# फेडरल रिजर्व और आरबीए के फैसलों के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में स्थिरता, 0.7100 के करीब मिला सहारा

> रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की सख्त मौद्रिक नीति और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7100 के अहम तकनीकी स्तर पर टिका हुआ है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/federal-reserve-aura-rba-ke-phaisalon-ke-bicha-australian-dollar-men-sthirata-0-7100-ke-kariba-mila-sahara-36311 · **Language:** Hindi
**Tags:** ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, विदेशी मुद्रा बाजार, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया, फेडरल रिजर्व, ब्याज दरें, मुद्रास्फीति, वित्त

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर मंगलवार के यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7117 के आसपास सपाट चाल में नजर आया। हाल के उच्च स्तरों से फिसलने के बाद भी यह मुद्रा अपने प्रमुख तकनीकी आधार के ऊपर स्थिर बनी हुई है। बाजार में इस बात की मजबूत संभावना जताई जा रही है कि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी आरबीए इस साल अब तक तीन बार ब्याज दरों में वृद्धि करने के बावजूद अपनी मौद्रिक नीतियों में और सख्ती जारी रखेगा। घरेलू स्तर पर दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की तुलना में अपेक्षाकृत मजबूत बनाए रखा है।

## केंद्रीय बैंक के रुख और महंगाई के कारक
रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर मिशेल बुलॉक ने स्पष्ट किया है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और बाजार में मजबूत मांग मिलकर अर्थव्यवस्था में महंगाई के दबाव को तेज कर रहे हैं। इसके साथ ही बैंक की सहायक गवर्नर सारा हंटर की ओर से भी सख्त मौद्रिक रुख के संकेत मिले हैं। इन बयानों से बाजार में यह धारणा और मजबूत हुई है कि महंगाई पर लगाम कसने के लिए आरबीए आने वाले समय में नीतिगत दरों में और वृद्धि कर सकता है। दूसरी तरफ, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की तरफ से भी इस साल और ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीद बनी हुई है। पश्चिमी एशिया में लगातार बढ़ते तनाव और अमेरिकी फेड के सख्त रुख के कारण अमेरिकी डॉलर को भी बुनियादी समर्थन मिल रहा है, जिसकी वजह से इस मुद्रा जोड़ी की ऊपरी बढ़त पर सीमित दायरा देखा जा रहा है।

## तकनीकी विश्लेषण और महत्वपूर्ण मूल्य स्तर
चार्ट विश्लेषण के अनुसार, तकनीकी मोर्चे पर 38.2 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर 0.7096 पर तात्कालिक सहारा बना हुआ है, जो 0.7100 के मनोवैज्ञानिक स्तर के बेहद करीब है। यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो इसके बाद अगला मजबूत आधार 50.0 प्रतिशत स्तर यानी 0.7052 पर देखा जा सकता है, जबकि 61.8 प्रतिशत रिट्रेसमेंट 0.7008 के आसपास स्थित है। ये तीनों स्तर मिलकर किसी भी गिरावट की स्थिति में एक व्यापक मांग क्षेत्र तैयार करते हैं। दूसरी ओर, यदि बाजार में मजबूती आती है, तो 20-पीरियड एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी ईएमए का 0.7138 पर स्थित स्तर पार करना होगा। इसके ऊपर दैनिक बंद मिलने पर भाव 23.6 प्रतिशत रिट्रेसमेंट के 0.7150 स्तर की ओर बढ़ सकते हैं, जबकि सबसे मजबूत प्रतिरोध हालिया तेजी के शीर्ष स्तर 0.7237 पर मौजूद है। वहीं 14-पीरियड का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 47 के आसपास घूम रहा है, जो किसी स्पष्ट दिशा के बजाय स्थिरता और सुस्त मोमेंटम को दर्शाता है, जिससे ऊपरी स्तरों पर विक्रेताओं का हल्का पलड़ा भारी दिखता है।

## आरबीए की कार्यप्रणाली और मुद्रा पर प्रभाव
ऑस्ट्रेलिया के लिए ब्याज दरों का निर्धारण और मौद्रिक नीति का संचालन रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया करता है। इस केंद्रीय बैंक का प्राथमिक दायित्व मूल्य स्थिरता बनाए रखना है, जिसके तहत महंगाई को 2 से 3 प्रतिशत के दायरे में रखने का लक्ष्य रखा जाता है। इसके अतिरिक्त, बैंक का उद्देश्य मुद्रा की स्थिरता, पूर्ण रोजगार और देश के लोगों के आर्थिक कल्याण में योगदान देना है। बोर्ड ऑफ गवर्नर्स द्वारा साल में 11 नियमित बैठकों और आवश्यकता पड़ने पर आपातकालीन बैठकों में ये फैसले लिए जाते हैं। जब केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाता है, तो इससे आमतौर पर मुद्रा मजबूत होती है, जबकि दरें घटाने से उसमें कमजोरी आती है।

पारंपरिक अर्थशास्त्र में महंगाई को मुद्रा के अवमूल्यन का कारक माना जाता था, लेकिन आधुनिक दौर में सीमा पार पूंजी प्रवाह आसान होने के कारण तस्वीर बदल चुकी है। जब किसी देश में महंगाई मध्यम स्तर से ऊपर जाती है, तो वहां का केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाता है। ऊंची ब्याज दरों का आकर्षण वैश्विक निवेशकों से बड़ी पूंजी खींचता है, जिससे स्थानीय मुद्रा की मांग और मूल्य दोनों बढ़ जाते हैं। इसके अलावा सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज पीएमआई, रोजगार आंकड़े और उपभोक्ता विश्वास जैसे व्यापक आर्थिक संकेतक सीधे तौर पर किसी देश की मुद्रा की ताकत तय करते हैं।

## क्वांटिटेटिव ईजिंग और टाइटनिंग की भूमिका
अत्यधिक आर्थिक संकट की स्थिति में, जब ब्याज दरों में कटौती भी कर्ज का प्रवाह बढ़ाने के लिए पर्याप्त नहीं होती, तब केंद्रीय बैंक क्वांटिटेटिव ईजिंग यानी क्यूई का सहारा लेता है। इसके तहत वित्तीय संस्थानों से सरकारी और कॉर्पोरेट बॉन्ड खरीदकर वित्तीय तंत्र में नकदी पहुंचाई जाती है, जिससे अक्सर मुद्रा कमजोर होती है। इसके विपरीत, आर्थिक सुधार और बढ़ती महंगाई के दौरान क्वांटिटेटिव टाइटनिंग यानी क्यूटी लागू की जाती है। इसमें केंद्रीय बैंक नई संपत्ति खरीदना बंद कर देता है और परिपक्व हो चुके बॉन्ड के मूलधन का पुनर्निवेश नहीं करता। यह प्रक्रिया आपूर्ति कम करके ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए सकारात्मक या तेजी लाने वाली साबित होती है।

## अन्य वैश्विक संपत्तियों और मुद्राओं का हाल
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में पिछले सात दिनों के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले मजबूत रहा है, जिसमें सबसे ज्यादा बढ़त जापानी येन के मुकाबले दर्ज की गई है। जापानी येन के मोर्चे पर, बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है, जो 31 वर्षों का उच्चतम स्तर है। हालांकि इस कदम के बावजूद बाजार में डॉलर-येन जोड़ी 157.50 के आसपास बढ़त बनाए हुए है, क्योंकि जापान में सरकारी हस्तक्षेप की आशंकाएं नुकसान को सीमित कर रही हैं। कमोडिटी बाजार में, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल चार दिनों की गिरावट तोड़कर 1.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 93.00 डॉलर प्रति बैरल के ठीक नीचे कारोबार करता दिखा। दूसरी तरफ, सोने की कीमतों में एशियाई सत्र की हल्की बढ़त के बाद दबाव देखा गया और यह 4,350 डॉलर के नीचे फिसल गया। इस बीच बाजार प्रतिभागियों की नजरें इस हफ्ते के अंत में होने वाले अहम ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन पर टिकी हुई हैं।

## इसका आप पर असर
वैश्विक मुद्रा बाजार में केंद्रीय बैंकों की नीतियों के चलते विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

- **मुद्रा विनिमय लागत:** ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में स्थिरता और अमेरिकी डॉलर की मजबूती से आयात-निर्यात से जुड़ी लागतें प्रभावित होती हैं। ऑस्ट्रेलिया या अमेरिका में पढ़ाई और यात्रा करने वाले छात्रों तथा पर्यटकों को अपनी मुद्रा विनिमय दरों पर नजर रखनी चाहिए।
- **कच्चा तेल और कमोडिटी:** कच्चे तेल की कीमतें 93.00 डॉलर के करीब पहुंचने से परिवहन और ऊर्जा खर्चों पर असर पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमोडिटी की बढ़ती लागत अंततः रोजमर्रा के उत्पादों की कीमतों को प्रभावित कर सकती है।
- **सोने के खरीदार:** सोने के भाव 4,350 डॉलर प्रति औंस के नीचे फिसलने से बाजार में सीमित राहत मिल सकती है। निवेशकों को ऊंची अमेरिकी ब्याज दरों के बीच बुलियन में नया दांव लगाने से पहले सतर्क रुख अपनाना चाहिए।
- **फॉरेक्स ट्रेडर्स:** तकनीकी स्तरों पर 0.7096 और 0.7100 का दायरा ट्रेडर्स के लिए बेहद महत्वपूर्ण स्टॉप-लॉस और एंट्री बफर का काम कर रहा है। फेडरल रिजर्व और आरबीए के आगामी निर्णयों तक बाजार में सीमित दायरे में कारोबार जारी रहने की संभावना है।

## ऐसा क्यों हुआ
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में यह स्थिरता घरेलू केंद्रीय बैंक की सख्त टिप्पणियों और अमेरिकी डॉलर की व्यापक मजबूती के बीच संतुलन बनने के कारण आई है।

- **घरेलू ब्याज दरों का दबाव:** रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर मिशेल बुलॉक और सहायक गवर्नर सारा हंटर ने संकेत दिया है कि तेल की कीमतों और मजबूत मांग के कारण महंगाई बढ़ रही है। इस वजह से ऑस्ट्रेलिया में तीन बार दरें बढ़ाने के बाद भी मौद्रिक सख्ती जारी रहने की प्रबल संभावना है।
- **अमेरिकी डॉलर को समर्थन:** अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस साल और ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें बनी हुई हैं। इसके अलावा मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी मुद्रा की मांग को मजबूती प्रदान की है।
- **तकनीकी सपोर्ट स्तर:** बाजार में 38.2 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट 0.7096 के आसपास स्थित है, जिससे निचले स्तरों पर खरीदार सक्रिय हो रहे हैं। यह तकनीकी स्तर बिकवाली को रोककर मुद्रा जोड़ी को एक मजबूत आधार दे रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. वर्तमान में AUD/USD किस स्तर पर कारोबार कर रहा है?
यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7117 के आसपास सपाट स्तर पर कारोबार करता देखा गया।

### 2. रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर ने महंगाई के क्या कारण बताए हैं?
गवर्नर मिशेल बुलॉक के अनुसार कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और बाजार में मजबूत मांग दोनों मिलकर अर्थव्यवस्था में महंगाई बढ़ा रहे हैं।

### 3. चार्ट पर AUD/USD के लिए कौन से प्रमुख सपोर्ट स्तर हैं?
तात्कालिक सपोर्ट 38.2 प्रतिशत फिबोनाची स्तर 0.7096 पर है, जिसके बाद 50.0 प्रतिशत स्तर 0.7052 और 61.8 प्रतिशत स्तर 0.7008 पर मौजूद है।

### 4. ऊपरी स्तर पर किन रेसिस्टेंस स्तरों पर नजर रखी जा रही है?
20-पीरियड ईएमए 0.7138 पर है, जिसके पार होने पर 0.7150 और फिर हालिया चक्र के उच्चतम स्तर 0.7237 पर मजबूत रेसिस्टेंस मौजूद है।

### 5. बैंक ऑफ जापान ने हालिया बैठक में क्या फैसला लिया है?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दी है, जो 31 वर्षों का उच्चतम स्तर है।

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