यूरोपीय केंद्रीय बैंक की सख्त नीति से यूरो में मजबूती, कमोडिटी और ग्लोबल करेंसी बाजारों में बड़ा फेरबदल यूरोपीय केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों और मजबूत निर्माता मूल्य सूचकांक के दम पर यूरो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ है। इसके साथ ही जापानी येन, सोना, बिटकॉइन और डीजल बाजार में भी महत्वपूर्ण हलचल देखने को मिल रही है। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में यूरोपीय साझा मुद्रा यूरो ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। यूरोप क्षेत्र के निर्माता मूल्य सूचकांक (PPI) के उम्मीद से बेहतर आंकड़ों और यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) द्वारा मौद्रिक नीति में सख्ती बनाए रखने के संकेतों ने यूरो को सहारा दिया है। वित्तीय बाजारों में अब साल के अंत तक ECB द्वारा ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की एक से अधिक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। वर्तमान में EUR/USD की दर 1.16 के आसपास बनी हुई है, जहां 1.1580 का मजबूत समर्थन स्तर देखने को मिल रहा है। यूरो की मजबूती और यूरोपीय केंद्रीय बैंक के संकेत बाजार विश्लेषक शॉन ओसबोर्न और एरिक थियोरेट के अनुसार यूरो की विनिमय दर में सुधार सीधे तौर पर बॉन्ड यील्ड अंतर और केंद्रीय बैंक की नीतियों से जुड़ा हुआ है। बीते एक सप्ताह में ECB द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि की उम्मीदें काफी बढ़ी हैं। सितंबर महीने के लिए 25 आधार अंकों की दर वृद्धि पहले से ही तय मानी जा रही थी, लेकिन अब दिसंबर तक एक और पूर्ण 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की संभावना बाजार में आ गई है। जर्मनी और अमेरिका के 2 साल के सरकारी बॉन्ड यील्ड के बीच का अंतर यूरो के पक्ष में मुड़ रहा है। इस बॉन्ड स्प्रेड के आधार पर यूरो का निष्पक्ष मूल्य (Fair Value) 1.1623 के करीब आंका गया है। यील्ड अंतर में इस सुधार ने यूरो के लिए हालिया गिरावट को रोकने और नए सिरे से तेजी दर्ज करने में मदद की है। EUR/USD का तकनीकी विश्लेषण और अहम स्तर तकनीकी चार्ट पर EUR/USD का रुझान तटस्थ से सकारात्मक बना हुआ है। स्पॉट विनिमय दर में 1.16 से नीचे और विशेष रूप से 1.1580 के स्तर पर मजबूत सहारा देखने को मिला है। इस स्तर पर स्थिरता आने से बाजार में बिकवाली का दबाव कम हुआ है और अल्पावधि में तेजी के आसार बने हैं। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) सुधरकर 57 के स्तर पर पहुंच गया है, जो मध्य-50 के दायरे में मजबूती का संकेत देता है। मूविंग एवरेज संकेतकों में 20-दिवसीय, 50-दिवसीय और 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 1.16 के आसपास बने हुए हैं। ऊपर की ओर पहला मुख्य प्रतिरोध 1.1650 पर है, जबकि इसके बाद अगस्त महीने का उच्चतम स्तर 1.17 के ठीक ऊपर अगला प्रतिरोध बिंदु रहेगा। औसत दैनिक उतार-चढ़ाव (ATR) 0.01 के आसपास रहने से सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव की संभावना जताई जा रही है। एशियाई करेंसी मार्केट: येन की तेजी से डॉलर पर दबाव दूसरी ओर एशियाई मुद्रा बाजार में जापानी येन (JPY) लगातार बढ़त बनाए हुए है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले येन की मांग बढ़ने से USD/JPY का जोड़ा गिरकर 156.00 के स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रहा है। बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा निकट भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना और जापानी अधिकारियों द्वारा विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप के जोखिम ने येन को समर्थन दिया है। अमेरिका में जारी मजबूत आईएसएम सर्विसेज पीएमआई (ISM Services PMI) रिपोर्ट भी अमेरिकी डॉलर को सहारा देने में नाकाम रही। जापानी येन की जोरदार लिवाली के कारण डॉलर इंडेक्स पर लगातार दबाव बना हुआ है, जिसका फायदा अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं को मिल रहा है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और भू-राजनीतिक तनाव ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD) में उतार-चढ़ाव भरा माहौल बना हुआ है। AUD/USD की जोड़ी एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान 0.7150 के स्तर के ऊपर बनी रही। ऑस्ट्रेलिया के कमजोर व्यापारिक आंकड़ों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की रिकवरी को सीमित कर दिया, हालांकि चीन के सकारात्मक रेटिंगडॉग सर्विसेज पीएमआई (RatingDog Services PMI) आंकड़ों ने निचले स्तरों पर सहारा दिया। अमेरिकी डॉलर में एडीपी रोजगार रिपोर्ट की सुस्ती के बाद आई गिरावट अब रुकती दिख रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव तथा अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) द्वारा सितंबर में ब्याज दरें बढ़ाने की तेज होती अटकलों ने डॉलर को निचले स्तर पर रुकने में मदद की है। कमोडिटीज मार्केट: सोना और डीजल के रिकॉर्ड आंकड़े कीमती धातुओं के बाजार में सोने की कीमतों में शानदार वापसी देखी गई है। पिछले कारोबारी दिन सोना 4,300 डॉलर प्रति औंस से नीचे गिरकर लगभग चार सप्ताह के निचले स्तर पर चला गया था, लेकिन गुरुवार को इसमें तेजी से सुधार आया। जापानी येन की तेजी के कारण डॉलर कमजोर हुआ और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई गिरावट ने सोने की सुरक्षित निवेश मांग को दोबारा बढ़ा दिया। ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भले ही स्थिर दिख रही हों, लेकिन डीजल बाजार से चौंकाने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड, यानी अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और डब्ल्यूटीआई (WTI) कच्चे तेल के बीच का अंतर इतिहास में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया। इंट्राडे कारोबार के दौरान यह अंतर 102.00 डॉलर प्रति बैरल के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू गया, जो वैश्विक स्तर पर रिफाइनिंग क्षमता और मध्यवर्ती ईंधन की भारी कमी को दर्शाता है। डिजिटल एसेट्स: बिटकॉइन $77,700 के स्तर पर स्थिर क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन (BTC) गुरुवार को 77,700 डॉलर के स्तर पर स्थिर कारोबार करता नजर आया। अगस्त के उत्तरार्ध में आई तेज बढ़त के बाद अब बिटकॉइन एक सीमित दायरे में बना हुआ है। संस्थागत निवेशकों की ओर से आ रही निरंतर मांग इस मूल्य दायरे को बनाए रखने में मदद कर रही है। इस सप्ताह अमेरिका में स्पॉट एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में मिले-जुले पूंजी प्रवाह देखने को मिले हैं। इसके बावजूद संस्थागत निवेशकों का भरोसा बने रहने से बिटकॉइन में किसी बड़ी गिरावट की संभावना फिलहाल कम नजर आ रही है। इसका आप पर असर वैश्विक मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में इस हलचल का सीधा असर निवेशकों, यात्रियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ेगा। • भारत में: विदेशी मुद्रा भंडार और कच्चे तेल से जुड़े आयात बिल पर असर पड़ सकता है, क्योंकि ईंधन रिफाइनिंग की लागत बढ़ रही है। इससे आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की स्थानीय दरों तथा माल ढुलाई लागत पर दबाव देखने को मिल सकता है। • फॉरेक्स और गोल्ड निवेशकों के लिए: यूरो और सोने में तेजी से विनिमय दर आधारित रणनीतियों को नया रूप देना होगा। मजबूत तकनीकी सपोर्ट स्तरों के आधार पर निवेशक जोखिम प्रबंधन में सुधार कर सकते हैं। • अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए: यूरोप की यात्रा करने वाले भारतीय पर्यटकों और छात्रों के लिए यूरो का महंगा होना यात्रा व पढ़ाई का बजट बढ़ा सकता है। डॉलर के मुकाबले यूरो की मजबूती से यूरोपीय देशों में खर्च अधिक होगा। • ऊर्जा और परिवहन क्षेत्र के लिए: डीजल क्रैक स्प्रेड का रिकॉर्ड 102 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचना परिवहन कंपनियों के लिए चिंता का विषय है। इससे लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ेगी, जिसका अंतिम असर उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. यूरो में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले तेजी क्यों आ रही है? यूरोपीय क्षेत्र के मजबूत निर्माता मूल्य सूचकांक (PPI) आंकड़ों और यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) द्वारा साल के अंत तक ब्याज दरें बढ़ाने की तेज होती संभावनाओं के कारण यूरो मजबूत हो रहा है। 2. EUR/USD के लिए कौन से मुख्य तकनीकी स्तर महत्वपूर्ण हैं? EUR/USD के लिए 1.1580 पर मजबूत समर्थन स्तर है, जबकि ऊपर की तरफ 1.1650 और 1.1700 पर प्रमुख प्रतिरोध स्तर बने हुए हैं। 3. सोने की कीमत में दोबारा तेजी का क्या कारण है? जापानी येन की मजबूती से अमेरिकी डॉलर में गिरावट आई और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में कमी आई, जिससे सोना दोबारा 4,300 डॉलर के स्तर से ऊपर सुधर गया। 4. डीजल क्रैक स्प्रेड 102 डॉलर प्रति बैरल पहुंचने का क्या मतलब है? डीजल क्रैक स्प्रेड कच्चे तेल और रिफाइंड डीजल के बीच का मूल्य अंतर होता है। इसका 102 डॉलर के सर्वकालिक रिकॉर्ड पर पहुंचना वैश्विक स्तर पर डीजल की भारी कमी और रिफाइनिंग दबाव को दर्शाता है। 5. बिटकॉइन की वर्तमान कीमत और बाजार स्थिति क्या है? बिटकॉइन 77,700 डॉलर के स्तर के आसपास स्थिर बना हुआ है, जिसे अमेरिका में स्पॉट ईटीएफ (ETF) के जरिए आ रही संस्थागत मांग का सहारा मिल रहा है। https://trendkia.com/market/ecb-ki-sakhta-niti-se-eur-men-majabuti-kamoditi-aura-globala-karensi-bajaron-men-bara-pherabadala-27252 TrendKia — Har trend, sabse pehle.