यूरो बनाम जापानी येन में 178 के नीचे नरमी, तकनीकी संकेतकों और ब्याज दरों पर टिकी नजरें यूरो और जापानी येन की विनिमय दर 178.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसलकर 177.90 के आसपास आ गई है, जहां 100-दिवसीय मूविंग एवरेज के नीचे मंदी का दबाव बरकरार है। यूरोपीय केंद्रीय बैंक और बैंक ऑफ जापान की नीतियों के बीच तकनीकी स्तर निवेशकों के लिए अहम बने हुए हैं। यूरोपीय मुद्रा गुरुवार के शुरुआती कारोबारी सत्र में जापानी येन के मुकाबले दबाव में दिखाई दी, जिससे यह विनिमय दर 177.90 के करीब फिसल गई। दैनिक चार्ट पर 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज यानी SMA के नीचे बने रहने के कारण बाजार का व्यापक रुझान नकारात्मक बना हुआ है। हालांकि, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI के तटस्थ दायरे में रहने से आने वाले कारोबारी घंटों में सीमित दायरे के भीतर कंसोलिडेशन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, यह जोड़ी 177.73 पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद स्तर 177.60 के मुकाबले 0.07 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्शाती है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 175.07 से 187.93 के बीच दर्ज किया गया है। केंद्रीय बैंकों के रुख और ब्याज दरों का समीकरण मुद्रा बाजार में इस उतार-चढ़ाव के पीछे केंद्रीय बैंकों की नीतियों से जुड़े संकेत प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। बैंक ऑफ जापान के एक बोर्ड सदस्य ने संकेत दिया है कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी की रफ्तार को तेज करने की गुंजाइश बन सकती है। जापानी केंद्रीय बैंक पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़ी बढ़ती मांग और विदेशी मुद्रा विनिमय यानी FX की गतिविधियों का गहन आकलन कर रहा है। बैंक ऑफ जापान की हालिया बैठकों के मिनट्स से यह स्पष्ट हुआ है कि नीति निर्माता दरों में वृद्धि जारी रखने पर सहमत हैं, जिसने जापानी येन को सहारा देने का काम किया है। दूसरी ओर, यूरोपीय केंद्रीय बैंक यानी ECB के अधिकारी नागेल ने अपने सामान्य रुख की तुलना में अधिक सख्त यानी हॉकिश संदेश दिया है। उनके बयान को 8.2 का FXS स्पीचट्रैकर स्कोर मिला, जबकि उनका ऐतिहासिक स्कोर 7.0 रहा है। नागेल ने कहा कि दिसंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी बेहद जरूरी हो सकती है। उनका जोर इस बात पर रहा कि मुद्रास्फीति का दबाव अनुमान से कहीं अधिक है और यह प्रतिकूल परिदृश्य के करीब पहुंच रहा है। यह सख्त नीतिगत झुकाव यूरो को ब्याज दरों की उम्मीदों के आधार पर समर्थन प्रदान करता है। नागेल ने इस बात पर भी जोर दिया कि ऊर्जा की कीमतों में तेज उछाल से व्यापक स्तर पर मुद्रास्फीति नहीं फैलनी चाहिए, जो केंद्रीय बैंक की कार्रवाई के लिए तत्परता को दर्शाता है। साथ ही, उन्होंने फ्रांस के राजकोषीय मुद्दों को मौद्रिक नीति के दायरे से बाहर का विषय बताया। मूल्य स्थिरता पर कड़ा ध्यान और बजट चुनौतियों के प्रबंधन का भरोसा यूरो के व्यापारियों को दरों में संभावित मजबूती का संकेत देता है। दैनिक चार्ट और तकनीकी स्तरों का विश्लेषण दैनिक तकनीकी चार्ट पर EUR/JPY वर्तमान में एक सुधारात्मक यानी करेक्टिव दौर से गुजर रहा है। यह जोड़ी 100-दिवसीय SMA के नीचे बनी हुई है, जिससे लोअर बोलिंजर बैंड से हालिया उछाल के बावजूद लंबी अवधि का मंदी का रुख कायम है। हालांकि, कीमत ने 20-दिवसीय बोलिंजर SMA के समर्थन को फिर से हासिल कर लिया है, जो अल्पावधि में स्थिरता के संकेत देता है। तकनीकी चार्ट पर RSI 53.4 के स्तर पर दर्ज किया गया है, जो तटस्थ से सकारात्मक दायरे में जा चुका है। यह संकेत देता है कि नीचे की ओर गिरावट की गति धीमी पड़ी है, लेकिन यह अभी भी ऊपरी औसत से लगने वाली रुकावट को पूरी तरह खत्म नहीं कर पाया है। नीचे की ओर, तात्कालिक सहारा मिड-बैंड पर 176.90 के स्तर पर स्थित है। इसके बाद 2 नवंबर का निचला स्तर 175.70 एक महत्वपूर्ण समर्थन के रूप में सामने आता है। यदि बाजार इस स्तर को तोड़ता है, तो गिरावट बोलिंजर बैंड की निचली सीमा यानी 175.30 के स्तर तक गहरी हो सकती है। दूसरी तरफ, ऊपरी सीमा पर शुरुआती प्रतिरोध बोलिंजर बैंड के ऊपरी सिरे के पास 178.45 पर बना हुआ है, जहां बिकवाली का दबाव दोबारा उभर सकता है। इस स्तर से ऊपर एक स्पष्ट ब्रेकआउट 180.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर तक का रास्ता साफ कर सकता है, जिसके बाद अगला बड़ा प्रतिरोध 181.70 पर स्थित 100-दिवसीय SMA होगा। लाइव तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, 14-दिवसीय RSI 52 पर है, जबकि MACD -0.53 पर सिग्नल लाइन -0.79 की तुलना में 0.27 का हिस्टोग्राम दिखाते हुए थोड़ा सकारात्मक बना हुआ है। एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी EMA20 177.09 पर, EMA50 178.71 पर और EMA200 181.81 पर स्थित है। साधारण मूविंग एवरेज यानी SMA50 178.78 और SMA200 183.16 पर दर्ज हैं। 50-दिवसीय और 200-दिवसीय ईएमए के बीच डेथ क्रॉस बना हुआ है, जो दीर्घकालिक मंदी की प्रवृत्ति की पुष्टि करता है। 20-दिवसीय बोलिंजर बैंड 175.41 से 178.28 के बीच है, जिसका मध्य स्तर 176.85 है। 14-दिवसीय ADX 22 पर दर्ज है जो सीमित दायरे का संकेत देता है, जबकि स्टोकेस्टिक संकेतक की फास्ट लाइन 78 और सिग्नल लाइन 70 पर है। दैनिक वोलैटिलिटी मापने वाला 14-दिवसीय ATR 1.23 पर है। पिवट स्तर 177.82 पर है, जिसमें प्रतिरोध R1 177.96 और R2 178.19 पर है, जबकि समर्थन S1 177.59 और S2 177.44 पर स्थित है। बैंक ऑफ जापान की नीति और येन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि बैंक ऑफ जापान देश का केंद्रीय बैंक है, जो जापान की मौद्रिक नीति तय करता है। इसका मुख्य कार्य बैंकनोट जारी करना और मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए मुद्रा तथा मौद्रिक नियंत्रण बनाए रखना है, जिसके तहत लगभग 2 प्रतिशत मुद्रास्फीति का लक्ष्य रखा गया है। कम मुद्रास्फीति के माहौल से निपटने और अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए बैंक ऑफ जापान ने 2013 में अत्यधिक ढीली मौद्रिक नीति की शुरुआत की थी। यह नीति क्वांटिटेटिव और क्वालिटेटिव ईजिंग यानी QQE पर आधारित थी, जिसके तहत नकदी प्रवाह बढ़ाने के लिए सरकारी या कॉरपोरेट बॉन्ड जैसी संपत्तियां खरीदी जाती थीं। वर्ष 2016 में, बैंक ने अपनी रणनीति को और आक्रामक बनाते हुए पहले नकारात्मक ब्याज दरों की शुरुआत की और फिर 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड के यील्ड को सीधे नियंत्रित करने का निर्णय लिया। इस भारी मौद्रिक प्रोत्साहन के कारण येन अपनी प्रमुख प्रतिस्पर्धी मुद्राओं की तुलना में लगातार कमजोर होता गया। 2022 और 2023 में यह कमजोरी और बढ़ गई, क्योंकि बैंक ऑफ जापान और अन्य प्रमुख वैश्विक केंद्रीय बैंकों के बीच नीतिगत अंतर बहुत बड़ा हो गया था। उस समय दुनिया भर के अन्य केंद्रीय बैंक दशकों के उच्चतम स्तर पर पहुंची महंगाई से निपटने के लिए ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी कर रहे थे, जबकि बैंक ऑफ जापान अपनी ढीली नीति पर अड़ा रहा। इस नीतिगत अंतर ने येन के मूल्य को भारी नुकसान पहुंचाया। यह रुझान मार्च 2024 में आंशिक रूप से पलट गया, जब बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी करते हुए अपनी अल्ट्रा-लूज मौद्रिक नीति को औपचारिक रूप से समाप्त करने की घोषणा की। कमजोर येन और वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की कीमतों में आए उछाल ने जापान में मुद्रास्फीति को 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर पहुंचा दिया था। इसके अलावा, देश में वेतन वृद्धि की उम्मीदों ने भी महंगाई को गति दी, जिससे बैंक को अपनी ऐतिहासिक नीति बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा। वैश्विक बाजारों और अन्य मुद्राओं का परिदृश्य व्यापक मुद्रा और जिंस बाजारों में भी कई बड़े रुझान देखने को मिल रहे हैं। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत और ईरान के साथ कूटनीतिक उम्मीदों के चलते अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना हुआ है। इस माहौल में AUD/USD गुरुवार के एशियाई सत्र के दौरान 0.7000 के ऊपर स्थिर बना रहा और तीन हफ्ते के निचले स्तर से हुई रिकवरी को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, शुक्रवार को आने वाली अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल यानी NFP रिपोर्ट को देखते हुए खरीदार सतर्क रुख अपना रहे हैं। USD/JPY में भी गुरुवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट का रुख देखने को मिला। बैंक ऑफ जापान के मिनट्स में ब्याज दरें बढ़ाते रहने की सहमति और मुद्रा बाजार में संभावित सरकारी हस्तक्षेप के जोखिम ने येन को मजबूती दी है। इसके साथ ही अमेरिकी राजनीतिक परिदृश्य ने डॉलर को कमजोर रखा है। दूसरी तरफ, सोने की कीमतों में जोरदार तेजी आई और एशियाई कारोबार में यह 4,135 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया, जो लगभग दो हफ्तों का उच्चतम स्तर है। अमेरिकी सीनेट और हाउस दोनों में डेमोक्रेट्स की जीत ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर को नीचे खींचा है, जिससे सोने में खरीदारी को बढ़ावा मिला। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में रिपल और स्टेलर ने गुरुवार को अपनी रिकवरी जारी रखी, क्योंकि दोनों ऑल्टकॉइन्स पर बिकवाली का दबाव कम हुआ है। XRP एक गिरते चैनल पैटर्न की ऊपरी ट्रेंडलाइन को पार करने के बाद 1.30 डॉलर के ऊपर कारोबार कर रहा है। वहीं XLM 0.168 डॉलर के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा है और 0.173 डॉलर के प्रतिरोध स्तर के करीब पहुंच रहा है। डेरिवेटिव्स के सुधरते आंकड़े और गति संकेतक इन डिजिटल संपत्तियों में आगे और सुधार की संभावना दर्शा रहे हैं। इसका आप पर असर यूरो और येन में होने वाले उतार-चढ़ाव से वैश्विक व्यापार, यात्रा खर्च और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कारोबारियों के नफा-नुकसान पर सीधा प्रभाव पड़ता है। • मुद्रा व्यापारियों पर प्रभाव: दैनिक चार्ट पर 100-दिवसीय SMA के नीचे मंदी का दबाव बना रहने से ट्रेडर्स को 176.90 के सपोर्ट और 178.45 के रेजिस्टेंस पर नजर रखनी चाहिए। 175.70 का स्तर टूटने पर भारी बिकवाली और नुकसान का जोखिम बढ़ सकता है। • विदेशी यात्रा और शिक्षा: यूरोप और जापान की यात्रा या वहां पढ़ाई की योजना बना रहे लोगों के लिए मुद्रा दरों का यह स्तर विनिमय लागत को प्रभावित करेगा। यूरो में संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी आगे चलकर यूरो को महंगा बना सकती है, जिससे खर्च बढ़ सकता है। • आयात और निर्यात लागत: जापान से ऑटो पार्ट्स या इलेक्ट्रॉनिक्स आयात करने वाली कंपनियों के लिए येन की मजबूती खरीदारी लागत बढ़ा सकती है। वहीं यूरोप को निर्यात करने वाले व्यापारियों को यूरो की चाल के आधार पर अपने हेजिंग अनुबंधों की समीक्षा करनी होगी। • वैश्विक निवेश रणनीति: केंद्रीय बैंकों के सख्त रुख के बीच बॉन्ड यील्ड और करेंसी पेयर में अस्थिरता बढ़ रही है। निवेशकों को अमेरिकी रोजगार आंकड़ों और ब्याज दर फैसलों से पहले अपने पोर्टफोलियो जोखिम को संतुलित करना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ EUR/JPY विनिमय दर में हालिया नरमी और तकनीकी मंदी का मुख्य कारण केंद्रीय बैंकों के नीतिगत रुख और तकनीकी चार्ट पर प्रमुख मूविंग एवरेज से मिलने वाली रुकावट है। • केंद्रीय बैंकों के नीतिगत संकेत: बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की गति तेज करने के संकेत और यूरोपीय केंद्रीय बैंक द्वारा दिसंबर में दरें बढ़ाने की संभावना के बीच खींचतान जारी है। दोनों पक्षों से सख्त बयानबाजी आने के कारण बाजार किसी एक दिशा में स्पष्ट ब्रेकआउट नहीं दे पा रहा है। • तकनीकी औसत का दबाव: दैनिक चार्ट पर जोड़ी 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज के नीचे फंसी हुई है, जिसने एक मजबूत रेजिस्टेंस का काम किया है। इसके अलावा 50-दिवसीय और 200-दिवसीय ईएमए के बीच डेथ क्रॉस बना हुआ है, जो लंबी अवधि के मंदी के दबाव को बनाए रखता है। • मुद्रास्फीति और भू-राजनीतिक कारक: ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव, पश्चिम एशिया में तनाव और वेतन वृद्धि के दबाव के कारण दोनों ही क्षेत्रों में महंगाई का खतरा बना हुआ है। केंद्रीय बैंकों का पूरा ध्यान महंगाई पर नियंत्रण रखने पर केंद्रित है, जिससे मौद्रिक सख्ती का माहौल बना हुआ है। सवाल-जवाब 1. EUR/JPY में गिरावट के बाद तात्कालिक सपोर्ट स्तर कौन सा है? इस जोड़ी के लिए तात्कालिक समर्थन स्तर मिड-बैंड पर 176.90 है, जिसके बाद 2 नवंबर का निचला स्तर 175.70 अहम सहारा माना गया है। 2. तकनीकी चार्ट पर यूरो बनाम येन के लिए मुख्य रेजिस्टेंस स्तर क्या हैं? शुरुआती प्रतिरोध बोलिंजर बैंड के ऊपरी सिरे के पास 178.45 पर है, जिसके पार जाने पर 180.00 और फिर 181.70 पर स्थित 100-दिवसीय SMA प्रमुख रुकावट है। 3. यूरोपीय केंद्रीय बैंक के अधिकारी नागेल ने ब्याज दरों को लेकर क्या कहा? नागेल ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि मुद्रास्फीति के दबाव को देखते हुए दिसंबर में ब्याज दर में बढ़ोतरी की अत्यधिक संभावना और आवश्यकता हो सकती है। 4. बैंक ऑफ जापान ने अपनी अत्यधिक ढीली नीति कब समाप्त की थी? बैंक ऑफ जापान ने मार्च 2024 में ब्याज दरें बढ़ाकर अपनी लंबे समय से चली आ रही अल्ट्रा-लूज मौद्रिक नीति को समाप्त कर दिया था। 5. जापानी येन को किन कारकों से हालिया समर्थन मिल रहा है? बैंक ऑफ जापान की बैठक के मिनट्स में दरें बढ़ाने की सहमति और बाजार में सरकारी हस्तक्षेप के जोखिम से येन को सहारा मिल रहा है। https://trendkia.com/market/eur-jpy-men-178-ke-niche-narami-takaniki-snketakon-aura-byaja-daron-para-tiki-najaren-56895 TrendKia — Har trend, sabse pehle.