यूरो एसेट्स में निवेश का मौका या जोखिम? बीएनवाई की ताज़ा रिपोर्ट ने खोले अहम राज़ बीएनवाई के विश्लेषक जेफ यू ने यूरो एसेट्स में बढ़ते वैल्यू की बात कही है, जिसके लिए पीएमआई डेटा का स्थिर होना ज़रूरी है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिका-ईरान तनाव, अमेरिकी महंगाई दर के नए आंकड़ों और क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में बड़े बदलावों ने वैश्विक बाज़ारों में हलचल मचा दी है। वैश्विक वित्तीय बाज़ार इस समय केंद्रीय बैंकों की बदलती नीतियों, घटती महंगाई और बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच एक बेहद जटिल दौर से गुज़र रहा है। इन तमाम आर्थिक हलचलों के बीच यूरोपीय बाज़ार पर सबसे ज़्यादा नज़रें टिकी हैं, जहां रणनीतिकार क्षेत्रीय एसेट्स की क्षमता का बारीकी से आकलन कर रहे हैं। बीएनवाई के विश्लेषक जेफ यू के विश्लेषण के अनुसार, यूरो एसेट्स में अब एक नई वैल्यू उभरती हुई दिखाई दे रही है। इसका मुख्य कारण यह है कि यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ईसीबी) ने अपनी मौजूदा नीति को स्थिर रखा है और महंगाई का दबाव भी धीरे-धीरे कम हो रहा है। हालांकि, जेफ यू ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि यह संभावित वैल्यू काफी हद तक आने वाले परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) डेटा और कंपनियों के मुनाफ़े पर निर्भर करेगी। बाज़ार में किसी भी बड़े निवेश रोटेशन को सही ठहराने से पहले इन दोनों संकेतकों को यह पुष्टि करनी होगी कि अर्थव्यवस्था में स्थिर विकास हो रहा है। यूरोपीय सेंट्रल बैंक के अगले कदमों पर बीएनवाई का आकलन जैसे-जैसे नए आर्थिक आंकड़े सामने आ रहे हैं, बीएनवाई को उम्मीद है कि ईसीबी ब्याज दरों में किसी भी तरह की और बढ़ोतरी करने को लेकर अत्यधिक सावधानी बरतेगा। मौजूदा हालात कम रिटर्न देने वाले एसेट्स (लो-यील्डर्स) के लिए एक चुनौतीपूर्ण माहौल पेश कर रहे हैं, जिनके आगे संघर्ष करने की आशंका है। दूसरी ओर, स्टैगफ्लेशन (मुद्रास्फीति जनित मंदी) के मंडराते जोखिमों से बचाव चाहने वाले निवेशकों के लिए हाई-यील्ड FX बाज़ार का आकर्षण अभी भी बरकरार है। जेफ यू का मानना है कि महंगाई कम होने से मौद्रिक नीति को तुरंत और सख्त करने की जल्दबाज़ी घटी है, जिससे ईसीबी के फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने की संभावना है। नतीजतन, अब पूरा फोकस यूरोपीय PMI पर शिफ्ट हो गया है, जो अब बाज़ार की दिशा तय करने वाले सबसे अहम संकेत दे रहे हैं। यू के मुताबिक, निवेशकों के सामने मुख्य सवाल यह नहीं है कि क्या यूरोपीय अर्थव्यवस्था मज़बूत है, बल्कि यह है कि क्या कारोबारी गतिविधियां इतनी स्थिर हैं कि वे मध्यम अवधि में यूरो एसेट्स के उभरते वैल्यू केस को लगातार सहारा दे सकें। ईसीबी के परिदृश्य और सितंबर तक का सफर आगे की बात करें तो, ईसीबी के भविष्य के दिशा-निर्देश और उसके आधिकारिक बयान पूरी तरह से उसके आंतरिक आर्थिक परिदृश्यों से जुड़े रहेंगे। मार्च की बैठकों के दौरान तय किए गए मानदंडों के आधार पर, "गंभीर" आर्थिक परिदृश्य अभी भी एक बड़ा जोखिम बना हुआ है। इस बीच, मौजूदा यथास्थिति "हल्के" और "प्रतिकूल" अनुमानों के बीच कहीं टिकी हुई है। बीएनवाई के आकलन के अनुसार, हालात अभी भी "हल्के" परिदृश्य की दिशा में ही आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि, इस ट्रेंड की ठोस पुष्टि संभवतः सितंबर तक ही हो पाएगी। उस समय तक, गवर्निंग काउंसिल को यह जांचने के लिए आर्थिक पूर्वानुमानों के अगले सेट की समीक्षा करनी होगी कि क्या कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) इस साल 3 प्रतिशत की सीमा से नीचे जाने की राह पर मज़बूती से आगे बढ़ रहा है या नहीं। जेफ यू का तर्क है कि जब तक स्टैगफ्लेशन का जोखिम पूरी तरह से टल नहीं जाता, तब तक APAC क्षेत्र और अमेरिका से बड़े पैमाने पर पूंजी निकालकर कहीं और लगाने का कोई मज़बूत आधार खोजना बेहद मुश्किल है, जिससे यूरोपीय लो-यील्डर्स कमज़ोर स्थिति में आ गए हैं। EUR/USD की बाज़ार गतिशीलता और ताज़ा तकनीकी आंकड़े विदेशी मुद्रा बाज़ार में, EUR/USD जोड़ी में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। सोमवार को यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान इसकी ताज़ा बढ़त 1.1450 के स्तर के आसपास आकर फीकी पड़ गई। कीमतों में यह गिरावट काफी हद तक अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण बनी सावधानी भरी धारणा का नतीजा है। इस भू-राजनीतिक तनाव ने ईसीबी के सख्त रुख की उम्मीदों के असर को पूरी तरह से बेअसर कर दिया है। वैसे तो व्यापक रूप से यह उम्मीद की जा रही है कि केंद्रीय बैंक इस गुरुवार को ब्याज दरों को स्थिर रखेगा, लेकिन बाज़ार के जानकारों को इस बात की भी आशंका है कि युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर पड़ने वाले दबाव और उससे बढ़ती महंगाई के चलते, नीति निर्माता सितंबर के लिए दर वृद्धि का संकेत दे सकते हैं। मौजूदा ताज़ा बाज़ार डेटा इस व्यापक हिचकिचाहट को साफ़ दर्शाता है। फिलहाल EUR/USD लगभग 1.14 पर कारोबार कर रहा है, जो इसके पिछले बंद भाव से 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट है। यह अपने 1.13 से 1.20 के 52-सप्ताह के दायरे में ही झूल रहा है। तकनीकी इंडिकेटर्स भी यूरो के लिए चुनौतीपूर्ण माहौल की गवाही दे रहे हैं। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 45 पर है, जो न्यूट्रल से लेकर थोड़े मंदी के मोमेंटम का संकेत देता है। सबसे अहम बात यह है कि यह जोड़ी एक लंबी अवधि के डाउनट्रेंड में फंसी हुई है, जिसकी पुष्टि "डेथ क्रॉस" से होती है जहां 1.15 पर मौजूद 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 1.16 पर मौजूद 200-दिवसीय EMA के नीचे खिसक गया है। हालांकि MACD हिस्टोग्राम 0.00 पर सपाट है जो थोड़ी तेज़ी का संकेत देता है, लेकिन 25 पर मौजूद एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (ADX) कुल मिलाकर एक कमज़ोर ट्रेंड की ओर इशारा कर रहा है। हालिया बाज़ार विश्लेषण भी इन्हीं तकनीकी बातों को दोहराते हुए बताते हैं कि आगामी ईसीबी का फैसला निकट भविष्य में यूरो को मौजूदा संकट से उबारने के लिए शायद काफी नहीं होगा। अमेरिकी डॉलर की सुस्ती के बीच स्टर्लिंग ने अहम स्तर को बचाया इंग्लिश चैनल के पार, GBP/USD जोड़ी ने सोमवार के यूरोपीय सत्र के दौरान 1.3450 के बेहद अहम स्तर के ऊपर अपनी मामूली खरीदारी को सफलतापूर्वक बचाए रखा। इसका एक बड़ा कारण अमेरिकी डॉलर में सुस्त और नीरस कारोबार का होना भी है। सप्ताहांत में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ी शत्रुता के बाद, बाज़ार के प्रतिभागी तेज़ी से बदलते घटनाक्रमों का लगातार आकलन करने के लिए फिलहाल पीछे हट गए हैं। भू-राजनीतिक जोखिमों ने जहां तत्काल दृष्टिकोण को धुंधला कर दिया है, वहीं ब्रिटिश पाउंड के व्यापारी अब घरेलू उत्प्रेरकों की ओर देख रहे हैं। मंगलवार को देर से जारी होने वाली यूके की रोज़गार रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हैं, जो इस जोड़ी की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है। सोने का संघर्ष और भू-राजनीति का प्रभाव कमोडिटी सेक्टर में, सोने को अपनी ही अलग तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि यह अपनी मामूली इंट्राडे बढ़त का फायदा उठाने में पूरी तरह से संघर्ष कर रहा है। यह कीमती धातु फिलहाल 4,000 डॉलर के भारी मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास बिना किसी स्पष्ट दिशा के कारोबार कर रही है और यूरोपीय सत्र के दौरान लगभग अपरिवर्तित बनी हुई है। आमतौर पर, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव सोने जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली एसेट्स के लिए एक बड़े बूस्टर के रूप में काम करते हैं। लेकिन, इस पारंपरिक नियम को उच्च अमेरिकी ब्याज दरों की बढ़ती उम्मीदों से भारी टक्कर मिल रही है। ब्याज दरों की ये उम्मीदें अमेरिकी डॉलर के लिए एक बड़े उत्प्रेरक के रूप में काम करती हैं, जो बदले में डॉलर में मूल्यवर्गित इस कमोडिटी के लिए आगे की बढ़त को रोक देती हैं और उन मंदी के व्यापारियों के लिए एक अनुकूल अवसर प्रदान करती हैं जो इन ऊंचे स्तरों पर इस धातु को शॉर्ट करना चाहते हैं। अमेरिकी महंगाई के मोर्चे पर बड़ा बदलाव: जून CPI विश्लेषण वैश्विक मैक्रो आर्थिक परिदृश्य में एक और जटिलता अमेरिका के ताज़ा महंगाई आंकड़ों ने जोड़ दी है। जून CPI रिपोर्ट ने एक बड़ा सरप्राइज़ दिया, जो महीने-दर-महीने के आधार पर 0.4 प्रतिशत गिर गया। यह अप्रैल 2020 में महामारी के कारण आई गिरावट के बाद से दर्ज़ की गई सबसे बड़ी एक महीने की गिरावट है। इस भारी संकुचन ने वार्षिक हेडलाइन महंगाई दर को मई के 4.2 प्रतिशत से घटाकर 3.5 प्रतिशत पर ला दिया, जिसने लगातार तीन महीने से चल रहे बढ़ोतरी के सिलसिले को निर्णायक रूप से तोड़ दिया। इस रिपोर्ट के आंतरिक घटक भी कम हैरान करने वाले नहीं थे। कोर कीमतें, जिनमें भोजन और ऊर्जा की अस्थिर लागत शामिल नहीं होती है, महीने भर पूरी तरह से सपाट रहीं। साल-दर-साल के आधार पर, कोर महंगाई दर घटकर 2.6 प्रतिशत पर आ गई। हेडलाइन और कोर दोनों ही आंकड़े बाज़ार की उम्मीदों से काफी नीचे रहे हैं, जिससे बाज़ार के प्रतिभागियों को फेडरल रिज़र्व की मौद्रिक नीति को लेकर अपनी उम्मीदों पर दोबारा विचार करने के लिए मज़बूर होना पड़ा है। क्रिप्टोकरेंसी ईकोसिस्टम: एथेरियम की कमज़ोर बढ़त और कार्डानो का ऐतिहासिक अपग्रेड पारंपरिक फिएट और कमोडिटी बाज़ारों से अलग, क्रिप्टोकरेंसी ईकोसिस्टम भी अपने स्वयं के आंतरिक बदलावों से गुज़र रहा है। पिछले सप्ताह एथेरियम के शानदार प्रदर्शन ने यह स्पष्ट रूप से दिखा दिया कि यह स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट प्लेटफॉर्म अन्य टॉप क्रिप्टोकरेंसी के मुकाबले काफ़ी मज़बूती हासिल कर रहा है। पिछले सप्ताह से लेकर बुधवार तक, एथेरियम ने दोहरे अंकों का प्रभावशाली लाभ दर्ज़ किया और बिटकॉइन, एक्सआरपी (XRP) और सोलाना जैसी अन्य बड़ी क्रिप्टो एसेट्स को प्रदर्शन के मामले में काफ़ी पीछे छोड़ दिया। हालांकि, इस तेज़ी की सतह के नीचे मौजूद प्रमुख ऑनचेन मेट्रिक्स ने यह संकेत दे दिया था कि एथेरियम की यह बढ़त संरचनात्मक रूप से कमज़ोर बनी हुई है। यह कमज़ोरी तब पूरी तरह से उजागर हो गई जब गुरुवार को व्यापक डिजिटल एसेट बाज़ार में भारी गिरावट आनी शुरू हुई। इसी दौरान, कार्डानो (ADA) पिछले सप्ताह के मामूली रिबाउंड के बाद 0.165 डॉलर के स्तर पर आकर अटक गया है। इस धीमी गति के बावज़ूद, कार्डानो नेटवर्क ने शनिवार को वैन रॉसम हार्ड फोर्क को सफलतापूर्वक एक्टिवेट करके एक बहुत बड़ा बुनियादी मुकाम हासिल किया है। यह इवेंट अपने आप में ऐतिहासिक था क्योंकि यह पूरी तरह से ऑनचेन गवर्नेंस के माध्यम से स्वीकृत होने वाला कार्डानो का पहला प्रोटोकॉल अपग्रेड बन गया है। इस अपग्रेड के साथ ही प्रोटोकॉल वर्जन 11 की शुरुआत हुई है, जो अपने साथ तकनीकी सुधारों की एक पूरी शृंखला लेकर आया है। इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट संचालन लागत को काफ़ी कम करना है, जिससे एक अधिक स्केलेबल नेटवर्क ईकोसिस्टम का रास्ता साफ़ होगा। इसका आप पर असर • वैश्विक निवेशकों के लिए: अमेरिका में महंगाई दर में आई अप्रत्याशित गिरावट और यूरोपीय केंद्रीय बैंक की बदलती नीतियां इस बात का संकेत हैं कि आपको कम रिटर्न देने वाले यूरोपीय एसेट्स की फिर से समीक्षा करनी चाहिए। • फॉरेक्स और कमोडिटी ट्रेडर्स के लिए: अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और उच्च अमेरिकी ब्याज दरों की संभावना EUR/USD और सोने के बाज़ार में भारी उतार-चढ़ाव पैदा कर रही है। • क्रिप्टो निवेशकों के लिए: व्यापक डिजिटल एसेट बाज़ार में कमज़ोर तेज़ी के बावज़ूद, कार्डानो का नया नेटवर्क अपग्रेड इसके मज़बूत बुनियादी विकास का संकेत देता है। सवाल-जवाब 1. यूरो एसेट्स के लिए वर्तमान दृष्टिकोण क्या है? बीएनवाई के विश्लेषक जेफ यू के अनुसार, यूरो एसेट्स में अब एक नई वैल्यू उभर रही है, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आगामी PMI डेटा क्षेत्र में स्थिर आर्थिक विकास की पुष्टि करे। 2. क्या यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) ब्याज दरें बढ़ाएगा? घटती महंगाई के कारण ECB द्वारा फिलहाल दरें स्थिर रखने की उम्मीद है, हालांकि ऊर्जा कीमतों के कारण महंगाई बढ़ने पर वे सितंबर में दर वृद्धि का संकेत दे सकते हैं। 3. सोने की कीमतों में बढ़ोतरी क्यों रुकी हुई है? अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद, उच्च अमेरिकी ब्याज दरों की उम्मीदों के कारण अमेरिकी डॉलर मज़बूत हो रहा है, जो सोने की बढ़त को रोक रहा है। 4. हालिया अमेरिकी महंगाई के आंकड़े क्या रहे? जून महीने में अमेरिकी CPI में 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई, जो अप्रैल 2020 के बाद सबसे बड़ी मासिक गिरावट है, जिससे वार्षिक महंगाई दर घटकर 3.5 प्रतिशत पर आ गई। 5. कार्डानो (ADA) का हालिया नेटवर्क अपग्रेड क्या था? कार्डानो ने हाल ही में वैन रॉसम हार्ड फोर्क को एक्टिवेट किया है, जिसने स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट संचालन लागत को कम करने के लिए प्रोटोकॉल वर्जन 11 पेश किया है। https://trendkia.com/market/euro-esetsa-men-nivesha-ka-mauka-ya-jokhima-bny-ki-taza-riporta-ne-khole-ahama-raza-9389 TrendKia — Har trend, sabse pehle.