EUR/USD में उतार-चढ़ाव जारी रहने के आसार, राबोबैंक का अनुमान यूरो और डॉलर की चाल को लेकर राबोबैंक ने आने वाले महीनों में सीमित दायरे में कारोबार रहने की संभावना जताई है। फेडरल रिजर्व के रुख और अमेरिकी आर्थिक अनिश्चितताओं का असर प्रमुख मुद्राओं पर साफ दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजारों में इन दिनों करेंसी पेयर्स की चाल को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में राबोबैंक की ओर से जारी आकलन में कहा गया है कि मौजूदा भू-राजनीतिक और आर्थिक हालात के बीच यूरो में तेजी की गुंजाइश काफी हद तक सीमित रह सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में EUR/USD जोड़ी 1.16 से 1.17 के दायरे में उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बीच सिमटी रह सकती है। फेडरल रिजर्व की बैठकों और नीतियों का असर जून में हुई फेडरल रिजर्व की बैठक के दौरान कुल अठारह सदस्यों में से नौ ने इस साल कम से कम एक बार ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना जताई थी, हालांकि इस प्रक्रिया में चेयरमैन केविन वॉर्श ने भाग नहीं लिया था। इसके बाद जुलाई की नीतिगत बैठक में तीन सदस्यों ने तुरंत ब्याज दरें बढ़ाने के पक्ष में असहमति दर्ज कराई थी। बैठक के मिनट्स से संकेत मिले थे कि यदि महंगाई में नरमी नहीं आती है, तो कई सदस्य आगे चलकर मौद्रिक सख्ती बढ़ाने के लिए तैयार हैं। इसके बावजूद, जुलाई की बैठक के बाद अमेरिकी डॉलर में गिरावट देखने को मिली क्योंकि बाजार को किसी आक्रामक रुख की उम्मीद थी जो पूरी नहीं हो सकी। मुद्रास्फीति और नीतिगत अनिश्चितताएं इस तरह के घटनाक्रम अमेरिका में मुद्रास्फीति के दृष्टिकोण को और अधिक जटिल बना रहे हैं। इसके चलते अमेरिकी ट्रेजरी विभाग और फेडरल रिजर्व के बीच किसी तरह की खींचतान की गुंजाइश भी पैदा हो सकती है। इन तमाम पहलुओं के कारण बाजार की निगाहें जैक्सन होल में होने वाले उस संबोधन पर टिकी हुई हैं जिसे फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श शुक्रवार को देने जा रहे हैं। यह उनका फेड चेयरमैन के तौर पर पहला जैक्सन होल भाषण होगा, और निवेशकों की उम्मीदें इस बात से कहीं आगे हैं कि सितंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी होगी या उन्हें स्थिर रखा जाएगा। यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बाजार का मिजाज यूरोपीय सेंट्रल बैंक और फेडरल रिजर्व दोनों के नीतिगत सम्मेलन सितंबर में निर्धारित होने के बावजूद, आने वाले हफ्तों में EUR/USD की कीमतों पर यूरोपीय पक्ष के बजाय मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर से जुड़ी खबरों का प्रभाव अधिक रहने की संभावना है। युद्ध के मौजूदा हालात का कोई स्पष्ट समाधान न निकलने के कारण, विश्लेषकों का अनुमान है कि इस जोड़ी में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रहेगा। हालांकि, हल्की तेजी के रुझान के सहारे यह मुद्रा जोड़ी आगामी वसंत ऋतु तक 1.18 के स्तर तक भी पहुंच सकती है। व्यापक बाजार और अन्य मुद्राओं का हाल गुरुवार को यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान GBP/USD जोड़ी अपने साप्ताहिक दायरे के निचले स्तर के करीब 1.3600 के नीचे सुस्ती दिखा रही है। इस बीच, अमेरिकी केंद्रीय बैंक के रुख की स्पष्ट तस्वीर सामने आने का इंतजार कर रहे ट्रेडर्स किसी भी तरह का नया दांव लगाने से बच रहे हैं। दूसरी ओर, EUR/USD जोड़ी कमजोर बनी हुई है और गुरुवार को 1.1650 के नीचे एक हफ्ते के अपने सबसे निचले स्तर के आसपास कारोबार कर रही है। यूरोपीय सेंट्रल बैंक के नीतिगत ब्यौरे भी यूरो को सहारा देने में असफल रहे हैं, जबकि सतर्क बाजार माहौल डॉलर को बल दे रहा है। कमोडिटी और क्रिप्टोकरेंसी का बाजार कीमती धातुओं के बाजार में सोना गुरुवार के शुरुआती यूरोपीय सत्र के दौरान 4,600 डॉलर के आसपास मंडरा रहा है और पिछले दिन छुए गए अपने साप्ताहिक निचले स्तर के करीब बना हुआ है। हालांकि, फेडरल रिजर्व के आगामी संकेतों के इंतजार में बिकवाली सीमित नजर आ रही है। इसके विपरीत, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में गुरुवार को तेजी का रुख है जिसमें बिटकॉइन लगभग 80,000 डॉलर के पास कारोबार कर रहा है। एथेरियम 2,500 डॉलर के ऊपर बना हुआ है और रिपल 1.40 डॉलर के समर्थन स्तर के ऊपर स्थिर है। तेल बाजार शांत लग सकता है, लेकिन डीजल के मोर्चे पर हालात अलग हैं जहां अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड 100 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गया है और इंट्राडे रिकॉर्ड बनाते हुए 102.00 डॉलर के थोड़ा ऊपर पहुंच गया है। इसका आप पर असर मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव और केंद्रीय बैंकों के फैसलों का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ आयात-निर्यात से जुड़े कारोबारियों पर भी पड़ता है। • भारत में: विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव के कारण आयातित वस्तुओं, कच्चे तेल और डॉलर आधारित भुगतानों की लागत प्रभावित हो सकती है। • वैश्विक निवेशकों के लिए: मुद्रा बाजारों में पोजीशन बनाने वाले निवेशकों को फेडरल रिजर्व और ईसीबी की आगामी बैठकों के बीच जोखिम प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। • कच्चे तेल और ईंधन पर: डीजल और क्रूड ऑयल के दामों में आ रहे बदलाव माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स की लागत पर असर डाल सकते हैं। • क्रिप्टोकरंसी बाजार: बिटकॉइन और अन्य डिजिटल संपत्तियों में जारी हलचल से खुदरा निवेशकों की भावनाओं और पोर्टफोलियो वैल्यूएशन में उतार-चढ़ाव आ सकता है। सवाल-जवाब 1. EUR/USD जोड़ी के लिए आने वाले महीनों में क्या अनुमान है? राबobank के अनुसार, EUR/USD जोड़ी 1.16 से 1.17 के दायरे में सीमित उतार-चढ़ाव के साथ कारोबार कर सकती है और वसंत तक 1.18 तक पहुंच सकती है। 2. जैक्सन होल सम्मेलन में किसका भाषण सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है? फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श का भाषण इस सम्मेलन में सबसे अहम माना जा रहा है। 3. जुलाई की फेड बैठक में कितने सदस्यों ने असहमति जताई थी? जुलाई की फेड नीति बैठक में तीन सदस्यों ने तुरंत दरें बढ़ाने के पक्ष में औपचारिक असहमति दर्ज कराई थी। 4. बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी की क्या स्थिति है? क्रिप्टोकरेंसी बाजार में तेजी का रुख है, जिसमें बिटकॉइन लगभग 80,000 डॉलर के पास और एथेरियम 2,500 डॉलर से ऊपर कारोबार कर रहा है। 5. डीजल बाजार में हाल ही में क्या रिकॉर्ड बना है? अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर निकल गया है और 102.00 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। https://trendkia.com/market/eur-usd-men-utara-charhava-jari-rahane-ke-asara-rabobank-ka-anumana-23202 TrendKia — Har trend, sabse pehle.