# फेड नीति बैठक से पहले अमेरिकी डॉलर पर दबाव बढ़ा, स्कॉटियाबैंक ने दिए गिरावट के संकेत

> केंद्रीय बैंकों के ब्याज दर निर्णयों से पहले वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में हलचल तेज हो गई है। स्कॉटियाबैंक के विश्लेषकों का मानना है कि दर अंतर में कमी के कारण अमेरिकी डॉलर पर नीचे की ओर दबाव बन रहा है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/fed-niti-baithaka-se-pahale-us-dollar-para-dabava-barha-scotiabank-ne-die-giravata-ke-snketa-52322 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमेरिकी डॉलर, फेडरल रिजर्व, एफओएमसी, विदेशी मुद्रा बाजार, स्कॉटियाबैंक, बिटकॉइन, सोना, वित्त

वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में केंद्रीय बैंकों की आगामी बैठकों को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। जी10 (G10) मुद्राओं में मिला-जुला कारोबार दर्ज किया जा रहा है, जो बाजार में सीमित जोखिम उठाने की प्रवृत्ति को दर्शाता है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति समिति यानी एफओएमसी (FOMC) की महत्वपूर्ण बैठक से ठीक पहले निवेशकों की नजरें ब्याज दरों की दिशा पर टिकी हुई हैं। बाजार में फिलहाल अगली बैठक के लिए 3 आधार अंकों की बढ़ोतरी और दिसंबर तक 22 आधार अंकों के कसने की उम्मीद लगाई जा रही है।

## डॉलर इंडेक्स और फेयर वैल्यू में बढ़ता अंतर
स्कॉटियाबैंक के मुद्रा विश्लेषकों के अध्ययन के अनुसार, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) और इसके उचित मूल्य (Fair Value) अनुमान के बीच का फासला लगातार चौड़ा होता जा रहा है। वर्तमान में DXY स्पॉट स्तर 102.2 के आसपास बना हुआ है, जबकि इसका फेयर वैल्यू अनुमान 100.5 के स्तर पर है। यह अंतर दर्शाता है कि हाल के दिनों में डॉलर को धारणा के आधार पर सहारा मिला है, जबकि ब्याज दरों का अंतर घटने से इसका मौलिक आधार कमजोर हुआ है।

यदि फेडरल रिजर्व की ओर से नीति को यथावत (न्यूट्रल होल्ड) रखने का निर्णय लिया जाता है, तो अमेरिकी डॉलर के लिए नीचे की तरफ जाने का जोखिम काफी बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में नीति निर्माता मुद्रास्फीति में आई गिरावट के रुझानों को स्वीकार कर सकते हैं, जिससे डॉलर की विनिमय दर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है।

## ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन में हलचल
एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) में बढ़त दर्ज की गई और यह चढ़कर 0.7030 के स्तर पर पहुंच गया। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरों में सख्ती बनाए रखने की उम्मीदों के कारण ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को समर्थन मिल रहा है। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के सितंबर महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों और फेड के फैसले से पहले यह 100-दिवसीय साधारण गतिमान औसत (SMA) के महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर से नीचे बना हुआ है।

दूसरी ओर, जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) लगातार तीसरे दिन बढ़त बनाने में सफल रहा। बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा निकट भविष्य में आक्रामक रूप से ब्याज दरें बढ़ाने की कम संभावनाओं के चलते जापानी येन पर दबाव देखा जा रहा है। इसके कारण USD/JPY विनिमय दर लगभग दो सप्ताह के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गई है।

## सोना और क्रिप्टोकरेंसी बाजार का हाल
अमेरिकी कारोबारी सत्र में सोने की कीमतों में मामूली सुधार देखा गया। कच्चे तेल के दामों में आई हल्की गिरावट ने सोने को कुछ राहत दी, लेकिन अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने इसकी ऊपरी बढ़त को सीमित कर दिया। निवेशक बुधवार को होने वाली फेड नीति घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में मंगलवार को व्यापक बिकवाली का माहौल रहा। बिटकॉइन (BTC) गिरकर $80,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि बाद में लाइव सत्र के दौरान यह $80,538 के आसपास स्थिर हुआ। इथेरियम (ETH) में भी तटस्थ से मंदी का रुख देखने को मिला, वहीं रिपल (XRP) $1.30 के स्तर के करीब बना रहा।

## वैश्विक कारक और सुरक्षित संपत्ति की मांग
अमेरिकी डॉलर सूचकांक (DXY) ने पिछले तीन दिनों में 0.6% की रैली की है और 102.00 के ऊपर दो सप्ताह के नए शिखर को छुआ है। बाजार सहभागियों को उम्मीद है कि फेड अपनी आगामी बैठक में सख्त रुख बनाए रख सकता है। इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच तत्काल शांति समझौते की उम्मीदें धूमिल होने से सुरक्षित संपत्ति के रूप में अमेरिकी डॉलर की मांग को अतिरिक्त समर्थन मिला है।

## इसका आप पर असर
फेडरल रिजर्व के फैसले का सीधा असर वैश्विक वित्तीय बाजारों, विदेशी मुद्रा दरों और कमोडिटी की कीमतों पर पड़ेगा।

- **भारत में:** अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव से भारतीय रुपये की विनिमय दर प्रभावित होगी। डॉलर कमजोर होने पर कच्चा तेल और आयात सस्ता हो सकता है, जबकि डॉलर मजबूत रहने पर आईटी कंपनियों के राजस्व को लाभ मिलेगा।
- **वैश्विक निवेशकों के लिए:** ब्याज दरों में ठहराव या कटौती की संभावना से सोने और अन्य जोखिम वाली संपत्तियों में पूंजी प्रवाह बढ़ सकता है। निवेशक FOMC बयान के आधार पर अपने पोर्टफोलियो का पुनर्संतुलन कर सकते हैं।
- **क्रिप्टो निवेशकों के लिए:** बिटकॉइन में $80,000 के स्तर के आसपास अनिश्चितता बनी हुई है। फेड की नीति नरम रहने पर डिजिटल संपत्तियों में सुधार आ सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
अमेरिकी डॉलर पर गिरावट का दबाव मुख्य रूप से ब्याज दरों के अंतर में आई कमी और केंद्रीय बैंकों के नीतिगत निर्णयों की प्रत्याशा के कारण बना हुआ है।

- **ब्याज दर अंतर का कम होना:** अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों की तुलना में अमेरिकी ब्याज दरों का लाभ कम हो रहा है, जिससे डॉलर की मौलिक मजबूती घटी है।
- **स्कॉटियाबैंक का मूल्यांकन:** डॉलर का बाजार मूल्य (DXY 102.2) इसके उचित मूल्य (100.5) से अधिक है, जो केवल अल्पकालिक बाजार धारणा पर टिका हुआ है।
- **फेड की नीतिगत अनिश्चितता:** यदि फेड दरें स्थिर रखता है और मुद्रास्फीति में कमी को स्वीकार करता है, तो डॉलर में बिकवाली बढ़ सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. स्कॉटियाबैंक के अनुसार डॉलर का फेयर वैल्यू क्या है?
स्कॉटियाबैंक के विश्लेषकों के अनुसार अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) का उचित मूल्य (फेयर वैल्यू) अनुमान 100.5 है, जबकि इसका वर्तमान स्पॉट स्तर 102.2 है।

### 2. दिसंबर तक बाजार फेड से कितनी ब्याज दर कसने की उम्मीद कर रहा है?
बाजार वर्तमान में अगली बैठक के लिए 3 आधार अंक और दिसंबर तक 22 आधार अंकों की बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहा है।

### 3. जापानी येन के मुकाबले डॉलर क्यों मजबूत हुआ?
बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा ब्याज दरों में तेजी से बढ़ोतरी न करने की संभावनाओं के कारण जापानी येन कमजोर हुआ और USD/JPY दो सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचा।

### 4. बिटकॉइन की वर्तमान कीमत किस स्तर पर है?
बिटकॉइन $80,000 के महत्वपूर्ण स्तर के आसपास बना हुआ है और हालिया सत्र में यह $80,538 के स्तर पर दर्ज किया गया।

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