फेड की ब्याज दर वृद्धि की संभावना और मध्य पूर्व तनाव से अमेरिकी डॉलर मजबूत, कच्चा तेल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा केविन वॉर्श के नेतृत्व में सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती संभावनाओं और मध्य पूर्व में गहराते भू-राजनीतिक संकट के कारण अमेरिकी डॉलर को मजबूत समर्थन मिल रहा है, जिससे वैश्विक वित्तीय बाजारों में हलचल तेज हो गई है। वैश्विक वित्तीय बाजारों में इस समय अमेरिकी बॉन्ड बाजार के लंबे छोर और केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति को लेकर सरगर्मी काफी बढ़ गई है। बीते कुछ वर्षों में राजकोषीय समेकन की कमी के कारण अब बॉन्ड प्रतिफल पर दबाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। बाजार के विश्लेषक फ्रांसेस्को पेसोल के अनुसार, निवेशकों और व्यापारियों के बीच यह चिंता बनी हुई है कि अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट बॉन्ड बाजार को सहारा देने के लिए अपने वित्तीय साधनों का उपयोग कर सकते हैं। इस स्थिति में, व्यापारी डॉलर के अवमूल्यन के जोखिम से बचने के लिए USD/CHF में लिवालियां बढ़ा रहे हैं। फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और सितंबर में दर वृद्धि का परिदृश्य वित्तीय बाजारों के लिए नया मुख्य आधार यह बन रहा है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक सितंबर की अपनी बैठक में ब्याज दरों में वृद्धि कर सकता है। फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श ने स्पष्ट संकेत दिया है कि मुद्रास्फीति तय लक्ष्य तक जितनी जल्दी पहुंचनी चाहिए थी, उतनी तेजी से नीचे नहीं आ रही है। इसके साथ ही, अमेरिकी अर्थव्यवस्था के जुझारू और अपेक्षाकृत मजबूत बने रहने के कारण केंद्रीय बैंक को सख्त रुख अपनाने और दरों में बढ़ोतरी करने की आवश्यकता महसूस हो रही है। यदि लंबे समय वाले बॉन्डों में बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो बॉन्ड यील्ड कर्व के लंबे छोर से आने वाली यह तेजी अमेरिकी डॉलर को मामूली रूप से नीचे खींच सकती है। हालांकि, व्यापक बाजार में बढ़ती अस्थिरता के कारण उच्च प्रतिफल वाली विदेशी मुद्राओं (हाई-याल्ड एफएक्स) पर दबाव बना रहेगा। संस्थागत विश्लेषकों का अनुमान है कि अमेरिकी डॉलर सूचकांक (DXY) 100.10 से 100.20 के स्तर की ओर धीरे-धीरे ऊपर बढ़ेगा। इसके अलावा, फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर के आगामी भाषण और कार्यक्रम से डॉलर की चाल को और अधिक दिशा मिलने की संभावना है। मुद्रा बाजार की हलचल: EUR/USD और GBP/USD पर गहराता दबाव विदेशी मुद्रा बाजार में प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती से अन्य वैश्विक करेंसी जोड़ियों में गिरावट देखी जा रही है। यूरोपीय कारोबारी सत्र के शुरुआती घंटों में GBP/USD घटकर 1.3500 के करीब आ गया। मध्य पूर्व में जारी सैन्य और कूटनीतिक तनाव के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर की मांग तेजी से बढ़ी है, जिससे ब्रिटिश पाउंड बैकफुट पर आ गया है। मुद्रा बाजार के सहभागी अब शुक्रवार को जारी होने वाली अमेरिकी अगस्त रोजगार रिपोर्ट (नॉन-फार्म पेरोल) पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। दूसरी ओर, EUR/USD में भी मंदी का रुख बना हुआ है। मंगलवार को नुकसान के साथ बंद होने के बाद, यह जोड़ी 1.1600 के स्तर से नीचे आ गई है, जो पिछले दो हफ्तों का सबसे निचला स्तर है। मध्य पूर्व में तनाव के और अधिक गहराने से बाजार में जोखिम से बचने की भावना मजबूत हुई है। इसके साथ ही फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आक्रामक उम्मीदों ने अमेरिकी डॉलर को अतिरिक्त ताकत दी है। निवेशक बुधवार को बाद में आने वाले अमेरिकी निजी क्षेत्र के रोजगार आंकड़ों (ADP पेरोल) पर भी पैनी नजर बनाए हुए हैं। कमोडिटी बाजार: सोना संभला, कच्चे तेल में उबाल और डीजल का नया रिकॉर्ड कमोडिटी बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। हाजिर सोना शुरुआती कारोबार में चार हफ्ते के निचले स्तर तक गिरने के बाद संभलने में कामयाब रहा और यूरोपीय सत्र की शुरुआत तक $4,320 प्रति औंस से ऊपर कारोबार करने लगा। अमेरिकी डॉलर में हल्की गिरावट से सोने को कुछ समर्थन जरूर मिला है, लेकिन फेडरल रिजर्व के सख्त मौद्रिक रुख की आशंकाओं के कारण सोने में कोई बड़ी तेजी सीमित नजर आ रही है। इस बीच, कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी दर्ज की जा रही है। अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड एशियाई कारोबारी सत्र में लगातार तीसरे दिन चढ़ा, जो पिछले छह कारोबारी दिनों में पांचवीं बढ़त है। इसके साथ ही WTI क्रूड 24 जुलाई के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। मध्य पूर्व में भड़के संघर्ष ने कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे मुद्रास्फीति बढ़ने का डर फिर से गहरा गया है। यही कारण है कि सितंबर में फेड द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीदों को और बल मिल रहा है। तेल बाजार भले ही ऊपर से शांत दिखे, लेकिन रिफाइंड ईंधन बाजार अलग ही कहानी बयां कर रहा है। अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड (WTI के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम) हाल ही में पहली बार $100 प्रति बैरल के पार निकल गया। इंट्राडे कारोबार के दौरान यह रिकॉर्ड $102.00 प्रति बैरल के स्तर को छू गया, जो रिफाइंड पेट्रो उत्पादों की मांग और आपूर्ति में भारी तंगी को दर्शाता है। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में नरमी और तकनीकी संकेत डिजिटल एसेट बाजार में अगस्त के महीने में देखी गई बड़ी तेजी के बाद अब सुस्ती और दबाव का माहौल बन रहा है। तकनीकी संकेतक यह इशारा कर रहे हैं कि शीर्ष तीन क्रिप्टोकरेंसीज में शुरुआती गति कमजोर पड़ रही है। बिटकॉइन (BTC) में शुरुआती मंदी के तकनीकी संकेत दिखाई दे रहे हैं। एथेरियम (ETH) $2,500 के मनोवैज्ञानिक प्रतिरोध स्तर के पास से खारिज होने के बाद अपनी गिरावट को आगे बढ़ा चुका है। वहीं, रिपल (XRP) अपने प्रमुख समर्थन स्तरों से नीचे समेकित (कंसोलिडेट) हो रहा है। इन तकनीकी संकेतों के चलते क्रिप्टो ट्रेडर्स और निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं। आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंक के बयानों से ही वित्तीय और क्रिप्टो बाजारों की अगली दिशा तय होगी। इसका आप पर असर फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति में सख्ती और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर भारतीय अर्थव्यवस्था, ईंधन दरों और आम निवेशकों के पोर्टफोलियो पर सीधे तौर पर पड़ेगा। • भारत में: अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से भारतीय रुपया दबाव में आ सकता है, जिससे भारत के लिए कच्चे तेल का आयात महंगा हो जाएगा और घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल तथा माल ढुलाई की लागत बढ़ सकती है। • वैश्विक निवेशकों के लिए: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) के 100.10/20 तक पहुंचने की संभावना से उभरते बाजारों (इमर्जिंग मार्केट्स) से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की पूंजी निकासी तेज हो सकती है। • सोना और चांदी खरीदारों के लिए: सोने की कीमतें $4,320 के आसपास बनी हुई हैं; फेड की दर वृद्धि की आशंका के चलते सोने में बड़ी तेजी रुक सकती है, जिससे खरीदारों को अनिश्चितता का सामना करना पड़ेगा। • क्रिप्टो निवेशकों के लिए: एथेरियम के $2,500 से नीचे गिरने और बिटकॉइन में बिकवाली के दबाव से डिजिटल एसेट में नए निवेश से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। सवाल-जवाब 1. क्या फेडरल रिजर्व सितंबर में ब्याज दरें बढ़ाएगा? फेड अध्यक्ष केविन वॉर्श के बयानों और मजबूत अर्थव्यवस्था के कारण बाजार में यह उम्मीद बढ़ गई है कि फेड सितंबर की बैठक में ब्याज दरें बढ़ा सकता है। 2. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) का नया लक्ष्य क्या है? आईएनजी विश्लेषकों का अनुमान है कि अमेरिकी डॉलर सूचकांक धीरे-धीरे बढ़कर 100.10 से 100.20 के दायरे तक पहुंच सकता है। 3. डीजल क्रैक स्प्रेड ने क्या नया रिकॉर्ड बनाया है? अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का WTI के ऊपर प्रीमियम पहली बार $100 प्रति बैरल को पार कर $102.00 के इंट्राडे रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। 4. सोने की वर्तमान कीमत क्या है और इस पर क्या असर पड़ा है? सोना $4,320 प्रति औंस से ऊपर कारोबार कर रहा है, लेकिन फेड की ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदों के कारण इसकी बढ़त सीमित रहने के आसार हैं। 5. बिटकॉइन और एथेरियम का आउटलुक कैसा है? अगस्त की तेजी के बाद बिटकॉइन मंदी के शुरुआती संकेत दे रहा है और एथेरियम $2,500 के प्रतिरोध स्तर से नीचे आ गया है। https://trendkia.com/market/fed-ki-byaja-dara-vriddhi-ki-snbhavana-aura-middle-east-tanava-se-us-dollar-majabuta-kachcha-tela-rikorda-stara-para-pahuncha-26344 TrendKia — Har trend, sabse pehle.