# यूरोपीय अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़ों से यूरो को मिला सहारा, डॉलर के दबाव में येन और सोना फिसले

> यूरोप में सेवा और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के बेहतर पीएमआई आंकड़ों ने यूरो को मजबूती दी है, जबकि मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण सोने, जापानी येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/euro-pmi-strength-limits-downside-against-us-dollar-as-donald-trump-xi-meeting-nears-37084 · **Language:** Hindi
**Tags:** विदेशी मुद्रा, यूरोपीय सेंट्रल बैंक, अमेरिकी डॉलर, बैंक ऑफ जापान, सोने का भाव, पीएमआई आंकड़े, ब्याज दरें

यूरोपीय अर्थव्यवस्था से आए सकारात्मक कारोबारी आंकड़ों ने वैश्विक मुद्रा बाजार में यूरो को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले बड़ी गिरावट से बचाने में अहम भूमिका निभाई है। यूरोप में जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर 10 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। इसके साथ ही मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की गतिविधि 52.7 के बहु-वर्षीय उच्च स्तर पर स्थिर बनी हुई है। जर्मनी और फ्रांस, दोनों ही प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं ने निजी क्षेत्र के इस विस्तार में सक्रिय योगदान दिया है, जिससे साझा मुद्रा को तकनीकी और बुनियादी दोनों स्तरों पर सहारा मिल रहा है।

## ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें यूरो के लिए बनीं ढाल
वित्तीय बाजारों में स्वैप कर्व की स्थिति दर्शाती है कि आगामी 12 महीनों के दौरान यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ईसीबी) द्वारा ब्याज दरों में कुल 75 आधार अंकों की बढ़ोतरी की संभावना पूरी तरह आंकी जा चुकी है। इस संभावित सख्ती के बाद नीतिगत दर बढ़कर 3.25 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। यदि ऐसा होता है, तो यह दर ईसीबी के 1.75 प्रतिशत से 3.00 प्रतिशत के अनुमानित तटस्थ दायरे से ऊपर निकल जाएगी। ब्याज दरों में इस अनुमानित बढ़ोतरी के चलते यूरो में किसी भी तीव्र गिरावट की गुंजाइश सीमित हो गई है। यूरो/यूएसडी जोड़ी के लिए निचले स्तरों पर अगला समर्थन 1.1400 पर बना हुआ है, जबकि इसके बाद 28 जुलाई का निचला स्तर 1.1353 और 24 जून का निचला स्तर 1.1325 प्रमुख तकनीकी स्तर के रूप में देखे जा रहे हैं।

## ऑस्ट्रेलियाई पीएमआई में नरमी और आगामी ट्रंप-शी वार्ता का असर
एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (एयूडी/यूएसडी) पर नए सिरे से बिकवाली का दबाव देखा गया और यह 0.7100 के स्तर का परीक्षण कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया के प्रारंभिक पीएमआई आंकड़ों के मुताबिक विनिर्माण क्षेत्र संकुचन की स्थिति में फिसल गया है, जबकि सेवा क्षेत्र लगातार दूसरे महीने धीमी गति से विस्तार कर रहा है। घरेलू आर्थिक संकेतकों में कमजोरी ने इस मुद्रा जोड़ी में गिरावट को दोबारा तेज कर दिया है। इसके अलावा, मजबूत अमेरिकी डॉलर भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए एक बड़ी बाधा साबित हो रहा है। बाजार के प्रतिभागी गुरुवार को होने वाली डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की महत्वपूर्ण बैठक की प्रतीक्षा में सतर्क रुख अपना रहे हैं। दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ताओं के संपन्न होने को निवेशकों ने काफी हद तक नजरअंदाज कर दिया है।

## बैंक ऑफ जापान का दर वृद्धि कदम और येन पर निरंतर दबाव
जापानी येन की स्थिति भी अमेरिकी डॉलर के सामने कमजोर बनी हुई है, जहां यूएसडी/जेपीवाई बुधवार को एशियाई सत्र में 157.00 के मध्य स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। यह स्तर पिछले शुक्रवार को छुए गए दो सप्ताह के उच्चतम स्तर के करीब है। बैंक ऑफ जापान (बीओजे) ने मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए अपनी अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया। नीति समिति में यह निर्णय 7-2 के बहुमत से लिया गया, जो पिछले कई हफ्तों से बाजार की आम अपेक्षाओं के बिल्कुल अनुरूप था। हालांकि दर वृद्धि के बावजूद केंद्रीय बैंक के नरम रुख ने जापानी मुद्रा को कोई खास मजबूती नहीं दी। फेडरल रिजर्व के सख्त मौद्रिक नीति दृष्टिकोण के चलते अमेरिकी डॉलर की मजबूती इस मुद्रा जोड़ी का समर्थन कर रही है, हालांकि जापानी अधिकारियों द्वारा मुद्रा हस्तक्षेप की आशंकाओं ने डॉलर की तेजी पर कुछ हद तक अंकुश लगाया हुआ है।

## डॉलर के दबदबे से सोने की कीमतों में लगातार गिरावट
कमोडिटी बाजार में सोने पर बिकवाली का दबाव जारी रहा और यूरोपीय सत्र के पहले भाग में पीली धातु में लगातार गिरावट देखी गई। इस गिरावट के कारण पिछले कारोबारी सत्र में 4,300 डॉलर से नीचे के स्तर से दर्ज की गई रिकवरी का एक हिस्सा खत्म हो गया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक दृष्टिकोण के कारण डॉलर में निरंतर खरीदारी जारी है। मजबूत डॉलर और ब्याज दरों के ऊंचे स्तरों पर टिके रहने की संभावना के कारण निवेशक गैर-ब्याज वाली संपत्तियों से दूरी बना रहे हैं, जिससे सोने में पूंजी का बहिर्वाह देखने को मिल रहा है। प्रमुख वैश्विक व्यापार वार्ताओं और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है।

## इसका आप पर असर
वैश्विक विदेशी मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में चल रही इस हलचल से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश लागत पर सीधा असर पड़ेगा।

- **भारत में:** मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण आयातित कच्चे तेल और इलेक्ट्रॉनिक्स की लागत में बढ़ोतरी हो सकती है। इसके परिणामस्वरूप देश में मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ सकता है और आयातकों को अपने हेजिंग खर्च को बढ़ाना पड़ेगा।
- **सोने के खरीदारों के लिए:** वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में आ रही गिरावट से स्थानीय बाजार में आभूषण और बुलियन खरीदारों को कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि डॉलर की मजबूती घरेलू कीमतों में अंतरराष्ट्रीय गिरावट के पूरे असर को कुछ हद तक सीमित कर सकती है।
- **वैश्विक यात्रियों और छात्रों के लिए:** डॉलर और यूरो के मुकाबले अन्य एशियाई मुद्राओं में नरमी से विदेश यात्रा और अध्ययन के खर्चों में बदलाव संभव है। विदेशी मुद्रा विनिमय कराने वाले लोगों को दरों में उतार-चढ़ाव पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत होगी।
- **विदेशी मुद्रा ट्रेडर्स के लिए:** प्रमुख तकनीकी सपोर्ट स्तरों (जैसे यूरो/डॉलर का 1.1400 और 1.1353) पर वोलैटिलिटी बढ़ने के आसार हैं। ट्रेडर्स को आगामी द्विपक्षीय सम्मेलनों और केंद्रीय बैंकों के वक्तव्यों से पहले सख्त स्टॉप-लॉस बनाए रखने की आवश्यकता होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
प्रमुख मुद्राओं में यह असमान चाल अलग-अलग देशों के आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों की भिन्न मौद्रिक नीतियों के कारण उत्पन्न हुई है।

- **यूरोपीय विकास संकेतकों में तेजी:** यूरोज़ोन में सेवा क्षेत्र की वृद्धि 10 महीने के उच्च स्तर पर पहुंची और मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 52.7 पर स्थिर रहा। जर्मनी और फ्रांस के मजबूत आंकड़ों ने ईसीबी द्वारा दरों में 75 आधार अंक तक की बढ़ोतरी की संभावनाओं को बल दिया, जिसने यूरो को सहारा दिया।
- **अमेरिकी फेडरल रिजर्व का आक्रामक रुख:** अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत रुख में नरमी के संकेत न मिलने से वैश्विक स्तर पर डॉलर की मांग मजबूत बनी हुई है। इस मजबूती ने गैर-ब्याज वाली संपत्तियों जैसे सोने और कमजोर एशियाई मुद्राओं से पूंजी को बाहर निकाला है।
- **बैंक ऑफ जापान की नरम दर वृद्धि:** बीओजे ने ब्याज दर को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत तो किया, लेकिन नीतिगत बयान में अतिरिक्त आक्रामकता न दिखने से बाजार ने इसे नरम माना। इसके कारण दर वृद्धि के बावजूद जापानी येन में डॉलर के मुकाबले अपेक्षित मजबूती नहीं आई।
- **ऑस्ट्रेलियाई आंकड़ों में सुस्ती और शिखर सम्मेलन की प्रतीक्षा:** ऑस्ट्रेलिया के विनिर्माण पीएमआई के संकुचन में जाने और डोनाल्ड ट्रंप तथा शी जिनपिंग के बीच आगामी वार्ता को लेकर बनी अनिश्चितता ने जोखिम वाली मुद्राओं पर दबाव बनाए रखा है।

## सवाल-जवाब

### 1. यूरो में बड़ी गिरावट आने से किस वजह से बचाव हुआ?
यूरोप में सेवा क्षेत्र की वृद्धि 10 महीने के उच्च स्तर पर पहुंचने और विनिर्माण पीएमआई के 52.7 पर टिके रहने से यूरो को सहारा मिला है।

### 2. यूरो/यूएसडी के लिए अगले प्रमुख तकनीकी स्तर क्या हैं?
यूरो/यूएसडी के लिए अगला समर्थन 1.1400 पर है, जिसके बाद 28 जुलाई का निचला स्तर 1.1353 और 24 जून का निचला स्तर 1.1325 है।

### 3. बैंक ऑफ जापान ने हाल ही में ब्याज दरों पर क्या निर्णय लिया?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के मतदान से अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया।

### 4. सोने की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
फेडरल रिजर्व के सख्त मौद्रिक दृष्टिकोण के कारण अमेरिकी डॉलर की निरंतर मजबूती से निवेशक गैर-ब्याज वाली संपत्तियों से दूरी बना रहे हैं।

### 5. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव क्यों बढ़ गया?
ऑस्ट्रेलिया के विनिर्माण पीएमआई में संकुचन आने और सेवा क्षेत्र की धीमी वृद्धि के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7100 के स्तर पर फिसल गया।

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