# फेड दरों की उम्मीदों से अमेरिकी डॉलर को मिला सहारा, लेकिन वैश्विक मौद्रिक नीतियों से सीमित हुई बढ़त

> अमेरिकी बांड यील्ड में बढ़ोतरी और मजबूत आर्थिक आंकड़ों के कारण अमेरिकी डॉलर में मजबूती देखी जा रही है, हालांकि अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों की सख्ती से इसकी बढ़त सीमित रह सकती है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/fed-daron-ki-ummidon-se-us-dollar-ko-mila-sahara-lekina-vaishvika-maudrika-nitiyon-se-simita-hui-barhata-26523 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमेरिकी डॉलर, फेडरल रिजर्व, कच्चा तेल, सोना, विदेशी मुद्रा बाजार, अर्थव्यवस्था, मुद्रास्फीति

वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती का सिलसिला जारी है। अमेरिका और जी6 देशों के बीच दो साल के बांड यील्ड स्प्रेड में अंतर बढ़ने तथा अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़ों के कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें बरकरार हैं। बाजार विश्लेषक इलियास हदाद के अनुसार, इन कारणों से डॉलर को निकट भविष्य में मजबूती मिलती रहेगी। हालांकि, दुनिया के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा भी मौद्रिक नीति में सख्ती बरते जाने के कारण नीतिगत अंतर कम हो रहा है, जिससे डॉलर के नए उच्च स्तर पर पहुंचने की संभावना सीमित नजर आ रही है।

 

## अमेरिकी आर्थिक आंकड़े: विनिर्माण सुस्ती और मुद्रास्फीति का दबाव

हाल में जारी अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों से मिश्रित संकेत मिले हैं। अगस्त के महीने में अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि रफ्तार अनुमान से अधिक धीमी रही। विनिर्माण क्षेत्र का हेडलाइन इंडेक्स घटकर दो महीने के निचले स्तर 54.6 पर आ गया, जो जुलाई में 55.6 दर्ज किया गया था और इसके लिए 55.2 का अनुमान जताया गया था। इस गिरावट का मुख्य कारण नए ऑर्डर और रोजगार सूचकांकों में धीमी बढ़त रही। इसके विपरीत, प्राइसेस पेड इंडेक्स लगातार दूसरे महीने 71.1 पर बना रहा, जो 70.8 के बाजार अनुमान से अधिक है। यह आंकड़ा अर्थव्यवस्था में जारी मुद्रास्फीति के जोखिमों की ओर इशारा करता है।

 दूसरी ओर, जुलाई के जॉल्ट्स (JOLTS) श्रम बाजार सर्वेक्षण से स्पष्ट हुआ है कि अमेरिका में कर्मचारियों की भर्ती और छंटनी दोनों की दर धीमी बनी हुई है। जुलाई में भर्ती दर 0.2 प्रतिशत अंक घटकर 3.2 प्रतिशत पर आ गई, जो फरवरी के बाद का सबसे निचला स्तर है। वहीं छंटनी दर में 0.1 प्रतिशत अंक की मामूली कमी आई और यह 1.0 प्रतिशत दर्ज की गई। छंटनी दर पिछले दो वर्षों से 1.0 प्रतिशत से 1.2 प्रतिशत के सीमित दायरे में बनी हुई है, जो श्रम बाजार में स्थिरता को दर्शाती है।

 

## विदेशी मुद्रा बाजार: पौंड और यूरो का रुख

करेंसी मार्केट में अमेरिकी डॉलर की तेजी का असर अन्य प्रमुख मुद्राओं पर देखा गया है। ब्रिटिश पौंड (GBP/USD) में लगातार गिरावट का दौर जारी रहा और यह बुधवार को 1.3470 के स्तर के करीब पहुंच गया, जो चार सप्ताह का निचला स्तर है। डॉलर में लगातार सुधार और वैश्विक भू-राजनीतिक चिंताओं के कारण पौंड पर दबाव बना हुआ है।

 दूसरी ओर, यूरो (EUR/USD) ने शुरुआती दबाव से उबरते हुए बुधवार को 1.1580 के स्तर के आसपास वापसी की। यूरो ने दो सप्ताह के निचले स्तर से रिकवरी दर्ज की। अगस्त में एडीपी (ADP) रोजगार रिपोर्ट के अनुमान से कमजोर रहने के कारण अमेरिकी डॉलर की गति में कुछ समय के लिए सुस्ती आई, जिससे यूरो को संभलने का मौका मिला।

 

## ऊर्जा बाजार में उछाल: कच्चा तेल और डीजल का नया रिकॉर्ड

मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष और भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर ऊर्जा बाजार पर देखने को मिल रहा है। वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) कच्चे तेल की कीमत में लगातार तीसरे दिन तेजी दर्ज की गई। पिछले छह दिनों में से पांच दिनों में बढ़त दर्ज करते हुए एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल 24 जुलाई के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

 ऊर्जा बाजार में सबसे बड़ा उछाल डीजल क्षेत्र में देखा गया है। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड, जो डब्लूटीआई कच्चे तेल की तुलना में अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स के प्रीमियम को दर्शाता है, पहली बार $100 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया। कारोबार के दौरान यह $102.00 प्रति बैरल के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू गया, जो तेल बाजार में आपूर्ति संबंधी चिंताओं और रिफाइनिंग दबाव को उजागर करता है।

 

## कीमती धातुएं और केंद्रीय बैंक नीतियां

कच्चे तेल में तेजी और मध्य पूर्व के तनाव ने वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति की आशंकाओं को बढ़ा दिया है, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा सितंबर में ब्याज दर बढ़ाने की संभावनाओं को बल मिला है। इसके बावजूद, सोने की कीमतों में शुरुआती गिरावट के बाद सुधार देखा गया। चार सप्ताह के निचले स्तर से उबरकर सोना यूरोपीय सत्र की शुरुआत में $4,320 प्रति औंस से ऊपर कारोबार करता नजर आया। डॉलर में आई मामूली गिरावट ने सोने को सहारा दिया, हालांकि फेड की सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों के कारण सोने की बड़ी तेजी सीमित रहने की संभावना है।

 इस बीच, केंद्रीय बैंक की नीतियों की बात करें तो बैंक ऑफ कनाडा द्वारा बुधवार को अपनी नीतिगत ब्याज दर को 2.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने की व्यापक उम्मीद है। यदि ब्याज दरें अपरिवर्तित रहती हैं, तो यह लगातार सातवीं बैठक होगी जब बैंक ऑफ कनाडा ने मौद्रिक नीति में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे पहले जुलाई की बैठक में भी बैंक ऑफ कनाडा ने अपनी नीतिगत दर को 2.25 प्रतिशत पर ही बनाए रखा था।

## इसका आप पर असर
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी डॉलर की मजबूती से भारतीय अर्थव्यवस्था और आम उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ेगा।

- **भारत में:** कच्चे तेल की कीमतें 24 जुलाई के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंचने से भारत में आयात बिल बढ़ेगा और पेट्रोल-डीजल की घरेलू कीमतों पर दबाव बना रहेगा। इससे परिवहन लागत बढ़ने के साथ-साथ दैनिक उपयोग की वस्तुओं की मुद्रास्फीति बढ़ सकती है।

- **वैश्विक बाजार में:** अमेरिकी डॉलर में मजबूती और फेड द्वारा ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी से उभरते बाजारों से पूंजी निकासी का जोखिम बढ़ सकता है। इससे अन्य देशों की स्थानीय मुद्राओं पर अवमूल्यन का दबाव बढ़ेगा।

- **निवेशकों के लिए:** डीजल क्रैक स्प्रेड का $100 प्रति बैरल के पार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचना ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में अस्थिरता बढ़ा सकता है। निवेशकों को रिफाइनिंग और कमोडिटी बाजारों पर बारीक नजर रखनी होगी।

- **सोने के खरीदारों के लिए:** सोना $4,320 प्रति औंस से ऊपर बना हुआ है, लेकिन सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों से लंबी अवधि में बड़ी तेजी की संभावना सीमित है। भारतीय आभूषण खरीदारों को सीमित मूल्य बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. अमेरिकी डॉलर में तेजी का मुख्य कारण क्या है?
अमेरिका और जी6 देशों के बीच बढ़ते बांड यील्ड स्प्रेड और मजबूत आर्थिक आंकड़ों के कारण फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों से डॉलर को मजबूती मिल रही है।

### 2. कच्चे तेल और डीजल की कीमतों में तेजी क्यों आ रही है?
मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष और मुद्रास्फीति की आशंकाओं के कारण डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल 24 जुलाई के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जबकि डीजल क्रैक स्प्रेड $102 प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर आ गया है।

### 3. बैंक ऑफ कनाडा की मौद्रिक नीति को लेकर क्या अनुमान है?
बैंक ऑफ कनाडा द्वारा बुधवार को अपनी नीतिगत ब्याज दर को लगातार सातवीं बार 2.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने की संभावना जताई जा रही है।

### 4. सोने और विदेशी मुद्राओं का ताजा रुख क्या है?
सोना शुरुआती गिरावट से उबरकर $4,320 प्रति औंस से ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि ब्रिटिश पौंड 1.3470 के चार सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया है और यूरो 1.1580 पर सुधरा है।

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