यूरोपीय मुद्रा EUR/GBP पर दबाव, कोर महंगाई में नरमी से ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले फिसला भाव ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले यूरोपीय मुद्रा EUR/GBP में सुस्ती देखी जा रही है, क्योंकि यूरोज़ोन की कोर महंगाई में उम्मीद से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है। ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले यूरोपीय मुद्रा EUR/GBP में कमजोरी का रुख बना हुआ है, हालांकि यह मुद्रा जोड़ी अभी भी पिछले दिन के दायरे के भीतर ही कारोबार कर रही है। मुद्रा बाजार में इस नरमी की मुख्य वजह यूरोज़ोन से सामने आए ताजा आंकड़े हैं, जहां हेडलाइन मुद्रास्फीति स्थिर रही लेकिन कोर मुद्रास्फीति ने विश्लेषकों को निराश कर दिया। यूरोज़ोन में महंगाई के ताजा आंकड़े यूरोस्टेट द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त महीने में यूरोज़ोन का सामंजस्यपूर्ण उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 3.3 प्रतिशत की स्थिर गति से बढ़ा। यह आंकड़ा जुलाई के समान ही था और बाजार की उम्मीदों के बिल्कुल अनुरूप रहा। हालांकि इसके विपरीत, ऊर्जा और खाद्य पदार्थों की अस्थिर कीमतों को हटाने के बाद गणना की जाने वाली कोर मुद्रास्फीति सुस्त पड़कर 2.4 प्रतिशत पर आ गई, जबकि बाजार को इसके 2.5 प्रतिशत पर बने रहने की उम्मीद थी। तकनीकी संकेतकों का हाल मौजूदा समय में EUR/GBP जोड़ी 0.8562 के आसपास कारोबार कर रही है और इस पर ऊपरी स्तरों पर दबाव साफ दिखाई दे रहा है। तकनीकी मोर्चे पर मंदी का संकेत मिलता दिख रहा है क्योंकि 4-घंटे के चार्ट पर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI का 14-अवधि वाला पैमाना 50 के नीचे फिसल गया है। इसके साथ ही मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी MACD इंडिकेटर शून्य रेखा के आसपास ही सपाट बना हुआ है। महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर मंदी की स्थिति में आने वाले दिनों में भालुओं यानी बिकवाली करने वालों को 0.8555 से 0.8545 के बीच कड़ा इम्तिहान देना पड़ सकता है, जो 25, 28 और 31 अगस्त के निचले स्तर रहे हैं। इसके अलावा असली और मजबूत सपोर्ट स्तर 12 अगस्त का निचला स्तर 0.8531 है। यदि कीमत इस दायरे को तोड़कर नीचे फिसलती है तो 0.8575 से 0.8585 के बीच बना मल्टीपल टॉप पैटर्न पुख्ता हो जाएगा और इसके बाद जुलाई की 20 और 21 तारीख के निचले स्तर यानी क्रमशः 0.8485 और 0.8490 की ओर रुझान बढ़ सकता है। दूसरी तरफ यदि बाजार में तेजी लौटती है तो पिछले सप्ताह के उच्च स्तर 0.8578 और जुलाई के अंत के उच्चतम स्तर 0.8585 को पार करना होगा, जिसके बाद जून के अंत के निचले स्तरों यानी 0.8600 से ऊपर की ओर टारगेट तय हो सकते हैं। ब्रिटिश मौद्रिक नीति और अन्य वैश्विक बाजार ब्रिटेन के मोर्चे पर निवेशकों की पूरी निगाहें शुक्रवार को बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बेली के भाषण पर टिकी हुई हैं, जिससे सितंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी को लेकर स्पष्ट संकेत मिल सकें। इस बीच व्यापक मुद्रा बाजार में अन्य जोड़ियों और परिसंपत्तियों में भी हलचल देखी जा रही है। अमेरिकी सत्र के दौरान EUR/USD जोड़ी 1.1600 के नीचे संघर्ष कर रही है, जिसे मध्य पूर्व के तनाव और फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख का समर्थन मिल रहा है। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर में रिकवरी और जॉब ओपनिंग्स तथा आईएसएम मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई जैसे आंकड़ों पर भी निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है। कमोडिटी और क्रिप्टोकरेंसी का हाल कीमती धातुओं के बाजार में सोने की कीमतों पर भी दबाव देखा जा रहा है और यह यूरोपीय सत्र के शुरुआती हिस्से में फिसलकर दो सप्ताह के निचले स्तर के करीब पहुंच गया है। फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की हालिया टिप्पणियों के बाद सितंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें मजबूत हुई हैं। इसके साथ ही क्रिप्टोकरेंसी बाजार में रिपल, कार्डानो और डॉगकॉइन जैसी प्रमुख संपत्तियां पिछले सप्ताह की दो अंकों की गिरावट के बाद से कमजोर बनी हुई हैं और अपने महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज का परीक्षण कर रही हैं। अमेरिकी श्रम विभाग द्वारा रोजगार के आंकड़े जारी किए जाने की उम्मीद है, जिसमें जुलाई के JOLTS जॉब ओपनिंग्स के आंकड़े शामिल हैं। इसके अलावा ऊर्जा बाजार में तेल की कीमतें शांत दिख रही हैं, लेकिन डीजल क्रैक स्प्रेड में भारी उछाल दर्ज किया गया है और यह पहली बार प्रति बैरल 100 डॉलर के पार निकलकर 102.00 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर को छू चुका है। इसका आप पर असर मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव का असर आयात-निर्यात और विदेशी मुद्रा विनिमय पर पड़ता है। • भारत में: वैश्विक मुद्रा बाजार में यूरो और पाउंड की चाल का असर भारतीय रुपये के विनिमय मूल्य और कच्चे तेल के आयात बिल पर पड़ता है। • वैश्विक निवेशकों के लिए: यूरोपीय और ब्रिटिश अर्थव्यवस्थाओं में महंगाई के आंकड़ों से ब्याज दरों की दिशा तय होती है, जिससे वैश्विक मुद्रा पोर्टफोलियो प्रभावित होते हैं। • व्यापारियों के लिए: तकनीकी स्तरों और केंद्रीय बैंकों के बयानों के आधार पर पोजीशन लेने वाले ट्रेडर्स को जोखिम प्रबंधन का ध्यान रखना चाहिए। • उपभोक्ताओं के लिए: मुद्रा में उतार-चढ़ाव से आयातित वस्तुओं और विदेशी यात्राओं की लागत अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो सकती है। • आर्थिक परिदृश्य: केंद्रीय बैंकों की आगामी नीतियों से वैश्विक मुद्रास्फीति और विकास दरों की स्थिति स्पष्ट होगी। सवाल-जवाब 1. EUR/GBP जोड़ी किस स्तर पर कारोबार कर रही है? EUR/GBP जोड़ी 0.8562 के आसपास कारोबार कर रही है। 2. अगस्त में यूरोज़ोन की HICP महंगाई दर कितनी रही? अगस्त में यूरोज़ोन की HICP महंगाई दर 3.3 प्रतिशत सालाना आधार पर दर्ज की गई। 3. यूरोज़ोन की कोर महंगाई कितनी रही? यूरोज़ोन की कोर महंगाई सुस्त होकर 2.4 प्रतिशत पर आ गई, जो 2.5 प्रतिशत के अनुमान से कम थी। 4. ब्रिटेन में किस भाषण पर बाजार की नजर है? बाजार की निगाहें शुक्रवार को बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बेली के भाषण पर टिकी हैं। 5. EUR/GBP के लिए मुख्य सपोर्ट स्तर क्या है? EUR/GBP के लिए मुख्य सपोर्ट स्तर 12 अगस्त का निचला स्तर 0.8531 है। https://trendkia.com/market/euro-extends-losses-against-british-pound-as-eurozone-inflation-fails-to-impress-25792 TrendKia — Har trend, sabse pehle.