यूरो में 1.1275 की ओर रिकवरी की उम्मीद, वैश्विक तनाव के बीच डॉलर और सोने पर बना दबाव यूरोपीय सेंट्रल बैंक की सख्त मौद्रिक नीति के संकेतों से यूरो 1.1275 के स्तर की ओर बढ़ने की तैयारी में है, जबकि कच्चे तेल में उछाल और भू-राजनीतिक हलचलों के बीच सोना तथा प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी दबाव में दिखीं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में यूरो मामूली कमजोरी के साथ शांत दायरे में कारोबार करता दिखा, लेकिन इसके सीमित दायरे से बाहर निकलकर 1.1275 के स्तर तक मजबूत होने की संभावनाएं बनी हुई हैं। हाल के कारोबारी हफ्तों के दौरान निचले 1.11 क्षेत्र में यूरो को मिले मजबूत समर्थन ने अल्पावधि में इसके संभलने का रास्ता तैयार किया है। तकनीकी आधार पर जब तक इस दायरे का निचला स्तर सुरक्षित रहता है, तब तक अगले सप्ताह या उसके आसपास यूरो के ऊपरी प्रतिरोध 1.1275 की तरफ बढ़ने की पूरी गुंजाइश दिख रही है। यूरोपीय सेंट्रल बैंक की नीति और फ्रांस के राजकोषीय आंकड़े यूरोपीय सेंट्रल बैंक की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य रादेव ने स्पष्ट किया कि अक्टूबर महीने में ब्याज दरों में की गई रोक का अर्थ यह कतई नहीं है कि मौद्रिक सख्ती का दौर समाप्त हो चुका है। उनके इस वक्तव्य ने दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ने की संभावनाओं को खुला रखा है। ब्याज दर बाजार के स्तर पर नजर डालें तो दिसंबर ओआईएस अनुबंध करीब 22 बीपीएस की दर वृद्धि जोखिम को दर्शा रहे हैं। इस नीतिगत सख्ती के बीच फ्रांस ने सितंबर तक का साल दर साल बजट घाटा 159.2 अरब यूरो दर्ज किया, जो पूरी तरह से बाजार के पहले से लगाए गए अनुमानों के अनुरूप रहा। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट और येन की चाल अन्य प्रमुख मुद्राओं में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर लगातार दूसरे दिन बिकवाली के दबाव में फिसलकर 0.6960 के स्तर पर आ गया, जो कई दिनों का निचला स्तर है। ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक ने अपनी नकद दर में व्यापक उम्मीदों के अनुसार 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की, लेकिन नीतिगत बयान उम्मीद से कम सख्त रहने के कारण मुद्रा में यह गिरावट देखने को मिली। वहीं मंगलवार के एशियाई सत्र में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में हल्की मजबूती दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर ईरान कूटनीति की उम्मीदों और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले कमजोर रहा, जिससे यूएसडी/जेपीवाई 158.00 के पिछले लाभ को गंवाते हुए नीचे खिसका। जापानी मुद्रा को संभावित सरकारी हस्तक्षेप की संभावनाओं से सहारा मिल रहा है, हालांकि बैंक ऑफ जापान की अगली दर वृद्धि के समय को लेकर अनिश्चितता बड़े लाभ को सीमित कर रही है। कच्चे तेल में तेजी के बीच सोना फिसला कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में मंगलवार को सुस्ती दर्ज की गई। ईरान के केशम द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने सोने की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। इस दबाव के चलते एक्सएयू/यूएसडी लगभग 3,909 डॉलर के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जिसमें दिन के दौरान 0.93 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल में आई अचानक तेजी ने मुद्रास्फीति और ऊर्जा लागत से जुड़ी चिंताओं को फिर से हवा दे दी है। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में छह सप्ताह के निचले स्तर की परीक्षा डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में मंगलवार को सुस्ती छाई रही और बिटकॉइन 76,566 डॉलर के आसपास कारोबार करते हुए छह सप्ताह के निचले स्तर को छूता दिखा। इथेरियम भी बिटकॉइन की तरह दबाव में रहा और अपने एक संकीर्ण समर्थन दायरे में सीमित कारोबार करता नजर आया। इस बीच रिपल मामूली बढ़त के साथ 1.25 डॉलर के ठीक ऊपर बना रहा, जिससे व्यापक क्रिप्टो बाजार में निवेशकों के सतर्क रुख का संकेत मिलता है। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स का दायरा वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर इंडेक्स अपने सत्र के निचले स्तरों से थोड़ा संभला, लेकिन यह अब भी अपने पिछले दायरे में 102.00 के नीचे बना हुआ है। अमेरिकी डॉलर को ईरान में बढ़ती तनातनी और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से सहारा जरूर मिल रहा है, लेकिन अमेरिकी मध्यावधि चुनावों को लेकर बनी राजनीतिक अनिश्चितता इसके बड़े उछाल को रोके हुए है। निवेशक किसी भी दिशा में आक्रामक सौदे बनाने से पहले आर्थिक और राजनीतिक घटनाक्रमों पर करीब से नजर बनाए हुए हैं। इसका आप पर असर वैश्विक मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में जारी यह उतार-चढ़ाव निवेशकों, यात्रियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े लोगों को सीधे प्रभावित करता है। • मुद्रा विनिमय और यात्रा: विदेशी मुद्रा में लेन-देन करने वाले यात्रियों और छात्रों को यूरो में संभावित उछाल तथा डॉलर की मजबूती के बीच विनिमय दरों पर सतर्क रहना होगा। मुद्रा के 1.1275 के स्तर तक जाने से यूरोप यात्रा और आयात से जुड़ी लागत बढ़ सकती है। • सोने और आभूषण खरीदारों पर: सोने की कीमतों में 0.93 प्रतिशत की नरमी से 3,909 डॉलर के स्तर पर आभूषण खरीदारों को अल्पावधि में हल्की राहत मिल सकती है। हालांकि कच्चे तेल में तेजी के कारण महंगाई दबाव लौटने से यह नरमी ज्यादा दिन नहीं टिक सकती। • क्रिप्टो निवेशकों के लिए: बिटकॉइन के 76,566 डॉलर पर छह सप्ताह के निचले स्तर को छूने से खुदरा निवेशकों के पोर्टफोलियो पर दबाव बढ़ेगा। निकट भविष्य में जोखिम वाली संपत्तियों में आक्रामक खरीदारी से बचना ही समझदारी होगी। • घरेलू ईंधन और मुद्रास्फीति: कच्चे तेल में ताजा तेजी के कारण आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों और आयात बिल में बढ़ोतरी का खतरा बन सकता है। घरेलू बाजारों में लागत बढ़ने से उपभोक्ता वस्तुओं के दामों पर असर पड़ सकता है। ऐसा क्यों हुआ वैश्विक वित्तीय बाजारों में यह उठापटक केंद्रीय बैंकों के ब्याज दर निर्णयों और पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण देखने को मिली है। • सैन्य संघर्ष और ऊर्जा आपूर्ति: ईरान के केशम द्वीप पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। ऊर्जा आपूर्ति पर जोखिम गहराने से निवेशकों ने पारंपरिक सुरक्षित संपत्तियों और मुद्राओं में अपनी स्थिति को तेजी से बदला। • केंद्रीय बैंकों के सख्त रुख का दबाव: यूरोपीय सेंट्रल बैंक के अधिकारियों द्वारा दर वृद्धि की संभावना खुली रखने और ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक द्वारा 25 बीपीएस बढ़ोतरी के बावजूद सतर्क रुख अपनाने से संबंधित मुद्राओं में तेज फेरबदल हुआ। दिसंबर ओआईएस बाजार द्वारा 22 बीपीएस की संभावित वृद्धि आंकने से यूरो को आधार मिला। • राजनीतिक अनिश्चितता का असर: अमेरिका में आगामी मध्यावधि चुनावों के मद्देनजर निवेशकों ने डॉलर में बड़े दांव लगाने से परहेज किया। इस राजनीतिक संशय ने डॉलर इंडेक्स को 102.00 के नीचे सीमित रखने में प्रमुख भूमिका निभाई। सवाल-जवाब 1. यूरो के लिए अगला संभावित लक्ष्य स्तर क्या माना जा रहा है? तकनीकी आधार पर निचले 1.11 क्षेत्र के समर्थन को बनाए रखने के बाद यूरो अगले सप्ताह के आसपास 1.1275 के ऊपरी दायरे तक पहुंच सकता है। 2. यूरोपीय सेंट्रल बैंक की दर वृद्धि को लेकर क्या संभावना जताई गई है? अक्टूबर की रोक के बाद भी दर वृद्धि का रास्ता खुला रखा गया है और बाजार दिसंबर में 22 बीपीएस की संभावित वृद्धि का जोखिम मान रहा है। 3. सोने की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण क्या रहा? ईरान के केशम द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद कच्चे तेल में आए उछाल के कारण सोने में 0.93 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 3,909 डॉलर पर आ गया। 4. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट क्यों दर्ज की गई? ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में 25 बीपीएस की बढ़ोतरी के बावजूद उसका बयान उम्मीद से कम सख्त रहा, जिससे मुद्रा 0.6960 के निचले स्तर पर फिसल गई। 5. क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन किस स्तर पर कारोबार कर रहा है? बिटकॉइन 76,566 डॉलर पर कारोबार करते हुए छह सप्ताह के निचले स्तर का परीक्षण कर रहा है। https://trendkia.com/market/euro-men-1-1275-ki-ora-rikavari-ki-ummida-vaishvika-tanava-ke-bicha-dollar-aura-sone-para-bana-dabava-55989 TrendKia — Har trend, sabse pehle.