फेड की ब्याज दरों में संभावित वृद्धि से दबाव में यूरो, यूरोज़ोन के मजबूत व्यापार आंकड़ों का भी नहीं दिखा असर फेडरल रिजर्व की आगामी नीतिगत बैठक से पहले अमेरिकी डॉलर में मजबूती बनी हुई है, जिससे यूरो 1.1520 के मासिक निचले स्तर के करीब दबाव में है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में यूरो लगातार कमजोरी का सामना कर रहा है, और EUR/USD जोड़ी 1.1520 के अपने एक महीने के निचले स्तर के आसपास बनी हुई है। जर्मनी के आर्थिक रुझानों से जुड़े सुस्त आंकड़ों और यूरोज़ोन के उम्मीद से बेहतर व्यापार संतुलन के आंकड़ों के बावजूद यूरो की विनिमय दर में कोई खास सुधार दर्ज नहीं किया गया है। दूसरी ओर, अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा तीन वर्षों में अपनी पहली ब्याज दर वृद्धि की तैयारियों के बीच अमेरिकी डॉलर को लगातार समर्थन मिल रहा है। जर्मनी का ZEW सेंटीमेंट डेटा और यूरोज़ोन व्यापार संतुलन जर्मनी के जेडईडब्ल्यू संस्थान द्वारा जारी सितंबर महीने की रिपोर्ट के अनुसार, जर्मन आर्थिक भावना सूचकांक में 0.5 अंक का मामूली सुधार देखा गया और यह बढ़कर 34.7 पर पहुंच गया। हालांकि, बाजार विश्लेषकों को इसके 37 तक पहुंचने की उम्मीद थी, जिसके कारण यह आंकड़ा बाजार की प्राथमिक प्रत्याशाओं से पीछे रह गया। वर्तमान आर्थिक स्थिति का आकलन करने वाला सूचकांक अगस्त के -61.1 से सुधरकर -47.1 दर्ज किया गया। यह बाजार द्वारा अनुमानित -52.2 के आंकड़े से बेहतर रहा, लेकिन फिर भी नकारात्मक क्षेत्र में ही बना हुआ है। रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है कि वित्तीय उपायों और मजबूत निर्यात गति के कारण आर्थिक सुधार को लेकर एक सतर्क सकारात्मक रुख बना हुआ है। इसके बावजूद, उच्च ऊर्जा लागत और हाइब्रिड हमलों से उत्पन्न अनिश्चितता आर्थिक वृद्धि के लिए प्रमुख जोखिम बने हुए हैं। इसी दौरान यूरोस्टैट ने जुलाई महीने के व्यापार संतुलन के आंकड़े साझा किए, जिनके अनुसार यूरोज़ोन ने 14.2 अरब यूरो का व्यापार अधिशेष दर्ज किया। यह आंकड़ा बाजार के 3.7 अरब यूरो के अनुमान से काफी अधिक रहा। इससे पहले जून महीने का अधिशेष संशोधित होकर 7.2 अरब यूरो रहा था। फेड निर्णय से पहले अमेरिकी डॉलर का प्रभुत्व और बाजार आउटलुक मुद्रा बाजार के जानकारों का मानना है कि अल्पकालिक अवधि में डॉलर में कुछ समेकन देखा जा सकता है। एफओएमसी नीतिगत फैसले की घोषणा से पहले डॉलर के एक सीमित सीमा में कारोबार करने की संभावना है। हालांकि, व्यापक आर्थिक परिस्थितियां और फेडरल रिजर्व का सख्त रुख डॉलर की मजबूती को लगातार बढ़ावा दे रहे हैं। तीन साल के अंतराल के बाद पहली बार अमेरिकी दरों में बढ़ोतरी की संभावना ने निवेशकों को डॉलर की ओर आकर्षित किया है, जिससे यूरो पर लगातार दबाव बना हुआ है। अन्य प्रमुख मुद्रा जोड़ों पर दबाव (AUD/USD और USD/JPY) मुद्रा बाजार में अन्य प्रमुख जोड़ियों में भी डॉलर की मजबूती का प्रभाव देखा जा रहा है। AUD/USD जोड़ी एशियाई कारोबारी सत्र में 0.7150 के स्तर से नीचे बनी रही, जो पिछले कारोबारी दिन दर्ज किए गए तीन सप्ताह के निचले स्तर के बेहद करीब है। अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तर पर बनी हुई हैं, जिन्हें कच्चे तेल की वजह से बढ़ती मुद्रास्फीति और एफओएमसी बैठक से समर्थन मिल रहा है। अगस्त महीने के लिए चीन के मिश्रित आर्थिक आंकड़ों के चलते ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कोई विशेष राहत नहीं मिल सकी है। दूसरी ओर, USD/JPY जोड़ी में बढ़त का रुझान कायम है और यह 155.00 के स्तर की ओर बढ़ रही है। व्यापारी इस सप्ताह होने वाली एफओएमसी और बैंक ऑफ जापान की बैठकों पर अपनी नज़रें टिकाए हुए हैं। अमेरिका में दरों में बढ़ोतरी के दावों और बॉन्ड यील्ड में तेजी से डॉलर मजबूत हुआ है, हालांकि बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य करने के किसी भी सख्त संकेत से जापानी येन को सहारा मिल सकता है। एफओएमसी बैठक से पहले सोने की कीमतों में गिरावट वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में भी लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। यूरोपीय सत्र के पूर्वार्द्ध में सोना लगभग 0.80% घटकर $4,265 से $4,264 प्रति औंस के क्षेत्र में कारोबार कर रहा था। दो दिवसीय एफओएमसी नीतिगत बैठक की शुरुआत से पहले सर्राफा बाजार में सतर्कता का माहौल है, जिसके कारण सोना अपने एक महीने के निचले स्तर के आसपास बना हुआ है। इसका आप पर असर वैश्विक मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती का असर दुनिया भर के निवेशकों, आयातकों और विदेशी यात्रियों पर सीधे तौर पर पड़ता है। • भारत में: डॉलर की मजबूती के कारण भारतीय रुपया दबाव में रह सकता है, जिससे आयातित वस्तुएं विशेषकर कच्चा तेल महंगा हो सकता है। इससे घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतें और मुद्रास्फीति बढ़ने का जोखिम बना रहता है। • वैश्विक स्तर पर: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यात्रा करने वाले या विदेशी बाजारों में व्यापार करने वाले लोगों के लिए विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव लागत बढ़ा सकता है। यूरो में कमजोरी से यूरोप की यात्रा करने वालों को कुछ राहत मिल सकती है लेकिन वैश्विक व्यापार संतुलन प्रभावित होता है। ऐसा क्यों हुआ फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति बैठक और संभावित ब्याज दर वृद्धि के चलते अमेरिकी डॉलर में जबरदस्त मजबूती देखने को मिल रही है। • फेड नीतिगत फैसला: अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद से निवेशक डॉलर की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे अन्य प्रमुख मुद्राओं पर दबाव बन रहा है। • जर्मनी के सुस्त आंकड़े: जर्मनी के ZEW सूचकांक का बाजार अनुमानों से कम रहना यूरो में सुधार के रास्ते में बाधा बना हुआ है। • ऊर्जा संकट और जोखिम: यूरोप में ऊर्जा की ऊंची कीमतें और भू-राजनीतिक चिंताएं यूरोज़ोन के आर्थिक पुनरुद्धार की गति को धीमा कर रही हैं। सवाल-जवाब 1. EUR/USD की वर्तमान स्थिति क्या है? EUR/USD जोड़ी अपने एक महीने के निचले स्तर के करीब 1.1520 के आसपास दबाव में कारोबार कर रही है। 2. सितंबर के लिए जर्मन ZEW सूचकांक का आंकड़ा क्या रहा? जर्मन ZEW आर्थिक भावना सूचकांक 0.5 अंक बढ़कर 34.7 पर पहुंचा, जो बाजार की 37 की उम्मीद से कम था। 3. जुलाई में यूरोज़ोन का व्यापार अधिशेष कितना रहा? यूरोस्टैट आंकड़ों के अनुसार जुलाई में यूरोज़ोन ने 14.2 अरब यूरो का व्यापार अधिशेष दर्ज किया, जो 3.7 अरब यूरो के अनुमान से काफी बेहतर है। 4. सोने की कीमतों पर एफओएमसी बैठक का क्या प्रभाव पड़ा है? एफओएमसी की बैठक से पहले सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई और यह 0.80% घटकर $4,265-$4,264 प्रति औंस के स्तर पर आ गया। https://trendkia.com/market/euro-depressed-near-monthly-lows-as-fed-rate-hike-expectations-overtake-eurozone-trade-gains-32451 TrendKia — Har trend, sabse pehle.