# फेडरल रिजर्व की नीति और रोजगार डेटा के दबाव में 99.65 के करीब फिसला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स

> अमेरिकी रोजगार के कमजोर आंकड़ों और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की कम होती आशंकाओं के कारण डॉलर इंडेक्स लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ 99.65 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/federal-reserve-ki-niti-aura-rojagara-deta-ke-dabava-men-99-65-ke-kariba-phisala-us-dollar-index-14173 · **Language:** Hindi
**Tags:** डॉलर इंडेक्स, फेडरल रिजर्व, अमेरिकी अर्थव्यवस्था, कच्चा तेल, फॉरेक्स मार्केट, रोजगार रिपोर्ट, finance

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर लगातार दबाव में दिखाई दे रहा है। व्यापक विदेशी मुद्रा बास्केट के मुकाबले डॉलर की मजबूती मापने वाला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ 99.65 के करीब कारोबार कर रहा है। जून के मध्य के बाद से अपने निचले स्तर के करीब बना यह सूचकांक निवेशकों की अनिश्चितता और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर बदलते अनुमानों के कारण सुस्ती का सामना कर रहा है। बाजार प्रतिभागी अब मध्य पूर्व के तनाव और आगामी अमेरिकी नौकरियों के आधिकारिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।

## रोजगार और सेवा क्षेत्र के कमजोर आंकड़ों से बदला बाजार का मिजाज
हाल ही में जारी आर्थिक संकेतकों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की गति धीमी होने के संकेत दिए हैं। निजी क्षेत्र में रोजगार से जुड़े ADP आंकड़ों के अनुसार जुलाई महीने में केवल 44,000 नई नौकरियां जुड़ीं, जो पिछले महीने की 98,000 नौकरियों की तुलना में भारी गिरावट दर्शाती हैं। यह आंकड़ा बाजार के अनुमानों से काफी नीचे रहा। इसके साथ ही यूएस ISM सर्विसेज PMI जुलाई में 54.1 दर्ज किया गया, जो जून के 54.0 से मामूली अधिक है लेकिन विश्लेषकों के अनुमान से कम रहा है। इन कमजोर आंकड़ों के कारण फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की संभावना काफी कम हो गई है, जिससे डॉलर के खरीदारों का उत्साह ठंडा पड़ा है।

## मध्य पूर्व में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
भू-राजनीतिक मोर्चे पर यमन के हूती समूह ने लाल सागर के बंदरगाह शहर यैनबू और अदन की खाड़ी के पास एक सऊदी तेल टैंकर पर मिसाइल हमले का दावा किया है। इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी देखी गई। कच्चे तेल के महंगे होने से महंगाई का खतरा दोबारा बढ़ सकता है, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें ऊंची बनाए रखने की आशंका पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। यही कारण है कि डॉलर में बड़ी बिकवाली से निवेशक परहेज कर रहे हैं और गिरावट एक सीमित दायरे में सिमटी हुई है।

## Nonfarm Payrolls (NFP) रिपोर्ट का महत्व और डॉलर पर असर
वित्तीय बाजार के विश्लेषक अब शुक्रवार को जारी होने वाली अमेरिकी Nonfarm Payrolls (NFP) रिपोर्ट पर नजर टिकाए हुए हैं। अमेरिका के श्रम सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा जारी की जाने वाली यह रिपोर्ट कृषि क्षेत्र को छोड़कर देश में रोजगार पाने वाले लोगों की संख्या में बदलाव को दर्शाती है। यह आंकड़ा फेडरल रिजर्व को पूर्ण रोजगार और 2 प्रतिशत मुद्रास्फीति के अपने दोहरे लक्ष्य को साधने में मदद करता है। NFP का डॉलर के साथ सीधा संबंध होता है। जब रोजगार के आंकड़े अनुमान से बेहतर आते हैं, तो अर्थव्यवस्था मजबूत मानी जाती है और डॉलर में तेजी आती है। इसके विपरीत, कमजोर आंकड़े डॉलर को नीचे की ओर धकेलते हैं।

## सोना और विदेशी मुद्राओं के साथ डॉलर का संबंध
डॉलर इंडेक्स में जारी कमजोरी का सीधा फायदा अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं और कीमती धातुओं को मिल रहा है। ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) लगातार दूसरे दिन मजबूती दर्ज करते हुए 1.3480 के स्तर को पार कर दो दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। वहीं यूरो (EUR/USD) भी बढ़त बनाते हुए 1.1560 के आसपास कई हफ्तों के उच्च स्तर को चुनौती दे रहा है। आमतौर पर NFP के मजबूत आंकड़ों का सोने की कीमतों पर विपरीत असर पड़ता है, क्योंकि मजबूत डॉलर और ऊंची ब्याज दरें गैर-ब्याज वाली संपत्तियों जैसे सोने के आकर्षण को कम कर देती हैं।

## तकनीकी विश्लेषण और तकनीकी संकेतक
तकनीकी चार्ट पर अमेरिकी डॉलर इंडेक्स इस समय 99.66 के आसपास कारोबार कर रहा है और 50-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) 100.55 से नीचे बने रहने के कारण इसमें निकट अवधि का मंदी का रुख बना हुआ है। जब तक सूचकांक 100.55 के प्रमुख प्रतिरोध स्तर को पार नहीं करता, तब तक नीचे की ओर दबाव बने रहने की संभावना है। 14-दिवसीय RSI संकेतक 35 के स्तर पर है जो सुस्ती का संकेत देता है, जबकि MACD -0.22 पर नकारात्मक क्षेत्र में है। अल्पकालिक और दीर्घकालिक मूविंग एवरेज में EMA20 100.48, EMA50 100.34 और EMA200 99.33 पर स्थित हैं। कारोबारी रणनीति के तहत तत्काल सहायता स्तर S1 99.64 और S2 99.61 पर हैं, जबकि पहला प्रतिरोध R1 99.69 और दूसरा प्रतिरोध R2 99.71 पर देखा जा रहा है। 52 हफ्तों का दायरा 95.55 से 101.80 के बीच रहा है।

## इसका आप पर असर
**वैश्विक बाजार पर प्रभाव:** अमेरिकी डॉलर में सुस्ती से भारतीय रुपया और अन्य विकासशील देशों की मुद्राओं को मजबूती मिल सकती है।

**भारतीय निवेशकों और कारोबारियों के लिए:** कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव और डॉलर के कमजोर होने से भारतीय आयात लागत और घरेलू शेयर बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का रुझान प्रभावित हो सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 99.65 के स्तर पर क्यों दबाव में है?
अमेरिका में ADP रोजगार के कमजोर आंकड़ों और सेवा क्षेत्र के कमजोर PMI आंकड़ों के कारण ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें कम हुई हैं, जिससे डॉलर पर दबाव बना हुआ है।

### 2. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का डॉलर पर क्या प्रभाव पड़ रहा है?
लाल सागर में तेल टैंकर पर हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में हल्की उछाल से मुद्रास्फीति की चिंताएं बढ़ी हैं, जिसने डॉलर में अत्यधिक गिरावट को रोका है।

### 3. Nonfarm Payrolls (NFP) डेटा क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
NFP अमेरिकी कृषि क्षेत्र को छोड़कर अर्थव्यवस्था में नई नौकरियों की संख्या बताता है। यह आंकड़ा फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीतियों को सीधे प्रभावित करता है।

### 4. डॉलर इंडेक्स के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर कौन से हैं?
सूचकांक के लिए 100.55 (50-दिवसीय SMA) एक मजबूत प्रतिरोध स्तर है, जबकि 99.64 (S1) और 99.61 (S2) प्रमुख सहायता स्तर हैं।

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