यूरो बनाम जापानी येन में मंदी का दबाव: 180 के अहम सपोर्ट पर टिकी करेंसी जोड़ी यूरो और जापानी येन की विनिमय दर 180 के महत्वपूर्ण स्तर पर संघर्ष कर रही है, जहाँ 9-दिवसीय ईएमए पर मंदी और तेजी के बीच तकनीकी खींचतान जारी है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में यूरो और जापानी येन (EUR/JPY) की जोड़ी लगातार दबाव में बनी हुई है और शुक्रवार के कारोबारी सत्र के दौरान 180.12 के 9-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के आसपास तात्कालिक समर्थन का परीक्षण कर रही है। वैश्विक विनिमय बाजार में यूरो आज प्रमुख मुद्राओं की तुलना में जापानी येन के मुकाबले सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली करेंसी साबित हुआ है। तकनीकी चार्ट पर यह क्रॉस 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है, जिससे इसका अल्पकालिक रुझान नकारात्मक दिखाई दे रहा है। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) वर्तमान में 42.47 के स्तर पर है, जो तटस्थ 50 के निशान से नीचे रहकर गिरावट के लगातार बने रहने की ओर संकेत कर रहा है। ताजा लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, EUR/JPY की कीमत 180.02 पर दर्ज की गई है, जो पिछले बंद स्तर 180.13 के मुकाबले 0.06 प्रतिशत की गिरावट दर्शाती है। तकनीकी स्तर और चार्ट पर अहम सपोर्ट मुद्रा जोड़ी के लिए 180.12 पर स्थित 9-दिवसीय ईएमए वर्तमान में एक मुख्य धुरी के रूप में कार्य कर रहा है। यदि यह जोड़ी इस स्तर से नीचे फिसलती है, तो बिकवाली का रुझान और गहरा हो सकता है। ऐसे परिदृश्य में तकनीकी दबाव विनिमय दर को गिरते हुए चैनल (डिसेंडिंग चैनल) की निचली सीमा यानी 177.00 के दायरे की ओर धकेल सकता है। इसके बाद अगला प्रमुख निचला स्तर 175.70 होगा, जो नवंबर 2025 में दर्ज किया गया 11 महीने का निचला स्तर था। लाइव तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 41 पर स्थित है, जबकि 20-दिवसीय बॉलिंजर बैंड 175.74 से 185.59 के दायरे में फैला है और कीमत इसके मध्य बैंड 180.66 के करीब ट्रेड कर रही है। दैनिक अस्थिरता को मापने वाला 14-दिवसीय एटीआर 1.34 पर है, जो ट्रेडर्स के लिए संभावित स्टॉप-लॉस बफर तय करने में मददगार है। इसके अलावा 20-दिवसीय समर्थन 177.85 पर आंका गया है। उछाल की स्थिति में प्रमुख प्रतिरोध स्तर यदि इस जोड़ी में मौजूदा स्तरों से लिवाली लौटती है और भाव 9-दिवसीय ईएमए से ऊपर निकलने में कामयाब रहता है, तो इसमें तेजी का उलटफेर देखने को मिल सकता है। ऐसी स्थिति में पहला बड़ा तकनीकी लक्ष्य 182.31 पर स्थित 50-दिवसीय ईएमए होगा। इससे आगे की बढ़त के लिए डिसेंडिंग चैनल का ऊपरी दायरा 184.80 के करीब अवरोध पैदा कर सकता है। लंबी अवधि के रेजिस्टेंस की बात करें तो 17 अप्रैल को बनाया गया 187.95 का सर्वकालिक उच्च स्तर सबसे बड़ा तकनीकी पड़ाव बना हुआ है। हालिया आंकड़ों में 52-सप्ताह का दायरा 174.83 से 187.93 के बीच देखा गया है। लाइव डेटा के अनुसार, 50-दिवसीय ईएमए 182.35 और 200-दिवसीय ईएमए 182.82 पर है, जहाँ डेथ क्रॉस (50-दिवसीय ईएमए का 200-दिवसीय ईएमए से नीचे आना) लंबी अवधि के डाउनट्रेंड की पुष्टि कर रहा है। आज के पिवट स्तर 180.25 के ऊपर आर1 180.51 और आर2 181.00 पर प्रतिरोध दर्ज हैं, जबकि नीचे एस1 179.76 और एस2 179.49 पर तत्काल सपोर्ट मौजूद हैं। बैंक ऑफ जापान की ब्याज दर वृद्धि और मौद्रिक नीति जापानी येन की मजबूती के पीछे केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीतियां भी प्रमुख कारण हैं। बैंक ऑफ जापान (BoJ) ने अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। यह फैसला 7-2 के बहुमत से लिया गया, जो पिछले कई हफ्तों से वित्तीय बाजारों की अपेक्षाओं के बिल्कुल अनुरूप रहा। पिछले हफ्ते ब्याज दरों में हुई इस मामूली बढ़ोतरी के बाद भी केंद्रीय बैंक का रुख अपेक्षाकृत नरम बना हुआ है, जिससे येन की तेजी पर कुछ हद तक लगाम लग सकती है और स्पॉट कीमतों को निचली सतह पर सहारा मिल सकता है। हालांकि, बाजार सहभागियों में संभावित सरकारी हस्तक्षेप की आशंकाएं भी बनी हुई हैं, जिससे ट्रेडर्स सतर्क रुख अपना रहे हैं। डॉलर, ट्रेजरी यील्ड और अन्य वैश्विक मुद्राओं का हाल विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार के व्यापक परिदृश्य में अमेरिकी डॉलर का दबदबा देखने को मिल रहा है। यूएसडी/जेपीवाई (USD/JPY) एशियाई कारोबारी सत्र में हल्का कमजोर होकर 159.00 के तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर पर थम गया, जिसका कारण येन में सरकारी दखल की चिंता रही। वहीं, फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार दो दिनों की तेजी ने मुद्रास्फीति की चिंताओं को फिर से हवा दी है, जिससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। इन परिस्थितियों के बीच ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने बुधवार को घोषणा की कि ट्रेजरी विभाग लंबी अवधि के ट्रेजरी बॉन्ड में 6 अरब डॉलर का एक और बायबैक करेगा ताकि बढ़ती यील्ड को नियंत्रित किया जा सके। भू-राजनीतिक जोखिमों ने अमेरिकी डॉलर को दो महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा दिया है, जिससे आरबीए की संभावित दर वृद्धि की उम्मीदों पर पानी फिर गया है और एयूडी/यूएसडी (AUD/USD) 200-दिवसीय एसएमए से नीचे टूटकर 0.7000 के पास अगस्त की शुरुआत के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। इसके अतिरिक्त, सोने की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है और यह एशियाई सत्र में 4,244 डॉलर के साप्ताहिक निचले स्तर से उबरने के बावजूद 4,300 डॉलर से नीचे ट्रेड कर रहा है, जो सख्त मौद्रिक नीति और वैश्विक बॉन्ड बिकवाली के चलते चार हफ्तों में अपने सबसे खराब सप्ताह की ओर अग्रसर है। इसका आप पर असर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में यूरो और जापानी येन की घटती दरें अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निवेश और यात्रा लागत को सीधे प्रभावित करती हैं। • भारतीय यात्रियों के लिए: यूरोप और जापान की यात्रा करने वाले पर्यटकों के बजट में अंतर देखने को मिल सकता है। येन की मजबूती से जापान की यात्रा अपेक्षाकृत महंगी हो सकती है जबकि यूरो पर दबाव से यूरोप की यात्रा में मुद्रा विनिमय राहत दे सकता है। • फॉरेक्स और सीएफडी ट्रेडर्स: तकनीकी स्तर टूटने पर करेंसी डेरिवेटिव्स में भारी उतार-चढ़ाव की संभावना है। 180.12 और 177.00 के स्तरों पर नजर रखकर सख्त स्टॉप-लॉस बनाए रखना जरूरी है। • आयात-निर्यात कारोबार: यूरोपीय संघ और जापान से मशीनरी या ऑटो पार्ट्स मंगाने वाली कंपनियों की लागत प्रभावित होगी। जापानी सामान आयात करने वाले व्यापारियों को अतिरिक्त हेजिंग रणनीतियों पर विचार करना चाहिए। • वैश्विक निवेश पोर्टफोलियो: ट्रेजरी यील्ड और बॉन्ड बिकवाली का असर भारतीय इक्विटी बाजारों पर भी पड़ता है। विदेशी संस्थागत निवेशकों का पूंजी प्रवाह जोखिम से बचने के लिए बदल सकता है। ऐसा क्यों हुआ मुद्रा जोड़ी में यह कमजोरी केंद्रीय बैंकों की भिन्न मौद्रिक नीतियों, बॉन्ड यील्ड में उछाल और जापानी येन की सुरक्षित परिसंपत्ति मांग के कारण बनी है। • बैंक ऑफ जापान का नीतिगत कदम: बैंक ऑफ जापान ने अपने ब्याज दर लक्ष्य को बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। मौद्रिक नीति के इस सामान्यीकरण से येन को समर्थन मिला और यूरो के मुकाबले इसमें मजबूती आई। • कमजोर तकनीकी ढांचा: यूरो/येन विनिमय दर 50-दिवसीय ईएमए से नीचे बनी हुई है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स के 50 से नीचे रहने के कारण बाजार में बिकवाली का दबाव हावी हो गया। • अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल का दबाव: फेडरल रिजर्व के कड़े रुख और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने मुद्रास्फीति की चिंताएं बढ़ाई हैं। इसके चलते वैश्विक बॉन्ड बाजारों में बिकवाली बढ़ी है जिसका असर क्रॉस-करेंसी पर पड़ा है। सवाल-जवाब 1. EUR/JPY के लिए इस समय तात्कालिक सपोर्ट स्तर क्या है? इस जोड़ी के लिए 180.12 पर स्थित 9-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) तात्कालिक सपोर्ट और प्रमुख पिवट के रूप में कार्य कर रहा है। 2. यदि कीमत 180.12 से नीचे टूटती है तो अगला प्रमुख लक्ष्य क्या होगा? यदि गिरावट जारी रहती है तो भाव डिसेंडिंग चैनल की निचली सीमा 177.00 और उसके बाद 175.70 के स्तर तक फिसल सकता है। 3. बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है? बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। 4. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बढ़ती यील्ड को नियंत्रित करने के लिए क्या घोषणा की है? ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने बढ़ती यील्ड पर लगाम लगाने के लिए लंबी अवधि के बॉन्ड में 6 अरब डॉलर के अतिरिक्त बायबैक की घोषणा की है। https://trendkia.com/market/eur-jpy-men-mndi-ka-dabava-180-ke-ahama-saporta-para-tiki-karensi-jori-38249 TrendKia — Har trend, sabse pehle.