# यूरोपीय बाजारों में महंगाई की रफ्तार तेज, अक्टूबर में यूरोक्षेत्र मुद्रास्फीति 4 प्रतिशत पर पहुंची

> अक्टूबर महीने में यूरोक्षेत्र की वार्षिक मुद्रास्फीति बढ़कर 4 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों की राजनीतिक अनिश्चितता के बीच वैश्विक मुद्राओं और सोने की कीमतों में बड़ा फेरबदल दर्ज किया गया।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-11-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/eurozone-men-mahngai-ki-raphtara-teja-october-men-mudrasphiti-4-pratishata-para-pahunchi-56381 · **Language:** Hindi
**Tags:** यूरोक्षेत्र, मुद्रास्फीति, सोना, अमेरिकी डॉलर, विदेशी मुद्रा, बॉन्ड यील्ड, रोजगार डेटा

यूरोक्षेत्र में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति ने अक्टूबर के दौरान रफ्तार पकड़ी है। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, इस साझा मुद्रा क्षेत्र में वार्षिक सामंजस्यपूर्ण उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी एचआईसीपी 4 प्रतिशत दर्ज किया गया। यह आंकड़ा ठीक बाजार के अनुमानों के अनुरूप है और सितंबर के 3.8 प्रतिशत के स्तर से स्पष्ट बढ़ोतरी दर्शाता है। महीने-दर-महीने आधार पर देखें तो कीमतों में बढ़ोतरी की गति 0.4 प्रतिशत रही, जो सितंबर में दर्ज की गई 0.6 प्रतिशत की मासिक वृद्धि के मुकाबले कुछ धीमी रही है। यह आंकड़ा यूरोपीय अर्थव्यवस्था में मूल्य दबाव के बने रहने का संकेत देता है।

## कोर महंगाई के आंकड़े और मासिक बदलाव
अस्थिर खाद्य, ऊर्जा, अल्कोहल और तंबाकू उत्पादों को अलग रखने वाला कोर एचआईसीपी भी स्थिर बना हुआ है। अक्टूबर में कोर वार्षिक महंगाई दर 2.5 प्रतिशत पर दर्ज की गई, जो पूर्व अनुमानों और सितंबर के पिछले आंकड़े के पूरी तरह बराबर है। हालांकि, अगर मासिक आधार पर कोर महंगाई का आकलन किया जाए, तो इसमें सितंबर की तुलना में तेजी देखने को मिली है। सितंबर के 0.2 प्रतिशत के मुकाबले अक्टूबर में कोर एचआईसीपी 0.3 प्रतिशत की दर से बढ़ा। आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर अन्य उत्पादों में यह मासिक उछाल बताता है कि अर्थव्यवस्था के अंदरूनी हिस्सों में मूल्य दबाव अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है।

## अमेरिकी मध्यावधि नतीजों से डॉलर पर दबाव और मुद्राओं की स्थिति
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में व्यापक उथल-पुथल देखने को मिल रही है। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों की शुरुआती मतगणना से उपजी राजनीतिक अनिश्चितता ने अमेरिकी डॉलर को भारी दबाव में ला दिया है। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) अपनी दो सप्ताह की गिरावट को थामते हुए 0.6965 के आसपास स्थिर कारोबार करता दिखा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई नई गिरावट ने फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बढ़ोतरी से जुड़ी उम्मीदों के असर को बेअसर कर दिया, जिससे डॉलर और कमजोर हुआ। हालांकि, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के अपेक्षाकृत नरम रुख ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त को सीमित दायरे में बांधे रखा।

## येन के मुकाबले डॉलर का पतन और सरकारी गतिरोध की आशंका
अमेरिकी डॉलर और जापानी येन (USD/JPY) के जोड़े पर बुधवार को भारी बिकवाली का असर साफ दिखा। शुरुआती चुनावी रुझानों के बाद अमेरिकी डॉलर लुढ़ककर एक महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया, जिसके चलते USD/JPY एशियाई सत्र में 158.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गिरा। वाशिंगटन में नई संसद के अंदर गतिरोध पैदा होने की आशंकाओं ने सुरक्षित निवेश यानी सेफ-हेवन संपत्तियों की तरफ निवेशकों का रुझान बढ़ाया। निवेशकों के बॉन्ड बाजार की ओर मुड़ने से अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की प्रतिफल दरों में गिरावट आई, जिसने अमेरिकी मुद्रा को नीचे की तरफ धकेलने में बड़ी भूमिका निभाई।

## सोने में उछाल और 4,000 डॉलर का मनोवैज्ञानिक स्तर
डॉलर की व्यापक कमजोरी और राजनीतिक उथल-पुथल के दौर में सोने ने अपनी सुरक्षित संपत्ति की पहचान को और मजबूत किया है। शुरुआती यूरोपीय सत्र के दौरान पीली धातु अपने साप्ताहिक उच्च स्तर के करीब बनी रही और 4,000 डॉलर प्रति औंस के मजबूत मनोवैज्ञानिक आंकड़े के काफी ऊपर टिकी रही। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस) और सीनेट दोनों में डेमोक्रेट्स की जीत ने वाशिंगटन के नीतिगत स्तर पर विधायी गतिरोध की संभावनाओं को हवा दी है। इस अनिश्चित माहौल में निवेशकों ने पूंजी की सुरक्षा के लिए सोने को प्राथमिकता दी, जिससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड घटी और सर्राफा बाजार को भारी समर्थन हासिल हुआ।

## अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट पर टिकीं बाजार की निगाहें
वित्तीय बाजारों की नजर अब अमेरिका के निजी क्षेत्र के रोजगार आंकड़ों पर जा टिकी है। ऑटोमैटिक डेटा प्रोसेसिंग (ADP) रिसर्च इंस्टीट्यूट बुधवार को अक्टूबर महीने के निजी क्षेत्र के रोजगार आंकड़े जारी करने वाला है। बाजार के विश्लेषक और निवेशक रोजगार सृजन में मध्यम मंदी का अनुमान लगा रहे हैं। सहमति अनुमानों के मुताबिक अक्टूबर में एडीपी रोजगार बदलाव के तहत 69 हजार नए निजी रोजगार सृजित होने की संभावना जताई गई है, जो सितंबर के 90 हजार नए रोजगार के आंकड़े की तुलना में साफ गिरावट को दर्शाता है।

## इसका आप पर असर
वैश्विक मुद्रास्फीति और मुद्रा बाजारों में आए इस उतार-चढ़ाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय निवेश, आयात लागत और कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ेगा।

- **भारतीय उपभोक्ताओं पर:** अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने के 4,000 डॉलर के पार टिके रहने से घरेलू बाजारों में जेवराती सोना महंगा बना रहेगा। शादियों और त्योहारों के दौरान आभूषण खरीदारों को अपनी खरीदारी के लिए ज्यादा बजट तय करना होगा।
- **मुद्रा और आयातकों पर:** अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने और बॉन्ड यील्ड घटने से उभरते बाजारों की मुद्राओं पर से दबाव कुछ कम हो सकता है। यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयात बिल को स्थिर रखने में मददगार साबित हो सकती है।
- **वैश्विक निवेशकों के लिए:** यूरोक्षेत्र में महंगाई 4 प्रतिशत पर पहुंचने और वाशिंगटन में राजनीतिक गतिरोध बनने से केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर असर पड़ेगा। निवेशकों को विदेशी शेयर और बॉन्ड पोर्टफोलियो में अस्थिरता के लिए तैयार रहना चाहिए।
- **नौकरी और अर्थव्यवस्था पर:** अमेरिका में निजी क्षेत्र के रोजगार में संभावित मंदी (69 हजार का अनुमान) वैश्विक आर्थिक सुस्ती के संकेतों को पुख्ता करती है। आईटी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काम करने वाले पेशेवरों के लिए नई भर्तियों की गति धीमी पड़ सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यूरोक्षेत्र में महंगाई में उछाल और मुद्रा बाजारों में कमजोरी विभिन्न नीतिगत और भू-राजनीतिक कारकों के एक साथ सामने आने की वजह से पैदा हुई है।

- **यूरोपीय मूल्य दबाव:** अक्टूबर में वार्षिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का 4 प्रतिशत पर पहुंचना यह दर्शाता है कि सेवा और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी लागतें ऊंची बनी हुई हैं। हालांकि ऊर्जा और खाद्य उत्पादों को छोड़कर कोर दर 2.5 प्रतिशत पर स्थिर रही, लेकिन मासिक 0.3 प्रतिशत की वृद्धि ने समग्र गतिशीलता को बढ़ा दिया।
- **अमेरिकी चुनावी अनिश्चितता:** मध्यावधि चुनाव परिणामों में हाउस और सीनेट में डेमोक्रेट्स की जीत के शुरुआती संकेतों ने वाशिंगटन में प्रशासनिक गतिरोध की संभावना बढ़ा दी है। इस अनपेक्षित राजनीतिक स्थिति ने निवेशकों के भरोसे को प्रभावित कर डॉलर को भारी बिकवाली के घेरे में ला दिया।
- **सुरक्षित निवेश का रुख:** राजनीतिक अनिश्चितता के गहराते ही निवेशकों ने जोखिम भरी संपत्तियों से हाथ खींचकर सरकारी बॉन्ड और सोने का रुख किया। सरकारी बॉन्ड की मांग बढ़ने से उनकी यील्ड घट गई, जिसने डॉलर की अपील को घटाकर सोने को 4,000 डॉलर के पार बनाए रखा।

## सवाल-जवाब

### 1. अक्टूबर में यूरोक्षेत्र की वार्षिक महंगाई दर कितनी दर्ज की गई?
अक्टूबर महीने में यूरोक्षेत्र की प्रारंभिक वार्षिक मुद्रास्फीति 4 प्रतिशत दर्ज की गई, जो सितंबर के 3.8 प्रतिशत से अधिक है।

### 2. खाद्य और ऊर्जा को छोड़कर कोर महंगाई के आंकड़े क्या रहे?
कोर एचआईसीपी की वार्षिक दर 2.5 प्रतिशत पर स्थिर रही, जबकि महीने-दर-महीने आधार पर यह बढ़कर 0.3 प्रतिशत हो गई।

### 3. अमेरिकी डॉलर में गिरावट का मुख्य कारण क्या रहा?
अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की जीत के रुझानों से वाशिंगटन में नीतिगत गतिरोध की आशंका और बॉन्ड यील्ड में गिरावट मुख्य कारण रही।

### 4. जापानी येन के मुकाबले डॉलर का स्तर क्या रहा?
अमेरिकी डॉलर में तेज बिकवाली के चलते एशियाई सत्र के दौरान USD/JPY 158.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया।

### 5. सोने की कीमत किस स्तर पर कारोबार कर रही है?
डॉलर की कमजोरी और सुरक्षित निवेश मांग के दम पर सोना 4,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर के ऊपर मजबूती से कारोबार कर रहा है।

### 6. अमेरिकी निजी क्षेत्र में रोजगार को लेकर बाजार का क्या अनुमान है?
एडीपी रोजगार रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर में 69 हजार नए निजी रोजगार सृजन की उम्मीद है, जो सितंबर के 90 हजार से कम है।

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