# यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति से यूरो-पाउंड में स्थिरता, वैश्विक बाजारों पर यूएस ट्रेजरी का असर

> यूरोपीय और ब्रिटिश केंद्रीय बैंकों से ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के बीच यूरो और पाउंड का विनिमय दर 0.8580 पर स्थिर बना हुआ है। वहीं, अमेरिका की ऋण पुनर्खरीद घोषणा से डॉलर में गिरावट आई है और बिटकॉइन 72,000 डॉलर की ओर बढ़ रहा है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/ecb-aur-boe-ki-byaj-daron-ki-ranneeti-se-eur-gbp-sthir-janiye-forex-market-ka-haal-18996 · **Language:** Hindi
**Tags:** फॉरेक्स मार्केट, यूरो पाउंड दर, यूरोपीय सेंट्रल बैंक, बैंक ऑफ इंग्लैंड, जर्मनी पीपीआई, यूके सीपीआई, बिटकॉइन कीमत, यूएस ट्रेजरी बायबैक

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में गुरुवार के कारोबारी सत्र के दौरान यूरो और ब्रिटिश पाउंड के बीच विनिमय दर में काफी हद तक स्थिरता देखी गई। EUR/GBP की जोड़ी 0.8580 के आसपास कारोबार कर रही है, जिसमें दिन के दौरान कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया गया। इस संतुलन की मुख्य वजह यूरोपीय संघ और यूनाइटेड किंगडम दोनों क्षेत्रों में केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों को लेकर लगाई जा रही अटकलें हैं। जहां एक ओर यूरोज़ोन में महंगाई के बढ़ते जोखिमों के कारण यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा दरें बढ़ाए जाने की संभावना बन रही है, वहीं दूसरी ओर ब्रिटेन में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में तेजी के कारण बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा भी इस वर्ष के अंत तक नीतिगत दरों में बढ़ोतरी का अनुमान जताया जा रहा है।

## यूरोपीय अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति का दबाव और यूरो को समर्थन
यूरोपीय संघ की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी से आए हालिया आर्थिक आंकड़े यूरो की मजबूती को बल दे रहे हैं। जर्मनी का उत्पादक मूल्य सूचकांक यानी PPI जुलाई महीने में सालाना आधार पर 3% बढ़ गया। यह आंकड़ा पिछले महीने के स्तर से अधिक है और बाजार के 2.7% के अनुमान से भी काफी आगे निकल गया है। अप्रैल 2023 के बाद से यह उत्पादक कीमतों में दर्ज की गई सबसे तेज वार्षिक वृद्धि है। इसके अलावा, मासिक आधार पर भी उत्पादक कीमतों में 1.1% की बढ़ोतरी देखी गई है, जो जर्मन औद्योगिक क्षेत्र में लगातार बने हुए मूल्य दबाव को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

इसके अतिरिक्त, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और आपूर्ति बाधाओं के कारण यूरोप में प्राकृतिक गैस की कीमतों में अचानक जोरदार तेजी दर्ज की गई है। ऊर्जा लागतों में इस बढ़ोतरी से संपूर्ण यूरोज़ोन क्षेत्र में महंगाई का जोखिम ऊंचा बना हुआ है। यूबीएस के अर्थशास्त्रियों के अनुसार, जर्मन उत्पादक मूल्य सूचकांक के आंकड़े बाजार के अनुमानों से बेहतर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बहुत कम विश्लेषक इस आंकड़े के आधार पर बड़ा अनुमान लगाते हैं, इसलिए वित्तीय बाजारों के अन्य प्रमुख कारकों की तुलना में इसका प्रत्यक्ष प्रभाव सीमित ही रहता है। इसके बावजूद, उच्च ऊर्जा कीमतें और विनिर्माण लागत यूरोपीय सेंट्रल बैंक को अपनी मौद्रिक नीति सख्त रखने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

## ब्रिटेन में महंगाई का रुझान और बैंक ऑफ इंग्लैंड के भावी कदम
ब्रिटिश पाउंड के लिए भी घरेलू आर्थिक मोर्चे से लगातार समर्थन मिल रहा है। यूनाइटेड किंगडम में जुलाई महीने के दौरान उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI सालाना आधार पर 2.9% दर्ज किया गया, जो जून के 2.6% से अधिक है और बाजार की उम्मीदों के पूरी तरह अनुकूल है। वहीं, खाद्य और ऊर्जा जैसी अस्थिर वस्तुओं को छोड़कर आंकी जाने वाली कोर इन्फ्लेशन 2.6% के स्तर पर अपरिवर्तित बनी हुई है। इन आंकड़ों के साथ-साथ निवेशकों की नजर ब्रिटेन के श्रम बाजार में दिख रही नरमी के संकेतों पर भी टिकी हुई है।

डैंस्के बैंक के विश्लेषकों का मानना है कि जुलाई के महंगाई आंकड़े और श्रम बाजार के ढीले पड़ते आंकड़े इस बात का संकेत देते हैं कि बैंक ऑफ इंग्लैंड को बहुत आक्रामक रुख अपनाने की तत्काल जरूरत नहीं होगी। इसके बावजूद, मनी मार्केट के सहभागी इस वर्ष के अंत तक बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा मुख्य नीतिगत दर (बैंक रेट) को 3.75% से बढ़ाकर 4% किए जाने की पूरी संभावना मानकर चल रहे हैं। यही वजह है कि पाउंड की साख मजबूत बनी हुई है और यूरो की तेजी का मुकाबला कर रही है, जिससे EUR/GBP जोड़ी एक सीमित दायरे में टिकी हुई है।

## अमेरिकी डॉलर में गिरावट और प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की स्थिति
व्यापक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की कमजोरी का रुख जारी है। यूरोपीय कारोबारी सत्र में GBP/USD की जोड़ी अपने मई के उच्चतम स्तर के करीब 1.3650 के आसपास पहुंच गई है। दूसरी ओर, EUR/USD तीन महीने के अपने उच्चतम स्तर को पार करते हुए 1.1700 से ऊपर पहुंच गया है। डॉलर में आई इस गिरावट की सबसे प्रमुख वजह अमेरिकी वित्त विभाग द्वारा घोषित बॉन्ड बायबैक योजना है, जिससे बाजार की तरलता में बढ़ोतरी की उम्मीद जागी है। अब निवेशकों का ध्यान आने वाले अमेरिकी बेरोजगारी दावों के आंकड़ों और मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर टिका हुआ है।

## कमोडिटी और क्रिप्टो बाजार पर अमेरिकी बांड पुनर्खरीद का प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय जिंस बाजार में सोने की कीमतें दबाव में दिखीं और यूरोपीय सत्र के दौरान 4,500 डॉलर प्रति औंस के आंकड़े से नीचे बनी रहीं। भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद अमेरिकी डॉलर के निचले स्तरों की ओर खिसकने से सोने को मामूली समर्थन मिला, लेकिन यह 4,500 डॉलर के स्तर को पार नहीं कर सका।

डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में जबरदस्त उत्साह का माहौल है। बिटकॉइन की कीमत में फिर से तेजी आई है और यह गुरुवार को 72,000 डॉलर के स्तर की ओर अग्रसर दिखी। क्रिप्टो बाजार में यह सकारात्मक तेजी अमेरिकी वित्त विभाग द्वारा ऋण पुनर्खरीद संचालन को दोगुना करने के फैसले के बाद आई है। बुधवार को दोपहर 12:32 GMT पर अमेरिकी वित्त विभाग ने घोषणा की कि 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष वाले बॉन्ड क्षेत्रों में तरलता सहायता पुनर्खरीद का दायरा प्रति ऑपरेशन 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर किया जाएगा। यह व्यवस्था 9 सितंबर से लागू होकर 4 नवंबर तक चलेगी। इस कदम ने वित्तीय बाजारों में लिक्विडिटी में सुधार किया और शॉर्ट स्क्वीज को ट्रिगर करते हुए पूरे क्रिप्टो बाजार को बढ़त की दिशा में धकेल दिया।

## इसका आप पर असर
**अंतरराष्ट्रीय मुद्रा और क्रिप्टो निवेशकों के लिए:**

- **भारत में:** विदेशी मुद्रा या क्रिप्टो ट्रेडिंग करने वाले भारतीय निवेशकों के लिए अमेरिकी डॉलर की कमजोरी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तरलता बढ़ी है, जिससे बिटकॉइन और प्रमुख विदेशी मुद्राओं में सकारात्मक रुझान देखा जा रहा है।
- **ग्लोबल बाजार में:** यूरोप और ब्रिटेन में ऊंची ब्याज दरों की संभावना से यूरो और पाउंड मजबूत बने रहेंगे, जबकि अमेरिकी ट्रेजरी बायबैक से वैश्विक बॉन्ड और क्रिप्टो मार्केट को तरलता का सहारा मिलेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. EUR/GBP विनिमय दर 0.8580 पर स्थिर क्यों बनी हुई है?
यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ इंग्लैंड दोनों के द्वारा वर्ष के अंत तक ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावनाओं से दोनों मुद्राओं को समान समर्थन मिल रहा है, जिससे विनिमय दर संतुलित है।

### 2. जर्मनी के उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) के आंकड़े क्या रहे?
जुलाई में जर्मनी का PPI सालाना आधार पर 3% बढ़ा, जो 2.7% की अनुमानित दर से अधिक है और अप्रैल 2023 के बाद की सबसे तेज वृद्धि है।

### 3. यूके में महंगाई की क्या स्थिति है?
यूनाइटेड किंगडम में जुलाई महीने की उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) दर बढ़कर 2.9% सालाना हो गई है, जबकि कोर इन्फ्लेशन 2.6% पर स्थिर रही।

### 4. बिटकॉइन की कीमत $72,000 के करीब क्यों पहुंची?
अमेरिकी वित्त विभाग द्वारा अपनी बांड पुनर्खरीद सीमा 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर प्रति ऑपरेशन करने की घोषणा से क्रिप्टो बाजार में तरलता और सकारात्मक रुझान बढ़ा है।

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