# फेडरल रिजर्व की नीतियों और बॉन्ड बायबैक के बीच अमेरिकी डॉलर में सुस्ती, ग्लोबल मार्केट में हलचल

> फेडरल रिजर्व की नीतिगत अनिश्चितताओं और अमेरिकी ट्रेजरी के तरलता समर्थन के बीच अमेरिकी डॉलर में सुस्ती देखी जा रही है, जबकि सोने और बिटकॉइन में हलचल बनी हुई है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/federal-reserve-ki-nitiyon-aura-bonda-bayabaika-ke-bicha-us-dollar-men-susti-global-market-men-halachala-21728 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमेरिकी डॉलर, फेडरल रिजर्व, फॉरेक्स मार्केट, सोने का भाव, बिटकॉइन, बॉन्ड मार्केट

वैश्विक वित्तीय बाजारों में अमेरिकी डॉलर की चाल इस समय परस्पर विरोधी नीतिगत संकेतों के बीच फंसी हुई है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के रुख को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण डॉलर में बहुत बड़ी बढ़त की गुंजाइश सीमित हो गई है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले एक से दो तिमाहियों के दौरान डॉलर को लेकर जो मध्यम मजबूती का नजरिया था, उस पर अब जोखिम के बादल मंडरा रहे हैं। हालांकि, इसके बावजूद अमेरिका की अर्थव्यवस्था काफी मजबूत स्थिति में बनी हुई है, जिससे डॉलर में भारी गिरावट का जोखिम भी टल जाता है। निवेशकों की निगाहें अब फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के बयानों और ट्रेजरी विभाग द्वारा घोषित तरलता कदमों पर टिकी हुई हैं।

## फेडरल रिजर्व की नीतियां और अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति
बाजार के रणनीतिकारों के अनुसार, इस समय अमेरिकी अर्थव्यवस्था में वास्तविक बॉन्ड यील्ड बढ़ रही है। इसका मुख्य कारण एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भारी निवेश की मांग और सरकार द्वारा लिए जा रहे बड़े पैमाने पर कर्ज के बीच प्रतिस्पर्धा है। यह बढ़ती यील्ड इस बात का संकेत है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत बनी हुई है। अर्थव्यवस्था का यह मजबूत आधार फेडरल रिजर्व को बहुत अधिक नरम रुख अपनाने से रोक सकता है, जिससे डॉलर को निचले स्तर पर सहारा मिलेगा।

विश्लेषकों का मानना है कि डॉलर में हाल में आई कमजोरी के बाद आक्रामक रुख अपनाने की जगह अभी न्यूट्रल यानी तटस्थ रुख बनाए रखना बेहतर रणनीति है। यदि फेडरल रिजर्व के अधिकारी, जिनमें वॉरश शामिल हैं, मुद्रा के अवमूल्यन की उभरती चिंताओं को खारिज करते हैं और मुद्रास्फीति को अपने 2% के लक्ष्य पर वापस लाने की प्रतिबद्धता दोहराते हैं, तो डॉलर को फिर से मजबूत सहारा मिल सकता है।

## करेंसी मार्केट का हाल: EUR/USD और GBP/USD में सुस्ती
विदेशी मुद्रा बाजार में प्रमुख करेंसी पेयर में मिला-जुला और सीमित कारोबार देखने को मिल रहा है। यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान मंगलवार को GBP/USD की जोड़ी लगातार दूसरे दिन एक सीमित दायरे में समेकित होती रही और 1.3650 के स्तर से नीचे कारोबार करती दिखी। अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए नए प्रतिबंधों के बीच अमेरिकी डॉलर में मामूली सुधार की कोशिशों ने स्टर्लिंग की बढ़त को रोक दिया। हालांकि, बिकवाली का बहुत बड़ा दबाव न होने के कारण मंदी का दांव लगाने वाले ट्रेडर्स को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

दूसरी ओर, EUR/USD की जोड़ी भी गति पकड़ने के लिए संघर्ष कर रही है और मंगलवार के यूरोपीय कारोबार में 1.1650 के करीब टिकी रही। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, ऊंची बॉन्ड यील्ड और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण बाजार में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ी है। हालांकि जर्मनी के आईएफओ सर्वे के आंकड़े उम्मीद से बेहतर आए, लेकिन वे भी यूरो में तेजी लाने में नाकाम रहे।

## सोने में सुस्ती और महंगाई का खतरा
बुलियन मार्केट में सोने की कीमतें मंगलवार को यूरोपीय सत्र के पूर्वार्ध में $4,650 के स्तर से नीचे दबाव में रहीं। इससे पहले इसी दिन सोना $4,700 के आसपास पहुंच गया था, जो 14 मई के बाद का इसका उच्चतम स्तर था। इसके बाद आई इंट्राडे गिरावट के बावजूद लगातार बिकवाली न होने से ट्रेडर्स में सावधानी देखी जा रही है।

ऊर्जा की अस्थिर कीमतों से मुद्रास्फीति बढ़ने के जोखिम बने हुए हैं। इस वजह से यह संभावना अभी भी जीवित है कि फेडरल रिजर्व आने वाले समय में कम से कम एक बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। इसी वजह से तीन महीने के निचले स्तर से अमेरिकी डॉलर को मामूली रिकवरी का आधार मिला है।

## बिटकॉइन $80,000 के पार और ट्रेजरी का बड़ा कदम
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में जोखिम लेने की भावना बनी हुई है, जिससे बिटकॉइन की कीमत $80,000 के पार निकल गई है। सीमित आपूर्ति वाली इस डिजिटल संपत्ति में आगे भी तेजी रहने के आसार हैं, क्योंकि अमेरिकी ट्रेजरी विभाग दीर्घकालिक बॉन्ड बाजार में ऊंची यील्ड को नियंत्रित करने के लिए कदम उठा रहा है। बीते 24 घंटों में एरोड्रोम फाइनेंस (AERO) और वर्चुअल प्रोटोकॉल (VIRTUAL) सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले क्रिप्टो टोकन बनकर उभरे हैं।

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बुधवार को जीएमटी समय अनुसार 12:32 बजे एक अनपेक्षित घोषणा की। विभाग ने स्पष्ट किया कि वह 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष की परिपक्वता वाले क्षेत्रों में अपने तरलता समर्थन बायबैक संचालन के आकार को कम से कम दोगुना करेगा। इसके तहत प्रत्येक ऑपरेशन की अधिकतम सीमा को $2 बिलियन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन किया जाएगा। यह नया नियम 9 सितंबर से प्रभावी होकर 4 नवंबर तक लागू रहेगा।

## इसका आप पर असर
**वैश्विक निवेशकों और ट्रेडर्स पर असर:**

- **करेंसी और कमोडिटी ट्रेडर्स के लिए:** अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव और फेड की ब्याज दर नीति से सोने और फॉरेक्स पेयर में अनिश्चितता बनी रहेगी।
- **क्रिप्टो निवेशकों के लिए:** अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा बॉन्ड बायबैक से तरलता बढ़ने के संकेत बिटकॉइन जैसी संपत्तियों के लिए तेजी का माहौल बना सकते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. अमेरिकी डॉलर में इस समय स्थिरता या सुस्ती क्यों देखी जा रही है?
फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता और बढ़ती बॉन्ड यील्ड के बीच अर्थव्यवस्था की मजबूती से डॉलर सीमित दायरे में फंसा हुआ है।

### 2. सोने की कीमतों पर क्या असर पड़ा है?
सोना $4,700 के उच्च स्तर को छूने के बाद $4,650 से नीचे आ गया है, लेकिन मुद्रास्फीति की चिंताओं के कारण बिकवाली सीमित है।

### 3. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने क्या बड़ा ऐलान किया है?
ट्रेजरी विभाग ने 10 से 30 साल की अवधि वाले बॉन्ड के बायबैक की सीमा $2 बिलियन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन प्रति ऑपरेशन कर दी है, जो 9 सितंबर से 4 नवंबर तक लागू रहेगी।

### 4. बिटकॉइन की कीमत में तेजी का क्या कारण है?
बॉन्ड यील्ड को नियंत्रित करने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी के हस्तक्षेप और बाजार में रिस्क-ऑन सेंटिमेंट के कारण बिटकॉइन $80,000 के पार निकल गया है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._