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  "title": "ईसीबी सदस्य योआचिम नागेल का दावा: सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की 95% से अधिक संभावना",
  "summary": "यूरोपीय सेंट्रल बैंक के गवर्निंग काउंसिल सदस्य योआचिम नागेल के अनुसार वित्तीय बाजार सितंबर की बैठक में ब्याज दर वृद्धि की 95 प्रतिशत से अधिक संभावना देख रहे हैं।",
  "content": "यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ईसीबी) के गवर्निंग काउंसिल सदस्य योआचिम नागेल ने वित्तीय बाजारों की भावी रणनीति पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक वित्तीय बाजार इस बात की 95 प्रतिशत से अधिक संभावना मानकर चल रहे हैं कि ईसीबी अपनी आगामी सितंबर बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी करेगा। इसके साथ ही जर्मन अर्थव्यवस्था की स्थिति पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जर्मनी को एक निश्चित समय अवधि के लिए अपने बजट घाटे में बढ़ोतरी को स्वीकार करना होगा। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि जर्मन सरकार द्वारा वर्तमान में किया जा रहा खर्च असाधारण परिस्थितियों के तहत ही होना चाहिए।\n\nईसीबी का ढांचा और मौद्रिक नीति का मुख्य जनादेश\nजर्मनी के फ्रैंकफर्ट में स्थित यूरोपीय सेंट्रल बैंक पूरे यूरोज़ोन के लिए केंद्रीय बैंक के रूप में कार्य करता है। यह संस्था इस पूरे क्षेत्र के लिए ब्याज दरें निर्धारित करती है और मौद्रिक नीति का संचालन करती है। ईसीबी का प्राथमिक और सबसे महत्वपूर्ण जनादेश मूल्य स्थिरता बनाए रखना है। इसका सीधा अर्थ यह है कि बैंक यूरोज़ोन में मुद्रास्फीति की दर को 2 प्रतिशत के आसपास नियंत्रित रखने का प्रयास करता है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बैंक का सबसे प्रमुख हथियार ब्याज दरों को बढ़ाना या घटाना है। जब ब्याज दरें अपेक्षाकृत उच्च स्तर पर होती हैं, तो आमतौर पर यूरोपीय मुद्रा यूरो मजबूत होती है। इसके विपरीत, ब्याज दरें घटने पर यूरो में कमजोरी देखने को मिलती है।\n\nईसीबी की मौद्रिक नीति से जुड़े निर्णय गवर्निंग काउंसिल द्वारा वर्ष में आठ बार आयोजित होने वाली बैठकों में लिए जाते हैं। इस गवर्निंग काउंसिल में यूरोज़ोन के सभी राष्ट्रीय केंद्रीय बैंकों के प्रमुख शामिल होते हैं। इसके अलावा इसमें छह स्थायी सदस्य भी होते हैं, जिनमें ईसीबी की वर्तमान अध्यक्ष क्रिस्टीन लगार्ड भी शामिल हैं। यह परिषद आर्थिक आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण करने के बाद ही ब्याज दरों और अन्य वित्तीय नीतियों पर अंतिम फैसला लेती है।\n\nक्वांटिटेटिव ईज़िंग और क्वांटिटेटिव टाइटनिंग का प्रभाव\nजब अर्थव्यवस्था अत्यधिक कठिन परिस्थितियों से गुजर रही होती है, तब यूरोपीय सेंट्रल बैंक क्वांटिटेटिव ईज़िंग (QE) नामक एक विशेष नीतिगत उपाय को अपनाता है। इस प्रक्रिया के तहत ईसीबी नई मुद्रा (यूरो) छापता है और उसका उपयोग बैंकों तथा अन्य वित्तीय संस्थानों से सरकारी या कॉर्पोरेट बॉन्ड खरीदने के लिए करता है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य वित्तीय प्रणाली में नकदी का प्रवाह बढ़ाना होता है। क्वांटिटेटिव ईज़िंग के प्रयोग से आमतौर पर यूरो मुद्रा में कमजोरी आती है। ईसीबी इस कदम को अंतिम उपाय के रूप में तब अपनाता है जब केवल ब्याज दरों में कटौती करने से मूल्य स्थिरता का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाता। ईसीबी ने 2009 से 2011 के महान वित्तीय संकट के दौरान, 2015 में मुद्रास्फीति के निचले स्तर पर बने रहने के समय और कोविड महामारी के दौरान इसका उपयोग किया था।\n\nक्वांटिटेटिव टाइटनिंग (QT) क्वांटिटेटिव ईज़िंग की बिल्कुल उलट प्रक्रिया है। इसे आर्थिक सुधार के दौर में और मुद्रास्फीति बढ़ने पर लागू किया जाता है। जहां QE में बैंक बॉन्ड खरीदकर नकदी उपलब्ध कराता है, वहीं QT के तहत ईसीबी नए बॉन्ड खरीदना बंद कर देता है। इसके अतिरिक्त, बैंक के पास पहले से मौजूद बॉन्ड की परिपक्वता पर मिलने वाले मूलधन का पुनर्निवेश भी रोक दिया जाता है। वित्तीय बाजारों में इस प्रक्रिया को आमतौर पर यूरो के लिए सकारात्मक या बुलिश माना जाता है।\n\nविदेशी मुद्रा बाजार: दबाव में GBP/USD और EUR/USD\nअंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में बुधवार को शुरुआती यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान GBP/USD जोड़ी गिरकर 1.3500 के स्तर के करीब पहुंच गई। मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में अमेरिकी डॉलर की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले डॉलर को मजबूती मिल रही है। बाजार सहभागियों की नजर अब शुक्रवार को जारी होने वाली अमेरिका की अगस्त रोजगार रिपोर्ट पर टिकी हुई है।\n\nइसी तरह, EUR/USD जोड़ी में भी गिरावट दर्ज की गई और यह शुरुआती यूरोपीय सत्र में 1.1575 के स्तर के आसपास कमजोर हुई। फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते अमेरिकी डॉलर यूरो पर हावी नजर आ रहा है। व्यापारी अब शुक्रवार को आने वाले यूरोज़ोन रिटेल सेल्स आंकड़ों और अमेरिकी रोजगार डेटा का इंतजार कर रहे हैं।\n\nकमोडिटी और बॉन्ड यील्ड: सोने में गिरावट, क्रूड और डीजल में उछाल\nअमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण बुधवार को सोने की कीमतों पर भारी दबाव देखा गया। एशियाई कारोबार के दौरान 10 वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 4.81 प्रतिशत के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जो नवंबर 2023 के बाद का उच्चतम स्तर है। निवेशकों का ध्यान अब अगस्त महीने के लिए जारी होने वाले अमेरिकी ADP एम्प्लॉयमेंट चेंज आंकड़ों पर केंद्रित है।\n\nदूसरी ओर, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल में लगातार तीसरे दिन तेजी दर्ज की गई। पिछले छह कारोबारी सत्रों में यह पांचवीं बार बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जिससे यह 24 जुलाई के बाद के अपने नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इस बीच, डीजल बाजार में आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड पहली बार $100 प्रति बैरल के पार निकल गया और $102.00 प्रति बैरल से अधिक का सर्वकालिक उच्च स्तर छू लिया, जो ईंधन बाजार में बढ़ती तंगी को दर्शाता है।\n\nक्रिप्टोकरेंसी बाजार का हाल: अगस्त की रैली के बाद सुस्ती\nअगस्त महीने में शानदार बढ़त दर्ज करने के बाद प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी परिसंपत्तियों में गति धीमी पड़ती दिख रही है। टेक्निकल इंडिकेटर्स शीर्ष तीन क्रिप्टोकरेंसी में शुरुआती कमजोरी का संकेत दे रहे हैं। बिटकॉइन (BTC) में शुरुआती मंदी के संकेत मिल रहे हैं, जबकि एथेरियम (ETH) $2,500 के स्तर के पास से वापस लौटने के बाद लगातार गिरावट का सामना कर रहा है। वहीं, रिपल (XRP) अपने प्रमुख सपोर्ट स्तर से नीचे बना हुआ है, जिससे निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है।\n\nइसका आप पर असर\nईसीबी द्वारा ब्याज दर वृद्धि की संभावना और बढ़ते अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का वैश्विक वित्तीय बाजारों और निवेशकों पर सीधा असर पड़ रहा है।\n\n• वैश्विक निवेशकों पर: ब्याज दरों में वृद्धि की उच्च संभावना और बॉन्ड यील्ड में तेजी से जोखिम वाली संपत्तियों जैसे क्रिप्टोकरेंसी और शेयरों में बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।\n• करेंसी मार्केट पर: यूरो और पाउंड के मुकाबले अमेरिकी डॉलर मजबूत हो रहा है, जिससे आयातित वस्तुओं की लागत में बदलाव आ सकता है।\n• ईंधन और ऊर्जा पर: क्रूड ऑयल और डीजल क्रैक स्प्रेड में रिकॉर्ड तेजी से परिवहन और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ सकती है।\n• सोना और कीमती धातुएं: अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 4.81% तक पहुंचने से सोने पर दबाव बना हुआ है, जिससे अल्पकालिक रिटर्न प्रभावित हो सकता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. ईसीबी सदस्य योआचिम नागेल ने सितंबर बैठक के बारे में क्या कहा?\nउन्होंने बताया कि वित्तीय बाजार सितंबर में ईसीबी द्वारा ब्याज दर बढ़ाए जाने की 95% से अधिक संभावना देख रहे हैं।\n\n2. जर्मनी के बजट घाटे पर योआचिम नागेल का क्या रुख है?\nउन्होंने कहा कि जर्मनी को एक निश्चित अवधि के लिए बजट घाटे में बढ़ोतरी स्वीकार करनी होगी और वर्तमान सरकारी खर्च असाधारण रहना चाहिए।\n\n3. क्वांटिटेटिव ईज़िंग (QE) का यूरो पर क्या असर पड़ता है?\nQE के तहत बैंक परिसंपत्तियां खरीदकर अर्थव्यवस्था में नकदी डालता है, जिससे आमतौर पर यूरो मुद्रा कमजोर होती है।\n\n4. बुधवार को अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड किस स्तर पर पहुंची?\nएशियाई कारोबार के दौरान 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 4.81% के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जो नवंबर 2023 के बाद का उच्चतम स्तर है।",
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  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-09-02",
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