# यूरोपीय सेंट्रल बैंक अक्टूबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी टाल सकता है, बीएनवाई मेलन का अनुमान

> बीएनवाई मेलन के जेफ यू के अनुसार यूरोपीय सेंट्रल बैंक अक्टूबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी रोक सकता है और साल के बाकी महीनों में भी नीतिगत दरें स्थिर रह सकती हैं। फ्रांस के बजट संकट और सरकारी बॉन्ड जोखिमों के बीच व्यापक वित्तीय बाजारों में भी हलचल देखी जा रही है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-14 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/ecb-aktubara-men-byaja-daron-men-barhotari-tala-sakata-hai-bny-mellon-ka-anumana-47485 · **Language:** Hindi
**Tags:** यूरोपीय सेंट्रल बैंक, बीएनवाई मेलन, ब्याज दरें, मौद्रिक नीति, विदेशी मुद्रा बाजार, सोने का भाव, एक्सआरपी, अमेरिकी डॉलर

यूरोपीय सेंट्रल बैंक आने वाली अक्टूबर नीति समीक्षा में ब्याज दरों में कोई बदलाव न करते हुए बढ़ोतरी का सिलसिला रोक सकता है। बीएनवाई मेलन के रणनीतिकार जेफ यू के विश्लेषण के अनुसार केंद्रीय बैंक इस साल के बाकी बचे महीनों के लिए भी दरों में बढ़ोतरी का दौर पूरी तरह समाप्त कर सकता है। नीति निर्माताओं की ओर से सेकेंड राउंड इफेक्ट्स पर दिए गए स्पष्ट बयानों, यूरोजोन में उभर रहे सॉवरेन रिस्क और फ्रांस के बजट को लेकर जारी अनिश्चितता को इस ठहराव का मुख्य आधार माना जा रहा है।

## नीतिगत दरों में ठहराव और फ्रांस के बजट की अनिश्चितता
यूरोपीय सेंट्रल बैंक की सख्त मौद्रिक नीति अब ऐसे मोड़ पर पहुंच चुकी है जहां दरों को और बढ़ाना सरकारी वित्त व्यवस्था के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है। जेफ यू का आकलन है कि केंद्रीय बैंक अक्टूबर की बैठक को छोड़ देगा और संभवतः पूरे वर्ष के लिए दर वृद्धि का चक्र समाप्त मान लिया जाएगा। संस्थान पूरी तरह सतर्क बना हुआ है, लेकिन उसके हालिया बयानों में सेकेंड राउंड महंगाई प्रभावों पर जिस तरह का रुख दिखाया गया है, वह अक्टूबर में किसी भी नई बढ़ोतरी के खिलाफ संकेत करता है।

फ्रांस के बजट से जुड़े राजनीतिक और वित्तीय संशय ने सरकारी ऋण पर दबाव बढ़ा दिया है। जेफ यू के मुताबिक जब तक प्राकृतिक गैस की कीमतें केंद्रीय बैंक के स्टाफ अनुमानों में तय किए गए अत्यंत गंभीर महंगाई परिदृश्य के करीब नहीं पहुंचतीं, तब तक दिसंबर की बैठक में भी ब्याज दरों को स्थिर रखने की प्रबल संभावना है। यदि ऊर्जा कीमतों में कोई अप्रत्याशित उछाल नहीं आता है, तो मौद्रिक नीति में दरों को जस का तस बनाए रखना तय माना जा रहा है।

## बैलेंस शीट कदम और क्वांटिटेटिव टाइटनिंग पर असर
सॉवरेन बॉन्ड बाजार में बढ़ते तनाव से निपटने के लिए केंद्रीय बैंक के बैलेंस शीट उपायों की दिशा पर भी बाजार की निगाहें टिकी हुई हैं। फ्रांस के सरकारी बॉन्ड और जर्मन बॉन्ड के बीच प्रतिफल का अंतर यानी ओएटी और बुंड स्प्रेड यदि दोबारा चौड़ा होता है, तो आपातकालीन हस्तक्षेप के बजाय क्वांटिटेटिव टाइटनिंग को समय से पहले समाप्त करना अधिक संभावित कदम होगा। हालांकि फिलहाल विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के असाधारण कदम की तत्काल आवश्यकता नहीं है।

केंद्रीय बैंक के नीतिगत उपकरणों के बीच तालमेल बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। जेफ यू स्पष्ट करते हैं कि यदि केंद्रीय बैंक अपनी बैलेंस शीट का इस्तेमाल ट्रांसमिशन प्रोटेक्शन इंस्ट्रूमेंट के तहत भी करता है, तो दरों के आधार पर चल रही सख्ती का अंत तय हो जाएगा। इसका मुख्य कारण यह है कि बॉन्ड बाजार को बैलेंस शीट से समर्थन देना और उसी समय नीतिगत ब्याज दरों को बढ़ाते रहना एक दूसरे के विपरीत काम करेंगे, जिससे मौद्रिक नीति की प्रभावशीलता कमजोर पड़ जाएगी।

## वैश्विक मुद्रा बाजार और कच्चे तेल की पृष्ठभूमि में एशियाई कारोबार
यूरोप में मौद्रिक नीति के भविष्य पर मंथन के बीच बुधवार के एशियाई कारोबारी सत्र में अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं और संपत्तियों में भी स्पष्ट उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। चीनी अर्थव्यवस्था से आए मिश्रित आंकड़ों के बाद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7000 के स्तर के करीब मजबूती से टिका रहा। चीन में सितंबर महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में उम्मीद से कम बढ़त देखी गई, जबकि उत्पादक मूल्य सूचकांक मुद्रास्फीति में तेजी दर्ज हुई। इसी दौरान चीन का व्यापार अधिशेष सितंबर में अप्रत्याशित रूप से बढ़ा, जिससे एशियाई व्यापारिक धारणा को बल मिला। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद कमजोर अमेरिकी डॉलर के चलते इस मुद्रा जोड़ी को निरंतर समर्थन मिल रहा है, जबकि निवेशकों की नजरें अमेरिकी सीपीआई के आंकड़ों पर टिकी हैं।

दूसरी तरफ अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की विनिमय दर एशियाई सत्र के दौरान 158.50 के आसपास एक सीमित दायरे में घूमती रही। जापानी अधिकारियों द्वारा मुद्रा बाजार में संभावित हस्तक्षेप की आशंकाओं ने येन को सहारा दिया और डॉलर के मुकाबले उसकी गिरावट को सीमित कर दिया। हालांकि वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं सुरक्षित निवेश माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर को सहारा दे रही हैं। अमेरिकी मुद्रास्फीति के आगामी आंकड़ों से पहले मुद्रा कारोबारी कोई भी बड़ा दांव लगाने से बचते दिखाई दिए।

## सोने में बिकवाली का दबाव और एक्सआरपी में तेजी
कमोडिटी और डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में भी आर्थिक आंकड़ों का सीधा असर देखने को मिला। बुधवार को सोने में साप्ताहिक मंदी का रुख और गहरा गया तथा इसकी कीमतें 4,100 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गईं। अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों के बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक सख्ती जारी रखने की बढ़ती उम्मीदों ने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड को ऊपर खींच दिया है और मजबूत होते डॉलर के दबाव में पीली धातु की मांग घट गई है।

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में एक्सआरपी ने मजबूती दिखाते हुए 1.36 डॉलर के स्तर से ऊपर कारोबार किया। खरीदार 1.40 डॉलर के अहम आपूर्ति क्षेत्र की ओर बढ़ने के लिए गति जुटा रहे हैं। संस्थागत मोर्चे पर रिपल और मेरिट्ज सिक्योरिटीज ने दक्षिण कोरिया के पूंजी बाजार के लिए संस्थागत कस्टडी और टोकनाइजेशन सेवाओं की संभावनाएं तलाशने के उद्देश्य से साझेदारी की है, जिससे संबंधित टोकन को अतिरिक्त समर्थन हासिल हुआ है।

## इसका आप पर असर
केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरों और वैश्विक परिसंपत्तियों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निवेश पोर्टफोलियो और वित्तीय बाजारों पर पड़ता है।

- **ऋण और निवेश पर असर:** यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा दर वृद्धि रोकने से अंतरराष्ट्रीय ऋण की लागत स्थिर रहने की संभावना बनेगी। विदेशी बाजारों या अंतरराष्ट्रीय फंडों में निवेश करने वाले भारतीय निवेशकों को मुद्रा उतार-चढ़ाव पर नजर रखनी चाहिए।
- **कमोडिटी और सोने के खरीदार:** सोने के भाव 4,100 डॉलर प्रति औंस से नीचे फिसलने से वैश्विक बुलियन कीमतों में नरमी का रुख बना है। खुदरा खरीदारों और आभूषण निवेशकों को अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड की दिशा देखकर अपनी खरीदारी की योजना बनानी चाहिए।
- **मुद्रा और आयात लागत:** अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में स्थिरता से आयात-निर्यात सौदों में मुद्रा जोखिम संतुलित रह सकता है। विदेशी यात्रा या आयात बिलों का भुगतान करने वाले व्यवसायियों को डॉलर इंडेक्स के रुझान पर ध्यान देना होगा।
- **क्रिप्टोकरेंसी निवेशक:** रिपल और मेरिट्ज सिक्योरिटीज की साझेदारी से संस्थागत ब्लॉकचेन सेवाओं को बढ़ावा मिल रहा है। खुदरा डिजिटल एसेट निवेशकों के लिए एक्सआरपी में 1.36 से 1.40 डॉलर का दायरा तकनीकी रूप से बेहद संवेदनशील रहेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी रोकने की संभावना यूरोपीय अर्थव्यवस्था में सरकारी ऋण के बढ़ते दबाव, फ्रांस के राजनीतिक और बजटीय संशय तथा ऊर्जा कीमतों के मौजूदा स्तरों के कारण बनी है। केंद्रीय बैंक के अधिकारियों के रुख में आ रहे बदलाव से मौद्रिक सख्ती के अंत के संकेत मिल रहे हैं।

- **सरकारी बॉन्ड और बजट जोखिम:** फ्रांस के बजट को लेकर अनिश्चितता और सरकारी बॉन्ड प्रतिफल में असंतुलन ने नीतिगत दरों को और अधिक बढ़ाने की गुंजाइश सीमित कर दी है। फ्रांस और जर्मनी के बॉन्ड स्प्रेड में संभावित फैलाव मौद्रिक नीति में नरमी की मांग कर रहा है।
- **महंगाई अनुमान और ऊर्जा मूल्य:** प्राकृतिक गैस की कीमतें जब तक गंभीर संकट वाले स्तर तक नहीं पहुंचतीं, तब तक केंद्रीय बैंक को दरें बढ़ाने की मजबूरी नहीं होगी। नीति निर्माताओं ने दूसरे दौर के मुद्रास्फीति प्रभावों पर सतर्क लेकिन स्थिर रुख अपनाया है।
- **नीतिगत उपकरणों का विरोधाभास:** यदि केंद्रीय बैंक बॉन्ड बाजार को सहारा देने के लिए ट्रांसमिशन प्रोटेक्शन इंस्ट्रूमेंट जैसी बैलेंस शीट कार्रवाई करता है, तो वह दर वृद्धि के साथ जारी नहीं रह सकती। दोनों नीतियां एक साथ चलाने से वित्तीय स्थिरता को नुकसान पहुंच सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. बीएनवाई मेलन के अनुसार यूरोपीय सेंट्रल बैंक अक्टूबर में क्या निर्णय ले सकता है?
बीएनवाई मेलन के जेफ यू के अनुसार यूरोपीय सेंट्रल बैंक अक्टूबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी रोक सकता है और इस वर्ष के लिए दर वृद्धि समाप्त हो सकती है।

### 2. दिसंबर में यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा दरें स्थिर रखने की क्या शर्त है?
जब तक प्राकृतिक गैस की कीमतें केंद्रीय बैंक के अत्यधिक गंभीर महंगाई परिदृश्य तक नहीं पहुंचतीं, तब तक दिसंबर में भी दरें स्थिर रहने की संभावना है।

### 3. फ्रांस और जर्मनी के सरकारी बॉन्ड स्प्रेड बढ़ने पर केंद्रीय बैंक क्या कदम उठा सकता है?
यदि ओएटी और बुंड स्प्रेड दोबारा चौड़ा होता है, तो केंद्रीय बैंक द्वारा क्वांटिटेटिव टाइटनिंग को समाप्त करना सबसे संभावित कदम माना जा रहा है।

### 4. बुधवार के कारोबारी सत्र में सोने की कीमत का क्या रुख रहा?
बुधवार को सोने की कीमतें मंदी के दबाव में 4,100 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के स्तर से नीचे फिसल गईं।

### 5. एशियाई सत्र में डॉलर के मुकाबले येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर किस स्तर पर रहे?
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7000 के स्तर के पास मजबूत रहा, जबकि अमेरिकी डॉलर और जापानी येन 158.50 के आसपास दायरे में कारोबार करते दिखे।

### 6. रिपल और मेरिट्ज सिक्योरिटीज के बीच क्या समझौता हुआ है?
रिपल और मेरिट्ज सिक्योरिटीज ने दक्षिण कोरिया के पूंजी बाजार के लिए संस्थागत कस्टडी और टोकनाइजेशन सेवाएं तलाशने हेतु साझेदारी की है।

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