1.1650 के ऊपर मजबूत हुआ यूरो, बेहतर जर्मन आर्थिक आंकड़ों से मिल रहा समर्थन जर्मनी के मजबूत आर्थिक आंकड़ों और आईफो बिजनेस सेंटिमेंट में सुधार के चलते यूरो को बल मिला है, जबकि बाजार की नजरें आगामी अमेरिकी आंकड़ों पर टिकी हैं। मुद्रा बाजारों में मंगलवार के सत्र के दौरान मुख्य मुद्रा जोड़ी EUR/USD करीब 1.1660 के स्तर पर स्थिर बनी हुई है। इससे पहले इस जोड़ी में कुछ नरमी आई थी और यह 1.1710 के तीन महीने के निचले स्तर से नीचे फिसल गई थी, लेकिन अब इसमें रिकवरी देखने को मिल रही है। यूरोपीय कारोबार के शुरुआती घंटों में यह मुद्रा जोड़ी 1.1700 की ओर धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। इस सुधार के पीछे मुख्य वजह जर्मनी से आए वे आंकड़े हैं जिन्होंने विश्लेषकों के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया है और निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। जर्मनी के आर्थिक आंकड़ों से मिला दम मंगलवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त महीने के लिए जर्मनी का आईफो बिजनेस क्लाइमेट इंडेक्स सुधरकर 88.8 पर पहुंच गया। यह पिछले एक साल का सबसे उच्च स्तर है, जो जुलाई में 87.2 था और बाजार के उस अनुमान से भी बेहतर है जिसमें हल्की बढ़त की उम्मीद जताई जा रही थी। इसके अलावा, देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति को लेकर निवेशकों की धारणा भी पिछले महीने के 86.5 से बढ़कर 88.5 हो गई है। वहीं दूसरी ओर, आर्थिक उम्मीदों का पैमाना भी जुलाई के 86.8 से उछलकर 89.1 पर पहुंच गया है, और ये दोनों ही आंकड़े बाजार की आम सहमति से काफी मजबूत रहे हैं। इससे ठीक पहले, जर्मन फेडरल स्टेटिस्टिक्स ऑफिस की ओर से जारी रिपोर्ट में बताया गया था कि अप्रैल से जून की अवधि में जर्मनी का सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP 0.3 प्रतिशत की दर से बढ़ा। यह शुरुआती अनुमानों के 0.2 प्रतिशत आंकड़े से बेहतर था और साल की पहली तिमाही की विकास दर के बिल्कुल बराबर था। इसके अलावा, साल-दर-साल आधार पर इस आंकड़े को शुरुआती 0.9 प्रतिशत से संशोधित करके 1.0 प्रतिशत कर दिया गया है, जो साल की पहली तिमाही में दर्ज की गई 0.4 प्रतिशत की सालाना वृद्धि से काफी अधिक है। अन्य प्रमुख मुद्राओं और परिसंपत्तियों का हाल दूसरी तरफ, GBP/USD मुद्रा जोड़ी मंगलवार के यूरोपीय सत्र के दौरान बढ़त बनाते हुए लगभग 1.3650 के आसपास कारोबार कर रही है। अमेरिकी डॉलर की रिकवरी में सुस्ती देखने को मिल रही है, जिसकी वजह मध्य पूर्व में नई कूटनीतिक उम्मीदें और अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों के बीच बाजार का रुख है। हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कम से कम एक और बढ़ोतरी की संभावना अभी भी बनी हुई है, क्योंकि ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव से मुद्रास्फीति का जोखिम बना हुआ है और डॉलर अपने तीन महीने के निचले स्तर से उबरने की कोशिश कर रहा है। कमोडिटी बाजार में सोने की चाल सुस्त बनी हुई है और यूरोपीय सत्र के पहले भाग में यह 4,650 डॉलर प्रति औंस के नीचे दबाव में कारोबार कर रहा है। मंगलवार की शुरुआत में सोना 4,700 डॉलर के आसपास पहुंच गया था, जो 14 मई के बाद इसका सबसे ऊंचा स्तर था, लेकिन वहां से आई गिरावट के बाद अभी बिकवाली का दबाव पूरी तरह हावी नहीं हुआ है। उधर क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन ने अपनी तेजी का सिलसिला जारी रखा है और मंगलवार को यह 80,000 डॉलर के पार ट्रेड कर रहा है। पिछले तीन वर्षों में यह इसका सबसे मजबूत साप्ताहिक उछाल है, जिसे संस्थागत मांग और स्पॉट एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में लगातार मिल रहे सकारात्मक निवेश का समर्थन मिल रहा है। सरकारी बॉन्ड बायबैक और बाजार का परिप्रेक्ष्य अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अपने कैलेंडर में बदलाव करते हुए बाजार का ध्यान खींचा है। विभाग ने घोषणा की है कि वह 10 से 20 साल और 20 से 30 साल के सेक्टरों में तरलता समर्थन के लिए बायबैक ऑपरेशनों के आकार को कम से कम दोगुना कर देगा। इसके तहत प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है, जो 9 सितंबर से प्रभावी होकर 4 नवंबर तक चलेगा। दूसरी ओर, ING के रणनीतिकारों ने अपने मॉडलों का हवाला देते हुए चेतावनी दी है कि EUR/USD के लिए अल्कालिक उचित मूल्य 1.160 के ठीक नीचे है। उनके अनुसार, यह इस बात का संकेत है कि पिछले हफ्ते की अमेरिकी ट्रेजरी बायबैक घोषणा से जुड़े डॉलर पर कुछ जोखिम प्रीमियम अभी भी मौजूद है। कुल मिलाकर, वैश्विक स्तर पर कम उतार-चढ़ाव और आगामी अमेरिकी PCE प्राइस इंडेक्स तथा जैक्सन होल संगोष्ठी से पहले निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। इसका आप पर असर भारत में: वैश्विक मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव और डॉलर तथा यूरो की चाल का असर भारत के आयात और विदेशी मुद्रा भंडार पर अप्रत्यक्ष रूप से पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. EUR/USD मुद्रा जोड़ी वर्तमान में किस स्तर के आसपास कारोबार कर रही है? EUR/USD मुद्रा जोड़ी 1.1660 के आसपास स्थिर बनी हुई है और 1.1700 की ओर रिकवरी कर रही है। 2. अगस्त महीने में जर्मनी का आईफो बिजनेस क्लाइमेट इंडेक्स कितना दर्ज किया गया? अगस्त में जर्मनी का आईफो बिजनेस क्लाइमेट इंडेक्स सुधरकर 88.8 पर पहुंच गया, जो एक साल का सबसे ऊंचा स्तर है। 3. अप्रैल से जून की तिमाही में जर्मनी की जीडीपी विकास दर कितनी रही? जर्मनी की जीडीपी विकास दर अप्रैल से जून की अवधि में 0.3 प्रतिशत दर्ज की गई। 4. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बायबैक ऑपरेशन की अधिकतम सीमा कितनी कर दी है? ट्रेजरी विभाग ने प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया है। https://trendkia.com/market/euro-holds-above-1-1650-on-solid-german-macroeconomic-data-21814 TrendKia — Har trend, sabse pehle.