फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले अमेरिकी डॉलर में जोरदार उछाल, जानिए क्या बदला रुख फेडरल रिजर्व के आगामी ब्याज दर फैसले और मध्य पूर्व में कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर पैदा हुई चिंताओं के बीच अमेरिकी डॉलर मजबूत होकर 99.46 के स्तर के करीब पहुंच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख और तकनीकी संकेतों ने मुद्रा बाजारों में तेजी का माहौल तैयार किया है। वैश्विक मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत में उल्लेखनीय मजबूती के साथ उभरा है, जहां अमेरिकी डॉलर सूचकांक प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले 0.37 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करते हुए 99.46 के स्तर के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक से ठीक पहले निवेशकों की नजरें ब्याज दरों की दिशा पर टिकी हुई हैं। इस बार बाजार में डॉलर को लेकर बना सकारात्मक माहौल केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि ऊर्जा बाजार में पैदा हुई अप्रत्याशित आपूर्ति बाधाओं और राजनीतिक बयानों से भी इसे भारी समर्थन मिला है। यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान छह प्रमुख प्रतिस्पर्धी मुद्राओं की तुलना में ग्रीनबैक की साख में आया यह सुधार व्यापक वित्तीय परिदृश्य में बदलाव का संकेत दे रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान और केंद्रीय बैंक की उम्मीदें डॉलर की इस ताजा रैली के पीछे एक बड़ा कारण राजनीतिक मोर्चे से आने वाले संकेत हैं। आयरिश ओपन गोल्फ टूर्नामेंट के दौरान जब पत्रकारों ने संयुक्त राज्य के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से संपर्क किया, तो उन्होंने बुधवार को होने वाले फेडरल रिजर्व के मौद्रिक नीति निर्णय को लेकर कोई आक्रामक रुख नहीं दिखाया। उनकी ओर से ब्याज दरों में तत्काल कटौती की मांग का पूरी तरह से न होना वित्तीय विश्लेषकों के लिए सबसे अहम बिंदु बनकर उभरा है। ऐतिहासिक संदर्भ में देखें तो यह एक बड़ा रणनीतिक बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि पूर्व फेडरल रिजर्व चेयरमैन जेरोम पॉवेल के कार्यकाल के दौरान ट्रंप ने उधार लागत कम न करने पर कई बार खुली सार्वजनिक आलोचना की थी और उन्हें पद से हटाने तक की चेतावनी दी थी। वर्तमान में ब्याज दर कटौती की अनुपस्थिति को व्यापारी इस रूप में देख रहे हैं कि प्रशासन शायद उच्च ब्याज दरों को लेकर असहज नहीं है, जिससे बुधवार को दरों में वृद्धि की संभावनाओं को अप्रत्यक्ष बल मिला है। कच्चे तेल की पाइपलाइन बंदी और भू-राजनीतिक तनाव ऊर्जा क्षेत्र में घटी हालिया घटनाओं ने भी मुद्रा की मजबूती में उत्प्रेरक का काम किया है। डॉयचे बैंक के रणनीतिकारों ने स्पष्ट किया है कि ब्रेंट क्रूड की कीमतों में आई हालिया उछाल सीधे तौर पर शुक्रवार को सामने आए एक बड़े घटनाक्रम से जुड़ी है। सऊदी अरब की एक मुख्य तेल पाइपलाइन पर हालिया हमलों के बाद एहतियातन उसे बंद कर दिया गया था। इसके साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से एक अस्थायी शिपिंग कॉरिडोर बनाने पर चर्चा करने के लिए ईरान और अन्य खाड़ी देशों के बीच सोमवार को प्रस्तावित महत्वपूर्ण बैठक को भी स्थगित कर दिया गया। इन दोनों परिस्थितियों ने मिलकर मध्य पूर्व में क्षेत्रीय आपूर्ति सुरक्षा और वैश्विक व्यापार के लिए अहम समुद्री मार्गों को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। जब-जब ऊर्जा की कीमतों में तेज वृद्धि होती है, वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति की उम्मीदें असंतुलित हो जाती हैं, जिससे केंद्रीय बैंकों पर अपनी मौद्रिक नीतियों को सख्त करने का दबाव बढ़ जाता है। मध्य पूर्व युद्ध की शुरुआत में भी डॉलर ने इसी प्रकार साथी मुद्राओं की तुलना में बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया था। मुद्रा बाजारों का व्यापक प्रदर्शन और क्रॉस-करेंसी चालें वैश्विक मुद्रा बोर्ड पर नजर डालें तो अमेरिकी डॉलर ने व्यापक बढ़त हासिल की है, जिसमें न्यूजीलैंड डॉलर के मुकाबले ग्रीनबैक सबसे अधिक आक्रामक स्थिति में रहा। विभिन्न मुद्राओं के आपसी समीकरण को समझने के लिए हीट मैप का विश्लेषण उपयोगी साबित होता है, जहां बाईं ओर आधार मुद्रा और शीर्ष पर कोट मुद्रा रखी जाती है। इसके जरिए जापानी येन, यूरो और अन्य समकक्ष मुद्राओं के सापेक्ष डॉलर की दैनिक चाल को स्पष्ट रूप से मापा गया है। एशियाई सत्र की शुरुआत से ही कई जोड़ियों में गतिविधियां तेज रहीं, जहां डॉलर इंडेक्स का प्रभुत्व स्पष्ट दिखाई दिया। अन्य प्रमुख जोड़ियों में भी डॉलर का असर साफ देखा गया। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी (AUD/USD) सोमवार को एशियाई सत्र के दौरान 0.7140 के आसपास लगभग डेढ़ सप्ताह के निचले स्तर को छू गई। हालांकि इसमें नीचे की ओर तेज गिरावट का सिलसिला सीमित रहा, फिर भी यह जोड़ी मध्य-0.7100 के ठीक ऊपर लगभग 0.25 प्रतिशत की दैनिक गिरावट के साथ कारोबार करती रही। दूसरी ओर, USD/JPY जोड़ी ने नए हफ्ते की शुरुआत में लिवाली आकर्षित की और शुक्रवार के नुकसान की आंशिक भरपाई करते हुए एशियाई सत्र में 154.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुंच गई। इसके बावजूद, यह जोड़ी पिछले सप्ताह के दायरे में ही बनी हुई है और पिछले मंगलवार को दर्ज किए गए लगभग सात महीने के निचले स्तर से ज्यादा दूर नहीं है, क्योंकि व्यापारी इस सप्ताह के प्रमुख केंद्रीय बैंक निर्णयों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। डिजिटल एसेट्स और अन्य अर्थव्यवस्थाओं की स्थिति पारंपरिक मुद्राओं के अलावा डिजिटल परिसंपत्ति वर्ग में पाई नेटवर्क (PI) ने सोमवार को अपनी रिकवरी जारी रखी और लगातार दो हफ्तों की बढ़त के बाद 0.097 डॉलर से ऊपर कारोबार करता दिखा। निरंतर पारिस्थितिकी तंत्र विकास और डेवलपर्स के लिए बेहतर उपकरणों की उपलब्धता ने इसकी उपयोगिता को बढ़ाया है, हालांकि ऊपर की ओर मौजूद एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज अभी भी इसकी रफ्तार को सीमित कर रहे हैं। इस बीच, कनाडाई अर्थव्यवस्था के संदर्भ में सांख्यिकी कनाडा द्वारा जारी किए जाने वाले अगस्त उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आंकड़ों पर निवेशकों की निगाहें हैं। बैंक ऑफ कनाडा की 2 सितंबर की बैठक के बाद, जिसमें नीति निर्माताओं ने विश्लेषकों की आम सहमति के अनुरूप ब्याज दर को 2.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा था, ये मुद्रास्फीति आंकड़े आगे की मौद्रिक दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। तकनीकी विश्लेषण, दैनिक चार्ट और अहम स्तर दैनिक चार्ट पर अमेरिकी डॉलर इंडेक्स स्पॉट 99.46 के आसपास ट्रेड कर रहा है। हाल ही में 98 के ऊपरी स्तरों से मजबूत रिकवरी के बाद, कीमत 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 99.28 से ऊपर वापस आ चुकी है, जिससे निकट अवधि का तकनीकी पूर्वाग्रह तेजी (बुलिश) की ओर मुड़ गया है। मोमेंटम के मोर्चे पर, 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 51.19 पर पहुंच गया है, जो तटस्थ-सकारात्मक क्षेत्र में वापसी का संकेत देता है। इसका तात्पर्य यह है कि मंदी का दबाव कमजोर पड़ा है और खरीदार धीरे-धीरे नियंत्रण अपने हाथ में ले रहे हैं। गिरावट की स्थिति में, तत्काल समर्थन 20-दिवसीय EMA पर 99.28 के स्तर पर बना हुआ है, जिसके बाद शुक्रवार का निचला स्तर 99.00 के करीब अहम सहारा प्रदान करेगा। यदि डॉलर 99.00 से नीचे फिसलता है, तो यह सूचकांक सितंबर के निचले स्तर 98.60 तक लुढ़क सकता है। वहीं दूसरी ओर, तेजी जारी रहने पर यह अग्रिम 13 अगस्त के उच्च स्तर 100.00 के आसपास तक विस्तार ले सकता है। इसके अलावा, वर्तमान लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, सूचकांक 100.22 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, जहां 52-सप्ताह का दायरा 95.55 से 101.80 के बीच है। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय RSI 60 पर स्थित है और MACD 0.05 पर सिग्नल लाइन -0.12 से ऊपर बुलिश हिस्टोग्राम 0.18 दर्शा रहा है। मूविंग एवरेजेस में 50-दिवसीय EMA 99.73 और 200-दिवसीय EMA 99.30 पर गोल्डन क्रॉस के साथ लंबी अवधि के अपट्रेंड की पुष्टि कर रहे हैं। ऊपर की ओर मुख्य प्रतिरोध 100.46 (R1) और 100.71 (R2) पर है, जबकि तात्कालिक समर्थन 100.07 (S1) और 99.93 (S2) पर देखा जा रहा है। इसका आप पर असर अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल में तेजी से वैश्विक व्यापार, आयात लागत और विदेशी मुद्रा दरों पर सीधा असर पड़ सकता है। • भारत में: कच्चे तेल की कीमतों और मजबूत डॉलर से भारत के आयात बिल में वृद्धि हो सकती है। इससे पेट्रोल, डीजल और विदेशों से आने वाली आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर ऊपर की ओर दबाव बन सकता है। • मुद्रा विनिमय और यात्रा: डॉलर में मजबूती के चलते अंतरराष्ट्रीय यात्रा, विदेश में शिक्षा और आयातित इलेक्ट्रॉनिक सामान महंगे हो सकते हैं। यात्रियों और छात्रों को विदेशी मुद्रा खरीदते समय अधिक खर्च उठाना पड़ सकता है। • कमोडिटी और सोना: वैश्विक बाजार में डॉलर मजबूत होने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव देखा जा सकता है। निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में कमोडिटी आवंटन की समीक्षा करनी चाहिए। • क्रिप्टो और टेक बाजार: ब्याज दरें ऊंची रहने की संभावना से जोखिम भरी संपत्तियों में पूंजी प्रवाह धीमा हो सकता है। डिजिटल संपत्तियों और विकास-उन्मुख शेयरों में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी डॉलर में यह उछाल केंद्रीय बैंक की नीतिगत उम्मीदों, भू-राजनीतिक तनाव और शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व के बदलते रुख के संयुक्त प्रभाव के कारण आया है। • ट्रंप की ब्याज दरों पर चुप्पी: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले ब्याज दरें घटाने की मांग नहीं की। इस तटस्थ रुख ने बाजार को संकेत दिया कि केंद्रीय बैंक द्वारा दरों में बढ़ोतरी की संभावना पर कोई राजनीतिक अड़चन नहीं है। • सऊदी तेल पाइपलाइन बंदी: हालिया हमलों के बाद सऊदी अरब की एक बड़ी पाइपलाइन को एहतियातन बंद कर दिया गया। आपूर्ति बाधित होने से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया, जिसने मुद्रास्फीति की चिंताओं को फिर से हवा दी। • खाड़ी वार्ता का स्थगन: होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन गलियारा बनाने को लेकर ईरान और अन्य खाड़ी देशों की बैठक टल गई। समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता ने डॉलर जैसी सुरक्षित संपत्तियों में मांग बढ़ा दी। • तकनीकी सपोर्ट स्तर: डॉलर इंडेक्स अपने 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 99.28 से ऊपर निकलने में सफल रहा। 98 के स्तर से शुरू हुई इस रिकवरी ने तकनीकी खरीदारों को आकर्षित किया। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स किस स्तर तक पहुंच गया है? अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 0.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ लगभग 99.46 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। 2. फेडरल रिजर्व की बैठक कब आयोजित होनी है? अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक बुधवार को निर्धारित है। 3. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्याज दरों को लेकर क्या कहा? राष्ट्रपति ट्रंप ने गोल्फ टूर्नामेंट के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए फेडरल रिजर्व से ब्याज दरों में कटौती की कोई मांग नहीं की। 4. सऊदी अरब में कच्चे तेल से जुड़ी क्या समस्या सामने आई? हालिया हमलों के बाद सऊदी अरब ने अपनी एक प्रमुख तेल पाइपलाइन को एहतियातन बंद कर दिया, जिससे आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। 5. होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर होने वाली बैठक का क्या हुआ? ईरान और खाड़ी देशों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में अस्थायी शिपिंग कॉरिडोर बनाने को लेकर सोमवार को होने वाली बैठक स्थगित कर दी गई। 6. डॉलर के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर क्या हैं? सूचकांक के लिए तात्कालिक सपोर्ट 20-दिवसीय EMA 99.28 और 99.00 पर है, जबकि ऊपर की ओर रेजिस्टेंस 100.00 के स्तर पर बना हुआ है। https://trendkia.com/market/federal-reserve-ki-baithaka-se-pahale-us-dollar-men-joradara-uchhala-janie-kya-badala-rukha-34083 TrendKia — Har trend, sabse pehle.