ईसीबी दर वृद्धि के छह दिन बाद डॉलर इंडेक्स 100 के करीब, फेड ने दर बढ़ाई फेडरल रिजर्व ने ब्याज दर 3.75-4.00% कर दी, और फैसले के तुरंत बाद DXY एक ही पांच-मिनट की बार में 0.22 की चाल के साथ 99.90 तक पहुंचा। सूचकांक बाद में 99.85 के करीब था, जबकि छह दिन पहले ईसीबी अपनी दर 2.50% कर चुका था। फेडरल रिजर्व ने नीतिगत दर 3.75-4.00% करते ही डॉलर इंडेक्स (DXY) में तेज उछाल आ गया और सूचकांक 100.00 से केवल एक-दशमांश अंक दूर रह गया। यह फैसला ऐसे समय में आया जब छह दिन पहले ईसीबी ने अपनी दर 2.50% कर दी थी, इसलिए मुद्रा बाजार में दो बड़े केंद्रीय बैंकों की दर वृद्धि का असर लगातार देखा जा रहा था। पांच मिनट की एक ही बार में सबसे बड़ी चाल फैसला आने पर DXY पहले सीधे ऊपर जाने के बजाय 99.70 के करीब फिसला। यह गिरावट लंबी नहीं चली। इसके बाद सूचकांक 99.90 तक चढ़ा, जो उस दिन का उच्चतम स्तर था। 99.70 से 99.90 तक की 0.22 की चाल पूरी तरह एक ही पांच-मिनट की बार में तय हो गई, इसलिए फैसले के बाद का सबसे तेज उतार-चढ़ाव इसी छोटे समय में दिखा। उस तेज उछाल के बाद डॉलर इंडेक्स 99.85 के करीब कारोबार कर रहा था। यह 18:00 GMT में प्रवेश से ठीक पहले की स्थिति से लगभग 0.12 ऊपर था, लेकिन 100.00 से एक-दशमांश अंक नीचे था। उस दिन का निचला स्तर 99.55 के करीब यूरोपीय सुबह बना था। इसलिए बाद वाली पांच-मिनट की बार में हुई चाल ने पूरे सत्र की आधी से अधिक गतिविधि को समेट लिया। इस घटना के बाद पांच-मिनट का मोमेंटम गेज 56 के करीब था, यानी यह मध्य सीमा में रहा और किसी चरम सिरे पर नहीं पहुंचा। ऐसे हुआ। ऐसे ऊपर छलिए QE और पुराना उदाहरण बताता है कि जब दरें घटाना पर्याप्त न हो तो केंद्रीय बैंक बॉन्ड खरीद और अतिरिक्त डॉलर का रास्ता अपना सकता है।- आगे क्या: जानकारी में अगले फेड या ईसीबी फैसले का अनुमान नहीं है। ज्ञात बात यही है कि DXY 100.00 के करीब रहा और QT तथा QE के सामान्य प्रभाव एक-दूसरे के उलट बताए गए हैं। इसका आप पर असर सबसे बड़ा सीधा असर डॉलर में लेनदेन, निवेश या भुगतान करने वाले लोगों की निगरानी पर पड़ेगा, क्योंकि DXY 100.00 के करीब तेजी से ऊपर-नीचे हुआ। • अल्पकालिक ट्रेडर: फैसले के बाद सूचकांक 99.70 से 99.90 तक गया और उसी पांच-मिनट की बार में पीछे लौटा। 0.22 की इस चाल का मतलब है कि छोटे समय में दिशा बदलने पर स्थिति से लगभग 0.12 ऊपर। यह उन्हें 100.00 से एक-दशमांश अंक नीचे बाजार की ताजा दिशा दिखाता है, लेकिन कोई अगला लक्ष्य उपलब्ध नहीं है। • डॉलर भुगतान करने वाले: USD वैश्विक विदेशी मुद्रा कारोबार के 88% से अधिक हिस्से में है और इसका औसत दैनिक लेनदेन $6.6 ट्रिलियन है। जिनके बिल या संपत्तियां डॉलर से जुड़ी हैं, उन्हें ऐसी तेजी में मूल्य बदलाव का जोखिम ध्यान में रखना चाहिए, हालांकि जानकारी में रुपये की दर नहीं दी गई है। • नीति पर नजर रखने वाले: फेड की दर 3.75-4.00% है और छह दिन पहले ईसीबी की दर 2.50% हुई थी। बचत, उधार या बॉन्ड से जुड़े अपने फैसलों में पाठक इन दरों को आधार बना सकते हैं, लेकिन आगे की नीति का संकेत उपलब्ध नहीं है। • जोखिम को समझने वाले: QE आमतौर पर डॉलर को कमजोर करती है और QT आमतौर पर इसके लिए सकारात्मक मानी जाती है। यह अंतर निवेश से पहले केंद्रीय बैंक के उपाय को पहचानने में मदद करता है, लेकिन कोई खास संपत्ति खरीदने या बेचने का संकेत नहीं देता। ऐसा क्यों हुआ उछाल का सीधा कारण फेड का दर वृद्धि फैसला था, जिसने दर 3.75-4.00% कर दी। बताए गए ढांचे में ऊंची दरें USD को सहायता देती हैं, और छह दिन पहले ईसीबी की 2.50% की वृद्धि व्यापक पृष्ठभूमि दिखाती है। किसी अलग या विवादित कारण की पुष्टि यहां नहीं दी गई है। • तुरंत उत्प्रेरक: फेड की घोषणा के बाद DXY पहले 99.70 के करीब गिरा, फिर 99.90 तक चढ़ा। इसलिए 0.22 की पांच-मिनट की चाल को नीतिगत फैसले से जोड़ा गया है, न कि किसी अलग घटना से। • नीति का तर्क: फेड के दो मुख्य लक्ष्य कीमतों में स्थिरता और पूर्ण रोजगार हैं। जब महंगाई 2% से ऊपर हो तो दरें बढ़ाकर USD को सहायता दी जा सकती है। 2% से नीचे महंगाई या बहुत अधिक बेरोजगारी में दरें घटाई जा सकती हैं। • व्यापक समय-क्रम: ईसीबी ने छह दिन पहले अपनी दर 2.50% की थी। दोनों फैसलों के बीच का समय निकट था, लेकिन यहां कोई समन्वित या कारणात्मक संबंध नहीं बताया गया है। • पूर्व उपाय: 2008 के महान वित्तीय संकट में क्रेडिट क्रंच से निपटने के लिए फेड ने QE को मुख्य उपाय बनाया था। यह पुराना उदाहरण बताता है कि जब दरें घटाई जा सकती हैं। • पूर्व उपाय: 2008 के महान वित्तीय संकट में क्रेडिट क्रंच से निपटने के लिए फेड ने QE को मुख्य उपाय बनाया था। यह पुराना उदाहरण बताता है कि जब दरें घटाना पर्याप्त न हो तो केंद्रीय बैंक बॉन्ड खरीद और अतिरिक्त डॉलर का रास्ता अपना सकता है। • आगे क्या: जानकारी में अगले फेड या ईसीबी फैसले का अनुमान नहीं है। ज्ञात बात यही है कि DXY 100.00 के करीब रहा और QT तथा QE के सामान्य प्रभाव एक-दूसरे के उलट बताए गए हैं। सवाल-जवाब 1. फेड के फैसले के बाद DXY ने क्या किया? घोषणा के बाद यह पहले 99.70 के करीब गिरा, फिर 99.90 तक चढ़ा। 99.70 से 99.90 तक की 0.22 की चाल एक ही पांच-मिनट की बार में हुई। 2. फैसले के बाद सूचकांक कहां था? DXY बाद में 99.85 के करीब कारोबार कर रहा था। यह 18:00 GMT से पहले की स्थिति से लगभग 0.12 ऊपर और 100.00 से एक-दशमांश अंक नीचे था। 3. फेड और ईसीबी की दरें क्या हुईं? फेड की दर 3.75-4.00% है। छह दिन पहले ईसीबी ने अपनी दर 2.50% कर दी थी। 4. डॉलर का वैश्विक कारोबार में कितना हिस्सा है? 2022 के आंकड़ों में USD वैश्विक विदेशी मुद्रा कारोबार के 88% से अधिक हिस्से में था। इसका मतलब औसतन $6.6 ट्रिलियन प्रति दिन का लेनदेन था। 5. QE क्या है और इसका डॉलर पर क्या असर होता है? QE तब इस्तेमाल होती है जब क्रेडिट सूख जाए और बैंक काउंटरपार्टी डिफॉल्ट के डर से एक-दूसरे को कर्ज देने से बचें। यह आमतौर पर अमेरिकी डॉलर को कमजोर करती है। 6. QT में फेड क्या करता है? फेड वित्तीय संस्थाओं से बॉन्ड खरीदना बंद करता है और परिपक्व बॉन्ड से मिलने वाले मूलधन को नई खरीदारी में नहीं लगाता। QT आमतौर पर USD के लिए सकारात्मक मानी जाती है। 7. क्या DXY ने 100.00 पार कर लिया? नहीं। जिस समय की जानकारी दी गई है, उसमें यह 99.90 तक गया और 99.85 के करीब रहा, यानी 100.00 से एक-दशमांश अंक नीचे। https://trendkia.com/market/ecb-dara-vriddhi-ke-chhaha-dina-bada-dollar-index-100-ke-kariba-fed-ne-dara-barhai-32781 TrendKia — Har trend, sabse pehle.