिशत बताया गया था। बाजार विश्लेषकों ने भी दूसरी तिमाही के दौरान रिटेल बिक्री में 0.1 प्रतिशत संकुचन का ही अनुमान जताया था। आर्थिक आंकड़ों के सार्वजनिक होते ही मुद्रा बाजार में न्यूजीलैंड डॉलर (NZD) में हल्की कमजोरी देखी गई और NZD/USD जोड़ी 0.09 प्रतिशत गिरकर 0.5973 के स्तर पर कारोबार करती नजर आई। ऑटोमोबाइल क्षेत्र को छोड़कर रिटेल बिक्री का प्रदर्शन कुल रिटेल आंकड़ों में वाहनों की खरीद को हटाकर देखें तो स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर नजर आती है। ऑटोमोबाइल क्षेत्र को छोड़कर (Retail Sales ex Autos) दूसरी तिमाही में रिटेल बिक्री में तिमाही दर तिमाही आधार पर 0.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, यह पिछली तिमाही की विकास दर से कम है। पहली तिमाही में ऑटो सेक्टर के बिना रिटेल बिक्री में 1.1 प्रतिशत का इजाफा हुआ था, जिसे शुरुआती 1.0 प्रतिशत से संशोधित कर बढ़ाया गया था। यह अंतर दर्शाता है कि मोटर वाहनों और उससे जुड़े सामान की सुस्त बिक्री का असर मुख्य रिटेल आंकड़ों पर पड़ा है, जबकि आम उपभोक्ता वस्तुओं की मांग में अब भी संतुलित रफ्तार बनी हुई है। कीवी डॉलर और न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय मुद्रा न्यूजीलैंड डॉलर, जिसे वित्तीय बाजारों में लोकप्रिय रूप से 'कीवी' कहा जाता है, वैश्विक निवेशकों के बीच एक प्रमुख व्यापारिक मुद्रा है। किसी भी देश की मुद्रा की तरह कीवी का मूल्य मुख्य रूप से न्यूजीलैंड की आर्थिक स्थिति और वहां के केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीतियों पर निर्भर करता है। इसके अलावा कुछ विशेष अंतरराष्ट्रीय कारक भी हैं जो इस मुद्रा में बड़ी हलचल पैदा करते हैं। • चीन के साथ व्यापारिक निर्भरता: चीन की आर्थिक स्थिति न्यूजीलैंड डॉलर को सीधे तौर पर प्रभावित करती है, क्योंकि चीन न्यूजीलैंड का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। यदि चीनी अर्थव्यवस्था में सुस्ती आती है, तो न्यूजीलैंड से होने वाले निर्यात में गिरावट दर्ज की जाती है, जिसका सीधा असर देश की राष्ट्रीय आय और मुद्रा की विनिमय दर पर पड़ता है। • डेयरी उत्पादों की वैश्विक कीमतें: डेयरी उद्योग न्यूजीलैंड का प्राथमिक निर्यात क्षेत्र है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में डेयरी उत्पादों के दाम बढ़ते हैं, तो देश की निर्यात आय में बढ़ोतरी होती है। इससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है और NZD के मूल्य में वृद्धि होती है। आरबीएनझेड की मौद्रिक नीति और ब्याज दर अंतर न्यूजीलैंड का केंद्रीय बैंक, रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड (RBNZ), मध्यम अवधि में मुद्रास्फीति दर को 1 प्रतिशत से 3 प्रतिशत के दायरे में बनाए रखने का लक्ष्य रखता है। बैंक का मुख्य ध्यान महंगाई को 2 प्रतिशत के मध्य बिंदु के पास केंद्रित रखने पर होता है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए केंद्रीय बैंक देश में ब्याज दरों का निर्धारण करता है। जब अर्थव्यवस्था में महंगाई अत्यधिक बढ़ जाती है, तो RBNZ ब्याज दरों में वृद्धि करता है ताकि मांग को नियंत्रित किया जा सके। उच्च ब्याज दरों से बॉन्ड यील्ड में सुधार होता है, जिससे विदेशी निवेशक आकर्षित होते हैं और NZD मजबूत होता है। इसके विपरीत, ब्याज दरों में कटौती मुद्रा को कमजोर करती है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व और RBNZ के बीच ब्याज दरों का अंतर (Rate Differential) NZD/USD जोड़ी की चाल तय करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जोखिम धारणा और वैश्विक मुद्रा बाजारों का हाल न्यूजीलैंड डॉलर को एक 'कमोडिटी आधारित मुद्रा' माना जाता है। जब वैश्विक वित्तीय बाजारों में सकारात्मक माहौल होता है और निवेशक विकास की उम्मीद करते हैं, तो जोखिम लेने की क्षमता बढ़ती है। ऐसे समय में न्यूजीलैंड डॉलर में मजबूती देखने को मिलती है। इसके उलट, जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता या बाजार में अस्थिरता होती है, तो निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख करते हैं और NZD जैसी उच्च-जोखिम वाली संपत्तियों को बेचते हैं। अन्य वैश्विक मुद्राओं और कमोडिटी बाजार की स्थिति वैश्विक मुद्रा बाजार में अन्य प्रमुख जोड़ियों में भी हलचल देखी गई है। ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) सप्ताह के अंत में थोड़ा रक्षात्मक रुख अपनाते हुए 1.3600 के निचले स्तर तक फिसल गया, जबकि दिन में यह 1.3670 के स्तर को पार कर गया था। ब्रिटेन के कमजोर आर्थिक आंकड़ों और अमेरिकी डॉलर में मामूली सुधार के कारण यह गिरावट दर्ज की गई। वहीं, यूरो (EUR/USD) भी 1.1700 के स्तर से ऊपर जाने में असफल रहने के बाद 1.1670 के आसपास मामूली नुकसान के साथ कारोबार करता नजर आया। दूसरी ओर, कीमती धातुओं के बाजार में सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया। सोना $4,600 प्रति ट्रॉय औंस के आंकड़े को पार करते हुए तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर में मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़त के बावजूद सोने में यह तेजी दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने तरलता सहायता बायबैक संचालन का दायरा दोगुना करने की घोषणा की है। 9 सितंबर से 4 नवंबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम में 10 से 20 वर्ष और 20 से 30 वर्ष की परिपक्वता वाली प्रतिभूतियों के लिए बायबैक सीमा को $2 बिलियन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन प्रति ऑपरेशन कर दिया गया है। इसका आप पर असर वैश्विक अर्थव्यवस्था: न्यूजीलैंड की खपत में सुस्ती और चीन के साथ इसके व्यापारिक संबंधों का असर वैश्विक कमोडिटी बाजारों पर पड़ सकता है। निवेशकों के लिए: मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव और ब्याज दरों में अंतर के कारण विदेशी मुद्रा व्यापारियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। सवाल-जवाब 1. 2026 की दूसरी तिमाही में न्यूजीलैंड की रिटेल बिक्री में क्या बदलाव हुआ? 2026 की दूसरी तिमाही में न्यूजीलैंड की रिटेल बिक्री में तिमाही आधार पर 0.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो बाजार के अनुमानों के अनुरूप है। 2. वाहनों को छोड़कर रिटेल बिक्री का प्रदर्शन कैसा रहा? ऑटोमोबाइल क्षेत्र को छोड़कर (ex autos) रिटेल बिक्री में दूसरी तिमाही के दौरान 0.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। 3. आंकड़ों के जारी होने के बाद न्यूजीलैंड डॉलर पर क्या प्रभाव पड़ा? आंकड़े सामने आने के बाद NZD/USD की जोड़ी 0.09 प्रतिशत गिरकर 0.5973 के स्तर पर आ गई। 4. चीन की अर्थव्यवस्था न्यूजीलैंड डॉलर को कैसे प्रभावित करती है? चीन न्यूजीलैंड का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, इसलिए चीन की आर्थिक सुस्ती से न्यूजीलैंड के निर्यात और उसकी मुद्रा पर सीधा असर पड़ता है। 5. रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड का मुद्रास्फीति लक्ष्य क्या है? आरबीएनझेड का लक्ष्य मुद्रास्फीति दर को 1 प्रतिशत से 3 प्रतिशत के दायरे में रखना और इसे 2 प्रतिशत के पास केंद्रित रखना है। 6. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने तरलता बायबैक के संबंध में क्या घोषणा की है? अमेरिकी ट्रेजरी ने 10-20 साल और 20-30 साल की परिपक्वता वाले क्षेत्रों में बायबैक की सीमा $2 बिलियन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन प्रति ऑपरेशन कर दी है। https://trendkia.com/market/dusari-timahi-men-new-zealand-ki-ritela-bikri-ghati-kiwi-dollar-men-giravata-ka-rukha-20849 TrendKia — Har trend, sabse pehle.