यूरोपियन सेंट्रल बैंक की ब्याज दरों पर रोक की संभावना, लेकिन कच्चे तेल के 90 डॉलर पार होने से सितंबर में बढ़ोतरी तय आईएनजी के विश्लेषण के अनुसार, यूरोपियन सेंट्रल बैंक अपनी आगामी बैठक में डिपॉजिट रेट को स्थिर रख सकता है, लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण सितंबर में दरें बढ़ने की पूरी संभावना है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने ऊर्जा बाजार में उबाल ला दिया है, जिसका असर करंसी, सोना और क्रिप्टो मार्केट पर भी साफ़ दिखाई दे रहा है। वैश्विक वित्तीय बाज़ार यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ECB) के नीतिगत फैसले का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। आईएनजी के विश्लेषक मिचिएल टुकर के ताज़ा विश्लेषण के अनुसार, इस बात की पूरी संभावना है कि यूरोपियन सेंट्रल बैंक अपनी आगामी बैठक में बेंचमार्क डिपॉजिट रेट को 2.25% पर स्थिर रखेगा। हालांकि, यह ठहराव किसी भी तरह से ब्याज दरें बढ़ाने के चक्र के अंत का संकेत नहीं है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए, अब सितंबर में ब्याज दरों में इज़ाफे को लगभग तय माना जा रहा है। वित्तीय बाज़ार पहले से ही लगभग 23bp (बेसिस पॉइंट) की अतिरिक्त बढ़ोतरी का अनुमान लगाकर चल रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि महंगाई को नियंत्रण में रखने के लिए केंद्रीय बैंक को जल्द ही फिर से कड़े कदम उठाने पड़ेंगे। महंगाई के अनुमान और केंद्रीय बैंक का कड़ा रुख यूरोपियन सेंट्रल बैंक की वर्तमान रणनीति का मुख्य फोकस लंबी अवधि में कीमतों की स्थिरता को बनाए रखना है। मिचिएल टुकर इस बात पर ज़ोर देते हैं कि लंबी अवधि के महंगाई के अनुमान अभी भी पूरी तरह से नियंत्रित हैं और केंद्रीय बैंक के लक्ष्य के बेहद करीब बने हुए हैं। ऊर्जा की उच्च लागत के कारण 10Y (10-वर्षीय) इन्फ्लेशन स्वैप में हाल ही में उछाल देखा गया है, लेकिन यह अभी भी 2.2% के प्रबंधनीय स्तर पर है। चूंकि लंबी अवधि के ये अनुमान अभी बेकाबू नहीं हुए हैं, इसलिए केंद्रीय बैंक के पास फिलहाल दरों को स्थिर रखने की गुंजाइश है। पिछले कुछ महीनों में, नीति निर्माताओं ने अपने सार्वजनिक बयानों में पूरी तरह से 'हॉकिश' (कड़ा) रुख अपनाया है। सबसे अहम बात यह है कि उन्होंने महंगाई को एक अस्थायी दौर मानने से पूरी तरह इनकार कर दिया है। अपनी प्रतिबद्धता साबित करने के लिए बैंक ने किसी भी कीमत पर "ट्रांज़िटरी" (अस्थायी) शब्द के इस्तेमाल से सख्त परहेज किया है। कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव और ब्याज दरों का जोखिम केंद्रीय बैंक के इस आक्रामक रुख ने बाज़ार की स्थिति को काफी बदल दिया है। वर्तमान में, वित्तीय बाज़ार अगले एक साल के दौरान लगभग तीन अलग-अलग ब्याज दर बढ़ोतरी के लिए तैयार बैठे हैं। हालांकि टुकर का मानना है कि वर्तमान आर्थिक आंकड़ों को देखते हुए तीन बढ़ोतरी का अनुमान थोड़ा ज़्यादा लग सकता है, लेकिन वह किसी भी तरह के नीतिगत बदलाव पर दांव लगाने के खिलाफ सख्त चेतावनी देते हैं। इस समय 'डोविश' (नरम) रुख अपनाना बेहद जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि तेल बाज़ार में होने वाला कोई भी उतार-चढ़ाव ऐसे सौदों को तुरंत खत्म कर सकता है। लाइव मार्केट डेटा भी इस जोखिम की पुष्टि करता है: क्रूड ऑयल (CL=F) की कीमत 90.23 डॉलर तक पहुंच गई है, जो पिछले बंद भाव 86.83 डॉलर से 3.92% की भारी छलांग है। यह कमोडिटी एक मज़बूत लॉन्ग-टर्म अपट्रेंड में कारोबार कर रही है, जिसकी पुष्टि 'गोल्डन क्रॉस' से होती है, जहां 50-दिवसीय EMA (82.47 डॉलर) ने 200-दिवसीय EMA (75.40 डॉलर) को पार कर लिया है। 69 के उच्च RSI और 89.34 डॉलर के ऊपरी बोलिंजर बैंड के पार जाने वाली कीमतों के साथ, बाज़ार का मोमेंटम निश्चित रूप से बुलिश है। ऊर्जा की इन मज़बूत कीमतों को देखते हुए, आईएनजी वर्तमान हॉकिश बाज़ार मूल्य निर्धारण के खिलाफ जाने की सलाह नहीं देता है। इसके अलावा, टुकर का कहना है कि ट्रेडर्स केंद्रीय बैंक द्वारा अचानक 25bp की शुरुआती बढ़ोतरी के जोखिम को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते। यदि ऐसा कोई कदम उठाया जाता है, तो सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि क्या बाज़ार इसे एक स्थायी नीतिगत बदलाव मानेगा। टुकर का मानना है कि बाज़ार इसे सितंबर के लिए अनुमानित कदम को पहले ही लागू करने के रूप में लेगा, न कि किसी नए हॉकिश नीतिगत मोड़ के रूप में। करंसी मार्केट: EUR और GBP का हाल यूरोपियन सेंट्रल बैंक को लेकर लगाए जा रहे इन अनुमानों का सीधा असर प्रमुख करंसी पेयर (मुद्रा जोड़े) पर पड़ रहा है। गुरुवार के यूरोपीय ट्रेडिंग सत्र में, EUR/USD पेयर ने लगातार दूसरे दिन अपनी मज़बूत गति बनाए रखी और 1.1400 के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर आराम से कारोबार किया। आगामी ब्याज दर फैसले से पहले यूरो को अच्छा सपोर्ट मिल रहा है, और ट्रेडर्स भविष्य में होने वाली दर बढ़ोतरी के सटीक समय और मात्रा के बारे में किसी भी स्पष्ट संकेत के लिए केंद्रीय बैंक के बयान पर कड़ी नज़र रख रहे हैं। इसके विपरीत, ब्रिटिश पाउंड को तत्काल दबाव का सामना करना पड़ रहा है। GBP/USD पेयर ने अपनी हालिया रिकवरी को रोक दिया है और यह महत्वपूर्ण 1.3400 स्तर के नीचे अटका हुआ है। पाउंड की तेज़ी कई कारकों से सीमित हो रही है, जिनमें अमेरिकी डॉलर में मामूली उछाल और यूके से उम्मीद से कम महंगाई के आंकड़े आना शामिल है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के साथ मिलकर इन घरेलू कारकों ने स्टर्लिंग को बैकफुट पर धकेल दिया है। बढ़ती यील्ड के बीच सोने का संघर्ष व्यापक भू-राजनीतिक परिदृश्य कमोडिटी और सुरक्षित निवेश माने जाने वाले एसेट्स (परिसंपत्तियों) को भी प्रभावित कर रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के ताज़ा एस्केलेशन (बढ़ावे) के कारण यूएस क्रूड ऑयल की कीमतें 90 डॉलर के निशान की ओर बढ़ते हुए छह सप्ताह के नए उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। ऊर्जा बाज़ार में इस भू-राजनीतिक प्रीमियम ने दुनिया भर में महंगाई की आशंकाओं को तेज़ी से हवा दी है। ऊर्जा-संचालित उच्च महंगाई के खतरे के जवाब में, बाज़ार प्रतिभागी यूएस फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की अपनी उम्मीदों को मज़बूत कर रहे हैं। ये हॉकिश फेड अनुमान कीमती धातुओं के लिए एक चुनौतीपूर्ण माहौल बना रहे हैं। गुरुवार के यूरोपीय सत्र के दौरान सोना 4,100 डॉलर के भारी-भरकम राउंड फिगर के पास अपना पुलबैक बनाए हुए है। एक बिना यील्ड वाले एसेट के रूप में, जब ऊर्जा की बढ़ती कीमतें बॉन्ड यील्ड और ब्याज दर की उम्मीदों को ऊपर धकेलती हैं, तो बुलियन (सोना) को ऊपर चढ़ने में पारंपरिक रूप से संघर्ष करना पड़ता है। क्रिप्टो में रिकवरी और पारंपरिक फाइनेंस का संगम पारंपरिक फिएट करंसी और कमोडिटी से परे, क्रिप्टोकरेंसी सेक्टर डीकपलिंग और परिपक्वता के अनूठे संकेत दिखा रहा है। बिटवाइज़ के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर (CIO) मैट होगन द्वारा प्रकाशित एक नई रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल एसेट बाज़ार एक बड़े टर्नअराउंड (बदलाव) के शुरुआती चरण में हो सकता है। होगन का तर्क है कि अगला बड़ा क्रिप्टो बुल मार्केट एक गहरे बुनियादी बदलाव से संचालित होने की संभावना है: ब्लॉकचेन-आधारित वित्तीय बुनियादी ढांचे और पारंपरिक फाइनेंस (TradFi) प्रणालियों के बीच बढ़ता संगम। मंगलवार देर रात प्रकाशित यह रिपोर्ट बताती है कि क्रिप्टो सेक्टर पहले से ही संरचनात्मक बाज़ार के निचले स्तर (बॉटम) के शुरुआती संकेत दे रहा है। इस सापेक्ष मज़बूती को दर्शाने के लिए, होगन ने इस बात पर प्रकाश डाला कि बिटकॉइन ने 1 जुलाई के बाद से 9% की बढ़त हासिल की है। यह सकारात्मक प्रदर्शन पारंपरिक टेक इक्विटी के बिल्कुल विपरीत है, क्योंकि ठीक इसी अवधि के दौरान नैस्डैक 100 इंडेक्स में 6% की गिरावट आई है, जो क्रिप्टो के उभरते लचीलेपन को दर्शाता है। ऑल्टकॉइन की तकनीकी स्थिति: XRP और स्टेलर जहां बिटकॉइन नई मज़बूती दिखा रहा है, वहीं व्यापक ऑल्टकॉइन बाज़ार अधिक सावधानी के साथ आगे बढ़ रहा है क्योंकि प्रमुख टोकन महत्वपूर्ण तकनीकी मोड़ों से गुज़र रहे हैं। रिपल और स्टेलर दोनों ही सावधानीपूर्वक ट्रेड कर रहे हैं क्योंकि वे उन प्रमुख स्तरों के आसपास मंडरा रहे हैं जो उनके अल्पकालिक प्रक्षेपवक्र (रास्ते) को तय कर सकते हैं। XRP वर्तमान में ओवरहेड रेजिस्टेंस को तोड़ने की लड़ाई में फंसा है, और अपने 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) का सक्रिय रूप से परीक्षण कर रहा है। ट्रेंड रिवर्सल (रुझान उलटने) का संकेत देने के लिए अक्सर इस मूविंग एवरेज के ऊपर एक निर्णायक क्लोज़ की आवश्यकता होती है। इस बीच, स्टेलर (XLM) 0.187 डॉलर के सपोर्ट ज़ोन के आसपास अपने प्राइस एक्शन को कसकर कंसोलिडेट कर रहा है, और ब्रेकआउट को गति देने के लिए किसी उत्प्रेरक का इंतज़ार कर रहा है। व्यापक सेंटिमेंट का विश्लेषण करें तो, क्रिप्टो बाज़ार भर में मिश्रित डेरिवेटिव्स डेटा वर्तमान में थोड़ा 'बियरिश' (मंदी) झुकाव रखता है। यह अंतर्निहित मीट्रिक बताता है कि डेरिवेटिव ट्रेडर्स आक्रामक लॉन्ग पोज़िशन लेने के बारे में काफी हद तक सतर्क हैं, जिससे इन ऑल्टकॉइन्स के लिए तत्काल दिशात्मक कदम अनिश्चित बना हुआ है, क्योंकि बाज़ार ब्लॉकचेन को अपनाने और व्यापक आर्थिक सख्ती की प्रतिस्पर्धी ताकतों को पचा रहा है। इसका आप पर असर • वैश्विक बाज़ारों के लिए: यूरोपियन सेंट्रल बैंक द्वारा पहले रोक और फिर सितंबर में संभावित दर बढ़ोतरी का मतलब है कि उधार लेने की लागत अधिक बनी रहेगी, जिसका असर कॉर्पोरेट मार्जिन और उपभोक्ता ऋणों पर पड़ेगा। • निवेशकों के लिए: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई के जोखिम को ऊंचा बनाए हुए हैं, जिससे सोने जैसे बिना यील्ड वाले एसेट्स पर सीधा दबाव पड़ रहा है और टेक शेयरों व विदेशी मुद्रा बाज़ारों में नया उतार-चढ़ाव आ रहा है। सवाल-जवाब 1. अपनी आगामी बैठक में ECB क्या फैसला ले सकता है? उम्मीद है कि यूरोपियन सेंट्रल बैंक अपने बेंचमार्क डिपॉजिट रेट को 2.25% पर स्थिर रखेगा। 2. बाज़ार सितंबर में ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद क्यों कर रहे हैं? कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई की आशंकाओं को बढ़ा रही हैं, जिससे बाज़ार सितंबर में 23 बेसिस पॉइंट की संभावित बढ़ोतरी का अनुमान लगा रहे हैं। 3. अमेरिका-ईरान तनाव का वित्तीय बाज़ारों पर क्या प्रभाव पड़ रहा है? मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को 90 डॉलर के करीब छह सप्ताह के उच्चतम स्तर पर धकेल दिया है, जिससे महंगाई की चिंताएं बढ़ गई हैं और अमेरिकी डॉलर मज़बूत हुआ है। 4. क्रिप्टोकरेंसी पर बिटवाइज़ के CIO मैट होगन का क्या नज़रिया है? होगन का मानना है कि ब्लॉकचेन तकनीक और पारंपरिक फाइनेंस के संगम के कारण क्रिप्टो बाज़ार में गिरावट रुकने और रिकवरी के शुरुआती संकेत दिख रहे हैं। 5. सोना ऊपर चढ़ने में संघर्ष क्यों कर रहा है? सोना 4,100 डॉलर के करीब पुलबैक कर रहा है क्योंकि तेल की बढ़ती कीमतें यूएस फेडरल रिज़र्व द्वारा दरें बढ़ाने की उम्मीदों को मज़बूत कर रही हैं, जिससे बिना यील्ड वाले एसेट्स का आकर्षण कम हो जाता है। https://trendkia.com/market/european-central-bank-ki-byaja-daron-para-roka-ki-snbhavana-lekina-kachche-tela-ke-90-dolara-para-hone-se-september-men-barhotari--10182 TrendKia — Har trend, sabse pehle.