यूरो और जापानी येन में गिरावट का रुख, 179 से नीचे खिसकी करेंसी लगातार तीन दिनों की बढ़त गंवाने के बाद यूरो-जापानी येन की जोड़ी 178.90 के करीब आ गई है, जहां तकनीकी चार्ट्स पर लगातार मंदी के संकेत बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में तीन दिनों की तेजी पर विराम लगाते हुए यूरो बनाम जापानी येन (EUR/JPY) करेंसी क्रॉस में कमजोरी दर्ज की गई है। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान यह जोड़ी 178.90 के आसपास कारोबार करती देखी गई। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, दैनिक चार्ट पर यह मुद्रा जोड़ी एक गिरते हुए चैनल (डिसेंडिंग चैनल) के भीतर बनी हुई है, जिससे बाजार में बिकवाली का दबाव हावी दिख रहा है। तकनीकी संकेतकों पर मंदी का दबाव मुद्रा जोड़ी का रुख निकट अवधि में कमजोर बना हुआ है क्योंकि यह अपने 9-दिवसीय और 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के नीचे टिकी हुई है। इन अल्पकालिक और मध्यम अवधि के मूविंग एवरेज को पार करने में असमर्थता यह दर्शाती है कि किसी भी संभावित तेजी को ऊपरी स्तरों पर कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है। 9-दिवसीय ईएमए 179.53 पर और 50-दिवसीय ईएमए 182.84 पर स्थित है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि बाजार में उछाल पर बिकवाली हावी है। मोमेंटम इंडिकेटर की बात करें तो 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) लगभग 32 के स्तर पर मंडरा रहा है। यह स्तर बाजार में जारी गिरावट के दबाव की पुष्टि करता है। आरएसआई ओवरसोल्ड सीमा के बिल्कुल ऊपर बना हुआ है, जिससे किसी मजबूत तकनीकी सुधार के बजाय निरंतर कमजोरी की संभावना अधिक दिखाई दे रही है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा सत्र में जोड़ी 179.53 के स्तर पर है, जबकि इसका पिछला बंद भाव 179.20 रहा था। 52-सप्ताह का दायरा 172.27 से 187.93 के बीच दर्ज किया गया है। महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर यदि बिकवाली का दबाव इसी तरह जारी रहता है, तो यूरो और जापानी येन की जोड़ी नीचे की ओर गिरते चैनल की निचली सीमा यानी 177.40 के प्राथमिक सपोर्ट स्तर की तरफ बढ़ सकती है। इसके बाद अगला प्रमुख निचला स्तर 175.70 पर स्थित है, जो नवंबर 2025 में दर्ज किया गया लगभग 11 महीने का निचला स्तर था। दूसरी ओर, यदि बाजार में कोई सकारात्मक बदलाव आता है, तो जोड़ी के लिए पहला प्रतिरोध स्तर 9-दिवसीय ईएमए 179.53 पर होगा। इसे पार करने पर नजर 50-दिवसीय ईएमए 182.84 पर टिकेगी। आगे का कड़ा प्रतिरोध गिरते चैनल के ऊपरी छोर 185.10 के आसपास देखा जा सकता है, जिसके ऊपर 17 अप्रैल को बना 187.95 का ऑल-टाइम हाई स्तर मौजूद है। 20-दिवसीय सपोर्ट लगभग 177.85 और रेजिस्टेंस 185.98 के करीब आंका गया है। अन्य प्रमुख मुद्राओं का प्रदर्शन और बाजार की स्थिति वैश्विक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में यूरो अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में मिलाजुला कारोबार कर रहा है। आज के प्रदर्शन की बात करें तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुकाबले यूरो सबसे अधिक कमजोर साबित हुआ है। मुद्रा विनिमय हीट मैप के अनुसार, दुनिया भर की प्रमुख करेंसियां एक-दूसरे के मुकाबले तेज उतार-चढ़ाव दिखा रही हैं। एशियाई सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) में नए खरीदार सक्रिय हुए और यह फिर से 0.7100 के स्तर पर पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर में फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के बाद आई तेजी पर अस्थायी ठहराव दिखा, जिसने जुलाई के अंत के बाद के अपने उच्चतम स्तर को छुआ था। इसके साथ ही रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों और अमेरिका-ईरान कूटनीतिक प्रयासों की संभावनाओं ने जोखिम की भावना को बढ़ावा दिया, जिससे जोखिम-संवेदनशील ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समर्थन मिला। बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति और वैश्विक ब्याज दरें अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन (USD/JPY) जोड़ी एशियाई सत्र में 156.00 के नीचे जाने के बाद वापस संभलती दिखी। यह जोड़ी पिछले दिन बने करीब दो सप्ताह के शीर्ष स्तर से फिसलते हुए अपनी तीन दिनों की बढ़त के सिलसिले को तोड़ने की कोशिश कर रही है। फेडरल रिजर्व के फैसलों के बाद सात सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंची अमेरिकी मुद्रा में सुस्ती आई है। दूसरी तरफ, बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने के सख्त कदमों की संभावनाओं ने जापानी मुद्रा को मजबूत सहारा दिया है। निवेशकों की निगाहें शुक्रवार को आने वाले बैंक ऑफ जापान के नीतिगत फैसले पर टिकी हुई हैं। जापान की अत्यधिक कम ब्याज दरों ने एक दशक से अधिक समय तक वैश्विक निवेशों में खरबों डॉलर के वित्तपोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसने जापानी येन को दुनिया के सबसे सस्ते फंडिंग स्रोतों में से एक बना दिया था। हालांकि, बैंक ऑफ जापान द्वारा नीति को और सख्त करने की उम्मीदों के साथ यह रणनीतिक लाभ एक नए दौर में प्रवेश कर सकता है। जहां अधिकांश प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं ने ब्याज दरें बढ़ाई थीं, वहीं जापान लंबे समय तक दुनिया में एक अपवाद बना रहा था। सोना और क्रिप्टोकरेंसी बाजार का हाल कमोडिटी और डिजिटल एसेट बाजारों में भी केंद्रीय बैंकों के नीतिगत फैसलों का गहरा असर देखा जा रहा है। सोने की कीमतें शुरुआती कारोबार में 4,300 डॉलर के स्तर के ऊपर नए बिकवाली दबाव का सामना कर रही हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त मौद्रिक नीति बयानों के बाद सोना 4,235 डॉलर के छह सप्ताह के निचले स्तर तक गिर गया था, जहां से इसकी रिकवरी में रुकावट आ गई है। दूसरी ओर, डिजिटल मुद्रा बिटकॉइन ने 76,000 डॉलर के स्तर से ऊपर कारोबार किया। यह हलचल तब देखने को मिली जब फेडरल रिजर्व ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की, जिससे फेडरल फंड्स टारगेट रेंज बढ़कर 3.75%-4.00% हो गई। बारह के मुकाबले शून्य (12-0) के सर्वसम्मत फैसले के साथ यह कदम जुलाई 2023 के बाद फेडरल रिजर्व की पहली दर वृद्धि साबित हुआ है। वैश्विक स्तर पर दरों में बदलाव से मुद्रा और परिसंपत्ति बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है। इसका आप पर असर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में होने वाले इस उतार-चढ़ाव का सीधा प्रभाव विदेश यात्रा, आयात-निर्यात और वैश्विक निवेश पर पड़ता है। • भारतीय आयातकों और निर्यातकों पर: यूरोपीय और जापानी बाजारों के साथ कारोबार करने वाली भारतीय कंपनियों की हेजिंग लागत और मार्जिन सीधे प्रभावित होंगे। कंपनियों को करेंसी में तेज बदलाव से बचने के लिए अपनी फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट रणनीतियों की तुरंत समीक्षा करनी होगी। • विदेशी यात्रियों और छात्रों के लिए: यूरोप या जापान में पढ़ाई करने वाले छात्रों और यात्रा करने वालों के लिए बजट योजना में बदलाव देखने को मिल सकता है। येन की संभावित मजबूती और यूरो की नरमी से करेंसी एक्सचेंज करवाते समय दरों पर नजर रखना आवश्यक है। • रिटेल फॉरेक्स ट्रेडर्स के लिए: 177.40 और 179.53 के प्रमुख तकनीकी स्तरों पर नजर बनाए रखें क्योंकि ब्रेकआउट से पहले बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है। स्टॉप-लॉस और रिस्क मैनेजमेंट को सख्त रखें क्योंकि केंद्रीय बैंक के आगामी फैसलों से अचानक स्पाइक्स आ सकते हैं। • वैश्विक वित्तीय बाजारों पर: जापानी येन की मजबूती से पुराने कैरी ट्रेड्स में बिकवाली आ सकती है जिससे दुनिया भर के इक्विटी बाजारों में पूंजी प्रवाह प्रभावित होगा। शुक्रवार को आने वाले बैंक ऑफ जापान के फैसले के बाद वैश्विक लिक्विडिटी की दिशा तय होगी। ऐसा क्यों हुआ यूरो और येन में यह गिरावट केंद्रीय बैंकों की नीतियों में बदलाव और तकनीकी चार्ट पर बने बिकवाली के दबाव के कारण उत्पन्न हुई है। • केंद्रीय बैंकों के नीतिगत संकेत: बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी मौद्रिक नीति को और सख्त करने की तैयारी से येन को सहारा मिला है, जबकि यूरो पर दबाव बना हुआ है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी ने भी वैश्विक मुद्रा प्रवाह को प्रभावित किया है। • तकनीकी मूविंग एवरेज का टूटना: करेंसी क्रॉस 9-दिवसीय और 50-दिवसीय ईएमए से नीचे फिसल गया है, जिसने नए खरीदारों के भरोसे को कमजोर किया है। चार्ट पर डिसेंडिंग चैनल बनने से हर उछाल पर संस्थागत बिकवाली देखने को मिल रही है। • कैरी ट्रेड में बदलाव: जापान की दशकों पुरानी अति-सस्ती ब्याज दर नीति समाप्त होने की आशंका से निवेशक जापानी मुद्रा में अपनी शॉर्ट पोजीशन काट रहे हैं। इस रीपोजिशनिंग के चलते यूरो के मुकाबले येन को अतिरिक्त मजबूती हासिल हो रही है। सवाल-जवाब 1. यूरो और जापानी येन की जोड़ी वर्तमान में किस स्तर के आसपास कारोबार कर रही है? एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान यह जोड़ी 178.90 के करीब कारोबार करती देखी गई और तीन दिनों की बढ़त टूट गई। 2. EUR/JPY के लिए तत्काल तकनीकी सपोर्ट स्तर कौन सा है? तकनीकी विश्लेषण के अनुसार गिरते चैनल का निचला स्तर लगभग 177.40 पर है, जिसके बाद 175.70 का मजबूत सपोर्ट मौजूद है। 3. ऊपरी स्तरों पर इस करेंसी जोड़ी को कहां रुकावट मिल रही है? जोड़ी के लिए प्राथमिक बाधा 9-दिवसीय ईएमए 179.53 पर है, जिसके बाद 50-दिवसीय ईएमए 182.84 पर दूसरा रेजिस्टेंस है। 4. अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है? फेडरल रिजर्व ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर 25 आधार अंक बढ़ाकर 3.75%-4.00% कर दी है, जो जुलाई 2023 के बाद पहली वृद्धि है। 5. जापानी येन को मजबूती मिलने का मुख्य कारण क्या माना जा रहा है? बैंक ऑफ जापान द्वारा मौद्रिक नीति को और अधिक सख्त करने की उम्मीदों से येन को निरंतर समर्थन मिल रहा है। https://trendkia.com/market/eur-aura-jpy-men-giravata-ka-rukha-179-se-niche-khisaki-karensi-33742 TrendKia — Har trend, sabse pehle.