# यूरोपीय सेंट्रल बैंक के अल्वारो सैंटोस परेरा ने महंगाई और बॉन्ड यील्ड पर दिए संकेत, वैश्विक बाजारों में हलचल

> यूरोपीय सेंट्रल बैंक के नीति निर्माता अल्वारो सैंटोस परेरा ने कहा है कि मुद्रास्फीति का व्यापक स्तर पर न फैलना राहत की बात है, लेकिन ऊर्जा संकट की स्थिति में केंद्रीय बैंकों को कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-15 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/ecb-ke-alvaro-santos-pereira-ne-mahngai-aura-bonda-yilda-para-die-snketa-vaishvika-bajaron-men-halachala-47699 · **Language:** Hindi
**Tags:** अल्वारो सैंटोस परेरा, यूरोपीय सेंट्रल बैंक, मुद्रास्फीति, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, सोना, बिटकॉइन, अमेरिकी डॉलर

अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता के बीच यूरोपीय सेंट्रल बैंक के नीति निर्माता और पुर्तगाल के केंद्रीय बैंक के नवनियुक्त गवर्नर अल्वारो सैंटोस परेरा ने आर्थिक परिदृश्य पर महत्वपूर्ण आकलन प्रस्तुत किया है। गुरुवार को अपने संबोधन के दौरान उन्होंने मुद्रास्फीति के दबाव, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, ऊर्जा कीमतों की संवेदनशीलता और आर्थिक विकास की रफ्तार पर विस्तार से अपनी बात रखी। परेरा ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में सबसे बड़ी राहत भरी खबर यह है कि महंगाई का विस्तार बड़े पैमाने पर व्यापक स्तर पर नहीं हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने आगाह किया कि यदि मुद्रास्फीति व्यापक रूप से फैलना शुरू करती है, तो केंद्रीय बैंकों को अनिवार्य रूप से नीतिगत हस्तक्षेप करने के लिए विवश होना पड़ेगा।

## राजकोषीय चुनौतियां, गैस आपूर्ति और आर्थिक वृद्धि का परिदृश्य

सरकारी बॉन्ड यील्ड में दर्ज की जा रही बढ़ोतरी के संदर्भ में अल्वारो सैंटोस परेरा ने विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण साझा किया। उनका कहना है कि यील्ड में उछाल का मुख्य संबंध राजकोषीय मुद्दों से ज्यादा जुड़ा हुआ है। जब सरकारें अपने बजट और ऋण प्रबंधन के मोर्चे पर जटिलताओं का सामना करती हैं, तो उसका सीधा असर सॉवरेन डेट यील्ड पर स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यूरोप के ऊर्जा परिदृश्य पर संभावित खतरे की ओर इशारा किया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस बार सर्दियों का मौसम पिछले साल की भांति कड़ा रहता है, तो प्राकृतिक गैस की कीमतों को लेकर गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। गैस की बढ़ती कीमतें घरेलू बजट और औद्योगिक उत्पादन लागत दोनों को प्रभावित करने की क्षमता रखती हैं।

दूसरी ओर, व्यापक आर्थिक आंकड़ों पर टिप्पणी करते हुए परेरा ने सकारात्मक संकेत भी दिए। उन्होंने उल्लेख किया कि समग्र आर्थिक वृद्धि उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन कर रही है और अनुमानों के मुकाबले ऊपर की दिशा में सुखद आश्चर्य प्रस्तुत कर रही है। उनका मानना है कि यदि आर्थिक गतिविधियों में यही गति बनी रही और अगले कुछ महीनों तक यह सकारात्मक रुझान जारी रहा, तो किसी को आश्चर्यचकित नहीं होना चाहिए। इस संतुलित रुख ने जहां विकास की निरंतरता की उम्मीद जगाई है, वहीं प्राकृतिक गैस की कीमतों और सरकारी उधारी की लागत को लेकर सतर्कता भी बनाए रखी है।

## विदेशी मुद्रा बाजारों का समीकरण और डॉलर का उतार-चढ़ाव

वैश्विक मुद्रा बाजारों में यूरो ने प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अपनी मजबूती दर्ज कराई। मुद्रा विनिमय तालिकाओं और हलचलों के आधार पर यूरो आज सूचीबद्ध प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले बढ़त हासिल करने में सफल रहा, जिसमें ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के सामने इसकी मजबूती सबसे अधिक उल्लेखनीय रही। मुद्रा विनिमय में आधार मुद्रा और उद्धृत मुद्रा के बीच बदलावों के अध्ययन से यह साफ दिखाई दिया कि यूरो अन्य प्रमुख संपत्तियों के समक्ष अपेक्षाकृत स्थिर रहा।

वहीं दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की मुद्रा जोड़ी यानी AUD/USD गुरुवार के एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान भारी दबाव में रही। ऑस्ट्रेलियाई रोजगार के निराशाजनक आंकड़ों के बाद यह जोड़ी अपने मासिक उच्च स्तर से पिछले दिन की गिरावट को आगे बढ़ाते हुए 0.6950 के करीब नए साप्ताहिक निचले स्तर पर आ गई। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट ने इस जोड़ी की गिरावट को सीमित करने में मदद की, क्योंकि बॉन्ड यील्ड गिरने से अमेरिकी डॉलर बुधवार के गर्म उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI आंकड़ों के बाद पहुंचे अप्रैल 2025 के उच्च स्तर से फिसल गया।

जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर यानी USD/JPY में भी बिकवाली का दबाव देखा गया। यह जोड़ी तीन सप्ताह के उच्च स्तर से पिछले दिन की गिरावट को बढ़ाते हुए गुरुवार के एशियाई सत्र में 158.00 के नीचे आ गई। जापानी अधिकारियों द्वारा येन को सहारा देने के लिए बाजार में सीधा हस्तक्षेप किए जाने की अटकलों के बीच व्यापारी पूरी तरह सतर्क हैं। इसके अतिरिक्त, ऐसी खबरें सामने आईं कि चीन कनाडा के रास्ते गुपचुप तरीके से अमेरिकी ट्रेजरी की खरीद कर रहा है। चीन द्वारा बॉन्ड खरीद की इस चर्चा ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को गिरा दिया, जिसने अमेरिकी डॉलर को गर्म मुद्रास्फीति के बाद पहुंचे अप्रैल 2025 के शिखर से नीचे खींचते हुए मुद्रा जोड़ी पर अतिरिक्त दबाव डाला।

## सोने में उछाल, बिटकॉइन का संघर्ष और अमेरिकी शेयर बाजार

कमोडिटी बाजार में सोने ने एक बार फिर जोरदार वापसी की। गुरुवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान पीली धातु में मजबूत लिवाली देखी गई, जिससे सोना एक सप्ताह के निचले स्तर की तीन दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए $4,150 के स्तर का दोबारा परीक्षण करने में सफल रहा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और डॉलर के कमजोर होने से गैर-यील्ड वाली सर्राफा संपत्तियों को भरपूर समर्थन मिला। चीन द्वारा कनाडा के जरिए अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड खरीदने की खबरों ने सरकारी बॉन्ड यील्ड और अमेरिकी डॉलर दोनों को भारी झटका दिया, जिसका सीधा लाभ सोने के खरीदारों को मिला।

डिजिटल संपत्तियों की दुनिया में तस्वीर इसके विपरीत रही। सितंबर के गर्म मुद्रास्फीति आंकड़ों के बाद क्रिप्टो बाजार तीव्र दबाव में आ गया। ग्लासनोड के अनुसार, बिटकॉइन यानी BTC के लिए नजर रखने योग्य सबसे महत्वपूर्ण स्तर $80,000 के करीब है। सितंबर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI के जारी होने के कुछ ही मिनटों के भीतर शीर्ष क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट दर्ज की गई। इस आंकड़े में हेडलाइन मुद्रास्फीति सालाना आधार पर 3.7% बढ़ी, जो 3.6% के पूर्वानुमान से अधिक रही। वहीं, खाद्य और ऊर्जा कीमतों को अलग रखने वाली कोर मुद्रास्फीति 2.6% पर दर्ज की गई।

अमेरिकी वित्तीय प्रणाली में बॉन्ड बाजार जून के अंत से ही इस संभावना को भुना रहा है कि फेडरल रिजर्व 2027 तक ब्याज दरों में बढ़ोतरी जारी रखेगा। इस सख्त नीतिगत उम्मीद के कारण अधिकांश अमेरिकी शेयरों के मूल्यांकन में पहले ही गिरावट दर्ज की जा चुकी है। हालांकि, S&amp;P 500 सूचकांक में व्यापक गिरावट नहीं देखी गई है, जिसका मुख्य कारण यह है कि सूचकांक का एक बड़ा हिस्सा मुट्ठी भर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़ी दिग्गज कंपनियों के पास है। इन AI दिग्गजों के शेयर मूल्य बाकी बाजार की गिरावट में शामिल नहीं हुए हैं और वे स्वतंत्र रूप से मजबूती प्रदर्शित कर रहे हैं।

## इसका आप पर असर
वैश्विक बॉन्ड यील्ड और मुद्रास्फीति के इन नए आंकड़ों का असर अंतरराष्ट्रीय वित्तीय परिसंपत्तियों और आम निवेशकों के पोर्टफोलियो पर साफ तौर पर देखा जा सकता है।

- **सोने के निवेशकों के लिए:** अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर में आई कमजोरी के कारण सोने की कीमतों में $4,150 तक तेज उछाल आया है। यदि ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है, तो सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है।
- **क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडर्स के लिए:** अमेरिका में 3.7% की गर्म महंगाई दर के कारण बिटकॉइन $80,000 के बेहद अहम सपोर्ट स्तर पर संघर्ष कर रहा है। यदि यह स्तर टूटता है, तो व्यापक डिजिटल एसेट बाजार में तेज गिरावट देखने को मिल सकती है।
- **वैश्विक शेयर बाजारों के लिए:** बॉन्ड बाजार में फेडरल रिजर्व द्वारा 2027 तक ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं को शामिल किया जा रहा है। इसका सीधा अर्थ है कि आने वाले समय में AI दिग्गजों को छोड़कर अन्य आम कंपनियों के शेयरों पर दबाव बना रह सकता है।
- **विदेशी यात्रा और आयात के लिए:** डॉलर इंडेक्स में गिरावट और येन व अन्य मुद्राओं में हलचल से विनिमय दरों पर असर पड़ रहा है। आयातकों और विदेशी मुद्रा में लेनदेन करने वाले यात्रियों को दरों के उतार-चढ़ाव पर पैनी नजर रखनी होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
वैश्विक बाजारों में यह तीव्र हलचल कई परस्पर जुड़ी घटनाओं के एक साथ सामने आने के कारण उत्पन्न हुई है। एक ओर केंद्रीय बैंक अधिकारियों के बयान हैं, तो दूसरी ओर अप्रत्याशित आर्थिक आंकड़े और अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड खरीद की गतिविधियां हैं।

- **गर्म अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़े:** सितंबर महीने के CPI आंकड़ों में हेडलाइन महंगाई 3.7% पर आ गई, जो विश्लेषकों के 3.6% के अनुमान से अधिक थी। इस अप्रत्याशित उछाल ने दरों में लंबी अवधि तक बढ़ोतरी की आशंकाओं को हवा दे दी।
- **चीन द्वारा ट्रेजरी खरीद की चर्चा:** रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि चीन कनाडा के रास्ते चुपचाप अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड खरीद रहा है। इस खरीद की चर्चा ने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड को अचानक नीचे धकेल दिया, जिससे डॉलर अपने अप्रैल 2025 के उच्च स्तर से फिसल गया।
- **जापान में हस्तक्षेप की आशंका:** USD/JPY के 158.00 से नीचे फिसलने के पीछे जापानी अधिकारियों द्वारा येन को बचाने के लिए बाजार में दखल देने की तेज अटकलें मुख्य वजह बनीं। व्यापारियों ने संभावित हस्तक्षेप के डर से अपनी लॉन्ग पोजीशन में कटौती की।
- **ऑस्ट्रेलियाई रोजगार में गिरावट:** ऑस्ट्रेलिया से आए कमजोर और निराशाजनक नौकरियों के आंकड़ों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को जोरदार झटका दिया, जिससे AUD/USD फिसलकर नए साप्ताहिक निचले स्तर पर चला गया।

## सवाल-जवाब

### 1. अल्वारो सैंटोस परेरा ने मुद्रास्फीति को लेकर क्या बयान दिया?
उन्होंने कहा कि सबसे अच्छी बात यह है कि मुद्रास्फीति व्यापक रूप से नहीं फैल रही है, लेकिन यदि यह फैलना शुरू होती है तो केंद्रीय बैंकों को कदम उठाने पड़ेंगे।

### 2. परेरा के अनुसार बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का मुख्य कारण क्या है?
उन्होंने बताया कि बॉन्ड यील्ड में होने वाली बढ़ोतरी का मुख्य संबंध मौद्रिक कारणों के बजाय राजकोषीय मुद्दों से अधिक है।

### 3. प्राकृतिक गैस की कीमतों को लेकर क्या चिंता जताई गई?
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस बार सर्दियां पिछले साल जैसी रहीं, तो प्राकृतिक गैस की कीमतों को लेकर गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है।

### 4. सोने की कीमत बढ़कर किस स्तर तक पहुंची?
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर में गिरावट के बीच एशियाई कारोबारी सत्र में सोने की कीमत बढ़कर $4,150 पर पहुंच गई।

### 5. सितंबर महीने में अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक कितना रहा?
सितंबर CPI में हेडलाइन मुद्रास्फीति 3.7% दर्ज की गई, जो 3.6% के पूर्वानुमान से अधिक थी, जबकि कोर मुद्रास्फीति 2.6% रही।

### 6. बिटकॉइन के लिए कौन सा स्तर सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है?
ग्लासनोड के अनुसार, सितंबर के गर्म मुद्रास्फीति आंकड़ों के दबाव के बीच बिटकॉइन के लिए $80,000 का स्तर सबसे महत्वपूर्ण है।

### 7. बॉन्ड बाजार अमेरिकी फेडरल रिजर्व को लेकर क्या अनुमान लगा रहा है?
जून के अंत से ही बॉन्ड बाजार यह मानकर चल रहा है कि फेडरल रिजर्व 2027 तक ब्याज दरों में लगातार बढ़ोतरी करता रहेगा।

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