फेडरल रिजर्व के सख्त रुख से चांदी की कीमतों में गिरावट, क्या टूट जाएगा हेड-एंड-शोल्डर नेकलाइन सपोर्ट? फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका और मजबूत होते अमेरिकी डॉलर के कारण चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ गया है, जिससे तकनीकी चार्ट पर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर खतरे में आ गया है। वैश्विक वित्तीय बाजारों में इस सप्ताह की शुरुआत कमोडिटी निवेशकों के लिए भारी उतार-चढ़ाव के साथ हुई है। फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं पर दिख रहा है। सुरक्षित निवेश माने जाने वाली चांदी की कीमतों में इस समय भारी गिरावट देखी जा रही है। वर्तमान में लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, चांदी (SI=F) की कीमत 1.84% की गिरावट के साथ 63.37 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है, जबकि इसका पिछला बंद भाव 64.55 डॉलर था। इस गिरावट के दौरान बाजार में ट्रेडिंग वॉल्यूम सामान्य से काफी अधिक रहा है, जो इसके 20 दिनों के औसत वॉल्यूम से 7.68 गुना ज्यादा है। यह भारी वॉल्यूम इस बात का संकेत है कि निवेशक और बड़े ट्रेडर्स इस समय बाजार में काफी सक्रिय हैं और कीमतों को लेकर अपनी स्थिति बदल रहे हैं। फेड की बैठक और मुद्रास्फीति के आंकड़ों का चौतरफा दबाव चांदी जैसी बिना ब्याज वाली कीमती धातुओं के लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति बैठक बनी हुई है, जो 15 और 16 सितंबर को होने वाली है। सीएमई फेडवॉच टूल के ताजा आंकड़ों के अनुसार, ट्रेडर्स इस बात की 86% संभावना जता रहे हैं कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक इस बैठक में ब्याज दरों में एक चौथाई प्रतिशत यानी 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर सकता है। जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो चांदी और सोने जैसी उन संपत्तियों को रखने की अवसर लागत (अपॉर्च्युनिटी कॉस्ट) बढ़ जाती है जिन पर कोई नियमित ब्याज या यील्ड नहीं मिलती है। इसी वजह से निवेशक सरकारी बॉन्ड की तरफ रुख करने लगते हैं, जिससे चांदी जैसी संपत्तियों पर बिकवाली का दबाव बढ़ जाता है। इसके अलावा, हाल ही में जारी हुए अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने भी फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव और बढ़ा दिया है। अगस्त महीने में हेडलाइन कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में महीने-दर-महीने के आधार पर 0.4% की तेजी देखी गई, जबकि कोर CPI भी 0.3% बढ़ गया। इसके साथ ही, प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) की रिपोर्ट ने भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को मजबूत किया है। वैश्विक स्तर पर देखें तो मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी आ रही है, जिससे महंगाई का जोखिम और बढ़ गया है। इन विपरीत परिस्थितियों के बीच अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में मजबूती बनी हुई है, जो चांदी की कीमतों को लगातार नीचे धकेल रही है। तकनीकी संकेतकों पर मंदी का साया और 'डेथ क्रॉस' का असर चांदी के दैनिक तकनीकी चार्ट (डेली चार्ट) पर नजर डालें तो स्थिति काफी चिंताजनक दिखाई दे रही है। चांदी की कीमतें इस समय एक मंदी के संकेत देने वाले 'हेड-एंड-शोल्डर' चार्ट पैटर्न की नेकलाइन का परीक्षण कर रही हैं। यह नेकलाइन वर्तमान में 50-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के बेहद करीब है, जो कि 62.57 डॉलर पर स्थित है (मूल रूप से यह स्तर 62 डॉलर के आसपास था)। यदि दैनिक क्लोजिंग इस स्तर से नीचे होती है, तो हेड-एंड-शोल्डर पैटर्न की पुष्टि हो जाएगी, जिससे बाजार में और तेज गिरावट का रास्ता साफ हो सकता है। इसके अलावा, घातीय गतिमान औसत (EMA) की स्थिति भी इस मंदी की पुष्टि कर रही है। वर्तमान में 20-दिवसीय EMA 65.44 डॉलर और 50-दिवसीय EMA 64.99 डॉलर पर है, जबकि 200-दिवसीय EMA 66.32 डॉलर पर स्थित है। तकनीकी विश्लेषक ध्यान दे रहे हैं कि यहां 50-दिवसीय EMA ने 200-दिवसीय EMA को नीचे की ओर पार कर लिया है, जिसे बाजार की भाषा में 'डेथ क्रॉस' कहा जाता है। यह क्रॉसओवर लंबी अवधि में मंदी की शुरुआत का एक बड़ा संकेत होता है। बोलिंगर बैंड्स को देखें तो चांदी की कीमत इस समय 62.86 डॉलर की निचली सीमा और 70.13 डॉलर की ऊपरी सीमा के बीच बनी हुई है, जिसका मध्य बिंदु 66.50 डॉलर है। मोमेंटम इंडिकेटर्स की बात करें तो 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) वर्तमान में 45 के स्तर पर है, जो तटस्थ से मंदी की ओर झुकाव को दर्शाता है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) भी मंदी के दौर में है, जहां एमएसीडी लाइन 0.35 पर है जबकि सिग्नल लाइन 0.92 पर है, जिससे हिस्टोग्राम -0.57 का लाल बार प्रदर्शित कर रहा है। इसके अलावा, स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर में फास्ट लाइन 7 और सिग्नल लाइन 12 पर है, जो ओवरसोल्ड स्थितियों को दर्शाता है लेकिन अभी भी कोई रिकवरी का संकेत नहीं दे रहा है। एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (ADX) वर्तमान में 17 पर है, जो संकेत देता है कि वर्तमान ट्रेंड अभी काफी कमजोर या एक सीमित दायरे में है। आगामी दिशा के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर और रणनीतियाँ ट्रेडर्स और निवेशकों के लिए इस समय कुछ प्रमुख स्तरों पर नजर रखना बेहद जरूरी है। यदि चांदी की कीमतें अपने इस 50-दिवसीय SMA और नेकलाइन सपोर्ट स्तर को बचाने में कामयाब रहती हैं, तो इसमें 100-दिवसीय SMA यानी 66 डॉलर की तरफ एक रिकवरी देखने को मिल सकती है। इस स्तर को पार करने के बाद चांदी पर से मंदी का तात्कालिक दबाव कम होगा और फिर यह 70 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर की तरफ बढ़ सकती है, जिसके बाद अगला बड़ा प्रतिरोध (रेसिस्टेंस) 200-दिवसीय SMA यानी 72.28 डॉलर के स्तर पर देखने को मिलेगा। चांदी का 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर 121.30 डॉलर रहा है। दूसरी तरफ, यदि बिकवाली जारी रहती है और चांदी 62.57 डॉलर के सपोर्ट स्तर को तोड़ देती है, तो सबसे पहले 62.45 डॉलर (S1) और उसके बाद 61.53 डॉलर (S2) के स्तर सामने आएंगे। इसके बाद 60 डॉलर का मनोवैज्ञानिक सपोर्ट स्तर और अंततः 55 डॉलर का स्तर भी खुल सकता है। चांदी का 52-सप्ताह का निचला स्तर 41.49 डॉलर है। मौजूदा बाजार में दैनिक अस्थिरता को देखते हुए ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्टॉप-लॉस को तय करने के लिए 1.97 डॉलर के एवरेज ट्रू रेंज (ATR) बफर का उपयोग करें। मुख्य पिवट पॉइंट फिलहाल 63.72 डॉलर पर बना हुआ है, जबकि तत्काल प्रतिरोध स्तर R1 64.63 डॉलर और R2 65.90 डॉलर पर है। चांदी की औद्योगिक मांग और वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं का योगदान चांदी को निवेश के लिए तो इस्तेमाल किया ही जाता है, साथ ही यह एक बेहद महत्वपूर्ण औद्योगिक धातु भी है। सोने की तुलना में भले ही इसे कम लोकप्रिय माना जाए, लेकिन निवेशक अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने और उच्च मुद्रास्फीति (महंगाई) के समय हेजिंग के लिए भौतिक चांदी (सिक्के या बार) या फिर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) के माध्यम से इसमें निवेश करते हैं। लेकिन चांदी की सबसे बड़ी खासियत इसकी औद्योगिक उपयोगिता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और सौर ऊर्जा (सोलर एनर्जी) क्षेत्रों में इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि इसमें सभी धातुओं में सबसे अधिक विद्युत चालकता (इलेक्ट्रिक कंडक्टिविटी) होती है, जो तांबे और सोने से भी अधिक है। इस वजह से दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में होने वाली औद्योगिक हलचल का चांदी की कीमतों पर सीधा असर पड़ता है। अमेरिका और विशेष रूप से चीन में बड़े औद्योगिक क्षेत्र विभिन्न विनिर्माण प्रक्रियाओं में चांदी का भारी उपयोग करते हैं। दूसरी ओर, भारत में आभूषणों (ज्वेलरी) के लिए चांदी की भारी उपभोक्ता मांग रहती है, जो इसकी वैश्विक कीमतों को तय करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब भी इन देशों में आर्थिक मंदी की आशंका होती है, तो औद्योगिक मांग घटने के डर से चांदी की कीमतों में गिरावट आती है, लेकिन भू-राजनीतिक अस्थिरता या मंदी की वास्तविक स्थिति में इसके सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) दर्जे के कारण कभी-कभी इसमें उछाल भी देखने को मिलता है। अन्य बाजारों की स्थिति: फॉरेक्स और क्रिप्टोकरेंसी का हाल चांदी के अलावा अन्य वैश्विक बाजारों में भी सोमवार को डॉलर की मजबूती का व्यापक असर देखने को मिला। विदेशी मुद्रा बाजार (फॉरेक्स) में AUD/USD की जोड़ी एशियाई सत्र के दौरान करीब डेढ़ हफ्ते के निचले स्तर 0.7140 पर आ गई और वर्तमान में यह 0.7100 के मध्य स्तर के ठीक ऊपर कारोबार कर रही है, जो आज 0.25% की गिरावट दर्शाता है। वहीं, USD/JPY की जोड़ी में खरीदारों की वापसी हुई है और यह एशियाई सत्र के दौरान 154.00 के स्तर के करीब पहुंच गई, जिससे शुक्रवार को हुए नुकसान की कुछ भरपाई हो सकी। हालांकि, इस सप्ताह होने वाली विभिन्न केंद्रीय बैंकों की प्रमुख बैठकों से पहले यह जोड़ी अभी भी एक सीमित दायरे में कारोबार कर रही है और पिछले मंगलवार को छुए गए सात महीने के निचले स्तर के काफी करीब बनी हुई है। इस बीच, डिजिटल एसेट मार्केट यानी क्रिप्टोकरेंसी बाजार में तेजी का रुख देखा जा रहा है। बिटकॉइन लगातार बढ़त बनाते हुए सोमवार को 77,884 डॉलर के करीब कारोबार कर रहा है। इसके साथ ही एथेरियम और रिपल भी बिटकॉइन के इस सकारात्मक रुख का अनुसरण कर रहे हैं। एथेरियम ने जहां 2,521 डॉलर के महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर को मजबूत बनाए रखा है, वहीं रिपल 1.38 डॉलर के स्तर पर टिका हुआ है। कमोडिटी और फॉरेक्स बाजारों के विश्लेषक मानते हैं कि आने वाले समय में फेड की ब्याज दरों की दिशा और डॉलर की मजबूती ही चांदी की कीमतों का अगला रास्ता तय करेगी। वर्तमान तकनीकी ढांचा विक्रेताओं के पक्ष में है, लेकिन नेकलाइन पर खरीदारों की सक्रियता से इनकार नहीं किया जा सकता। इसका आप पर असर चांदी की कीमतों में आई हालिया गिरावट का असर आम उपभोक्ताओं और निवेशकों दोनों पर पड़ेगा। - उपभोक्ताओं के लिए: आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों को थोड़ी राहत मिल सकती है क्योंकि कीमतों में गिरावट से चांदी के आभूषण और बर्तन सस्ते हो सकते हैं। इससे आगामी त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने की उम्मीद है। - निवेशकों के लिए: जो लोग डिजिटल सिल्वर या ETF में निवेश करते हैं, उन्हें अपने पोर्टफोलियो की वैल्यू में गिरावट का सामना करना पड़ सकता है। नए निवेशकों के लिए यह निचले स्तरों पर खरीदारी का एक अच्छा मौका साबित हो सकता है। - उद्योग जगत के लिए: इलेक्ट्रॉनिक्स और सौर ऊर्जा उपकरण बनाने वाली कंपनियों के लिए चांदी सस्ती होने से निर्माण लागत में कमी आ सकती है। इससे लंबे समय में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमतें स्थिर रखने में मदद मिलेगी। ऐसा क्यों हुआ चांदी की कीमतों में यह गिरावट मुख्य रूप से सख्त अमेरिकी मौद्रिक नीति और तकनीकी बिकवाली के संकेतों के कारण आई है। - ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका: अमेरिकी महंगाई दर (CPI) में लगातार बढ़ोतरी के कारण फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की वृद्धि करने की 86% संभावना जताई जा रही है, जो बिना ब्याज वाली चांदी के लिए नकारात्मक है। - मजबूत अमेरिकी डॉलर: फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के कारण अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में लगातार तेजी आ रही है, जिससे डॉलर में आंकी जाने वाली धातुएं विदेशी खरीदारों के लिए महंगी हो जाती हैं। - तकनीकी 'डेथ क्रॉस' और बिकवाली: चांदी के दैनिक चार्ट पर 50-दिवसीय EMA का 200-दिवसीय EMA से नीचे जाना ('डेथ क्रॉस') और हेड-एंड-शोल्डर पैटर्न का बनना तकनीकी ट्रेडर्स को बिकवाली के लिए उकसा रहा है। सवाल-जवाब 1. वर्तमान में चांदी की कीमत क्या है और यह कितनी गिरी है? लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, चांदी की कीमत इस समय 1.84% की गिरावट के साथ 63.37 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। इसका पिछला बंद भाव 64.55 डॉलर था। 2. चांदी की कीमतों पर दबाव डालने वाला मुख्य कारण क्या है? फेडरल रिजर्व द्वारा 15-16 सितंबर की बैठक में ब्याज दरें बढ़ाए जाने की आशंका और मजबूत होते अमेरिकी डॉलर के कारण चांदी की कीमतों पर भारी दबाव है। 3. तकनीकी विश्लेषण में कौन सा चार्ट पैटर्न चांदी के लिए मंदी का संकेत दे रहा है? चांदी का चार्ट एक 'हेड-एंड-शोल्डर' पैटर्न की नेकलाइन का परीक्षण कर रहा है, और इसके साथ ही दैनिक ईएमए पर 'डेथ क्रॉस' बना है, जो बड़ी गिरावट का संकेत दे सकता है। 4. चांदी के लिए तत्काल सपोर्ट और रेसिस्टेंस स्तर कौन से हैं? चांदी के लिए तत्काल सपोर्ट स्तर $62.45 (S1) और $61.53 (S2) हैं, जबकि तत्काल प्रतिरोध स्तर $64.63 (R1) और $65.90 (R2) पर हैं। 5. चांदी का औद्योगिक क्षेत्र में क्या महत्व है? चांदी में सभी धातुओं से अधिक विद्युत चालकता होती है, इसलिए इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और सौर ऊर्जा के उपकरणों में इसका भारी उपयोग किया जाता है। https://trendkia.com/market/fed-ke-sakht-rukh-se-silver-par-badha-dabav-kya-tutega-head-and-shoulder-neckline-support-32257 TrendKia — Har trend, sabse pehle.