यूरोपीय संघ से संभावित नजदीकियों से पाउंड को मिला सहारा, डॉलर की मजबूती से अन्य मुद्राएं दबाव में ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के बीच बातचीत की उम्मीदों ने ब्रिटिश पाउंड को मजबूती दी है, जबकि मजबूत अमेरिकी डॉलर और ऊंचे बॉन्ड यील्ड के कारण यूरो, येन और सोने पर भारी दबाव बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड को लेकर धारणा में सकारात्मक सुधार देखा जा रहा है, जिसका मुख्य कारण ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के बीच संभावित नए समीकरणों की चर्चा है। विदेशी मुद्रा बाजार में यह माना जा रहा है कि यदि ब्रिटेन यूरोपीय संघ के साथ अपने संबंधों को फिर से मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ता है, तो यह स्टर्लिंग के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। 2016 के ब्रेक्सिट जनमत संग्रह के बाद ब्रिटिश पाउंड में भारी गिरावट दर्ज की गई थी, इसलिए किसी भी प्रकार के दोबारा जुड़ाव की संभावना निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत लेकर आती है। हालांकि इस संबंध में पूरी स्पष्टता आने में अभी काफी लंबा समय लग सकता है, लेकिन 20 नवंबर के आसपास संभावित ब्रिटेन-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन से पहले बाजार में पाउंड की खरीद में तेजी की संभावना तलाशी जा रही है। यूरो में कमजोरी और मुद्रा विनिमय के बदलते समीकरण मौजूदा कारोबारी सप्ताह के दौरान EUR/GBP जोड़ी में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट के पीछे यूरो की अपनी स्वतंत्र कमजोरी भी एक प्रमुख वजह मानी जा रही है। आमतौर पर यूरोजोन के राजनीतिक और बजटीय जोखिमों से बचाव के लिए EUR/CHF हेज का सहारा लिया जाता है, लेकिन वर्तमान में यह दर ब्याज दरों के अंतर से जुड़ी परिस्थितियों से गहराई से प्रभावित हो रही है। यूरो पर बढ़ते दबाव के बीच मुद्रा बाजार के प्रतिभागी विभिन्न मुद्राओं के बीच ब्याज दर के फैलाव और राजनीतिक अनिश्चितताओं का बारीकी से आकलन कर रहे हैं। अमेरिकी डॉलर का दबदबा और येन पर बढ़ता दबाव एशियाई कारोबारी सत्र में गुरुवार को USD/JPY अपने साप्ताहिक दायरे के ऊपरी स्तर पर 158.00 के पार कारोबार करता दिखा। यद्यपि अमेरिका के पीसीई महंगाई आंकड़ों में कुछ नरमी देखने को मिली है, इसके बावजूद कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से उपजी महंगाई की चिंताओं ने अमेरिकी सरकारी बॉन्ड यील्ड को कई वर्षों के उच्चतम स्तर के करीब बनाए रखा है। इसके अतिरिक्त, अमेरिका और ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव ने सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में अमेरिकी डॉलर की मांग को और मजबूती दी है। डॉलर की यह व्यापक मजबूती बैंक ऑफ जापान की आक्रामक ब्याज दर नीतियों की उम्मीदों और जापानी अधिकारियों द्वारा बाजार में संभावित हस्तक्षेप के जोखिमों को पूरी तरह बेअसर कर रही है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर दो महीने के निचले स्तर के करीब स्थिर मजबूत अमेरिकी डॉलर के दबाव में AUD/USD एशियाई सत्र के दौरान 0.6900 के मध्य स्तर के आसपास कंसोलिडेट करता नजर आया, जो इसका करीब दो महीने का निचला स्तर है। यद्यपि अमेरिका के पीसीई आंकड़ों ने अक्टूबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में बढ़ोतरी की संभावनाओं को थोड़ा कम किया है, लेकिन तेल की वजह से बॉन्ड यील्ड में तेजी डॉलर को मजबूती प्रदान कर रही है। दूसरी तरफ, ऑस्ट्रेलिया का व्यापार अधिशेष अगस्त में तेजी से घटकर AUD495M रह गया। हालांकि इस भारी गिरावट का ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और इस विनिमय जोड़ी पर सीमित असर ही देखने को मिला है। सोने की कीमतों पर ऊंचे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का असर कमोडिटी बाजार में सोना 4,200 डॉलर के आसपास तक चढ़ने के बाद अपनी बढ़त को बनाए रखने के लिए संघर्ष करता दिखा। यूरोपीय सत्र के पहले हिस्से में सोने का कारोबार लगभग स्थिर बना रहा। बुधवार को अमेरिका से उम्मीद से कमजोर महंगाई आंकड़े आने के बावजूद अमेरिकी डॉलर की लगातार खरीदारी जारी रही। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का लगातार कई वर्षों के नए रिकॉर्ड स्तर को छूना सोने जैसे बिना ब्याज वाले एसेट की मांग को सीमित करने वाला मुख्य कारक बना हुआ है, जिससे निवेशकों का रुझान डॉलर की ओर बना हुआ है। हाइपरलिक्विड में गिरावट और संस्थागत निकासी क्रिप्टोकरेंसी बाजार में हाइपरलिक्विड (HYPE) टोकन गुरुवार को 2% फिसल गया, जिससे पिछले दिन की 5% बढ़त में कमी दर्ज की गई। संस्थागत निवेशकों की मांग में नरमी आई है और बुधवार को 5 मिलियन डॉलर की पूंजी निकासी देखी गई, जिसने अल्पकालिक निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। तकनीकी दृष्टि से HYPE का दृष्टिकोण मिलाजुला बना हुआ है, क्योंकि इसकी कीमत 90 डॉलर के स्तर से नीचे ही सीमित बनी हुई है। यूरो में ऐतिहासिक गिरावट और महंगाई का नया झटका EUR/USD मई 2025 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। बुधवार को यह जोड़ी गिरकर 1.1312 के स्तर तक पहुंच गई, जो जनवरी के 1.2082 के उच्चतम स्तर से काफी नीचे है। यूरो में इस भारी गिरावट का कारण मजबूत अमेरिकी डॉलर, भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं और यूरोप के ऊर्जा संकट से जुड़े जोखिम हैं। हालांकि, यूरोजोन में महंगाई का एक ताजा झटका यूरो को अप्रत्याशित राहत प्रदान कर सकता है, जिससे आने वाले समय में यूरोपीय सेंट्रल बैंक की मौद्रिक नीति में बदलाव की संभावना बन सकती है। इसका आप पर असर वैश्विक मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों के नए रुझान अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश को सीधे प्रभावित कर रहे हैं। • मुद्रा विनिमय: विदेशी यात्रा और विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए डॉलर का मजबूत होना खर्च बढ़ा सकता है। यदि आप डॉलर में भुगतान कर रहे हैं तो आपको अधिक स्थानीय मुद्रा खर्च करनी होगी। • सोना खरीदार: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने पर ऊंचे यील्ड के कारण दबाव है, जिससे कीमतों में भारी तेजी फिलहाल थमी हुई है। खुदरा खरीदार मौजूदा स्थिरता का उपयोग योजनाबद्ध खरीदारी के लिए कर सकते हैं। • क्रिप्टो निवेशक: संस्थागत पूंजी निकासी के कारण टोकन की कीमतों में अस्थिरता बढ़ रही है। हाइपरलिक्विड जैसे एसेट्स में निवेश करने वालों को तकनीकी स्तरों और पूंजी प्रवाह पर नजर रखनी चाहिए। • आयात-निर्यात व्यापार: ऊर्जा की ऊंची कीमतें और मुद्रा में उतार-चढ़ाव आयात लागत को सीधे प्रभावित करते हैं। व्यापारियों को हेजिंग रणनीतियों के जरिए विनिमय जोखिम को कम करने की योजना बनानी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ वैश्विक बाजारों में यह फेरबदल अमेरिका की सख्त मौद्रिक स्थिति, ऊर्जा-जनित महंगाई और बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों के सामूहिक प्रभाव से शुरू हुआ है। • अमेरिकी बॉन्ड यील्ड: कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई दोबारा भड़कने की आशंकाओं ने अमेरिकी सरकारी ट्रेजरी यील्ड को कई वर्षों के उच्च स्तर पर पहुंचा दिया है। इसके चलते निवेशकों का आकर्षण गैर-उपज वाले एसेट्स की तुलना में डॉलर की तरफ बढ़ा है। • भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते गतिरोध ने वित्तीय बाजारों में जोखिम से बचने की भावना को मजबूत किया है। संकट की स्थिति में निवेशक सुरक्षित ठिकाने के रूप में अमेरिकी डॉलर को प्राथमिकता दे रहे हैं। • ब्रिटेन-यूरोपीय संघ वार्ता: 2016 के बाद से ब्रेक्सिट से जुड़ी अनिश्चितताओं ने पाउंड को दबाकर रखा था। अब 20 नवंबर के शिखर सम्मेलन की चर्चाओं ने ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के बीच व्यापारिक संबंधों में सुधार की नई उम्मीद जगाई है। सवाल-जवाब 1. ब्रिटिश पाउंड में अचानक मजबूती का क्या कारण है? ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के बीच 20 नवंबर के आसपास संभावित शिखर सम्मेलन और संबंधों में सुधार की उम्मीदों ने पाउंड को सहारा दिया है। 2. USD/JPY जोड़ी का मौजूदा स्तर क्या है? USD/JPY जोड़ी एशियाई कारोबारी सत्र में 158.00 के स्तर से ऊपर कारोबार कर रही है। 3. सोने की कीमतों पर दबाव क्यों बना हुआ है? अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड के कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर बने रहने और मजबूत डॉलर के कारण सोने की मांग सीमित हो रही है। 4. हाइपरलिक्विड टोकन में कितनी गिरावट दर्ज की गई? हाइपरलिक्विड में 2% की गिरावट आई और 5 मिलियन डॉलर के संस्थागत आउटफ्लो के बाद इसकी कीमत 90 डॉलर के नीचे बनी हुई है। 5. EUR/USD का स्तर कहां तक गिर गया है? EUR/USD गिरकर 1.1312 पर पहुंच गया है, जो मई 2025 के बाद का इसका सबसे निचला स्तर है। 6. ऑस्ट्रेलिया का व्यापार अधिशेष अगस्त में कितना रहा? अगस्त महीने में ऑस्ट्रेलिया का व्यापार अधिशेष तेजी से घटकर AUD495M रह गया। https://trendkia.com/market/eu-se-snbhavita-najadikiyon-se-pound-ko-mila-sahara-dollar-ki-majabuti-se-anya-mudraen-dabava-men-41171 TrendKia — Har trend, sabse pehle.