अमेरिकी डॉलर में मजबूती के बीच 1.1600 के करीब संघर्ष कर रहा यूरो, अब महंगाई के आंकड़ों पर टिकी नजरें यूरोपीय मुद्रा EUR/USD में मंगलवार को बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है क्योंकि अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदों से डॉलर को समर्थन मिल रहा है। निवेशक अब यूरो क्षेत्र की महंगाई रिपोर्ट और अमेरिकी रोजगार डेटा का इंतजार कर रहे हैं। मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर की बढ़ती मांग और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं के बीच मंगलवार को EUR/USD जोड़ी बिकवाली के दबाव में आ गई है। इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर के आकर्षण को और बढ़ा दिया है, जिससे इस मुद्रा जोड़ी पर लगातार ऊपरी स्तरों से दबाव बना हुआ है। बाजार के प्रतिभागी अब आने वाली आर्थिक रिपोर्टों और आंकड़ों पर बारीकी से नजर गड़ाए हुए हैं। यूरोपीय महंगाई आंकड़ों और अमेरिकी वृहद आर्थिक डेटा का इंतजार मौजूदा सत्र के दौरान, व्यापारी आगे की दिशा तय करने के लिए यूरो क्षेत्र की एचआईसीपी (HICP) रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो अमेरिकी वृहद आर्थिक आंकड़ों से ठीक पहले जारी की जाएगी। हालांकि, अमेरिकी डॉलर के तेजी चाहने वाले किसी भी तरह के आक्रामक दांव लगाने से बचने का विकल्प चुन सकते हैं। वे शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी मासिक रोजगार विवरण यानी नॉनफार्म पेरोल (NFP) रिपोर्ट का इंतजार करना ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं। इसके बावजूद, समग्र आर्थिक पृष्ठभूमि अमेरिकी मुद्रा के पक्ष में बनी हुई है, जिसका अर्थ है कि EUR/USD जोड़ी में दिन के दौरान आने वाली किसी भी मामूली तेजी को बिकवाली के अवसर के रूप में देखा जा सकता है। तकनीकी स्तर और रेजिस्टेंस बाधाएं ऊपरी स्तर की बात करें तो, 38.2 प्रतिशत फेबोनैकी रिट्रेसमेंट स्तर जो 1.1611 पर है, फिलहाल एक तत्काल ऊपरी रेजिस्टेंस के रूप में काम कर रहा है। इस बाधा के ऊपर एक दैनिक क्लोजिंग मिलना जरूरी होगा ताकि तत्काल मंदी के दबाव को कम किया जा सके। यदि यह स्तर पार हो जाता है, तो इसके बाद भाव 1.1700 और 1.1789 के रिट्रेसमेंट बाधाओं की ओर बढ़ सकते हैं। मौजूदा लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, EUR/USD जोड़ी वर्तमान में 1.16 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद भाव 1.16 से लगभग 0.15 प्रतिशत ऊपर है। इस जोड़ी का 52-सप्ताह का दायरा 1.13 से 1.20 के बीच रहा है और वॉल्यूम अपने 20-दिवसीय औसत के बराबर बना हुआ है। विस्तृत वैश्विक मुद्रा और जिंस बाजार की हलचल व्यापक मुद्रा बाजार में अन्य जोड़ियों की बात करें तो, GBP/USD जोड़ी हालिया तीन दिनों की गिरावट के दौर से उबरते हुए सोमवार को लगभग 1.3550 के क्षेत्र के आसपास मंडराती नजर आई। अमेरिकी डॉलर के हालिया कमजोरी के रुख ने इस जोखिम वाली मुद्रा को कुछ हद तक खोई हुई जमीन वापस पाने में मदद की है, जबकि ध्यान लगातार फेडरल रिजर्व की भविष्य की नीतिगत दिशा पर बना हुआ है। इसके अलावा, सोमवार के अमेरिकी सत्र के समापन के करीब EUR/USD जोड़ी ने 1.1600 के अवरोध को पार करते हुए नई गति हासिल करने की कोशिश की, जिससे यह शुक्रवार की भारी गिरावट से आंशिक रूप से उबरने में सफल रही। इस बीच, यूरो क्षेत्र की फ्लैश महंगाई दर, अमेरिकी जोल्ट्स (JOLTs) और आईएसएम मैन्युफैक्चरिंग आंकड़े निवेशकों को व्यस्त रखने वाले हैं। सोने और तेल बाजार का हाल दूसरी ओर, सुरक्षित निवेश की मांग और हॉकिश फेड उम्मीदों के कारण अमेरिकी डॉलर में आई जोरदार उछाल के चलते सोने की कीमतों में भी असर दिखा है। सोना सोमवार को छुआए गए आठ दिनों के निचले स्तर से शुरुआती मंगलवार को लगभग 4,400 डॉलर की ओर वापस लौटता हुआ दिखाई दिया। यह पीली धातु 21-दिवसीय एसएमए का सामना कर रही है, जिसे उसने सोमवार को सफलतापूर्वक बचाया था, जबकि इसका रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई अभी भी तेजी का संकेत दे रहा है। इसके साथ ही, तेल बाजार भले ही कुछ महीने पहले की तुलना में शांत लग रहा हो, लेकिन डीजल का बाजार एक बिल्कुल अलग संकेत दे रहा है। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड, जो कि अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और डब्ल्यूटीआई के बीच का प्रीमियम है, हाल ही में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया और इंट्राडे रिकॉर्ड स्तर पर लगभग 102.00 डॉलर तक पहुंच गया। इसका आप पर असर मुद्रा बाजारों में जारी हलचल का असर आयातकों, विदेश यात्रा करने वाले लोगों और वैश्विक निवेशकों पर सीधे तौर पर पड़ता है। • भारत में: डॉलर के मजबूत होने से रुपये पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे विदेशों से होने वाले आयात और कच्चे तेल की खरीद महंगी हो सकती है। • वैश्विक स्तर पर: मुद्रा व्यापारियों को डॉलर और यूरो से जुड़ी पोजीशन लेते समय सख्त स्टॉप-लॉस और जोखिम प्रबंधन का पालन करना चाहिए। • निवेशकों के लिए: अमेरिकी और यूरोपीय केंद्रीय बैंकों के आगामी डेटा के आधार पर अल्पावधि में विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। • कच्चे तेल और जिंस बाजार: डीजल क्रैक स्प्रेड में रिकॉर्ड तेजी से परिवहन और लॉजिस्टिक्स लागत प्रभावित हो सकती है, जिसका असर अंततः उपभोक्ता वस्तुओं पर पड़ सकता है। • सतर्कता: लाइव तकनीकी संकेतकों और महत्वपूर्ण सपोर्ट व रेजिस्टेंस स्तरों पर नजर रखकर ही ट्रेड में प्रवेश करें। सवाल-जवाब 1. EUR/USD जोड़ी वर्तमान में किस स्तर पर कारोबार कर रही है? EUR/USD जोड़ी वर्तमान में 1.16 के स्तर पर कारोबार कर रही है। 2. इस समय डॉलर की मांग क्यों बढ़ रही है? फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदों और अमेरिका-ईरान तनाव के कारण डॉलर की मांग बढ़ रही है। 3. EUR/USD के लिए तत्काल रेजिस्टेंस स्तर क्या है? 38.2 प्रतिशत फेबोनैकी रिट्रेसमेंट स्तर जो 1.1611 पर है, तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में काम कर रहा है। 4. व्यापारी किस प्रमुख अमेरिकी रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं? व्यापारी शुक्रवार को आने वाली अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल (NFP) रोजगार रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। 5. सोने की कीमतें किस स्तर के आसपास मंडरा रही हैं? सोना शुरुआती मंगलवार को लगभग 4,400 डॉलर के स्तर की ओर वापस लौट रहा है। 6. डीजल क्रैक स्प्रेड में क्या नया रिकॉर्ड देखा गया है? अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है और इंट्राडे में लगभग 102.00 डॉलर तक पहुंच गया है। https://trendkia.com/market/euro-struggles-near-1-1600-amid-firm-usd-looks-to-eurozone-hicp-for-some-impetus-25519 TrendKia — Har trend, sabse pehle.