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  "title": "यूरो/डॉलर में सुस्ती, अमेरिकी महंगाई आंकड़ों से पहले अहम सपोर्ट पर टिकी चाल",
  "summary": "अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के अहम आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के अगले फैसले से पहले यूरो/डॉलर जोड़ी 1.1610 के आसपास कारोबार कर रही है। बाजार की नजरें महंगाई के रुख और ब्याज दरों पर इसके असर पर टिकी हुई हैं।",
  "content": "अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई आंकड़ों के जारी होने से पहले सतर्कता बरतते हुए निवेशकों के रुख के बीच यूरो/डॉलर जोड़ी फिसलकर 1.1610 के करीब पहुंच गई है। बाजार के विशेषज्ञ इस बात की उम्मीद कर रहे हैं कि ये अमेरिकी महंगाई आंकड़े फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़ी उम्मीदों को एक नई दिशा देंगे। इस बीच अगस्त के महीने के लिए अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल आंकड़े अनुमानों से काफी बेहतर साबित हुए हैं।\n\nड्यूश बैंक के विश्लेषकों का महंगाई अनुमान\nड्यूश बैंक के विश्लेषकों का कहना है कि शुक्रवार को आने वाले अगस्त के अमेरिकी सीपीआई आंकड़ों पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी, जिसके ठीक पहले गुरुवार को पीपीआई आंकड़े सामने आएंगे। उनका मानना है कि 16 सितंबर को होने वाली फेडरल रिजर्व की अगली बैठक से ठीक पहले मुद्रास्फीति के ये आंकड़े आखिरी बार आएंगे। उनके अमेरिकी अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि कीमतों के दबाव में एक उल्लेखनीय तेजी देखने को मिल सकती है, जहां अगस्त का हेडलाइन सीपीआई पिछले महीने के +0.07% की तुलना में +0.38% रहने का अनुमान है, जबकि मूल मुद्रास्फीति यानी कोर सीपीआई पिछले +0.22% की तुलना में +0.21% के आसपास रहने की संभावना है।\n\nडेली चार्ट पर तकनीकी संकेत और मूविंग एवरेज\nदैनिक चार्ट को देखा जाए तो लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार यूरो/डॉलर जोड़ी 1.16 के स्तर पर कारोबार कर रही है। यह अपने 100-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज यानी एसएमए से ऊपर टिके रहने में कामयाब रही है, जिससे इसका नजदीकी रुझान हल्का बना हुआ है। लाइव आंकड़ों के अनुसार, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 55 के आसपास तटस्थ दायरे में बना हुआ है, जो यह इशारा करता है कि बिकवाली का दबाव तो बरकरार है लेकिन किसी भी तरफ भारी गति थकावट के स्पष्ट संकेत नजर नहीं आ रहे हैं।\n\nअवरोध और समर्थन स्तर\nऊपर की ओर, मुख्य प्रतिरोध अगस्त का उच्च स्तर 1.1679 है, जिसके बाद अप्रैल का उच्च स्तर 1.1849 आता है। नीचे की तरफ देखा जाए तो 100-दिन का एसएमए पहला ऐसा उल्लेखनीय समर्थन है जिसे तेजी बनाए रखने वालों को बचाकर चलना होगा ताकि आगे की गिरावट से बचा जा सके। 100-दिन के इस एसएमए के नीचे खिसकने पर 1.1500 का मनोवैज्ञानिक स्तर इस मुद्रा जोड़ी के लिए एक मजबूत कुशन या सुरक्षा कवच का काम कर सकता है।\n\nमुद्रास्फीति यानी महंगाई किसी देश में वस्तुओं और सेवाओं की एक प्रतिनिधि टोकरी की कीमतों में होने वाली वृद्धि को मापती है। हेडलाइन महंगाई आमतौर पर महीने-दर-महीने और साल-दर-साल के आधार पर प्रतिशत बदलाव के रूप में व्यक्त की जाती है। कोर महंगाई में भोजन और ईंधन जैसे अधिक अस्थिर तत्वों को बाहर रखा जाता है जो भू-राजनीतिक और मौसमी कारकों के कारण उतार-चढ़ाव भरे हो सकते हैं। अर्थशास्त्री इसी कोर महंगाई के आंकड़े पर सबसे ज्यादा ध्यान केंद्रित करते हैं और केंद्रीय बैंक इसी को अपने निशाने पर रखते हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य महंगाई को लगभग 2% के आसपास एक प्रबंधनीय स्तर पर बनाए रखना होता है।\n\nउपभोक्ता मूल्य सूचकांक एक निश्चित समय अवधि में वस्तुओं और सेवाओं की टोकरी की कीमतों में बदलाव को मापता है। जब कोर सीपीआई 2% से ऊपर निकल जाती है तो आमतौर पर ब्याज दरें बढ़ जाती हैं और इसके 2% से नीचे गिरने पर इसके विपरीत परिणाम होते हैं। चूँकि ऊंची ब्याज दरें किसी मुद्रा के लिए सकारात्मक मानी जाती हैं, इसलिए अधिक महंगाई का परिणाम आमतौर पर एक मजबूत मुद्रा के रूप में सामने आता है, जबकि महंगाई घटने पर इसके उलट स्थिति बनती है।\n\nभले ही यह बात पहली बार में थोड़ी अजीब लग सकती है, लेकिन किसी देश में उच्च मुद्रास्फीति उस देश की मुद्रा के मूल्य को ऊपर धकेल देती है और कम महंगाई होने पर इसका उल्टा होता है। इसका कारण यह है कि केंद्रीय बैंक इस बढ़ी हुई महंगाई का मुकाबला करने के लिए आम तौर पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी करते हैं, जिससे दुनिया भर से ऐसे निवेशक आकर्षित होते हैं जो अपने पैसे को सुरक्षित और मुनाफे वाली जगह पर पार्क करना चाहते हैं।\n\nपहले के समय में, जब महंगाई बहुत ज्यादा होती थी तो निवेशक सोने का रुख करते थे क्योंकि यह अपने मूल्य को सुरक्षित रखता था, और हालांकि अत्यधिक बाजार उथल-पुथल के समय निवेशक आज भी अपनी सुरक्षित संपत्ति के गुणों के कारण सोना खरीदते हैं, लेकिन ज्यादातर समय ऐसा नहीं होता है। इसकी मुख्य वजह यह है कि जब महंगाई अधिक होती है, तो केंद्रीय बैंक इसका मुकाबला करने के लिए ब्याज दरों को ऊपर ले जाते हैं। ऊंची ब्याज दरें सोने के लिए नकारात्मक साबित होती हैं क्योंकि वे ब्याज देने वाली किसी अन्य संपत्ति की तुलना में सोने को अपने पास रखने की अवसर लागत को बढ़ा देती हैं। इसके विपरीत, कम महंगाई सोने के लिए सकारात्मक होती है क्योंकि इससे ब्याज दरें नीचे आती हैं, जिससे यह पीली धातु एक अधिक व्यावहारिक निवेश विकल्प बन जाती है।\n\nअन्य मुद्राओं और जिंस बाजारों का हाल\nअन्य बाजारों के रुख को देखें तो आॅस्ट्रेलियाई डॉलर/यूएस डॉलर जोड़ी नए सप्ताह की शुरुआत में 0.7200 के आसपास मंडरा रही है। रिज़र्व बैंक ऑफ आॅस्ट्रेलिया की तरफ से सख्त रुख की उम्मीदें आॅस्ट्रेलियाई मुद्रा के लिए मददगार साबित हो रही हैं। इसके साथ ही, अमेरिकी डॉलर/येन जोड़ी सोमवार को 156.00 के ऊपर स्थिर बनी हुई है, जिसे अमेरिकी-ईरान तनाव के बढ़ने और फेड की तरफ से दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती उम्मीदों से बल मिल रहा है।\n\nदूसरी ओर, एशियाई सत्र के दौरान सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है और यह 4,395 डॉलर के करीब कारोबार कर रहा है। अमेरिकी श्रम विभाग के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त में अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल में 162K की वृद्धि दर्ज की गई थी। इसके अलावा, तेल बाजार में भले ही कुछ नरमी दिख रही हो, लेकिन डीजल का क्रैक स्प्रेड अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर पर बना हुआ है।\n\nइसका आप पर असर\nअमेरिकी सीपीआई आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति से पहले मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है, जिसका सीधा असर आयात-निर्यात करने वाले व्यवसायों और विदेशी मुद्रा निवेशकों पर पड़ेगा।\n\n• भारत में: विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर के उतार-चढ़ाव और वैश्विक ब्याज दरों के रुख का असर रुपये की विनिमय दर और आयातित वस्तुओं की लागत पर पड़ सकता है।\n• वैश्विक स्तर पर: मुद्रा जोड़े में ट्रेड करने वाले निवेशकों को अपनी पोजीशन संभालते समय स्टॉप-लॉस का कड़ाई से पालन करना चाहिए क्योंकि महंगाई के आंकड़े बाजार में अचानक तेज हलचल पैदा कर सकते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यूरो/डॉलर जोड़ी वर्तमान में किस स्तर पर कारोबार कर रही है?\nलाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार यूरो/डॉलर जोड़ी 1.16 के स्तर पर कारोबार कर रही है।\n\n2. बाजार का ध्यान इस सप्ताह किस मुख्य आंकड़े पर है?\nबाजार की पूरी नजरें शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई आंकड़ों पर टिकी हुई हैं।\n\n3. कौन सा तकनीकी संकेतक इस जोड़ी को समर्थन दे रहा है?\nयह जोड़ी 1.1563 पर स्थित 100-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज से ऊपर बनी हुई है, जो इसके नजदीकी रुझान को संभाल रहा है।\n\n4. अगस्त के महीने में अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल आंकड़े कैसे रहे थे?\nअगस्त में अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल में 162K की वृद्धि दर्ज की गई थी जो उम्मीदों से काफी बेहतर थी।",
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  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-09-07",
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