ईसीबी की 25 बीपीएस ब्याज दर वृद्धि की संभावना से यूरो मजबूत, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच कैनेडियन डॉलर को मिला क्रूड का सहारा यूरोपीय सेंट्रल बैंक की आगामी बैठक में 25 बीपीएस ब्याज दर बढ़ोतरी की भारी संभावना के बीच यूरो में मजबूती देखी जा रही है। वहीं, खारग द्वीप के पास ईरानी टैंकरों पर अमेरिकी हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से कैनेडियन डॉलर को भी समर्थन मिल रहा है। विदेशी मुद्रा बाजार में यूरो और कैनेडियन डॉलर की जोड़ी में मजबूती का रुख देखा जा रहा है, जिसकी मुख्य वजह यूरोपीय सेंट्रल बैंक के आगामी मौद्रिक नीति निर्णय को लेकर बाजार में बनी धारणा है। वैश्विक वित्तीय बाजारों में निवेशकों ने इस बात की पूरी संभावना जता दी है कि गुरुवार को होने वाली बैठक में केंद्रीय बैंक अपनी प्रमुख ब्याज दरों में 25 बीपीएस यानी 25 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी करेगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यूरोज़ोन में बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाना है, जहां अगस्त के महीने में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक दर 3% के पार पहुंच गई थी। दूसरी ओर, कच्चे तेल से जुड़ा कैनेडियन डॉलर भी मजबूत स्थिति में बना हुआ है, क्योंकि मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इसके परिणामस्वरूप यूरो की मजबूती और कैनेडियन डॉलर की मजबूती के बीच एक संतुलन बनता दिख रहा है। ईसीबी की ब्याज दर नीतियां और यूरोज़ोन में महंगाई का रुझान यूरो में आई हालिया बढ़त का सबसे बड़ा कारण यह उम्मीद है कि फ्रैंकफर्ट स्थित यूरोपीय सेंट्रल बैंक अपनी डिपॉजिट फैसिलिटी दर को 25 बीपीएस बढ़ाकर 2.5% कर देगा। आधिकारिक आर्थिक आंकड़ों से यह स्पष्ट हुआ है कि यूरोज़ोन में अगस्त के दौरान महंगाई 3% से ऊपर चली गई थी, जो केंद्रीय बैंक के 2% के मध्यम अवधि के लक्ष्य से काफी अधिक है। महंगाई के इस दबाव को देखते हुए मनी मार्केट और इंटरेस्ट रेट स्वैप मार्केट के कारोबारी ब्याज दर वृद्धि को लेकर पूरी तरह सहमत दिखाई दे रहे हैं। आमतौर पर जब ब्याज दरों में इजाफा होता है, तो विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ता है, जिससे यूरो जैसी मुद्राओं की मांग को बल मिलता है। केंद्रीय बैंक के इस सख्त मौद्रिक दृष्टिकोण से साफ है कि यूरोपीय नीति निर्माता मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। कर्ज महंगा होने से घरेलू मांग सीमित होती है, जिससे मूल्य वृद्धि पर रोक लगाने में मदद मिलती है। हालांकि, वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि गुरुवार की बैठक के बाद आगे की ब्याज दर नीतियों का निर्धारण आने वाले आर्थिक आंकड़ों, रोजगार दर और वेतन वृद्धि के रुझानों पर निर्भर करेगा। मिडिल ईस्ट में सैन्य संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल एक तरफ जहां यूरोपीय सेंट्रल बैंक की नीतियों से यूरो को समर्थन मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ कैनेडियन डॉलर भी मजबूत स्थिति में बना हुआ है, जिससे यूरो और कैनेडियन डॉलर की जोड़ी की बढ़त सीमित है। कनाडा दुनिया के प्रमुख कच्चे तेल निर्यातक देशों में शामिल है, इसलिए तेल की कीमतों में तेजी का सीधा फायदा उसकी मुद्रा को मिलता है। हाल ही में मिडिल ईस्ट में सैन्य कार्रवाइयों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम चढ़ गए। अमेरिकी सैन्य बलों ने खारग द्वीप के पास स्थित कई ईरानी तेल टैंकरों पर हमले किए। खारग द्वीप ईरान का सबसे प्रमुख कच्चा तेल निर्यात केंद्र है, इसलिए वहां संघर्ष की स्थिति वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला के लिए बड़ा खतरा बन गई है। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, यह सैन्य कार्रवाई एक अमेरिकी युद्धपोत पर हुए संदिग्ध मिसाइल हमले के जवाब में की गई थी। इसके तुरंत बाद तेहरान ने जॉर्डन की दिशा में बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर जवाबी कार्रवाई की। इसके साथ ही ईरानी अधिकारियों ने फारस की खाड़ी से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों के लिए चेतावनी जारी की, जिसमें कुवैती और बहरीनी बंदरगाहों के पास मौजूद टैंकर क्रू को तुरंत अपने जहाज छोड़ने की हिदायत दी गई। इन गंभीर सैन्य घटनाओं ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिससे कैनेडियन डॉलर को मजबूती मिल रही है। यूरोपीय सेंट्रल बैंक की संरचना और प्राथमिक कार्य यूरो की विनिमय दरों को समझने के लिए फ्रैंकफर्ट, जर्मनी में स्थित यूरोपीय सेंट्रल बैंक की संस्थागत संरचना को समझना आवश्यक है। यूरोज़ोन के केंद्रीय बैंक के रूप में, यह संस्थान पूरे क्षेत्र की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों को नियंत्रित करता है। इस बैंक का प्राथमिक लक्ष्य मूल्य स्थिरता बनाए रखना है, जिसका अर्थ है महंगाई दर को 2% के आसपास सीमित रखना। इस लक्ष्य को पाने के लिए ब्याज दरों में बदलाव करना केंद्रीय बैंक का मुख्य हथियार है। मौद्रिक नीति से जुड़े फैसले बैंक की गवर्निंग काउंसिल द्वारा लिए जाते हैं, जिसकी बैठक साल में आठ बार होती है। गवर्निंग काउंसिल में यूरोज़ोन के सदस्य देशों के राष्ट्रीय केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों के अलावा छह स्थायी कार्यकारी सदस्य शामिल होते हैं। इन स्थायी सदस्यों में यूरोपीय सेंट्रल बैंक की अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड भी शामिल हैं। जब गवर्निंग काउंसिल सख्त रुख अपनाते हुए ब्याज दरों में बढ़ोतरी का निर्णय लेती है, तो यूरो-नामित परिसंपत्तियों में निवेश बढ़ता है, जिससे यूरो मजबूत होता है। क्वांटिटेटिव ईजिंग और क्वांटिटेटिव टाइटनिंग का प्रभाव पारंपरिक ब्याज दरों के अलावा, केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए अप्रत्यक्ष उपायों का भी सहारा लेता है। असाधारण परिस्थितियों में बैंक क्वांटिटेटिव ईजिंग की नीति अपनाता है। इस प्रक्रिया में यूरोपीय सेंट्रल बैंक नई करेंसी छापकर बैंकों और वित्तीय संस्थानों से सरकारी व कॉर्पोरेट बॉन्ड खरीदता है। इससे बाजार में नकदी की आपूर्ति बढ़ती है और कर्ज सस्ता होता है, लेकिन यूरो की विनिमय दर में गिरावट आती है। बैंक ने इस नीति का इस्तेमाल 2009 से 2011 के ग्रेट फाइनेंशियल क्राइसिस, 2015 के कम महंगाई दौर और कोविड महामारी के दौरान किया था। दूसरी ओर, क्वांटिटेटिव टाइटनिंग इस प्रक्रिया के विपरीत काम करती है। जब अर्थव्यवस्था में सुधार होने लगता है और महंगाई बढ़ती है, तो बैंक बॉन्ड खरीदना बंद कर देता है और पुराने बॉन्ड्स की परिपक्वता से मिलने वाली राशि का पुनर्निवेश रोक देता है। बाजार से अतिरिक्त नकदी वापस खींचने की यह प्रक्रिया यूरो को मजबूत बनाती है और महंगाई से निपटने में मदद करती है। वैश्विक मुद्रा बाजार का हाल: AUD/USD और USD/JPY का प्रदर्शन वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार की बात करें तो अन्य प्रमुख जोड़ियों में भी हलचल देखी जा रही है। बुधवार के एशियाई कारोबारी सत्र में AUD/USD की जोड़ी 0.7200 के स्तर से ऊपर स्थिर बनी रही। चीन के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स और प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स के आंकड़ों के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर ज्यादा असर नहीं देखा गया। हालांकि, रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावनाओं से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समर्थन मिल रहा है। कारोबारी अब आने वाले अमेरिकी महंगाई आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, यूरोपीय कारोबारी घंटों के दौरान USD/JPY में गिरावट का रुख बना रहा और यह 153.50 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था। रॉयटर्स तानकान बिजनेस सर्वे के सकारात्मक परिणामों से बैंक ऑफ जापान द्वारा मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की उम्मीदें बढ़ी हैं, जिससे जापानी येन को मजबूती मिली है। इसके कारण अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना हुआ है, जो मंगलवार को सात महीने के निचले स्तर के करीब पहुंच गया था। सोना, पी नेटवर्क और डीजल क्रैक स्प्रेड के नए आंकड़े कीमती धातुओं में सोने ने एक हफ्ते के निचले स्तर से वापसी करते हुए बुधवार को यूरोपीय सत्र से पहले फिर से $4,400 प्रति औंस का स्तर हासिल कर लिया। अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी के कारण सोने में तीन दिनों से जारी गिरावट थम गई। क्रिप्टो मार्केट में पी नेटवर्क (PI) में भी सुधार दर्ज किया गया और यह $0.098 से ऊपर कारोबार करने लगा। पी कोर टीम द्वारा अपने डेवलपर्स इकोसिस्टम को मजबूत करने और नेटवर्क में नए एप्लिकेशन्स की उपयोगिता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। ऊर्जा क्षेत्र में डीजल क्रैक स्प्रेड में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली। अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल और WTI क्रूड के बीच का प्रीमियम इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल के पार निकल गया और इसने $102.00 प्रति बैरल के उच्चतम स्तर को छू लिया। इससे रिफाइंड ईंधन बाजार में आपूर्ति की किल्लत की स्थिति स्पष्ट होती है। EUR/USD तकनीकी विश्लेषण और लाइव मार्केट आउटलुक EUR/USD के लाइव मार्केट आंकड़ों पर नजर डालें तो यह जोड़ी 1.16 पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद स्तर के मुकाबले 0.06% की बढ़त दर्शाती है। बीते 52 हफ्तों के दौरान इस जोड़ी का दायरा 1.13 से 1.20 के बीच रहा है। तकनीकी सूचकांकों में 14-पीरियड RSI 57 के स्तर पर है, जो तटस्थ से सकारात्मक रुख का संकेत देता है, जबकि MACD हिस्टोग्राम 0.00 पर बना हुआ है। इसके 20-दिन, 50-दिन और 200-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 1.16 पर केंद्रित हैं, जबकि 50-दिन का सिंपल मूविंग एवरेज 1.15 पर है। ADX सूचकांक 27 पर है, जो एक ट्रेंडिंग मार्केट का संकेत देता है। तकनीकी स्तरों के अनुसार दैनिक पिवट 1.16 पर है, जिसके लिए पहला प्रतिरोध स्तर R1 1.16 और दूसरा प्रतिरोध स्तर R2 1.17 है, जबकि पहला सपोर्ट स्तर S1 1.16 और दूसरा सपोर्ट स्तर S2 1.16 तय किया गया है। इसका आप पर असर वैश्विक करेंसी और क्रूड ऑयल मार्केट में उथल-पुथल का सीधा असर आम उपभोक्ताओं और निवेशकों की जेब पर पड़ता है। • क्रूड ऑयल की कीमतें: मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण कच्चे तेल के दाम बढ़ने से भारत जैसे आयातक देशों में पेट्रोल-डीजल और परिवहन लागत बढ़ने का खतरा रहता है। इससे आने वाले हफ्तों में माल ढुलाई और रोज़मर्रा की आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं। • फॉरेक्स और विदेशी यात्रा: यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने से यूरो मजबूत होगा, जिससे यूरोप यात्रा करने वाले पर्यटकों और वहां पढ़ाई कर रहे छात्रों के खर्च में इजाफा हो सकता है। भारतीय रुपये के मुकाबले यूरो महंगा होने पर ट्यूशन फीस और रहने का खर्च बढ़ जाएगा। • कमोडिटी और सोना: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के $4,400 के पार निकलने से घरेलू सराफा बाजार में सोने के जेवर महंगे हो सकते हैं। शादी-ब्याह के सीजन में खरीदारी करने वाले ग्राहकों को अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। • क्रिप्टो निवेशक: पी नेटवर्क (PI) में $0.098 से ऊपर सुधार और डेवलपर इकोसिस्टम पर ध्यान केंद्रित करने से रिटेल क्रिप्टो निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत मिला है। निवेशक अब नेटवर्क में नए उपयोग के मौकों पर नजर रख सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ यूरो में बढ़त और कच्चे तेल में उछाल के पीछे प्रमुख मौद्रिक फैसले और मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य संघर्ष मुख्य कारण हैं। • महंगाई का दबाव: यूरोज़ोन में अगस्त के दौरान महंगाई दर 3% से ऊपर निकल गई, जो यूरोपीय सेंट्रल बैंक के 2% के लक्ष्य से अधिक है। इसी कारण केंद्रीय बैंक को ब्याज दरों में 25 बीपीएस की बढ़ोतरी करने के लिए विवश होना पड़ा है। • सैन्य संघर्ष और आपूर्ति का खतरा: अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत पर हमले के प्रयास के जवाब में अमेरिका ने खारग द्वीप के पास ईरानी तेल टैंकरों पर हमले किए। इसके जवाब में तेहरान ने जॉर्डन पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं और फारस की खाड़ी में जहाजों को खाली करने की चेतावनी दी, जिससे कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई। • बैंक ऑफ जापान का सख्त रुख: जापानी येन में मजबूती और रॉयटर्स तानकान सर्वे के बेहतर नतीजों ने बैंक ऑफ जापान द्वारा नीति सामान्यीकरण की उम्मीदों को बल दिया, जिससे अमेरिकी डॉलर पर चौतरफा दबाव बना। सवाल-जवाब 1. यूरोपीय सेंट्रल बैंक की आगामी बैठक में क्या फैसला लिए जाने की उम्मीद है? बाजार की पूरी संभावना है कि यूरोपीय सेंट्रल बैंक अपनी प्रमुख डिपॉजिट फैसिलिटी दर में 25 बीपीएस यानी 25 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी करके इसे 2.5% कर देगा। 2. मिडिल ईस्ट में हालिया घटनाओं का कच्चे तेल पर क्या असर पड़ा है? खारग द्वीप के पास ईरानी तेल टैंकरों पर अमेरिकी हमलों और तेहरान द्वारा जॉर्डन पर मिसाइलें दागने के बाद आपूर्ति बाधित होने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। 3. कैनेडियन डॉलर को कच्चे तेल की कीमतों से क्यों समर्थन मिल रहा है? कनाडा दुनिया के प्रमुख कच्चा तेल निर्यातक देशों में से एक है, इसलिए वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें बढ़ने पर उसकी अर्थव्यवस्था और मुद्रा कैनेडियन डॉलर को सीधा लाभ मिलता है। 4. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत का क्या हाल है? सोने ने तीन दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए $4,400 प्रति औंस का स्तर फिर से हासिल कर लिया है, जिसे अमेरिकी डॉलर की कमजोरी से समर्थन मिला। 5. डीजल क्रैक स्प्रेड में तेजी का क्या मतलब है? यूएस डीजल क्रैक स्प्रेड इतिहास में पहली बार $100 के पार पहुंचकर $102.00 प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर आ गया, जो रिफाइंड डीजल ईंधन की वैश्विक बाजार में किल्लत को दर्शाता है। https://trendkia.com/market/ecb-ki-25-bps-byaja-dara-vriddhi-ki-snbhavana-se-euro-majabuta-middle-east-tanava-ke-bicha-canadian-dollar-ko-mila-kruda-ka-sahara-30237 TrendKia — Har trend, sabse pehle.